चाईबासा : चक्रधरपुर नगर परिषद में अध्यक्ष के बाद अब उपाध्यक्ष पद के चुनाव,बढ़ी राजनीतिक हलचल

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चाईबासा:नगर निकाय चुनाव में पश्चिमी सिंहभूम जिले के चाईबासा से जेएमएम समर्थित प्रत्याशी नितिन प्रकाश और सन्नी उरांव जीत दर्ज करने के बाद अब नगर परिषद में उपाध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर आगे बढ़ रहे हैं. चाईबासा और चक्रधरपुर नगर परिषद में उपाध्यक्ष पद का चुनाव 14 मार्च को होना है. उपाध्यक्ष का चयन संबंधित नगर परिषद के निर्वाचित वार्ड पार्षदों द्वारा किया जाएगा. इसको लेकर दोनों नगर परिषदों में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है और संभावित दावेदारों की सक्रियता बढ़ गई है.

उपाध्यक्ष पद पर कब्जा की तैयारी

नगर निकाय चुनाव में चाईबासा एवं चक्रधरपुर नगर परिषद दोनों में जेएमएम समर्थित उम्मीदवारों की जीत के बाद अब दोनों नगर परिषद चाईबासा और चक्रधरपुर में उपाध्यक्ष पद पर कब्जा की तैयारी में जुट गये है. अध्यक्ष निर्वाचित होने के बाद अब उपाध्यक्ष पद पर कब्जा की रणनीति बनाई जा रही है और इसमें भी जेएमएम लगभग सफल होता दिख रहा है. चाईबासा से डोमा मिंज जो पूर्व में भी नगर परिषद उपाध्यक्ष रह चुके हैं एवं पूर्व अध्यक्ष मिथिलेश ठाकुर के इस्तीफा देने के बाद लगभग 5 साल तक नगर परिषद के प्रभारी अध्यक्ष भी रहे हैं.

डोमा मिंज और विकास शर्मा आमने-सामने

चाईबासा का सबसे हॉट सीट रहा वार्ड नंबर 21 से चुनाव जीते बीजेपी नेता विकास शर्मा उर्फ विक्की का नाम उपाध्यक्ष पद के लिए जोर शोर से चर्चा में है. इसके साथ कई कुछ और वार्ड पार्षद के भी उपाध्यक्ष पद पर चुनाव लड़ने को लेकर नाम सामने आ रहा है, लेकिन मुख्य मुकाबला वार्ड पार्षद पर चुनाव जीते पूर्व उपाध्यक्ष एवं अध्यक्ष रह चुके डोमा मिंज एवं विकास कुमार शर्मा के बीच है. बता दें कि उपाध्यक्ष का जब सीधे-सीधे चुनाव हो रहा था उस समय भी डोमा मिंज और विकास शर्मा के बीच कांटे का मुकाबला हुआ था और महज कुछ वोट से विकास शर्मा उपाध्यक्ष नहीं बन पाए थे और डोमा मिंज के हाथों उन्हें हार का सामना करना पड़ा था. इस बार विकास शर्मा कोई भी मौका चूकना नहीं चाहते हैं. अभी से ही निर्वाचित वार्ड पार्षदों को अपने पक्ष में करने की तैयारी में जुट गए हैं.

समर्थन देने के लिए लाखों में लग रही बोली

जेएमएम भी अपने समर्थक वार्ड पार्षद के बल पर उपाध्यक्ष पद पर कब्जा करने में जुट गया है. सूत्रों के अनुसार निर्वाचित वार्ड पार्षदों का खरीद फरोख्त का खेल भी शुरू हो गया है. अभी से ही 5 लाख तक बोली लग रही हैं. उपाध्यक्ष पद पर समर्थन देने के लिए वार्ड पर निर्वाचित वार्ड पार्षद भी मौके की तलाश में है. उपाध्यक्ष बनने का सपना देख रहे लोग निर्वाचित वार्ड पार्षद को प्रलोभन 2 से 5 लाख तक देने का राजनीतिक हल्को में अंदरखाने चर्चा चल रही है.

चुनावी मैदान में कई नामों की चर्चा

वहीं, चक्रधरपुर नगर परिषद में सुत्रों के अनुसार 15 से अधिक निर्वाचित वार्ड पार्षदों ने जेएमएम के पक्ष में हैं. हालांकि, अभी से निर्वाचित वार्ड पार्षद विजय साव का नाम उपाध्यक्ष पद के लिए चल रहा है, लेकिन एक तीसरा नाम भी चर्चा का विषय बना हुआ है. उपाध्यक्ष पद के लिए जेएमएम समर्थित के अलावा बीजेपी समर्थित प्रत्याशी भी चुनावी मैदान में है.

जनप्रतिनिधियों की बन चुकी सरकार

बता दें कि लगभग 9 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद राज्य में नगर निकाय चुनाव संपन्न हुआ है. लंबे समय से लंबित इस चुनाव के बाद अब नगर परिषदों में जनप्रतिनिधियों की सरकार बन गई है. स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि शहरी सरकार के गठन से शहर के विकास कार्यों में तेजी आएगी और मूलभूत सुविधाओं में सुधार होगा.