बच्ची हत्याकांड का खुलासा : पटना पुलिस और एफएसएल जांच में खुला राज, मुख्य आरोपी गिरफ्तार
पटना:राजधानी के सिटी क्षेत्र स्थित बाईपास इलाके में हुई 10 वर्षीय बच्ची की हत्या मामले में पुलिस ने सफलता हाथ लगी है. इस मामले में आरोपी रंजीत कुमार (39 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया गया है. बच्ची बुधवार से लापता थी और उसका शव गुरुवार को कंबल में लिपटा मिला था. पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और डॉग स्क्वायड की मदद से आरोपी को घटनास्थल के पास से दबोचा है.
घटना 22 अप्रैल की है, जब बच्ची रोज की तरह घर से दूध देने के लिए निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी. परिजनों द्वारा खोजबीन के बाद अगले दिन घर से महज कुछ दूरी पर कंबल में लिपटा उसका शव बरामद हुआ, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया था.
मामले की जानकारी देते हुए पटना एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने बताया कि पूर्वी एसपी परिचय कुमार के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया गया था, जिसमें एसडीपीओ डॉ. गौरव भी शामिल थे. जांच में सामने आया कि आरोपी रंजीत पिछले डेढ़ महीने से बच्ची को सामान और रुपये देकर अपने झांसे में लेने की कोशिश कर रहा था.
घटना के दिन जब बच्ची दूध देकर लौट रही थी, तब आरोपी उसे बहला-फुसलाकर अपने कमरे में ले गया. कमरे का दरवाजा बंद करने पर बच्ची ने शोर मचाना शुरू किया तो, आरोपी ने सिलबट्टे से उसके सिर पर वार कर दिया. गंभीर चोट लगने से बच्ची की मौके पर ही मौत हो गई.
हत्या के बाद आरोपी ने शव को अपने बेड के नीचे छिपा दिया था. अगली सुबह वह शव को तालाब में फेंकने के लिए ले जा रहा था, लेकिन करीब 100 मीटर आगे बढ़ते ही गश्ती पुलिस की गाड़ी देखकर घबरा गया और गली में ही शव छोड़कर फरार हो गया.
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी के कमरे से हत्या में इस्तेमाल सिलबट्टा, खून से सना तकिया, दीवारों पर खून के छींटे और दूध का केन बरामद किया गया है. पुलिस की गतिविधि बढ़ती देख आरोपी साक्ष्य मिटाने की कोशिश कर रहा था और कमरे से सामान बाहर फेंक रहा था. इसी हरकत पर शक होने के बाद पुलिस ने दबिश दी और पूरे मामले का पर्दाफाश हो गया.
पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को गुमराह करने के लिए अपने परिजनों के नाम भी सामने लाने की कोशिश की, लेकिन पुलिस की सटीक जांच के आगे उसकी एक नहीं चली और अंततः उसे गिरफ्तार कर लिया गया.फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है.