BIHAR NEWS : किसानों को मिल रही डिजिटल पहचान, 5 दिन का खास मौका, जानिए कैसे बनेगी फार्मर आईडी
पटना : किसानों को डिजिटल पहचान देने के लिए राज्य में फार्मर रजिस्ट्री महाअभियान का तीसरा चरण शुरू हो चुका है. 2 फरवरी से शुरू हुआ यह महाअभियान 6 फरवरी तक चलेगा. इस दौरान राज्य भर में मिशन मोड में फार्मर रजिस्ट्री का कार्य संचालित किया जाएगा,ताकि अधिक से अधिक किसानों को इस प्रणाली से जोड़ा जा सके.
फार्मर रजिस्ट्री के लिए किसानों से किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा. किसान सीएससी या वसुधा केंद्रों पर जाकर नि:शुल्क रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं. पूर्व में कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी),वसुधा केंद्रो के माध्यम से ली जाने वाली 15 रुपए की सेवा शुल्क अब नहीं लिया जाएगा. इसका वहन संबंधित विभाग द्वारा किया जाएगा.
फार्मर आईडी से किसानों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी,सुगम एवं समयबद्ध रूप से मिल सकेगा. इसे बनवाने के लिए किसानों के पास आधार कार्ड,मोबाईल नंबर और स्वंय के नाम से भूमि की जमाबंदी होनी चाहिए. किसान अपने पंचायत के कृषि समन्वयक,किसान सलाहकार,राजस्व कर्मचारी से इसके लिए संपर्क कर सकते हैं. वे अपने नजदीकी सीएससी या वसुधा केंद्र पर जाकर भी रजिस्ट्री करवा सकते हैं. किसान फार्मर रजिस्ट्री पोर्टल पर जाकर स्वयं भी अपनी फार्मर आईडी बना सकते हैं.
फार्मर रजिस्ट्री, एग्री स्टैक परियोजना का एक अत्यंत महत्वपूर्ण घटक है, जिसका उद्देश्य राज्य में कृषि सेवाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं किसानोन्मुख बनाना है. इसके अंतर्गत प्रत्येक किसान की फार्मर आईडी तैयार की जा रही है, जिसमें किसान के भूमि संबंधी विवरण को आधार से जोड़ा जा रहा है, ताकि किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के मिल सके. फार्मर रजिस्ट्री का मुख्य उद्देश्य राज्य में संचालित कृषि से जुड़ी किसान कल्याण योजनाओं को वास्तविक और पात्र किसानों तक सीधे पहुंचाना है.