BIHAR NEWS : 5 जून को बिहार के हर पंचायत में क्या होने वाला है? सरकार ने जारी किए विशेष निर्देश
पटना : विश्व पर्यावरण दिवस (5 जून) के अवसर पर राज्य की सभी ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभा का आयोजन किया जाएगा. ग्राम सभाओं के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण,स्वच्छता,ठोस व प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन,जल संरक्षण और जिम्मेदार सामुदायिक व्यवहार को बढ़ावा देने के लिए व्यापक जन-जागरूकता अभियान संचालित किया जाएगा.
इस संबंध में पंचायती राज विभाग ने सभी जिला पंचायत राज पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं. ग्राम सभाओं में कचरा पृथक्करण,सिंगल-यूज प्लास्टिक के उपयोग में कमी,जैविक खाद निर्माण और स्थानीय स्तर पर स्वच्छता गतिविधियों को प्रोत्साहित करने पर विशेष बल दिया जाएगा. साथ ही सार्वजनिक स्थलों व जल स्रोतों की स्वच्छता बनाए रखने के लिए सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा दिया जाएगा.
जिला और प्रखंड स्तर पर बनेंगे नोडल पदाधिकारी
विशेष ग्राम सभा और उससे संबंधित गतिविधियों के प्रभावी संचालन के लिए जिला व प्रखंड स्तर पर नोडल पदाधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी. नोडल पदाधिकारी कार्यक्रमों के सफल आयोजन,विभिन्न विभागों व हितधारकों के बीच समन्वय स्थापित करने के साथ निर्धारित गतिविधियों के क्रियान्वयन की निगरानी करेंगे.
विभिन्न जागरूकता गतिविधियों का आयोजन
विशेष ग्राम सभा के माध्यम से ग्राम पंचायतों में स्वच्छता अभियान,वृक्षारोपण,प्रभात फेरी,सामुदायिक बैठकें,स्थानीय घोषणाएं व सूचना,शिक्षा एवं संचार (आईईसी) सामग्री के प्रदर्शन जैसी गतिविधियां आयोजित की जाएगी. कार्यक्रमों के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए सोशल मीडिया का भी उपयोग किया जाएगा.
इन गतिविधियों में जिला प्रशासन,स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) से जुड़े कर्मी,स्वयं सहायता समूह,स्वच्छाग्रही,सफाईकर्मी,महिलाएं,युवा,अनुसूचित जाति व जनजाति समुदायों के सदस्य और स्थानीय संगठनों को शामिल किया जाएगा.
ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के प्रति जागरूकता
सभा में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली,2026 के अंतर्गत कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन की जानकारी दी जाएगी. ग्रामीणों को गीला कचरा,सूखा कचरा,सैनिटरी कचरा और विशेष देखभाल कचरा (इलेक्ट्रॉनिक उपकरण,दवाइयां आदि) के पृथक्करण के संबंध में जागरूक किया जाएगा.
साथ ही खुले में कचरा फेंकने व जलाने पर प्रतिबंध,गीले कचरे के स्थानीय स्तर पर प्रसंस्करण,उपयोगकर्ता शुल्क के भुगतान,बल्क वेस्ट जनरेटर की जिम्मेदारियों और पंचायत स्तर पर आवश्यक आधारभूत संरचनाओं के आकलन जैसे विषयों पर भी चर्चा की जाएगी. वार्ड सदस्य और मुखिया को कचरा पृथक्करण व स्वच्छता प्रबंधन के लिए लीड फैसिलिटेटर की भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया जाएगा.
ग्रामीण विकास विभाग चलाएगा पांच दिवसीय अभियान
विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर ग्रामीण विकास विभाग 1 जून से 5 जून तक“स्वच्छ गांव,सुरक्षित जलवायु”अभियान चलाएगी. इस दौरान प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन और जल संरक्षण से संबंधित व्यवहारगत बदलाव को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी. साथ ही‘कचरा से धन’की अवधारणा,सामुदायिक स्वच्छता परिसंपत्तियों के संचालन व रखरखाव और जनभागीदारी पर विशेष बल दिया जाएगा.
अभियान के तहत निर्धारित गतिविधियां:
* 1 जून : पंचायत प्रतिनिधियों और प्रमुख हितधारकों का उन्मुखीकरण
* 2 जून : सामुदायिक परिसंपत्तियों (डब्ल्यूपीयू,प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन इकाई आदि) का निरीक्षण व कार्यक्षमता आकलन
* 3 जून : बल्क वेस्ट जनरेटर की पहचान
* 4 जून : जागरूकता कार्यक्रम,वृक्षारोपण व स्वच्छता अभियान
* 5 जून : विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन
राज्य सरकार का उद्देश्य ग्राम पंचायतों में स्वच्छता व पर्यावरण संरक्षण को जन-आंदोलन का स्वरूप प्रदान करते हुए स्वच्छ, हरित और सतत ग्रामीण विकास को बढ़ावा देना है.