मानव तस्करी मामले में सुप्रीम कोर्ट सख्त : केंद्र,राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों को विस्तृत हलफनामा दाखिल करने का आदेश
नई दिल्ली: देश का सर्वोच्च कोर्ट यानी सुप्रीम कोर्ट ने मानव तस्करी से जुड़े मामले में केंद्र,राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को मानक प्रक्रियाओं की जानकारी देने का निर्देश दिया है. कोर्ट ने इस आशय का हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया है कि उक्त मामले में क्या मानक प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए.
जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और जस्टिस आर महादेवन की खंडपीठ ने यह स्पष्ट करते हुए कहा है कि कोर्ट किसी काल्पनिक या शैक्षिक फॉर्मूला में रुचि नहीं रखते हुए व्यवहारिक कार्यनीति/दृष्टिकोण में रुचि रखता है.खंडपीठने कहा कि समय का महत्व है और पुलिस को लापता व्यक्तियों की शिकायत पर तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए.
कोर्ट का कहना था कि मानव तस्करी के मामलों, जिनमें बच्चों की तस्करी भी शामिल है. इसमें समय का सबसे बड़ा महत्व होता है. सुप्रीमकोर्ट ने केन्द्र सरकार के गृह सचिव,राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के गृह सचिवों और पुलिस महानिदेशकों को संबंधित हितधारकों से विचार-विमर्श करके स्पष्ट प्रस्ताव/सुझाव देने को कहा है.
इस विचार विमर्श को एक महीना में पूरा कर के सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार के एडिशनल सॉलिसिटर जनरल-वरीय अधिवक्ता एसडी संजय को अपनी अनुशंसा भेजने को कहा गया है, जिस संबंध में संजय प्रक्रिया को पूरा करके एसओपी के तौर पर देंगे, जिसे पूरे भारत में लागू किया जा सकेगा.
इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने केन्द्रीय गृह सचिव और सभी राज्यों के मुख्य सचिवों और गृह सचिवों को एसडी संजय और कमेटी को पूर्ण सहयोग करने का भी आदेश दिया है.