रांची का लाइट हाउस प्रोजेक्ट : फ्लैट लेकर 300 लोगों ने दिया था किराए पर,आवंटियों की ओर से दिए गए जवाब की जांच जारी
रांची: धुर्वा पंचमुखी मंदिर स्थित लाइट हाउस प्रोजेक्ट में किराए पर फ्लैट देने आवंटियों को अब तक राहत नहीं मिली है. सहायक नगर आयुक्त मुकेश रंजन ने बताया कि एक माह पहले 232 आवंटियों को नोटिस जारी कर संबंधित फ्लैट में स्वयं रहने का साक्ष्य प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया था. इसके बाद संबंधित आवंटियों की ओर से नोटिस का जवाब भी दिया गया. फिलहाल आवंटियों की ओर से दिए गए जवाब की जांच की जा रही है. इसके बाद रांची नगर निगम की टीम संबंधित आवंटियों के आवंटित फ्लैट की जांच (भौतिक निरीक्षण) करेगी. यदि जांच के दौरान आवंटित फ्लैट किराए पर पाए गए तो नगर आयुक्त के दिशा-निर्देशानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी.
300 से अधिक आवंटियों ने किराए पर दे दिया है अपना फ्लैट
धुर्वा में पंचमुखी मंदिर के पीछे स्थित लाइट हाउस प्रोजेक्ट में रहने वाले 300 से अधिक आवंटियों ने अपने आवंटित फ्लैट को पांच से सात हजार रुपये प्रतिमाह पर किराए पर दे दिया है. प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत जिन लाभुकों को फ्लैट आवंटित किए गए थे, उनमें से सैंकड़ों आवंटियों ने स्वयं रहने के बजाय फ्लैट को किराए पर दे दिया था. जब रांची नगर निगम को इस मामले की जानकारी मिली तो संबंधित लाभुकों को नोटिस जारी कर 24 घंटे के अंदर संबंधित फ्लैट में स्वयं रहने का साक्ष्य प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया था. नगर निगम की ओर से यह भी निर्देश दिया गया था कि चिह्नित आवंटियों को फ्लैट में स्वयं रहने का प्रमाण देना होगा. यदि चिह्नित किए गए आवंटियों ने आवंटित फ्लैट में स्वयं रहने का प्रमाण नहीं दिया तो संबंधित आवंटियों
को आवंटित फ्लैट का आवंटन रद्द कर दिया जाएगा. इसके बाद लाभुकों की ओर से जमा की गई राशि भी वापस नहीं की जाएगी. फ्लैट आवंटन की शर्तों का उल्लंघन करने पर आवंटन रद्द करने के साथ राशि जब्त करने का प्रावधान है.
131 करोड़ की लागत से 1008 फ्लैटों का कराया गया था निर्माण
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत रांची के आनी मौजा में लाइट हाउस प्रोजेक्ट का निर्माण कराया गया था. लगभग पांच एकड़ जमीन पर 131 करोड़ की लागत से 1008 फ्लैट को नई तकनीक के साथ तैयार किया गया था. लाइट हाउस प्रोजेक्ट के तहत आठ मंजिल वाले कुल आठ टावर बनाए गए हैं. एक फ्लैट की लागत 13.29 लाख रुपए है. इसमें केंद्र सरकार की ओर से 6.50 लाख रुपए की सब्सिडी दी गई है. शेष 6.79 लाख रुपए लाभुकों ने बैंक से होम लोन लेकर दिया है.
सभी प्रोजेक्ट के फ्लैटों की जांच करने का निर्देश जारी
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने सभी प्रोजेक्ट के फ्लैटों की जांच करने का निर्देश दिया है. उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया है कि इस योजना का दुरुपयोग, आवंटित फ्लैटों को अवैध रूप से किराए पर लगाना या किसी भी प्रकार के नियम का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.