समीक्षा बैठकों पर बिहार में सियासत तेज : सम्राट चौधरी के एक्शन मोड पर पक्ष-विपक्ष में वार-पलटवार
पटना:मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद सम्राट चौधरी लगातार एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं. मुख्यमंत्री के लगातार विभागीय समीक्षा बैठकों को लेकर बिहार में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है. दरअसल, वे रोज अलग-अलग विभागों की समीक्षा बैठक कर सरकार की योजनाओं की प्रगति का जायजा ले रहे हैं. बैठकों में विकास योजनाओं की स्थिति, लंबित कार्यों और आगामी कार्यक्रमों को लेकर अधिकारियों को निर्देश दिए जा रहे हैं. इन बैठकों को लेकर बिहार की राजनीति गरमा गई है.
विपक्ष का सरकार पर तंज
विपक्ष इस पर तंज कस रहा है. विपक्षी नेताओं का कहना है कि सिर्फ समीक्षा बैठकों से जनता की समस्याओं का समाधान नहीं होगा और सरकार को जमीनी स्तर पर काम दिखाना चाहिए. कांग्रेस प्रवक्ता आसितनाथ तिवारी और बीजेपी प्रवक्ता सुमित शशांक के बीच इसे लेकर बयानबाजी तेज हो गई है. विपक्ष इन बैठकों को केवल दिखावा बता रहा है.
बीजेपी-कांग्रेस आमने-सामने
कांग्रेस प्रवक्ता आदित्यनाथ तिवारी ने कहा कि सिर्फ बैठक करने से जनता की समस्याएं दूर नहीं होगी. सरकार को धरातल पर परिणाम दिखाना चाहिए. बीजेपी प्रवक्ता सुमित शशांक ने पलटवार करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री की सक्रिय कार्यशैली से प्रशासन में जवाबदेही बढ़ी है और योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आई है.
सत्ता पक्ष के अपने दावे
सत्ता पक्ष इसे सरकार की बड़ी उपलब्धि बता रहे हैं. उनका कहना है कि मुख्यमंत्री लगातार मॉनिटरिंग कर प्रशासन को जवाबदेह बना रहे हैं. जिससे योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी. सत्ता पक्ष का दावा है कि नई कार्यशैली से विकास कार्यों में पारदर्शिता और गति दोनों बढ़ेगी. जबकि विपक्ष सरकार के दावों पर सवाल उठा रहा है.