बिहार कौशल विकास मिशन की समीक्षात्मक बैठक : कौशल प्रशिक्षण एवं रोजगारोन्मुखी योजनाओं की प्रगति की हुई समीक्षा
पटना:युवा,रोजगार एवं कौशल विकास मंत्री अरुण शंकर प्रसाद की अध्यक्षता में सोमवार को बिहार कौशल विकास मिशन की समीक्षात्मक बैठक आहूत की गई.
बैठक में विभागीय सचिवडॉ. कौशल किशोर द्वारा बिहार कौशल विकास मिशन के अंतर्गत संचालित विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों,प्रशिक्षणार्थियों की अद्यतन स्थिति के बारे में बताया गया. मिशन की भावी रणनीति के तहत उन्होंने बताया कि कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत वर्ष 2026-27 में कुल 03 निविदायें जारी की गई है. इन निविदाओं के माध्यम से दिव्यांगजन,ट्रांसजेंडर एवं मानसिक रोग से उबर चुके अभ्यर्थियों के कौशल विकास हेतु एजेंसियों के चयन की प्रक्रिया संचालित है. साथ ही बिहार संग्रहालय से प्राप्त प्रस्ताव के आलोक में "म्यूजियम टूर गाइड" पाठ्यक्रम उनके परिसर में प्रारंभ किया जाना प्रस्तावित है. इसके लिए बिहार संग्रहालय को सरकारी प्रशिक्षण प्रदाता के रूप में पंजीकरण की प्रक्रिया पर कार्रवाई की जा रही है.
प्रशिक्षण कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु विभाग-वार सेक्टर आधारित जॉब रोल की सूची उपलब्ध कराई गई है तथा बिहार कौशल विकास मिशन से परियोजना प्रबंधन इकाई से कर्मियों को नामित किया गया है,जो समन्वय स्थापित करते हुए तकनीकी सहयोग एवं परामर्श प्रदान करेंगे. डोमेन स्किलिंग योजना के अंतर्गत 23 नए विभागों में प्रशिक्षण प्रारम्भ किए जाने हेतु प्रस्तावित कार्यशालाओं के माध्यम से प्रक्रियाओं,भूमिकाओं,वित्तीय प्रावधान एवं नियोजन संबंधी पहलुओं पर मार्गदर्शन एवं क्षमता निर्माण सुनिश्चित किया जाएगा.
विदेशी भाषा का प्रशिक्षण के तहत बिहार कौशल विकास मिशन द्वारा राज्य के युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ाने के लिए विदेशी भाषा प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाया जा रहा है. वर्तमान में जर्मन (30),अंग्रेजी (30),जापानी (30) और अरबी (21) भाषा में कुल 111 अभ्यर्थियों का नामांकन हुआ है. कोरियन भाषा प्रशिक्षण के लिएMoUहस्ताक्षरित किया गया है,और पटना सिटी के औदयोगिक प्रशिक्षण संस्थान में नया केंद्र जल्द शुरू किया जाएगा,जहां अंग्रेजी,कोरियन,जापानी,जर्मन और अरबी भाषाओं का प्रशिक्षण दिया जाएगा.
सरकार-से-सरकार साझेदारी के अंतर्गत बिहार कौशल विकास मिशन एवं वर्ल्ड स्किल सेंटर,भुवनेश्वर के बीच सहयोग के अंतर्गत प्रशिक्षण पद्धति,पाठ्यक्रम निर्माण एवं मूल्यांकन प्रणाली में वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं को अपनाते हुए बिहार में तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता एवं संस्थागत क्षमता को सुदृढ़ किया जा रहा है. शिक्षार्थी-केंद्रित एवं प्रायोगिक प्रशिक्षण मॉडल को औद्योगिक संस्थानों में लागू करने की दिशा में कार्य किया गया है,जिसके अंतर्गत राज्य के सभी 152 सरकारी औदयोगिक प्रशिक्षण संस्थानों से एक-एक प्रशिक्षक सहित कुल 152 प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण कराया गया है.
बैठक में मुख्यमंत्री प्रतिज्ञा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन की प्रगति से भी अवगत कराया गया. प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना (PMIS),राष्ट्रीय शिक्षुता प्रोत्साहन योजना (NAPS),रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण एवं कौशल विकास कार्यक्रम,युवाओं को रोजगार से जोड़ने हेतु जागरूकता कार्यक्रम एवं कार्यशाला पर विशेष चर्चा की गई. इन योजनाओं के माध्यम से अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार एवं कौशल विकास के अवसरों से जोड़ने पर बल दिया गया.
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी योजनाओं का क्रियान्वयन समयबद्ध,पारदर्शी एवं परिणाम आधारित तरीके से सुनिश्चित किया जाए ताकि राज्य के अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार एवं कौशल विकास के अवसर प्राप्त हो सकें.
समीक्षा बैठक में अपर मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी हेमंत कुमार सिंह,मिशन निदेशक मनीष शंकर के साथ बिहार कौशल विकास मिशन के अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित रहे.
पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट--