Hindi News / हड़ताल के दौरान निपटान सिर्फ 4%, हजारों मामले अटके

बिहार में भूमि प्रशासन ठप! : हड़ताल के दौरान निपटान सिर्फ 4%, हजारों मामले अटके

Edited By:  |
bihar mai bhumi prashasan thap!

पटना : बिहार में भूमि प्रशासन को लेकर चल रही हड़ताल ने सिस्टम की रफ्तार पर गंभीर असर डाला है. उपलब्ध आंकड़े बताते हैं कि बीते कुछ हफ्तों में जमीन से जुड़े मामलों के निपटान की स्थिति बेहद खराब हो गई है, जिससे आम लोगों की परेशानियां बढ़ती जा रही है.

क्या कहते हैं आंकड़े?


दिनांक 09 मार्च से 04 अप्रैल 2026


(हड़ताल अवधि) के दौरान:

कुल मामले: 15,849

निपटान : 604 (करीब 4%)

लंबित मामले : 15,220 से अधिक

वहीं,इसी अवधि में वर्ष 2025 (सामान्य स्थिति) में:

कुल मामले : 92,763

निपटान : 82,313 (करीब 89%)

लंबित : नगण्य


साफ दिख रहा असर

आंकड़ों की तुलना से स्पष्ट है कि हड़ताल के कारण भूमि प्रशासन की कार्यप्रणाली लगभग ठप हो गई है. जहां पिछले साल इसी अवधि में लगभग 90% मामलों का निपटान हो रहा था,वहीं इस बार यह आंकड़ा गिरकर महज 4% रह गया है.


आम जनता सबसे ज्यादा प्रभावित

जमीन से जुड़े दाखिल-खारिज,नामांतरण,विवाद और अन्य जरूरी मामलों के अटकने से आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. कई लोग महीनों से अपने काम के लिए कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं,लेकिन समाधान नहीं मिल रहा है.


सरकार पर बढ़ा दबाव


स्थिति को देखते हुए सरकार पर हड़ताल खत्म कराने और प्रशासनिक कामकाज को पटरी पर लाने का दबाव बढ़ता जा रहा है. अगर जल्द समाधान नहीं निकला,तो लंबित मामलों का बोझ और बढ़ सकता है.


बिहार में भूमि प्रशासन की मौजूदा स्थिति चिंता का विषय बन गया है. आंकड़े साफ संकेत दे रहे हैं कि अगर जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए,तो यह समस्या और विकराल रूप ले सकती है.


पटना से अंकिता की रिपोर्ट--