बिहार में अवैध खनन पर सख्ती : मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने 24 ‘खनन योद्धाओं’ को दिया पुरस्कार, ओवरलोडिंग लगभग बंद होने का किया दावा
पटना: खान एवं भूतत्व मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने विभागीय प्रेस कॉन्फ्रेंस में अवैध खनन के खिलाफ सरकार की कार्रवाई और उपलब्धियों की जानकारी दी.
उन्होंने बताया कि अवैध खनन की सूचना देने वाले24 ‘बिहारी खनन योद्धाओं’को प्रोत्साहन राशि के रूप में5,000रुपये प्रत्येक के खाते में स्थानांतरित किए गए हैं. इससे पहले भी72लोगों को यह राशि दी जा चुकी है.
मंत्री ने कहा कि जिन लोगों ने शिकायत दर्ज कराई और जिन्हें पुरस्कृत किया गया,उनमें एक भी बड़ी गाड़ी से जुड़ा मामला नहीं है,जो इस बात का संकेत है कि राज्य में बड़े स्तर पर ओवरलोडिंग और अवैध खनन लगभग बंद हो चुका है. उन्होंने कहा कि अगर कहीं इस तरह की गतिविधि होती भी है,तो सरकार सूचना देने वालों को प्रोत्साहित करने के लिए तैयार है.
सुरक्षा को लेकर मंत्री ने स्पष्ट किया कि खनन योद्धाओं की पहचान सार्वजनिक नहीं की जा रही है,ताकि किसी तरह के माफिया द्वारा उनके साथ दुर्व्यवहार न हो.
उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी सरकार की है.राजस्व को लेकर उन्होंने बताया कि विभाग ने अब तक3252करोड़ रुपये की प्राप्ति कर ली है और मार्च के अंत तक लगभग500करोड़ रुपये और आने की संभावना है.
78घाटों के सरेंडर के बावजूद राज्य करीब3850करोड़ रुपये के राजस्व लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है. भोजपुर समेत करीब10जिलों ने अपने निर्धारित लक्ष्य से अधिक राजस्व अर्जित किया है.
मंत्री ने कहा कि जो लोग ऊंची बोली लगाकर घाट सरेंडर कर रहे हैं,उन्हें लेकर सरकार सतर्क है. ऐसे लोगों को चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा कि भविष्य में उन्हें किसी प्रकार का लाभ नहीं दिया जाएगा. यदि दरें कम भी होती हैं,तो नए लोगों को ही इसका फायदा मिलेगा और पुरानी कंपनियों के पार्टनर अब इसमें भाग नहीं ले सकेंगे.
कमांड एंड कंट्रोल सेंटर को लेकर उन्होंने कहा कि कई जिलों में24घंटे निगरानी की व्यवस्था की जा रही है. यदि किसी को कोई परेशानी होती है,तो वह विभागीय सचिव से शिकायत कर सकता है.
गोपालगंज की घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री ने कहा कि जिम्मेदारी केवल खनन पदाधिकारी या इंस्पेक्टर की नहीं होगी,बल्कि संबंधित थाना प्रभारी समेत सभी की संयुक्त जिम्मेदारी तय की.
पटना से अंकिता की रिपोर्ट—