FRK अनिवार्यता स्थगित होने से किसानों को बड़ी राहत : धान अधिप्राप्ति प्रक्रिया होगी तेज और पारदर्शी, यह निर्णय किसानों के हितों में— मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार

Edited By:  |
frk aniwaryata asthagit hone se kisano ko badi rahat

पटना : बिहार के किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार द्वारा खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के लिए फोर्टीफाइड चावल (FRK)की अनिवार्यता को अगले आदेश तक स्थगित करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है. इस निर्णय से राज्य में धान अधिप्राप्ति व्यवस्था को और अधिक गति एवं सरलता मिलने की उम्मीद है.

सहकारिता मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने कहा कि "भारत सरकार का यह निर्णय राज्य के लाखों धान उत्पादक किसानों,पैक्सों एवं मिलरों के लिए अत्यंत राहतकारी और सकारात्मक संदेश देने वाला है.FRKकी अनिवार्यता स्थगित होने से अधिप्राप्ति प्रक्रिया में आ रही तकनीकी एवं आपूर्ति संबंधी बाधाएँ समाप्त होंगी,जिससे सीएमआर जमा में तेजी आएगी और किसानों को समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित किया जा सकेगा."

मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता किसानों की उपज की निर्बाध खरीद,पारदर्शी भुगतान व्यवस्था एवं अधिप्राप्ति लक्ष्य की शत-प्रतिशत प्राप्ति है.

मंत्री ने इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए केंद्रीय मंत्री,खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग,प्रह्लाद जोशी जी के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय किसानों के हितों के प्रति केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता एवं संवेदनशीलता का परिचायक है.

FRKकी अनिवार्यता स्थगित होने के फलस्वरूप अब मिलरों द्वारा बिनाFRKके भी चावल की आपूर्ति संभव होगी. इससे सीएमआर (CMR)जमा प्रक्रिया में तेजी आएगी तथा अधिप्राप्ति श्रृंखला में आ रही व्यावहारिक कठिनाइयाँ दूर होंगी. परिणामस्वरूप धान अधिप्राप्ति कार्य अधिक सुगम,प्रभावी एवं समयबद्ध ढंग से संपन्न किया जा सकेगा.

"खरीफ विपणन मौसम 2025-26" के अंतर्गत राज्य को प्रदत्त 36.85 लाख मीट्रिक टन धान अधिप्राप्ति के लक्ष्य के विरुद्ध अब तक 6879 समितियों के माध्यम से 4.44 लाख किसानों से 30.34 लाख मीट्रिक टन धान की अधिप्राप्ति की जा चुकी है,जो कुल लक्ष्य का 82.33 प्रतिशत है. सहकारिता विभाग द्वारा शेष लक्ष्य की प्राप्ति हेतु निरंतर निगरानी एवं समन्वय किया जा रहा है,ताकि निर्धारित अवधि में लक्ष्य पूर्ण किया जा सके.

पटना से राजीव रंजन की रिपोर्ट--