Bihar : आवंटियों के हित संरक्षण हेतु रेरा ने 573 परियोजनाओं को जारी किया नोटिस
PATNA :रेरा के गठन का मुख्य उद्देश्य आवंटियों के हितों की रक्षाकरण तथा प्रोमोटरों को अवांछित परिवादों से मुक्त रखना है। वैसे सभी परियोजना जिनका निर्माण कार्य 2016 के बाद पूरा किया गया है अथवा प्रारम्भ किया गया है, उसका निबंधन आवंटियों के हितों की रक्षा के लिए रेरा में कराना अनिवार्य है। इसी उद्देश्य से पटना नगर निगम द्वारा कराए गए सर्वेक्षण पर आधारित सूची के आलोक में नोटिस जारी किया गया है ताकि वैसे सारे परियोजना जिनका निर्माण कार्य 2016 के बाद पूरा किया गया है अथवा प्रारम्भ किया गया है और जो अब तक अनिबंधित है, उसका निबंधन किया जा सके।
चूंकि उक्त सर्वेक्षण में परियोजनाओं के निर्माण की तिथि अंकित नहीं है, अतः सूची में अंकित सभी परियोजना को नोटिस किया गया है। अब तक कुल 573 नोटिस जारी किए गए हैं। नोटिस के उपरांत अब कुल 158 जबाब प्राप्त हुए हैं। उनके निस्तारण हेतु रेरा द्वारा छह बिन्दु निर्धारित किये गये हैं, यथा
1. पूर्ण विक्रय विलेख, यह दर्शाता है कि विक्रय अधिनियम के अधिनियमन से पूर्व निष्पादित किया गया था (अर्थात् 01.05.2017)
2. बिजली बिल, जिसमें अधिनियम के लागू होने से पहले अपार्टमेंट में रहने वालों की संख्या दर्शायी गई हो।
3. वास्तुकार से पूर्णतः प्रमाण-पत्र, सक्षम पदाधिकारी से पावती सहित।
4. सक्षम पदाधिकारी द्वारा जारी अधिभोग प्रमाण-पत्र।
5. परियोजना का स्वीकृत मानचित्र (जिसे 31.12.2012 को या उससे पहले स्वीकृत किया गया था)
6. कोई अन्य दस्तावेज जो यह प्रमाणित करता हो कि परियोजना अधिनियम के अधिनियन से पहले पूरी हो गई थी।
उपरोक्त में से किसी भी बिन्दु पर साक्ष्य प्रस्तुत किये जाने पर अब तक 101 मामलों को Drop (निस्तारित) किया जा चुका है और इसकी सूचना भी संबंधित प्रोमोटर को भेजी जा चुकी है।
उदाहरणस्वरूप वैसे प्रोमोटर एवं उनकी परियोजना का नाम निम्नलिखित हैः
Sl. No Promoter Name Project Name
1. Swastik Engicon Private Limited Azad Enclave Apartment Block C
2. Swastik Infra Engicon Private Limited Swastic Enclave Block B
3. Mundeshwari Builders & Developers Pvt ltd Terrace Gardenia Apartment Block E
4. Frontline Project & Engineers Pvt Ltd Jyotipuram Apartment Block A
5.Jaa Maa Gayatri Builders Pvt Ltd Ramgati Residency Block A
प्राप्त सूची के अनुसार कुछ ऐसी परियोजनाएं भी हैं, जिनमें प्रोमोटर का नाम एवं पता उपलब्ध नहीं है। वैसे सभी प्रोमोटर्स को आम सूचना जारी कर सूचित किया जा रहा है ताकि वैसे प्रोमोटर्स अपना जवाब एवं साक्ष्य प्रस्तुत कर सके और उसके आलोक में अग्रेतर कार्रवाई की जा सके। रेरा के अभिलेख में पूर्व के परियोजना की एक-मुस्त प्रविष्टि हो जाने से भविष्य में प्रोमोटरों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।