BIHAR NEWS : इंदिरा गांधी हृदय रोग संस्थान में डॉक्टरों की कमी से संबंधित याचिका पर पटना हाईकोर्ट में हुई सुनवाई
Patna : पटना हाईकोर्ट ने राजधानी का प्रतिष्ठित हृदय रोग संस्थान( इंदिरा गांधी हृदय रोग संस्थान) में चिकित्सकों की कमी से सम्बन्धित जनहित याचिका की सुनवाई की. चीफ जस्टिस संगम कुमार साहू की खंडपीठ ने विकास चंद्र उर्फ़ गुड्डू बाबा की जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए राज्य सरकार द्वारा की गयी कार्रवाईयों का ब्यौरा तलब किया है. इस मामले पर अगली सुनवाई 29 अप्रैल,2026 को होगी.
याचिकाकर्ता विकास चंद्र उर्फ़ गुड्डू बाबा ने कोर्ट को अपनी याचिका में बताया कि बिहार में हृदय रोग से पीड़ित मरीजों की संख्या काफी है. पटना शहर में इंदिरा गांधी इंस्टिट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी एक महत्वपूर्ण अस्पताल है,जहाँ हृदय रोग से पीड़ित मरीजों का इलाज होता है.
उन्होंने कोर्ट को बताया कि इतने बड़े और महत्त्वपूर्ण अस्पताल में डॉक्टरों की काफी कमी है. बहुत सारे विशेषज्ञों के पद रिक्त पड़े हैं.
उन्होंने कहा कि डॉक्टरों की कमी से अस्पताल में हृदयरोग से पीड़ित मरीजों का इलाज प्रभावित है. इस अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की काफी जरूरत है. लेकिन राज्य सरकार डाक्टरों के रिक्त पदों को भरने के लिए ठोस कार्रवाई नहीं कर रही है.
पिछली सुनवाई में कोर्ट ने सुनवाई करते हुए कहा कि इंदिरा गांधी इंस्टिट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी को पूरी तरह से हृदय रोग मरीजों के इलाज सक्रिय किया जाना आवश्यक है. राज्य सरकार के अधिकारियों को डॉक्टरों के रिक्त पदों को भरने के लिए की जा रही कार्रवाईयों का ब्यौरा तलब किया था.
कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि इस अस्पताल में डॉक्टरों के रिक्त पदों को नहीं भरने के ये अधिकारीगण जिम्मेदार हैं. इस तरह भारतीय संविधान के अंतर्गत बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं करना आम जनता के स्वास्थ्य के मौलिक अधिकारों का हनन है.
कोर्ट ने कहा कि इंदिरा गांधी इंस्टिट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी के सम्बन्ध में याचिकाकर्ता ने महत्वपूर्ण जानकारियां उपलब्ध कराया. इस अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों,टेक्निकल और नॉन टेक्निकल के काफी पद रिक्त पड़े हैं. हृदय रोग से पीड़ित मरीजों का इलाज निश्चित रूप से प्रभावित हो रहा है.
कोर्ट को बताया गया कि बिहार सरकार कल्याणकारी राज्य है. इस के तहत राज्य के नागरिकों के स्वास्थ्य की देखभाल का जिम्मा संविधान के अंतर्गत राज्य सरकार का है,लेकिन राज्य सरकार अपनी जिम्मेदारियों के प्रति सचेत नहीं दिख रही है.
कोर्ट ने पिछली सुनवाई में राज्य सरकार के अधिकारियों को अस्पताल की स्थिति के सम्बन्ध में पूरा ब्यौरा प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था.
आज कोर्ट में उन्होंने मना कि डॉक्टरों व अन्य स्टाफ की कमियां है. कोर्ट ने इस सम्बन्ध में कार्रवाईयों का ब्यौरा अगली सुनवाई में प्रस्तुत करने का निर्देश दिया. इस मामले पर अगली सुनवाई 29 अप्रैल,2026 को होगी.
पटना से आनंद वर्मा की रिपोर्ट--