BIHAR NEWS : 2 मई से अतिक्रमण हटाओ अभियान, लेकिन अतिक्रमण वालों को कौन दे रहा संरक्षण ? सवाल तो पूछेंगे
पटना : अतिक्रमण न हुआ अमरबेल हो गई...बार बार कबाड़ो...किनारे लगा दो...कोई गत कर दो...लेकिन ये ढीठ लता... फिर से अपने स्थान पर कब्जा बना लेती है...सिर्फ कब्जा ही नहीं ...उसका विस्तार भी होता जाता है... वो ज्यादा जगह घेरता जाता है...और ये परजीवी अपना साम्राज्य इतना फैला लेता है कि मूल पेड़ अपनी पहचान खो बैठता है... कुछ ऐसा ही राजधानी पटना की पहचान के साथ हो रहा...
यहां स्मार्ट सिटी के सौंदर्य पर स्याही पोतते... संवरते सुधरते होते चकाचक पटना के... आई लव पटना वाले सेल्फी प्वाइंट और पॉपुलर पब्लिस प्लेस आपके पसंदीदा स्थल के आस-पास ही आपको नजर आएगा अतिक्रमण... खोमचे ठेले लोगों को खिलाते पिलाते..सामानों का बाजार सजाते... चलते फिरते दुकान चलाते...
फेरी वाले भी धीरे धीरे पहले बैठने का ठिकाना...फिर छोटे छोटे टेबल कुर्सी... ठेला और फिर ठेले से सटे टेंट तिरपाल तक तन जाते हैं... और एक खुला खुशनुमा...आवागमन के लिए सुलभ स्थल... भीड़ भाड़... चिल्ल-पों वाला.. बाजार बन जाता है... जहां लोग टकराते...गाड़ियां रेंगती और शहर की रफ्तार दम तोड़ती नजर आ जाती है...ऐसे में आता है पीला पंजा... सब साफ करते हुए... अपने पीछे छोड़ जाता है... कुछ परेशान दुकानदार,... मौका देख कारोबार लगाने वाले कामगार... आजीविका पर आई आफत से आहत परिवार... जब्त ठेले खोमचों को छुड़ाने के लिए मनुहार करते... जुर्माने की रसीद काटते बाबू के सामने विलाप करते... वो लोग... जिनकी आजीविका के साधन को... शहरी... सरकारी व्यवस्था अतिक्रमण कहता है... एक बार फिर शहर के सौंदर्य को निखारने... सूरत में चार चांद लगाने ... नगर निगम, पुलिस, ट्रैफिक, परिवहन, राजस्व, पथ निर्माण, स्वास्थ्य, अग्निशमन समेत कई विभाग... संयुक्त रूप से अलग अलग टीम में गोलंबर...नुक्कड़...चौक...चौराहों...फुटपाथ और रास्ते पर जेसीबी लेकर घुमते...5 से 20 हजार तक का जुर्माना से लेकर FIR वाली कार्रवाई करते पूरे महीने नजर आएंगे... पर ये तो कोई नई बात नहीं... ऐसा तो नियमित होता रहा है...लेकिन बार बार क्यों ऐसा करना पड़ता है... एक बार हटाने के बाद... आखिर कैसे उसी जगह कुछ घंटो या कुछ दिन बाद ही कैसे अतिक्रमण न सिर्फ बरकरार रहता है बल्कि उसका और विस्तार हो जाता है...ऐसे में सवाल तो पूछेंगे कि अतिक्रमण वालों को कौन दे रहा संरक्षण?
पटना से दीपक शर्मा की रिपोर्ट--