बिहार में वाहन टैक्स महंगा : बाइक,स्कूटर,तीन पहिया और डीलरों पर बढ़ा टैक्स का बोझ
पटना: बिहार सरकार ने मोटरवाहन कर व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए बिहार मोटरवाहन करारोपण अधिनियम, 1994 के तहत विभिन्न श्रेणियों के वाहनों पर लगने वाले कर की दरों का पुनर्निर्धारण किया है। लंबे समय बाद किए गए इस संशोधन को राज्य मंत्रिपरिषद की मंजूरी मिल गई है। नए प्रावधान लागू होने के बाद बाइक, स्कूटर और तिपहिया वाहनों के पंजीकरण के समय अधिक टैक्स देना होगा, जबकि ऑटोमोबाइल कारोबार से जुड़े डीलरों पर भी कर का बोझ बढ़ेगा।
परिवहन विभाग का फरमान जारी
परिवहन विभाग के अनुसार, दोपहिया वाहनों पर लगने वाले एकमुश्त मोटर वाहन कर में 1 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। वहीं, एकमुश्त कर देने वाले तिपहिया वाहनों पर 1,000 रुपये अतिरिक्त टैक्स लगाया जाएगा। इसके अलावा वाहन डीलरों से वसूले जाने वाले ट्रेड टैक्स (व्यापार कर) को वर्तमान दर की तुलना में चार गुना कर दिया गया है।
मौजूदा दरों में लंबे समय से नहीं हुआ थाकोई संशोधन
सरकार का कहना है कि मोटरवाहन कर की मौजूदा दरों में लंबे समय से कोई संशोधन नहीं हुआ था। बदलती आर्थिक परिस्थितियों, महंगाई और सड़क अवसंरचना के विकास की जरूरतों को देखते हुए कर दरों का पुनर्निर्धारण आवश्यक माना गया। इसी उद्देश्य से नई दरों को मंजूरी दी गई है।
नए वाहन खरीदने वाले लोगों कोअधिक रोड टैक्स देना पड़ेगा
नए नियम लागू होने के बाद राज्य में नए वाहन खरीदने वाले लोगों को पंजीकरण के समय पहले की तुलना में अधिक रोड टैक्स देना पड़ेगा। वहीं, ऑटोमोबाइल डीलरों पर ट्रेड टैक्स बढ़ने से वाहन कारोबार की लागत भी प्रभावित हो सकती है। हालांकि सरकार का मानना है कि संशोधित कर व्यवस्था से राज्य के राजस्व में वृद्धि होगी और इस अतिरिक्त आय का उपयोग सड़क, परिवहन तथा अन्य सार्वजनिक अवसंरचना के विकास में किया जाएगा। परिवहन विभाग जल्द ही संशोधित कर दरों के क्रियान्वयन को लेकर विस्तृत अधिसूचना जारी करेगा।