मतदाता सूची विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण : पश्चिमी सिंहभूम के निर्वाचन पदाधिकारी ने मतदान केंद्रों एवं डिजिटाइजेशन कार्यों का लिया जायजा
चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम के जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त मनीष कुमार ने मंगलवार को तांतनगर प्रखंड क्षेत्र में मतदाता सूची विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम-2026 के तहत संचालित कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मतदान केंद्र संख्या-1, 2, 3 एवं 20 का भ्रमण कर बूथ लेवल पदाधिकारियों (बीएलओ), सुपरवाइजर एवं संबंधित निर्वाचन कर्मियों द्वारा किए जा रहे गणना प्रपत्रों के वितरण, संग्रहण तथा डिजिटाइजेशन कार्यों की विस्तृत समीक्षा की।
निरीक्षण के दौरान जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने प्रत्येक मतदान केंद्र पर उपलब्ध गणना प्रपत्रों की स्थिति, घर-घर संपर्क अभियान की प्रगति, मतदाताओं से प्राप्त प्रपत्रों के संग्रहण, लंबित प्रपत्रों की संख्या तथा डिजिटाइजेशन की अद्यतन प्रगति का क्रमवार अवलोकन किया। उन्होंने संबंधित बीएलओ एवं सुपरवाइजर से कार्यों की दैनिक प्रगति की जानकारी प्राप्त करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।इसके उपरांत जिला निर्वाचन पदाधिकारी तांतनगर प्रखंड कार्यालय परिसर पहुंचे, जहां उन्होंने प्रपत्र डिजिटाइजेशन व्यवस्था का भी निरीक्षण किया। उन्होंने डिजिटाइजेशन कार्य में लगाए गए कर्मियों से प्रपत्रों की ऑनलाइन प्रविष्टि, तकनीकी व्यवस्था, कार्य की गति और गुणवत्ता की जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान जिला निर्वाचन पदाधिकारी श्री मनीष कुमार ने कहा कि मतदाता सूची लोकतांत्रिक व्यवस्था की आधारशिला है। विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत प्रत्येक पात्र मतदाता का विवरण अद्यतन करना निर्वाचन प्रक्रिया की विश्वसनीयता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी बीएलओ, सुपरवाइजर एवं संबंधित पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्धारित समय-सीमा से पूर्व सभी मतदाताओं को उपलब्ध कराए गए गणना प्रपत्रों का शत-प्रतिशत संग्रहण एवं डिजिटाइजेशन कार्य पूर्ण करना सुनिश्चित करें।
उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि जिन मतदाताओं के प्रपत्र अभी तक प्राप्त नहीं हुए हैं, उनसे पुनः संपर्क स्थापित कर प्रपत्रों का संग्रहण किया जाए। साथ ही डिजिटाइजेशन कार्य में किसी भी प्रकार की त्रुटि अथवा विलंब न हो, इसके लिए प्रतिदिन प्रगति की समीक्षा करते हुए आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई की जाए। जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में सही एवं अद्यतन रूप में दर्ज होना आवश्यक है।