BIG BREAKING : पटना में निगरानी कोर्ट का बड़ा फैसला, नवादा के जेई को 1991 के रिश्वत कांड में सजा
पटना: बड़ी खबर राजधानी पटना से है जहां निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के विशेष न्यायाधीश ने 35 साल पुराने रिश्वत के मामले में नवादा के तत्कालीन कनीय विद्युत अभियंता सुदामा राय को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है. यह फैसला भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की विभिन्न धाराओं के तहत लिया गया है.
यह मामला साल 1991 का है जब नवादा के रहनेवाले विजय मिस्त्री ने कनीय विद्युत अभियंता सुदामा राय पर घूस लेने का आरोप लगाते हुए निगरानी विभाग से शिकायत की थी. सुदामा राय ने लेथ मशीन के लिए बिजली कनेक्शन देने के नाम पर विजय मिस्त्री से पांच सौ रुपये रिश्वत की मांग की थी. इसके बाद निगरानी विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 14 अगस्त 1991 को आरोपी कनीय विद्युत अभियंता को तीन सौ रुपये घूस लेते रंगेहाथ पकड़ा था.
माननीय न्यायालय ने सुदामा राय को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 और धारा 13(2) के तहत 1-1 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है. वहीं कोर्ट ने दोनों मामलों में 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है.
पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट--