बिहार राज्य उच्च जाति विकास आयोग की बैठक संपन्न : EWS आरक्षण के क्रियान्वयन में आ रही बाधाओं और उसके समाधान पर विस्तार से हुई चर्चा
मुंगेर: बिहार राज्य उच्च जाति विकास आयोग की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक गुरुवार को संपन्न हुई. बैठक की अध्यक्षता आयोग के अध्यक्ष महाचन्द्र प्रसाद सिंह ने की. इस बैठक में प्रमंडल के सभी छह जिलों के जिलाधिकारियों के साथ-साथ प्रमंडलीय आयुक्त भी मौजूद रहे.
आयोग के अध्यक्ष महाचंद्र प्रसाद सिंह ने बताया कि बैठक में मुख्य रूप से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग यानीEWSआरक्षण के क्रियान्वयन में आ रही बाधाओं और उसके समाधान पर विस्तार से चर्चा की गई. आयोग के अध्यक्ष महाचन्द्र प्रसाद सिंह ने कहा कि आयोग के गठन के मात्र छह महीनों के भीतर सवर्ण समाज के विकास के लिए कई योजनाबद्ध कदम उठाए गए हैं.
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सवर्णों के विकास को लेकर गंभीर हैं. आजादी के बाद पहली बार गरीब उच्च जातियों के लिए 10 प्रतिशतEWSआरक्षण लागू किया गया. आयोग यह सुनिश्चित कर रहा है किEWSप्रमाण पत्र बनवाने में लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो. अध्यक्ष ने आगे बताया कि सवर्ण छात्र-छात्राओं के लिए सरकारी स्तर पर मुफ्त कोचिंग की व्यवस्था और जिला मुख्यालयों में छात्रावास निर्माण पर विचार किया जा रहा है. इसके अलावा मुख्यमंत्री की योजना के तहत सवर्ण समाज की महिलाओं को रोजगार शुरू करने के लिए 10 हजार रुपये की शुरुआती सहायता और उद्योग लगाने के लिए 2 लाख रुपये तक की मदद सीधे बैंक खाते में भेजने की प्रक्रिया को तेज किया जाएगा.
बैठक में सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे मासिक बैठकों में उच्च जाति विकास को अलग एजेंडा बनाकर नियमित मॉनिटरिंग करें. अध्यक्ष ने कहा कि आयोग का लक्ष्य“सबका साथ,सबका विकास और सबका विश्वास”के मंत्र के तहत समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है.
मुंगेर से अमृतेश सिन्हा की रिपोर्ट—