भरत तिवारी एनकाउंटर मामला: : बिलौटी पहुंचे मंत्री अशोक चौधरी,परिजनों से मुलाकात कर न्याय का दिया भरोसा
आरा: भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में कथित भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में रविवार को बिहार सरकार के खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री अशोक चौधरी पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। उन्होंने भरत तिवारी के पिता काशीनाथ तिवारी, मां आशा देवी और अन्य परिजनों से मुलाकात कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली और हरसंभव न्याय दिलाने का भरोसा दिया। इस दौरान उन्होंने भरत तिवारी के बड़े और छोटे भाई को अपना पहचान पत्र (आई-कार्ड) देते हुए जरूरत पड़ने पर सीधे कार्यालय में आकर मिलने को कहा.
भरत तिवारी की मां ने मंत्री से कीनिष्पक्ष जांच की मांग
मुलाकात के दौरान भरत तिवारी की मां आशा देवी ने मंत्री से आरोप लगाया है कि जगदीशपुर के अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) संजीत कुमार की भूमिका संदिग्ध है। उन्होंने कहा कि उनके बेटे की हत्या उनके सामने कराई गई. मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है.

तेरहवीं संपन्न होने के बादपरिजनों से मिलने पहुंचे मंत्री
पत्रकारों से बातचीत में मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि वह पहले भी परिवार से मिलना चाहते थे,लेकिन ब्राह्मण परिवार में असामयिक मृत्यु के बाद होने वाले धार्मिक कर्मकांड और तेरहवीं को देखते हुए उन्होंने इंतजार किया. तेरहवीं संपन्न होने के बाद वह परिजनों से मिलने पहुंचे हैं.मंत्री ने कहा कि परिवार से बातचीत के दौरान कई ऐसी जानकारियां मिली है,जिनकी उन्हें पहले जानकारी नहीं थी। इन सभी तथ्यों से वह मुख्यमंत्री को अवगत कराएंगे और मामले की गंभीरता से समीक्षा कराएंगे।
मंत्री अशोक चौधरी ने परिजनों को न्याय का दिलाया भरोसा
मंत्री ने यह भी स्वीकार किया कि प्रथम दृष्टया पुलिस की ओर से 'ओवरएक्ट' किया गया है, जिसकी आवश्यकता नहीं थी। उन्होंने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि भरत तिवारी के परिजनों को न्याय मिले और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो।
कथित मुठभेड़ के दौरान तत्कालीन एसडीएम भूमिका पर उठे सवाल
अशोक चौधरी ने कहा कि परिजनों ने उन्हें बताया कि विस्थापित परिवारों के लिए आए करोड़ों रुपये और उससे जुड़े मामलों को लेकर भरत तिवारी आवाज उठा रहे थे। उन्होंने कहा कि अब यह जानना जरूरी है कि कथित मुठभेड़ के दौरान तत्कालीन एसडीएम वहां क्या कर रहे थे और उनकी भूमिका क्या थी।
मंत्री का सवाल-एसडीएम वहां क्यों मौजूद थे?
उन्होंने कहा, "जब एनकाउंटर हो रहा था तो एसडीएम वहां क्यों मौजूद थे? उनकी क्या भूमिका थी? इन सभी पहलुओं की जानकारी ली जाएगी और जांच एजेंसियों से भी इस संबंध में बात की जाएगी।"
'डीएसपी को हटानासरकार का सही कदम'
मंत्री ने कहा कि सोशल मीडिया और कुछ माध्यमों में यह प्रचारित किया जा रहा है कि संबंधित डीएसपी का प्रमोशन कर दिया गया है, जबकि ऐसा नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार ने उन्हें वहां से हटाया है ताकि वे जांच को प्रभावित ना कर सके। उनके अनुसार यह सरकार का सही कदम था।'
गिरफ्तारी और कार्रवाई न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगी
अशोक चौधरी ने कहा कि यह लोकतांत्रिक व्यवस्था है और किसी भी मामले में कानून अपना काम करेगा। उन्होंने कहा कि गिरफ्तारी और कार्रवाई न्यायिक प्रक्रिया के तहत ही होगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि मामले में निष्पक्ष जांच होगी और दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।