BIHAR NEWS : नगर आयुक्त ने वायु प्रदूषण पर अध्ययन रिपोर्ट का किया विमोचन
पटना: शहरवासियों को स्वच्छ एवं गुणवत्तापूर्ण वायु उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पटना नगर निगम द्वारा वायु प्रदूषण के विभिन्न स्रोतों की पहचान एवं उनके नियंत्रण की दिशा में लगातार पहल की जा रही है. इसी क्रम में सर्दियों के दौरान ठंड से बचाव के लिए खुले में जलाए जाने वाले अलाव से होने वाले वायु प्रदूषण एवं स्वास्थ्य जोखिमों को समझने और इसके व्यावहारिक समाधान तलाशने के लिए विशेष अध्ययन कराया गया.
राष्ट्रीय वायु दिवस के अवसर पर नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने सोमवार को‘Beyond the Bonfires: Rethinking Winter Heating for Vulnerable Populations of Patna’अध्ययन रिपोर्ट का विमोचन किया. इस अवसर पर नगर आयुक्त ने विशेषज्ञों के साथ अध्ययन के निष्कर्षों तथा सर्दियों में वायु प्रदूषण को कम करने के लिए आवश्यक उपायों पर विस्तृत चर्चा की.
कमजोर एवं संवेदनशील वर्गों पर केंद्रित रहा अध्ययन
एयर पॉल्यूशन एक्शन ग्रुप (A-PAG)के विशेषज्ञों द्वारा पटना नगर निगम के सहयोग से किए गए इस अध्ययन का उद्देश्य सर्दियों में ठंड से बचने के लिए अलाव पर निर्भरता,उससे होने वाले वायु प्रदूषण एवं स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों को समझना तथा वैकल्पिक एवं सुरक्षित विंटर हीटिंग व्यवस्था की संभावनाओं का अध्ययन करना था.
अध्ययन के दौरान आवासहीनों,रात की शिफ्ट में कार्यरत कर्मियों,यात्रियों,स्ट्रीट वेंडर्स एवं बस्तियों में रहने वाले लोगों से बातचीत की गई. इसके अलावा आश्रय स्थलों,स्लम क्षेत्रों,बस स्टैंड सहित विभिन्न स्थानों का दौरा कर लोगों द्वारा ठंड से बचाव के लिए अपनाए जाने वाले उपायों की जानकारी एकत्र की गई.
अध्ययन में सामने आया कि सर्दियों में खुले में जलाए जाने वाले अलाव वायु प्रदूषण का एक महत्वपूर्ण स्रोत हैं. अलाव जलाने के कारण आसपास के वातावरण मेंPM2.5 के स्तर में लगभग 18 से 30 प्रतिशत तक की वृद्धि देखी गई,जिससे विशेष रूप से संवेदनशील आबादी के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है.
आश्रय स्थल अलाव पर निर्भरता कम करने में महत्वपूर्ण
नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने बताया कि पटना नगर निगम द्वारा सर्दियों के मौसम में आवासहीन एवं जरूरतमंद लोगों के लिए आश्रय स्थलों की व्यवस्था की जाती है. निगम द्वारा छह स्थायी आश्रय स्थल,12 जर्मन हैंगर तथा आठ स्थलों पर टेंट लगाए जाते हैं. इन आश्रय स्थलों में कुल 955 बेड की व्यवस्था रहती है. सभी आश्रय स्थलों में पेयजल,शौचालय,बिस्तर,कंबल,हीटर सहित आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती है. उन्होंने कहा, "बेहतर आश्रय एवं हीटिंग सुविधाएं उपलब्ध होने से जरूरतमंद लोगों की खुले में अलाव जलाने पर निर्भरता कम करने में मदद मिलती है."
गिग वर्कर्स के लिए विंटर-रेडी सुविधाओं पर जोर
वर्तमान में पटना नगर निगम क्षेत्र में गिग वर्कर्स के लिए दो स्थानों पर एसी लाउंज की सुविधा उपलब्ध कराई गई है. बैठक में इन सुविधाओं को सर्दियों के दौरान विंटर-रेडी बनाने तथा आवश्यकता के अनुसार इनकी संख्या बढ़ाने पर भी चर्चा की गई. विशेषज्ञों ने कहा कि ऐसे सुरक्षित और सुविधायुक्त स्थान सड़कों एवं खुले स्थानों में ठंड से बचाव के लिए अलाव जलाने की आवश्यकता को कम करने में सहायक हो सकते हैं.
अजीमाबाद एवं नूतन राजधानी अंचल के प्रयासों की सराहना
कार्यक्रम के दौरानA-PAGके विशेषज्ञों ने वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए पटना नगर निगम द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की. विशेषज्ञों ने विशेष रूप से निर्माण एवं विध्वंस अपशिष्ट (C&D Waste)के प्रबंधन तथा कचरा उठाव एवं कचरा प्वाइंट के त्वरित प्रबंधन को महत्वपूर्ण पहल बताया.
C&D Wasteएवं कचरा प्वाइंट से संबंधित शिकायतों के त्वरित निष्पादन तथा प्रभावी प्रबंधन के लिए अजीमाबाद अंचल एवं नूतन राजधानी अंचल को पुरस्कृत भी किया गया.
कार्यक्रम में सभी अपर नगर आयुक्त,मुख्य नगर अभियंता,नूतन राजधानी अंचल के कार्यपालक पदाधिकारी, A-PAGकी एसोसिएट डायरेक्टर कृतिका चौधरी, KCTग्रुप की संस्थापक निताशा थापर,आगा खान फाउंडेशन के विशेषज्ञ,निगम केNCAPकंसल्टेंट सहित अन्य पदाधिकारी एवं विशेषज्ञ उपस्थित रहे.
पटना से अंकिता की रिपोर्ट--