BIHAR NEWS : गौ सम्मान आह्वान अभियान को लेकर पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित

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पटना : गौ सम्मान आह्वान अभियान के तहत शनिवार को पटना के एक होटल में प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम में महामंडलेश्वर ओंकार दास जी महाराज जी, महंत गजेंद्र दास जी, साध्वी निष्ठा गोपाल, साध्वी भक्ति श्री जी, छात्र नेता खुशबू पाठक जी, शिव नारायणी सेना के अध्यक्ष लव कुमार जी एवं रोशन रौनक जी उपस्थित रहे.

महापुरुषों और विशेषज्ञों का मत है कि गो सेवा, गो सुरक्षा और गो सम्मान को लेकर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो 2036 तक भारत गोवंश रहित होकर विकृत हो जाएगा जिसमें पत्रक में वर्णित २ वर्ष के काल खण्ड की वृहद योजना द्वारा , संपूर्ण भारत वर्ष में गौहत्या को प्रतिबंधित करने के लिए एवं गौ माता के सेवा, सुरक्षा एवं सम्मान को सुनिश्चित करने केलिए, गो माता के नेतृत्व में अभियान भारत भर के संतों और गो सेवकों द्वारा चलाया जा रहा है,जो पूर्णतया अहिंसक शांतिपूर्ण एवं अनुरोध के साथ रहेगा.

यह किसी भी राज्य सरकार अथवा केन्द्र सरकार के विरुद्ध नहीं है. सरकार से हमारी विनम्र प्रार्थना संविधान के दायरे में रहकर गोमाता के लिए वांछित,सेवा सुरक्षा व सम्मान के लिए उचित कानून बनाने के लिए है. अतः

27अप्रेल2026को भारतवर्ष की प्रत्येक तहसील पर गोमाता के सानिध्य में सभी सनातनी,गो भक्त हज़ारों की संख्या में तहसीलदार कार्यालय पहुंचकर संपूर्ण भारतवर्ष सेगौ हत्या बंद करने के लिये एवं गौमाता जी को सम्मानजनक पद प्रदान करने के लियेप्रधानमंत्री,राष्ट्रपति,मुख्यमंत्री एवं राज्यपाल जीके नाम प्रार्थना पत्र प्रदान किया जायेगा. किसी कारण से प्रथम चरण में गो सेवा,गो सुरक्षा और गो सम्मान का कार्य सिद्ध नहीं होता है,तो27जुलाई2026को जिला केंद्र पर द्वितीय प्रयास किया जाएगा,दूसरे चरण में भी कार्य सिद्धि नहीं हुई तो27अक्टूबर2026को राज्य की राजधानी पर तृतीय प्रयास किया जाएगा. तीसरे चरण में भी गौ काज सिद्ध नहीं हुआ तो27फरवरी2027से6माह के लिए दिल्ली के धरने के माध्यम से सरकार से प्रार्थना की जाएगी.15अगस्त2027तक भी कार्य सिद्ध नहीं होने पर16अगस्त2027से हजारों गौभक्तों और संतों के द्वारा कठोर तपस्या स्वरूप केवल मात्र गंगाजल पर ही रहकर9दिन का क्रमिक उपवास किया जाएगा. इससे भी कार्य सिद्धि नहीं होने पर संतों और गौ भक्तों द्वारा कार्य सिद्धि आमरण अनशन जायेगा. इस पूरी प्रक्रिया में कोई भी उपद्रव,किसी भी प्रकार की कोई भद्दी टिप्पणी,किसी भी संगठन राजनीतिक दल अथवा सरकार के विरुद्ध उग्र प्रदर्शन नहीं किया जाएगा तथा किसी भी राष्ट्रीय अथवा निजी संपत्ति को नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा.