BIHAR NEWS : “प्लास्टिक संपदा प्रबंधन में वर्तमान प्रचलन पर हुआ जागरूकता कार्यक्रम”

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पटना : केंद्रीय पेट्रोरसायन अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (सिपेट):आईपीटी,बिहटा द्वारा आज पटना स्थित दलेमनट्री होटल में “प्लास्टिक संपदा प्रबंधन में वर्तमान प्रचलन पर जागरूकता कार्यक्रम” विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया. यह कार्यक्रम भारत सरकार के रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के अंतर्गत रसायन एवं पेट्रोकेमिकल विभाग के सहयोग से आयोजित किया गया.

कार्यक्रम की शुरुआत प्रातः09:30बजे प्रतिभागियों के पंजीकरण के साथ हुई. इसके पश्चात आयोजित उद्घाटन सत्र में संस्थान के संयुक्त निदेशक एवं प्रमुख डॉ.संजीव कुमार जैन ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए प्लास्टिक कचरा प्रबंधन की वर्तमान चुनौतियों पर प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि बढ़ते प्लास्टिक उपयोग के कारण उत्पन्न हो रही पर्यावरणीय समस्याओं के समाधान के लिए आधुनिक तकनीक,नवाचार तथा व्यापक जन-जागरूकता अत्यंत आवश्यक है.

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रो. सुरेश कांत वर्मा, कुलपति, बिहार इंजीनियरिंग विश्वविद्यालय, पटना ने अपने संबोधन में सतत विकास के लिए प्लास्टिक अपशिष्ट के वैज्ञानिक एवं प्रभावी प्रबंधन की आवश्यकता पर बल दिया. उन्होंने प्लास्टिक कचरे के पुनः उपयोग एवं पुनर्चक्रण को बढ़ावा देने के साथ-साथ नई तकनीकों को अपनाने पर जोर दिया.

कार्यक्रम के दौरान चंद्रकेश सिंह,वैज्ञानिक-ई एवं प्रमुख,बीआईएस पटना;पी.के.अग्रवाल,अध्यक्ष,बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज;नीरज कुमार,कार्यकारी निदेशक,एफडीडीआई बिहटा;तथा डॉ.मिथिलेश कुमार झा,प्राचार्य,एमआईटी मुजफ्फरपुर ने प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन,उद्योगों की भूमिका तथा पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए.

तकनीकी सत्र के दौरान प्रो. सुनील कुमार, प्रोजेक्ट साइंटिस्ट एवं प्रमुख, सीएसआईआर-नीरी, नागपुर, डॉ. नवीन कुमार, वरिष्ठ वैज्ञानिक, बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, पटना; अरविंद कुमार, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन विशेषज्ञ, पटना नगर निगम, तथा डॉ. अनिल कुमार शर्मा, सहायक प्राध्यापक, सिविल इंजीनियरिंग विभाग, एनआईटी पटना ने प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार प्रस्तुत किए तथा इसके प्रभावी प्रबंधन के लिए तकनीकी और व्यावहारिक समाधान साझा किए.

यह कार्यक्रम सफलता पूर्वक संपन्न हुआ, जिसमें विभिन्न कॉलेजों और शैक्षणिक संस्थानों से आए शोधार्थियों, शिक्षकों तथा छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया. कार्यक्रम में विभिन्न संस्थानों के संकाय सदस्यों, शोधकर्ताओं एवं विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता देखने को मिली, जिससे प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक चर्चा हुई. इस अवसर पर सिपेट:आईपीटी, बिहटासेवरिष्ठ तकनीकी अधिकारी अशोक कुमार शर्मा, वरिष्ठ कार्मिक एवं प्रशासनिक अधिकारी मनोज कुमार दान, रीतू कुमारी सहित संस्थान के अन्य संकाय सदस्य भी उपस्थित रहे.

यह राष्ट्रीय सेमिनार प्लास्टिक संपदा प्रबंधन के क्षेत्र में जागरूकता बढ़ाने, नई तकनीकों के आदान--प्रदान तथा विभिन्न संस्थानों, उद्योगों और सरकारी एजेंसियों के बीच समन्वय को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ.