मोदी से एक कदम आगे बढ़े सम्राट चौधरी ! : न खाएंगे न खाने देंगे से आगे बढ़कर कहा न सोएंगे ने सोने देंगे। समझिए लक्ष्य क्या, निशाना किस पर।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था न खाएंगे न खाने देंगे और लोक व्यवहार में शिष्टाचार समझे जाने वाले भ्रष्टाचार के शिकार लोगों को आधार मिला, मोदी के नाम का। कल्पना से परे हो चले भ्रष्ट व्यवस्था में सुधार को लेकर कही इस बात पर ऐतबार करने का विचार और भारत के विकसित होने का सपना साकार करने को साथ आने का सहारा मिला। बिहार में कुछ उसी अंदाज में डबल इंजन वाली सरकार के ड्राइविंग सीट पर बैठे, बीजेपी नेता सम्राट चौधरी उनसे उम्मीद लगाए पीछे बैठे पैसेंजर को रफ्तार पकड़ने से पहले कमर की पेटी बांध कर तैयार हो जाने को कहते दिख रहे हैं।

लालटेन से 15 साल बिहार की चमक मद्धम हुई !
गया जी में सम्राट चौधरी ने बिहार की कांति में कमी का जिम्मेदार लालटेन को बताया। जिसकी एक तो मद्धम लौ उसपर से शीशे पर जमी भ्रष्टाचार की कालिख। जिसके कारण बिहार की जो थोड़ी बहुत आभा थी उसे भी मलिन कर लोगों को अंधकार में धकेल देने का आरोपी ठहराया। समाज भगवान भरोसे, सुस्त-पस्त होता चला गया और सपने साकार करने वाले लोग सपने देखने से डरने लगे और सच में सो गए, सपने खो गए। फिर सरकार बदली, समय के साथ व्यवस्था में बदलाव आया। विकास के गीत गाए-गुनगुनाए जाने लगे। जिसे सुनकर सोए लोग जागने लगे, लेकिन अब सम्राट चौधरी कह रहे कि लालटेन की टिमटिमाती लौ में 15 साल गंवाकर बिहार का बड़ा नुकसान हो चुका है। इसकी भरपाई के लिए जरूरी है कि हम न सोए न सोने दें।
सपने वो हैं जो हमें सोने नहीं देते
कभी मिसाइल मैन ने कहा था सपने वो नहीं जो हम नींद में देखते हैं, सपने वो हैं जो हमें सोने नहीं देते। विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को पूरा करने में सम्राट चौधरी बिहार की बड़ी भूमिका देख रहे हैं। दिल्ली से बैठक कर लौटे हैं तो बिहार के लिए बड़े लक्ष्य निर्धारित करने का साहस दिखा रहे हैं। बिहारियों के हर सपने को साकार करने का सामर्थ देख रहे हैं। जैसे मोदी ने कहा था यही समय है, सही समय है। बिहार के लिए सीएम सम्राट चौधरी समय का पुरा सदुपयोग करने और उनके अनुसार जो समय गंवाया उसकी भरपाई करने का अवसर देख रहे हैं। इसके लिए प्रेरित भी कर रहे हैं। ऐसे में सवाल तो पूछेंगे कि सीएम सम्राट का ये कहना कि न सोएंगे न सोने देंगे का लक्ष्य क्या, निशाना किस पर?
दीपक कुमार, सीनियर एंकर