ड्यूटी से गायब रहने वाले CISF सिपाही को बड़ी राहत : पटना हाईकोर्ट ने नौकरी से हटाये जाने के सभी आदेश किया रद्द
Patna : पटना हाईकोर्ट ने बिना कोई सूचना दिये ड्यूटी से गायब रहने के आरोप में सीआईएसएफ सिपाही को एक बड़ी राहत दी है. कोर्ट ने नौकरी से हटाये जाने के सभी आदेश को निरस्त कर दिया.
कोर्ट ने दो माह के भीतर सीआईएसएफ अधिकारी को फिर से नौकरी में रखने का आदेश दिया. साथ ही नौकरी से गायब रहने के दौरान एक पैसे का भुगतान नहीं करने का आदेश दिया.
वहीं जितने दिन नौकरी से गायब रहने के अवधि को मिलने वाली छुट्टी में गिनने का निर्देश दिया. जस्टिस हरीश कुमार की एकलपीठ ने सीआईएसएफ जवान नवनीत कुमार यादव की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई के बाद यह आदेश दिया.
आवेदक को 21 मार्च,2017 को नियुक्ति पत्र दिया गया था और उसे ओडिशा के मुंडाली स्थित रीजनल ट्रेनिंग सेंटर (आरटीसी) में जा कर नौकरी ज्वाइन और ट्रेनिंग करने का निर्देश दिया गया.
आवेदक 4 मई,2017 को नौकरी ज्वाइन कर लिया. उसके बाद उसे भिलाई आरटीसी भेजा गया. आवेदक ने 18,अकटुबर 2018 से 24 अकटुबर,2018 तक एक सप्ताह का छुट्टी लिया.
लेकिन एक सप्ताह बीत जाने पर भी वह वापस नौकरी पर नहीं आया. बगैर छुट्टी के करीब 137 दिनों तक गायब रहने पर विभागीय जांच शुरू की गई और उसे दोषी करार देते हुए नौकरी से निकाल दिया गया.
जिसके बाद आवेदक ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर नौकरी से हटाये जाने के आदेश को चुनौती दी. इसमें कहा गया कि बीमारी से ग्रसित होने के कारण वह नौकरी पर नहीं जा सका.
उसने दरभंगा मेडिकल कॉलेज व अस्पताल एवं सरकारी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का कागजात पेश कर कोर्ट को बताया कि विशेषज्ञ डॉक्टर के परामर्श पर इलाज करा रहा था. इसी बीच उसे सीआईएसएफ की ओर से विभागीय जांच का पत्र मिला.
कोर्ट ने आवेदक की ओर से दी गई दलील और दस्तावेजों को देखते हुए सीआईएसएफ की ओर से नौकरी से हटाये जाने के आदेश को निरस्त कर दिया.
पटना से आनंद वर्मा की रिपोर्ट--