JHARKHAND NEWS : अमिटी यूनिवर्सिटी झारखंड में दो प्रमुख कार्यक्रमों का हुआ आयोजन
रांची: अमिटी यूनिवर्सिटी झारखंड के विज़न और मिशन के अनुरूप तथा संस्थापक अध्यक्ष एवं कुलाधिपति के आशीर्वाद से,स्टूडेंट वेलफेयर डिपार्टमेंट के अंतर्गत बुक रीडिंग क्लब नेइंस्टिट्यूशन इनोवेशन काउंसिल के तहत एक साहित्यिक कार्यक्रम“Decoding the Bard: Shakespeare in Emojis”का आयोजन किया. इसके साथ ही,22 अप्रैल 2026 को पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग द्वारा‘Master Class on Media Entrepreneurship’का भी आयोजन किया गया.
अमिटी यूनिवर्सिटी झारखंड के कुलपति डॉ. अशोक के. श्रीवास्तव ने दोनों कार्यक्रमों के लिए अपनी हार्दिक शुभकामनाएँ दीं.
पहला कार्यक्रम“Decoding the Bard: Shakespeare in Emojis”एक अभिनव साहित्यिक आयोजन था,जिसमें विलियम शेक्सपियर की विरासत को आधुनिक डिजिटल अभिव्यक्ति के साथ प्रस्तुत किया गया. शेक्सपियर के जन्मदिन के उपलक्ष्य में आयोजित इस कार्यक्रम में उनकी रचनाओं को इमोजी के माध्यम से रोचक और दृश्यात्मक रूप में प्रस्तुत किया गया,जिससे विशेष रूप से युवा पाठकों के लिए उन्हें अधिक आकर्षक और समझने योग्य बनाया जा सके.
यह कार्यक्रम दो चरणों वाली प्रश्नोत्तरी (क्विज़) के रूप में आयोजित किया गया,जिसमें प्रतिभागियों को इमोजी के आधार पर शेक्सपियर की रचनाओं के नाम पहचानने थे. इस प्रतियोगिता में बीए इंग्लिश सेमेस्टर 2 के शिवम कुमार ने प्रथम स्थान प्राप्त किया,बीए इंग्लिश सेमेस्टर 2 की शाहीन तंज़ा ने द्वितीय स्थान हासिल किया,जबकि बीए इंग्लिश सेमेस्टर 4 की अनन्या चौहान ने तृतीय स्थान प्राप्त किया.
दूसरे कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शशि सिंह उपस्थित थे,जो मीडिया स्ट्रैटेजिस्ट हैं और उन्हें पत्रकारिता,कॉर्पोरेट कम्युनिकेशन,टीवी एवं फिल्म निर्माण के क्षेत्र में दो दशकों से अधिक का अनुभव है. उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए बताया कि कैसे तकनीक और समय ने मीडिया में कहानी कहने के तरीकों को बदल दिया है. उन्होंने 24/7 समाचार प्रणाली के प्रभाव,सोशल मीडिया के कारण संपादकीय समाचारों में आए बदलाव और नागरिक भागीदारी के बढ़ते महत्व पर भी चर्चा की,जिससे मीडिया का लोकतंत्रीकरण हुआ है.
उन्होंने उभरती तकनीकों जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के जिम्मेदार उपयोग पर बल दिया, फेक और वास्तविक जानकारी के बीच अंतर करने की आवश्यकता को रेखांकित किया, मीडिया में विश्वास की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया और आज के मीडिया परिदृश्य में डिजिटल साक्षरता के महत्व को समझाया.