BIHAR NEWS : कामकाजी माताओं को बड़ी राहत, बिहार में खुलेंगे 318 नए आंगनबाड़ी-सह-क्रेच
पटना :राज्य सरकार कामकाजी माता-पिता के छोटे बच्चों की देखभाल के लिए विशेष सुविधा की शुरुआत की है. इसके लिए मिशन शक्ति योजना अंतर्गत राज्यभर में318नए आंगनबाड़ी सह क्रेच केंद्र खोलने की योजना को तेजी से मूर्तरूप दिया जा रहा है. जिससे कामकाजी माताओं को अपने बच्चों की देखभाल करने में बड़ी राहत मिलेगी.
वर्तमान में पूरे राज्य के सभी जिलों में186आंगनबाड़ी-सह-क्रेच होम संचालित हैं. इनसे1097बच्चें प्रतिदिन लाभान्वित हो रहे हैं. यह क्रेच बच्चों को सुरक्षित,पौष्टिक और शिक्षाप्रद वातावरण प्रदान करते हैं. नए आंगनबाड़ी-सह-क्रेच केंद्र खुलने के बाद राज्य में इनकी संख्या बढ़कर504हो जायेगी जिससे सुविधाओं में कई गुना वृद्धि होगी. आंगनबाड़ी-सह-क्रेच में बच्चों को सुबह सवा9बजे से शाम साढ़े6बजे तक रखा जा सकता है. यदि माताएं आवश्यकता पड़ने पर देर से बच्चों को लेने आती हैं,तो क्रेच तब तक खुली रहती है. यहां आंगनबाड़ी की तरह ही बच्चों को गर्म पका भोजन,अंडा,दूध तथा शाम में पौष्टिक स्नैक्स उपलब्ध कराए जाते हैं. क्रेच होम में बच्चों की समुचित देखभाल के लिए खेलने,आराम करने,दोपहर में सोने,बाल-सुलभ शौचालय,भोजन तथा स्तनपान कराने के लिए अलग-अलग स्थान व्यवस्थित किए गए हैं. दीवारों पर आकर्षक वॉल पेंटिंग के जरिए जानवरों,पक्षियों के चित्र,हिंदी-अंग्रेजी वर्णमाला तथा छोटी कविताएं आदि ज्ञानवर्धक सामग्री सजाई गई है.
8से10हजार बच्चों को मिलेगा लाभ
इन केंद्रों में प्रत्येक तीन महीने में बच्चों की स्वास्थ्य जांच भी नियमित रूप से की जाती है. क्रेच वर्कर को प्रतिमाह5,500रुपये तथा क्रेच हेल्पर को3,000रुपये का मानदेय प्रदान करने का प्रावधान किया गया है. मिली जानकारी के अनुसार प्रत्येक आंगनबाड़ी-सह-क्रेच में औसतन20-25बच्चों की क्षमता होगी. इस आधार पर नए क्रेच से8हजार से10हजार अतिरिक्त बच्चों को लाभ मिलने की संभावना है. इससे हजारों कामकाजी माता-पिता,विशेषकर महिलाएं,बिना चिंता के अपनी नौकरी या व्यवसाय पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगे. योजना का मुख्य उद्देश्य बाल देखभाल की जिम्मेदारी को साझा करना और माताओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाना है.
मिलेगी सुरक्षित पौष्टिक और शिक्षाप्रद वातावरण
बता दें कि राज्य में खुलने वाले318नये आंगनबाड़ी-सह-क्रेच खुलने के बाद कुल क्रेच की संख्या504हो जायेगी. इससे हजारों अतिरिक्त बच्चों को सुरक्षित,पौष्टिक और शिक्षाप्रद वातावरण मिलेगा. प्रत्येक क्रेच में औसतन20-25बच्चों की क्षमता होने पर लगभग8हजार से10हजार अतिरिक्त बच्चों को लाभ मिल सकता है. योजना के तहत6महीने से6वर्ष तक के बच्चों के लिए सुविधाएं उपलब्ध होंगी.
पौष्टिक भोजन के साथ प्री-स्कूल शिक्षा और खेल-कूद की सुविधा
केंद्रों में पौष्टिक भोजन और दूध,प्री-स्कूल शिक्षा और खेल-कूद,स्वास्थ्य जांच,टीकाकरण निगरानी,सोने-बैठने की सुरक्षित व्यवस्था ये सुविधाएं बच्चों के शारीरिक,मानसिक और बौद्धिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान देंगी. क्रेच होम न केवल बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे बल्कि उन्हें प्रारंभिक शिक्षा और सामाजिक कौशल भी प्रदान करेंगे.