
मंगलवार, 22 सितंबर 2026
Liveगिरिडीह जिले के गांडेय प्रखंड के मडवाटांड़ स्थित निर्माणाधीन पावर हाउस में देर रात हथियारबंद बदमाशों ने लूटपाट की। अपराधियों ने ड्यूटी पर तैनात सिक्योरिटी गार्ड को रिवॉल्वर दिखाकर बंधक बना लिया। इसके बाद निर्माण स्थल में रखे कीमती सामान को खंगाला और ट्रांसफार्मर में लगे तांबे के तार समेत अन्य सामान लेकर फरार हो गए।लूटपाट के दौरान बदमाशों ने ट्रांसफार्मर को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। चिमनी बुश को नुकसान पहुंचाने के साथ ट्रांसफार्मर का तेल भी बर्बाद कर दिया गया। घटना के बाद निर्माणाधीन परिसर में अफरा-तफरी मच गई।सूचना मिलने के बाद गांडेय थाना प्रभारी आनंद प्रकाश सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ गार्ड और अन्य कर्मियों से पूछताछ की।इंस्पेक्टर कमलेश पासवान ने बताया कि पुलिस को सुबह घटना की जानकारी मिली। मामले की जांच जारी है और अपराधियों की पहचान के लिए संभावित सुराग जुटाए जा रहे हैं।
गोड्डा सांसद डॉ. निशिकांत दुबे ने प्रेस वार्ता कर MMDR कानून को लेकर केंद्र सरकार का रुख स्पष्ट किया। इस दौरान उन्होंने झारखंड सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए MMDR कानून के विरोध पर सवाल खड़े किए। निशिकांत दुबे ने कहा कि कोयला सिर्फ झारखंड में ही नहीं, बल्कि ओडिशा, तमिलनाडु, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में भी उत्पादित होता है। उन्होंने कहा कि अगर कोयले का समान भाव होगा, तभी देश में कोयले की बिक्री और प्रतिस्पर्धा बनी रहेगी।उनका कहना था कि अगर झारखंड का कोयला महंगा होगा तो पावर प्लांट और कंपनियां यहां से कोयला खरीदना क्यों चाहेंगी।निशिकांत दुबे ने कहा कि MMDR कानून का विरोध केवल विपक्षी राज्यों को निशाना बनाने की बात नहीं है, क्योंकि तमिलनाडु और तेलंगाना जैसे राज्यों में भी अलग-अलग समय पर विपक्षी दलों की सरकारें रही हैं।उन्होंने हेमंत सोरेन सरकार पर बालू, गिट्टी और खनिज संसाधनों को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। साथ ही JPSC और JSSC की परीक्षाओं में नियुक्तियों को लेकर सवाल उठाते हुए सरकार से पारदर्शिता बरतने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार को आंकड़े सार्वजनिक कर बताना चाहिए कि राज्य में कितने स्थानीय युवाओं को सरकारी नौकरियां मिली हैं।
मध्य प्रदेश मे कंचन ज्वेलर्स दुकान लुटकांड के एक और आरोपी को गढ़वा पुलिस ने किया गिरफ्तार, उसके पास से लुटा हुआ सोना और लुटा हुआ बाइक बरामद,गढ़वा के साबिर के पास पुलिस ने किया बरामद।गढ़वा जिले के रंका और हरिहरपुर इलाके में बाइक लूट के बाद अपराधियों ने बाइक की नंबर प्लेट बदल दी और उसे मध्य प्रदेश पहुंचा दिया। पुलिस के मुताबिक, इसी बाइक का इस्तेमाल विंध्यनगर थाना क्षेत्र के कंचन ज्वेलर्स में लूट की वारदात को अंजाम देने में किया गया। पुलिस ने पतिहारी निवासी शमशाद अंसारी को गिरफ्तार किया है। उसके पास से लूट में मिले हिस्से का सोना, 44 सौ रुपये नकद और मोबाइल बरामद किया गया है।पूछताछ में शमशाद ने पुलिस को बताया कि लूटी गई अपाची बाइक को अनपरा में राहुल स्वीपर के घर रखा गया था। बाद में बाइक की नंबर प्लेट हटाई गई और मध्य प्रदेश में वारदात को अंजाम दिया गया। पुलिस के अनुसार, 12 सितंबर को नंबर प्लेट हटाने और 13 सितंबर को वारदात के बाद नंबर प्लेट दोबारा लगाने की बात सामने आई है। मामले में रौशन की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पूछताछ में बाइक लूट से लेकर मध्य प्रदेश के ज्वेलर्स लूटकांड तक कई अहम कड़ियां सामने आई हैं। मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है। इस मामले में पुलिस पहले ही सोनू उर्फ शाबिर को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। वहीं शमशाद पर रंका, हरिहरपुर, अनपरा और विंध्यनगर थानों में कई मामले दर्ज हैं। पुलिस अब पूरे नेटवर्क के अन्य आरोपियों तक पहुंचने में जुटी है।
झारखंड के पारा शिक्षकों यानी सहायक अध्यापकों के लिए यह खबर महत्वपूर्ण है। अपने मानदेय में बढ़ोतरी का सपना देख रहे शिक्षकों के पास अब एक और सुनहरा मौका आ गया है। झारखंड एकेडमिक काउंसिल यानी जैक (JAC) ने तीसरी आकलन परीक्षा की पूरी प्रक्रिया शुरू कर दी है।सहायक अध्यापक सेवा शर्त नियमावली, 2022 के तहत पारा शिक्षकों को यह परीक्षा पास करने के लिए कुल 4 अवसर मिलने हैं, जिसमें से दो परीक्षाएं पहले ही आयोजित की जा चुकी हैं और अब तीसरी परीक्षा का रास्ता साफ हो गया है.जैक द्वारा जारी किए गए आधिकारिक निर्देश के अनुसार, योग्य शिक्षक 25 सितंबर से 15 अक्टूबर तक ऑनलाइन आवेदन जमा कर सकते हैं।आवेदन करने के लिए आपको झारखंड एकेडमिक काउंसिल की ऑफिशियल वेबसाइट www.jac.jharkhand.gov.in पर जाना होगा।बात करें परीक्षा शुल्क की, तो अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और दिव्यांग श्रेणी के अभ्यर्थियों के लिए आवेदन शुल्क 500 रुपये तय किया गया है। वहीं, अन्य सभी श्रेणियों के अभ्यर्थियों को 750 रुपये शुल्क देना होगा।जैसे ही आप इस परीक्षा को सफलतापूर्वक पास कर लेंगे, आपके मानदेय में सीधे 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर दी जाएगी। जैक की तरफ से एडमिट कार्ड डाउनलोड करने की और मुख्य परीक्षा की तारीखों का ऐलान जल्द ही अलग से किया जाएगा।झारखंड में अब तक कुल दो आकलन परीक्षाएं हो चुकी हैं, जिसमें कुल 52,172 परीक्षार्थी शामिल हुए और कुल 36,677 शिक्षक सफल रहे हैं।पहली आकलन परीक्षा 30 जुलाई 2023 को हुई थी, जिसमें कक्षा 1 से 5 और कक्षा 6 से 8 के पारा शिक्षक बैठे थे। उस पहली परीक्षा में कुल 41,453 शिक्षक शामिल हुए थे, जिसमें से 30,953 शिक्षकों ने बाजी मारी थी।इसके बाद, जनवरी 2025 में दूसरी आकलन परीक्षा का आयोजन किया गया। इस दूसरी परीक्षा में प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर को मिलाकर कुल 10,719 शिक्षक शामिल हुए, जिसमें 5,724 शिक्षकों ने सफलता हासिल की। इस दौरान प्राथमिक स्तर पर सफलता का प्रतिशत करीब 52% और कक्षा 6 से 8 के लिए करीब 64% दर्ज किया गया था।अधिकारियों का यह भी कहना है कि कुल सफलताओं का यह आंकड़ा अलग-अलग शिक्षकों की संख्या से थोड़ा अलग हो सकता है, क्योंकि नियमावली के मुताबिक पहले असफल रहे शिक्षक अगले मौकों पर दोबारा परीक्षा दे सकते हैं।यदि आप भी झारखंड के पारा शिक्षक हैं और अपने मानदेय में 10% की बढ़ोतरी पाना चाहते हैं, तो 25 सितंबर से शुरू होने वाली इस ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया का हिस्सा जरूर बनें और अंतिम तिथि यानी 15 अक्टूबर से पहले अपना फॉर्म सबमिट कर दें।
रामगढ़ जिले के बरकाकाना पोचरा स्थित बीते रात सीमेंट लदा ट्रक में अचानक भीषण आग लग गई। जिसके कारण उक्त स्थल पर अफरातफरी मच गई, प्रत्येक दर्शियों ने बताया कि सीमेंट लदा ट्रक पतरातु भुरकुंडा की ओर से आ रहा था ।जब तक ड्राइवर को आग लगने का अंदेशा हुआ तब गाड़ी रोकते ही आग ने विकराल रूप ले लिया जिससे ट्रक का आधा हिस्सा जलकर पूरी तरह से राख हो गया, गनीमत रहे की किसी भी तरह की हताहत नहीं हुई। वही ट्रक में लगे आग को बुझाने के लिए आसपास के लोगों ने कड़ी मशक्कत कर आग पर काबू पाया गया। मौके पर बरकाकाना पुलिस घटनास्थल पहुंचकर जांच पड़ताल में जुटी।
झारखंड की बहुचर्चित JPSC परीक्षा में गड़बड़ी और धांधली के मामले की जांच अब और तेज हो गई है। इस मामले में लालू कुमार यादव नाम के आरोपी की भूमिका को लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ है। कोर्ट ने उसकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। फिलहाल फरार चल रहे आरोपी लालू कुमार यादव ने अदालत में अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर की थी, जिसे विशेष अदालत ने खारिज कर दिया है। 21 सितंबर के अपने आदेश में अदालत ने CID की जांच का हवाला देते हुए बताया कि इस पूरे कांड के मुख्य आरोपी अभय कुमार तिवारी ने लालू कुमार यादव को अपना 'एजेंट' बताया था। जांच एजेंसी के मुताबिक, लालू के जरिए ही अभ्यर्थियों को 14वीं JPSC परीक्षा में कथित तौर पर अवैध रूप से मदद पहुंचाई गई थी।जांच एजेंसी का दावा है कि लालू कुमार यादव खुद तो 14वीं JPSC PT और FRO परीक्षा में सफल हुआ ही था, साथ ही उसके घर से दूसरे अभ्यर्थी की OMR उत्तरपुस्तिका की तीन कार्बन कॉपियां भी बरामद हुई हैं।इसके अलावा, तलाशी के दौरान मुख्य आरोपी अभय कुमार तिवारी के हस्ताक्षर वाला 8 लाख रुपये का चेक और कई बैंकों के ब्लैंक चेक भी मिले हैं।CID को दोनों के बीच 1.40 लाख रुपये के UPI ट्रांजैक्शन के सुबूत भी मिले हैं, जो इनके बीच गहरे वित्तीय संबंधों की ओर इशारा करते हैं।हालांकि, लालू कुमार यादव के वकील ने कोर्ट में दलील दी कि वह न तो JPSC के कर्मचारी हैं और न ही TDPL के, और उनके पास से कोई आपत्तिजनक सामान नहीं मिला है। उन्हें सिर्फ संदेह के आधार पर फंसाया गया है।लेकिन अदालत ने केस डायरी और 'झारखंड प्रतियोगी परीक्षा अधिनियम, 2023' के प्रावधानों को देखते हुए कहा कि लालू की भूमिका महज एक संयोग नहीं है। प्रथम दृष्टया वह इस अवैध नेटवर्क की एक अहम कड़ी और लाभार्थी दोनों नजर आता है।अब CID की जांच का मुख्य फोकस इस बात पर है कि लालू कुमार यादव का यह नेटवर्क कितना बड़ा था, उसने कितने और अभ्यर्थियों को फायदा पहुंचाया और इस पूरे खेल में मनी ट्रेल (Money Trail) कहां-कहां तक फैला हुआ है।
झारखंड के गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर सामने आ रही है। राज्य सरकार ने आगामी त्योहारों के मद्देनजर 'सोना-सोबरन धोती-साड़ी योजना' के तहत वस्त्रों के वितरण की प्रक्रिया को बेहद तेज कर दिया है।वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में, झारखंड के लगभग 68 लाख गरीब परिवारों को नए वस्त्रों का तोहफा मिलने जा रहा है। खाद्य एवं उपभोक्ता मामले निदेशालय ने सभी जिलों के उपायुक्तों को पत्र लिखकर सख्त निर्देश जारी कर दिए हैं। निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि वस्त्र मिलने के महज तीन दिनों के भीतर आपूर्तिकर्ता को डीलरवार आपूर्ति आदेश जारी किया जाए, ताकि समय पर हर जरूरतमंद तक मदद पहुंच सके।इस बार वित्तीय वर्ष की दोनों छमाही के लिए वस्त्रों की आपूर्ति का जिम्मा जेम पोर्टल के माध्यम से मेसर्स मफतलाल इंडस्ट्रीज लिमिटेड को सौंपा गया है। योजना के प्रावधानों के मुताबिक, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम और झारखंड राज्य खाद्य सुरक्षा योजना के हर लाभुक परिवार को एक साड़ी और एक धोती या लुंगी दी जाएगी। इसमें धोती और लुंगी का वितरण 60:40 के अनुपात में तय किया गया है।वितरण व्यवस्था को पारदर्शी और सुचारू बनाने के लिए शुल्क और कमीशन भी तय कर दिए गए हैं। जनवितरण प्रणाली (PDS) के दुकानदारों द्वारा लाभुकों से प्रति वस्त्र 10 रुपये की मामूली राशि ली जाएगी।इस राशि का गणित भी समझ लीजिए:इसमें 1 रुपया प्रति वस्त्र डीलर का कमीशन होगा।2 रुपये प्रति वस्त्र परिवहन (ट्रांसपोर्टेशन) खर्च के रूप में दुकानदार अपने पास रखेंगे।शेष 7 रुपये प्रति वस्त्र की दर से मिलने वाली राशि संबंधित आपूर्ति पदाधिकारी के कार्यालय में जमा कराई जाएगी। इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी के लिए जिला स्तर पर कमेटियों का गठन भी कर दिया गया है।वितरण में पारदर्शिता और उच्च गुणवत्ता बनाए रखने के लिए सरकार ने कड़े मानक तय किए हैं। प्रखंड स्तर पर कपड़ों की प्राप्ति के 48 घंटे के भीतर बीडीओ (प्रखंड विकास पदाधिकारी) द्वारा साड़ी, धोती और लुंगी के सैंपल सीलबंद कर जिला आपूर्ति पदाधिकारी को भेजे जाएंगे। इन्हें विशेष दूत के जरिए सरकारी प्रयोगशालाओं यानी टेक्सटाइल कमेटी में गुणवत्ता जांच के लिए भेजा जाएगा और लैब रिपोर्ट सही पाए जाने के बाद ही वितरण का कार्य शुरू होगा।बात अगर प्रदर्शन की करें, तो 31 अगस्त 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार राज्य का औसत वितरण 83.60 प्रतिशत रहा है। लोहरदगा और खूंटी जैसे जिले इस मामले में सबसे आगे हैं, जबकि राज्य औसत से नीचे प्रदर्शन करने वाले 8 जिलों को कार्य में तेजी लाने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।
झारखंड की माटी, यहाँ की लोक संस्कृति और परंपराओं की बात ही निराली है। और जब बात आती है करम पर्व की, तो पूरा झारखंड प्रकृति के रंगों में सराबोर नजर आता है। आज, 22 सितंबर 2026 को, यह पावन पर्व बहुत ही धूमधाम से मनाया जा रहा है।यह सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि प्रकृति की पूजा, अच्छी फसल, सुख-समृद्धि और अटूट पारिवारिक प्रेम का प्रतीक है। इस दिन बहनें अपने भाइयों की लंबी उम्र और खुशहाली की कामना करती हैं, और पूरा गांव मांदर की थाप पर झूम उठता है।आखिर क्या है करम पर्व? लोकविश्वास में करम वृक्ष को 'कर्म देवता' का प्रतीक माना जाता है। इस दिन करम की डाल को विधि-विधान से स्थापित कर उसकी पूजा की जाती है।पूजा में मिट्टी, बीज, पेड़ और फसल को जीवन का आधार माना जाता है। सात प्रकार के अनाजों से तैयार 'जावा' अंकुरित होकर नई जिंदगी और उर्वरता की उम्मीद जगाता है।अलग-अलग क्षेत्रों में पूजा के तरीके भले ही थोड़े अलग हों, लेकिन हर जगह एक ही भावना प्रमुख होती है—प्रकृति का सम्मान और एक बेहतर जीवन की कामना।इस पर्व की तैयारियां एक हफ्ते पहले ही शुरू हो जाती हैं। नदी के तट से ताजा रेत लाकर घरों में रखी जाती है, जिसमें सात तरह के बीज बोए जाते हैं। आंगन या सामुदायिक अखाड़े में करम वृक्ष की तीन शाखाएं गाड़ी जाती हैं, जो त्रिदेवों—ब्रह्मा, विष्णु, महेश्वर—और आकाश, पृथ्वी व पाताल का प्रतीक मानी जाती हैं।इसकी एक बेहद खूबसूरत परंपरा है ‘सहिया’, जो समुदायों और दोस्तों के बीच आपसी रिश्तों को मजबूत करती है। और हाँ, बिना ‘करम नृत्य’ के तो इस पर्व की कल्पना ही नहीं की जा सकती! लोकगीतों के माध्यम से समाज की परंपरा, प्रेम और जीवन का यह संदेश पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़ता है।इस पर्व से जुड़ी एक बहुत ही प्रसिद्ध लोककथा है—दो भाइयों, करम और धरम की। कहा जाता है कि एक बार गुस्से में आकर करम ने करम वृक्ष की डाल का अनादर कर दिया था, जिससे उनके परिवार पर संकट आ गया। बाद में अपनी गलती का अहसास होने पर उन्होंने क्षमा मांगी और विधि-विधान से पूजा की, जिसके बाद उनके जीवन में फिर से सुख-समृद्धि लौट आई।तभी से यह विश्वास अटूट है कि करम देवता की आराधना से घर में कभी अन्न-धन की कमी नहीं होती।"आज के इस आधुनिक दौर में भी, करम पर्व हमें यह सिखाता है कि हमारा अस्तित्व प्रकृति के बिना अधूरा है। यह पेड़-पौधों, जंगलों और पर्यावरण के संरक्षण का एक जीवंत संदेश है। यह भाई-बहन के पवित्र रिश्ते और सामाजिक एकता की ऐसी मिसाल है, जो झारखंड की पहचान को पूरी दुनिया में रोशन करती है।
पलामू में सोमवार को अपराधियों ने पहले हथियार के बल पर बाइक लूट की घटना को अंजाम दिया और कुछ ही घंटे बाद उसी बाइक का इस्तेमाल कर लूट की दूसरी वारदात को अंजाम देने पहुंच गए। हालांकि, प्रज्ञा केंद्र लूटने की कोशिश के दौरान ग्रामीणों ने दोनों आरोपियों को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। जानकारी के अनुसार, सोमवार अहले सुबह करीब पांच बजे सतबरवा थाना क्षेत्र के एनएच-39 पर पोलपोल और पोखराहा के बीच अपराधियों ने पिस्टल का भय दिखाकर एक व्यक्ति से पल्सर बाइक लूट ली। भुक्तभोगी की पहचान विश्रामपुर थाना क्षेत्र के गोदरमा कला निवासी विष्णु प्रजापति के रूप में हुई है। विष्णु प्रजापति लातेहार जिले के मनिका से अपने रिश्तेदार के घर से वापस लौट रहे थे। इसी दौरान अज्ञात अपराधियों ने उन्हें रोककर हथियार के बल पर उनकी पल्सर बाइक जेएच-03AQ-3836 लूट ली और फरार हो गए।घटना के बाद पीड़ित ने सतबरवा थाना पहुंचकर पुलिस को मामले की जानकारी दी। सतबरवा थाना प्रभारी प्रदीप कुमार ने बताया कि बाइक लूट की सूचना मिली है। पुलिस मामले का सत्यापन करते हुए अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई कर रही है। इधर, बताया जा रहा है कि बाइक लूटने के कुछ घंटे बाद अपराधी उसी बाइक का इस्तेमाल कर लेस्लीगंज थाना क्षेत्र के गोपालगंज में ग्रामीण बैंक ग्राहक सेवा केंद्र/प्रज्ञा केंद्र को लूटने पहुंचे थे। इसी दौरान गोली चलने की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर जुट गए। ग्रामीणों ने दोनों युवकों को पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया।पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से पिस्टल, बैग, खोखा और लूटी गई पल्सर बाइक बरामद की है। दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि बाइक लूट और प्रज्ञा केंद्र लूट की कोशिश में इनके अलावा और कितने लोग शामिल थे तथा इलाके में हुई अन्य आपराधिक घटनाओं से इनका कोई संबंध है या नहीं। एक ही दिन में बाइक लूट से लेकर प्रज्ञा केंद्र लूट की कोशिश तक हुई इस पूरी घटना ने पलामू में पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं।
बोकारो के हरला थाना क्षेत्र के जोशी कॉलोनी महुआर में महिला और उसके बेटे के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। पीड़ित महिला ने पड़ोस में रहने वाले कुछ लोगों पर लाठी-डंडे से हमला करने, गाली-गलौज करने और मोबाइल छीनने का आरोप लगाया है। महिला का दावा है कि मारपीट में उसका हाथ टूट गया, जबकि उसके बेटे को भी चोटें आई हैं। शिकायत लेकर महिला सिटी डीएसपी के पास पहुंची, जिसके बाद हरला थाना पुलिस को कार्रवाई के निर्देश दिए जाने की बात कही जा रही है।पीड़ित महिला की पहचान जोशी कॉलोनी निवासी नीलमणि देवी के रूप में हुई है। महिला का आरोप है कि 19 सितंबर को पड़ोस में रहने वाले संजय सिंह, रोहित, रितु और संजय सिंह के मित्र अप्पू सिंह ने उसके साथ मारपीट की। आरोप है कि लाठी-डंडे से किए गए हमले में महिला के हाथ में गंभीर चोट आई और हाथ टूट गया।नीलमणि देवी ने यह भी आरोप लगाया है कि मारपीट के दौरान उसके तीन मोबाइल फोन छीन लिए गए। घटना में महिला के पुत्र राम बोदरा को भी चोटें आई हैं। राम बोदरा के मुताबिक, पटाखा फोड़ने को लेकर विवाद शुरू हुआ था और इसके बाद आरोपियों ने घर में घुसकर मारपीट की।घटना के बाद सोमवार को महिला शिकायत लेकर सेक्टर-4 एससी-एसटी थाना पहुंची। वहां मामला दर्ज नहीं होने के बाद उसने सिटी डीएसपी के समक्ष अपनी शिकायत रखी और आवेदन सौंपा। पीड़ित पक्ष के अनुसार, सिटी डीएसपी के आश्वासन के बाद हरला थाना पुलिस को मामले में कार्रवाई और प्राथमिकी दर्ज करने के लिए कहा गया।फिलहाल पीड़ित पक्ष ने आरोपियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की है। वहीं, मामले में दूसरे पक्ष का बयान सामने नहीं आया है। पुलिस जांच के बाद ही मारपीट और मोबाइल छीनने के आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
झारखंड न्यायिक सेवा (सुपीरियर ज्यूडिशियल सर्विस) कैडर के तीन वरिष्ठ न्यायिक अधिकारियों को झारखंड हाईकोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त किया गया है।इन तीनों नवनियुक्त न्यायाधीशों का शपथ ग्रहण समारोह 23 सितंबर 2026 को सुबह 10:15 बजे से झारखंड हाईकोर्ट परिसर के ग्राउंड फ्लोर पर आयोजित किया जाएगा। झारखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस एमएस सोनक (MS Sonak) नवनियुक्त तीनों जजों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे। राजभवन से शेड्यूल तय होने के बाद हाईकोर्ट प्रशासन ने युद्ध स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस संबंध में झारखंड हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल सत्य प्रकाश सिन्हा ने आधिकारिक जानकारी साझा की है।आइए जानते हैं कि वे कौन से सम्मानित न्यायिक अधिकारी हैं, जिन्हें यह बड़ी जिम्मेदारी मिली है:श्री मनोज प्रसाद: जो वर्तमान में गढ़वा के प्रधान जिला व सत्र न्यायाधीश (PDJ) के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे।श्री अखिल कुमार: जो साहिबगंज के पीडीजे के पद पर कार्यरत थे।श्री राम शर्मा: जो डालटनगंज (पलामू) के पीडीजे के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे।इन तीनों ही अधिकारियों ने अपने अब तक के कार्यकाल में उत्कृष्ट न्यायिक सेवाएं दी हैं और अब वे झारखंड हाईकोर्ट में न्यायाधीश के रूप में अपनी नई पारी की शुरुआत करने जा रहे हैं।इस नए शपथ ग्रहण के साथ ही झारखंड हाईकोर्ट की ताकत और कार्यक्षमता में और इजाफा होने वाला है।वर्तमान में चीफ जस्टिस एमएस सोनक सहित झारखंड हाईकोर्ट में कुल 13 न्यायाधीश कार्यरत हैं। इन तीन नए न्यायाधीशों के शपथ ग्रहण करते ही हाईकोर्ट में जजों की कुल संख्या बढ़कर 16 हो जाएगी।हालाँकि, आपको बता दें कि झारखंड हाईकोर्ट में जजों के कुल स्वीकृत पदों की संख्या 25 है, यानी इन नियुक्तियों के बाद भी 9 पद रिक्त बने रहेंगे, जिन पर भविष्य में नियुक्तियों की उम्मीद की जाएगी।गढ़वा, साहिबगंज और डालटनगंज के इन वरिष्ठ जिला जजों का हाईकोर्ट के बेंच तक पहुँचना न केवल उनके व्यक्तिगत सेवाकाल की मिसाल है, बल्कि पूरे न्यायिक तंत्र के लिए एक प्रेरणादायक पल है।
रांची के डोरंडा थाना क्षेत्र में देर रात सड़क हादसे में एक युवक की मौत के बाद जमकर हंगामा हुआ। हादसे से आक्रोशित लोगों ने कुशाई कॉलोनी के पास सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर टायर जलाकर गाड़ी मालिक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की और पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।बताया जा रहा है कि रविवार रात युवक दुकान बंद कर अपने घर लौट रहा था, इसी दौरान सड़क हादसे में उसकी मौत हो गई। मृतक अपने परिवार के भरण-पोषण के लिए गोलगप्पे का ठेला लगाता था। हादसे की खबर मिलते ही परिजन और स्थानीय लोग मौके पर जुट गए।आक्रोशित लोगों ने कुशाई कॉलोनी के पास सड़क पर टायर जलाकर जाम कर दिया और गाड़ी मालिक पर कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन के कारण सड़क पर आवागमन बाधित हो गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझाने का प्रयास किया। पुलिस-प्रशासन की ओर से कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के बाद लोगों ने सड़क जाम हटा लिया। मामले में पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी है।
हजारीबाग परिसदन में सोमवार को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सह राज्यसभा सांसद आदित्य साहू ने प्रेसवार्ता कर एमएमडीआर संशोधन विधेयक 2026 को लेकर झारखंड सरकार पर निशाना साधा है उन्होंने केंद्र के संशोधन को देशहित में बताते हुए राज्य सरकार के विरोध को अनुचित बताया है।आदित्य साहू ने कहा कि संशोधन से कोयला, अभ्रक समेत अन्य खनिजों की कथित चोरी और अवैध दोहन पर रोक लगाने में मदद मिलेगी तथा राज्य के राजस्व में बढ़ोतरी होगी।उन्होंने दावा किया कि कई राज्यों ने संशोधन का समर्थन किया है।भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने झारखंड में कथित कोयला चोरी और राजस्व व्यवस्था को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए।सांसद आदित्य साहू ने सोरेन सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए मंईयां सम्मान योजना को लेकर भी स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।एमएमडीआर संशोधन को लेकर भाजपा और राज्य सरकार के बीच सियासी टकराव अब और तेज होता नजर आ रहा है।
राजमहल लोकसभा क्षेत्र के सांसद विजय हांसदा पाकुड़ के सर्किट हाउस में झारखंड मुक्ति मोर्चा के कार्यकर्ताओं एवं आम जनता से मिलने आए थे इसी क्रम में पत्रकारों से रूबरू होते हुए उन्होंने कहा कि एम एम डीआर बिल को लेकर राजमहल लोकसभा क्षेत्र के सांसद विजय हांसदा ने केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि क्या सुप्रीम कोर्ट से भी बड़ी है केंद्र सरकार जब सुप्रीम कोर्ट का आदेश है कि जिन राज्यों में खनिज मिनरल्स हैं वहां की राज्य सरकार खनिज मिनरल्स पर शेष चार्ज लगा सकती है इसके बावजूद भी केंद्र सरकार के द्वारा एम एम डीआर बिल पास कर राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं को बंद कराना चाहती हैं जिससे सरकार अस्थिर हो जाए।एम एम डीआर बिल से बड़े पूंजी पतियों को फायदा पहुंचाने के लिए केंद्र सरकार सुनयोजित ढंग से बिल को पास कराई है इसके साथ-साथ झारखंड का 136000 करोड़ रूपया भी बिल पास करने से रद्द कर दिया गया है जो नाइं साफी है क्योंकि झारखंड सरकार इन पैसों को बैंक समझ कर केंद्र सरकार के पास रखी थी लेकिन इस प्रकार के कानून बनाए जाने के बाद पैसा देने से इनकार करना केंद्र सरकार की नाइंसाफी है।
खून का रिश्ता सिर्फ अपनों से नहीं होता… कभी-कभी किसी अनजान की जिंदगी बचाकर भी इंसानियत का रिश्ता कायम हो जाता है.सीसीएल ढोरी क्षेत्र के केंद्रीय अस्पताल में सोमवार को आयोजित रक्तदान शिविर में कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला.सतर्कता जागरूकता अभियान-2026 के तहत आयोजित शिविर में कई लोगों ने स्वेच्छा से रक्तदान कर किसी अनजान जरूरतमंद की जिंदगी के नाम अपना रक्त समर्पित किया.यहां न कोई पहचान पूछी गई, न कोई रिश्ता तलाशा गया.बस एक ही जज़्बा था जरूरत के वक्त किसी की जिंदगी बच सके. रक्तदान के लिए आगे आए कर्मियों के इस कदम ने शिविर को महज एक आयोजन नहीं रहने दिया, बल्कि इसे इंसानियत के खूबसूरत पैगाम में तब्दील कर दिया.शिविर स्थल पर एक और तस्वीर लोगों को अपनी ओर खींच रही थी.कर्मियों ने अपने हाथों से रक्तदान जागरूकता के संदेश लिखकर तख्तियां तैयार की थीं, जिन्हें दीवारों पर लगाया गया था. कागज पर लिखे ये छोटे-छोटे अल्फाज दरअसल एक बड़ा संदेश दे रहे थे.रक्त किसी फैक्ट्री में नहीं बनता, इसे इंसान ही इंसान को दे सकता है.सतर्कता अभियान के बीच रक्तदान का यह सिलसिला जैसे सच्ची जिम्मेदारी का आईना बन गया.एक ओर सत्यनिष्ठा और जागरूकता का पैगाम, तो दूसरी ओर जरूरतमंदों के लिए रक्तदान का जज़्बा.कर्मियों की यह पहल शायद शिविर खत्म होने के बाद भी अपना असर छोड़ जाएगी, क्योंकि आज दिया गया रक्त किसी अस्पताल में किसी मां की उम्मीद, किसी पिता की सांस, किसी बच्चे की मुस्कान या किसी परिवार की खुशियां बचा सकता है.यही तो इंसानियत है.जिसे जानते तक नहीं, उसके लिए भी दिल से कुछ कर गुजरना.
प्राकृतिक पर्व करमा पूजा को लेकर रांची में तैयारियां जोर-शोर से की जा रही हैं। भाई-बहन के प्रेम और आपसी स्नेह का प्रतीक करमा पर्व झारखंड के प्रमुख त्योहारों में से एक है। पर्व को लेकर रांची नगर निगम की ओर से भी विशेष तैयारियां की जा रही हैं, ताकि श्रद्धालुओं को पूजा के दौरान किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।वहीं, नगर निगम की मेयर लगातार शहर के अलग-अलग सरना स्थलों और अखड़ों का निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा ले रही हैं। मेयर ने कहा कि निगम की कोशिश है कि करमा पूजा के दौरान श्रद्धालुओं को बेहतर साफ-सफाई, रोशनी और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।करमा पूजा को लेकर डस्टिंग, अस्थायी शौचालय, लाइटिंग और साफ-सफाई समेत कई जरूरी व्यवस्थाएं लगभग पूरी कर ली गई हैं। निगम की 28 टीमें लगातार हर वार्ड के अखरो में तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटी हैं, ताकि श्रद्धालु पूरे हर्ष और उल्लास के साथ करमा पर्व मना सकें।
जुगसलाई थाना क्षेत्र स्थित मलिक प्लाईवुड एंड डेवलोपर्स प्राइवेट लिमिटेड में रविवार देर रात चोरों ने ताला तोड़कर करीब पांच लाख रुपये मूल्य के सामान और नकदी की चोरी कर ली। सोमवार सुबह दुकान पहुंचने पर संचालक सुमित मलिक को घटना की जानकारी हुई। सूचना मिलते ही डीएसपी विधि व्यवस्था सुमित कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। संचालक के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज में रात करीब 1.20 बजे एक व्यक्ति दुकान के ऊपरी हिस्से में प्रवेश करता दिख रहा है। उसने ग्रिल का तार काटने के बाद शीशा तोड़ा और कार्यालय में घुस गया।अंदर पहुंचकर उसने फाइल रखने वाले अपार्टमेंट को काटकर कागजात से छेड़छाड़ की। इसके बाद सीसीटीवी कैमरे को बंद करने और घुमाने का प्रयास किया। चोरी में एक लाख रुपये से अधिक नकद, एक लैपटॉप, लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति तथा दीपावली पर जमा किए गए चांदी और एक ग्राम सोने के सिक्के शामिल हैं। कुछ जरूरी फाइलें और दस्तावेज भी गायब हैं। संचालक ने प्रारंभिक तौर पर कुल नुकसान करीब पांच लाख रुपये बताया है। सीसीटीवी फुटेज में दो संदिग्ध नजर आए हैं। एक हेलमेट पहनकर दुकान में दाखिल हुआ, जबकि दूसरा बाहर स्कूटी लेकर इंतजार करता रहा। वारदात के बाद दोनों स्कूटी से फरार हो गए। पुलिस फुटेज के आधार पर संदिग्धों की पहचान में जुटी है।
बोकारो: एमएमडीआर संशोधन बिल को लेकर कांग्रेस अब सड़क पर उतरने की तैयारी में है. कांग्रेस लोक भवन का घेराव करेगी. इसके साथ ही सभी जिलों में कार्यक्रम आयोजित कर बिल के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया जाएगा. कार्यक्रम की तैयारी को लेकर कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता अब्दुल करीम अंसारी बोकारो पहुंचे,जहां उन्होंने सर्किट हाउस में मीडिया से बातचीत की. उन्होंने एमएमडीआर संशोधन बिल को झारखंड के हितों के खिलाफ बताया.अब्दुल करीम अंसारी ने कहा कि बिना लोकसभा और राज्यसभा में चर्चा किए बिल को पास किया जाना झारखंड के लिए हितकारी नहीं है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस बिल के खिलाफ सड़क से सदन तक संघर्ष करेगी.उन्होंने नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी पर भी निशाना साधा. अब्दुल करीम अंसारी ने आरोप लगाया है कि बाबूलाल मरांडी बिल को झारखंड के हित में बता रहे हैं,लेकिन कोयला चोरी के मुद्दे पर चुप हैं. उन्होंने धनबाद के बीजेपी सांसद ढुल्लू महतो पर कोयला चोरी का सरगना होने का आरोप लगाया है, कहा कि वे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के करीबी हैं.कांग्रेस प्रवक्ता ने आरोप लगाया है कि जब चाहते हैं कोयला चोरी रुकवा देते हैं और जब चाहते हैं,शुरू करा देते हैं. उन्होंने केंद्र सरकार से झारखंड में कोयला चोरी पूरी तरह बंद कराने की मांग की,ताकि कतरास में भू-धंसान की घटनाओं पर रोक लग सके.
अब थैलेसीमिया, सिकल सेल एनीमिया और गंभीर एनीमिया से जूझ रहे मरीजों को इलाज के लिए दूर-दराज के अस्पतालों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। झारखंड सरकार और स्वास्थ्य विभाग ने एक बेहतरीन नई व्यवस्था लागू की है, जिसके तहत अब आयुष्मान भारत और अबुआ स्वास्थ्य कार्ड धारकों को सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ सूचीबद्ध (Empanelled) निजी अस्पतालों में भी निःशुल्क रक्त चढ़ाने (Blood Transfusion) की सुविधा मिलेगी।इस नई पहल का मुख्य उद्देश्य यही है कि नियमित रूप से रक्त चढ़वाने वाले मरीजों को उनके अपने जिले या घर के बिल्कुल पास ही इलाज मुहैया कराया जा सके।इस बारे में बात करते हुए स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने ज़ोर देकर कहा कि सरकार का सिर्फ एक ही लक्ष्य है—हर गरीब और ज़रूरतमंद मरीज को समय पर रक्त, ज़रूरी जांच और बेहतरीन इलाज मिले।मरीजों को गुणवत्तापूर्ण और सुगम इलाज देने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने निजी अस्पतालों के लिए स्पष्ट पैकेज और दरें तय की हैं:सिकल सेल और गंभीर एनीमिया के लिए:रूटीन वार्ड: 2,100 रुपये प्रतिदिनHDU (हाई डिपेंडेंसी यूनिट): 3,300 रुपये प्रतिदिनबिना वेंटिलेटर ICU: 8,500 रुपये प्रतिदिनवेंटिलेटर सहित ICU: 9,000 रुपये प्रतिदिनथैलेसीमिया मरीजों के लिए:मरीजों के लिए विशेष डे-केयर पैकेज बनाए गए हैं।इसमें रक्त चढ़ाने के साथ-साथ ज़रूरी मेडिकल जांच और शरीर से अतिरिक्त आयरन निकालने वाली आयरन चिलेशन दवाइयों का भी प्रावधान है। इन पैकेजों की दरें मरीज की श्रेणी के अनुसार 2,300 से 3,200 रुपये तक तय की गई हैं।जरा सोचिए... जो मरीज हर महीने, हर हफ्ते रक्त चढ़वाने के लिए लंबी-लंबी दूरियां तय करने को मजबूर थे, उन्हें अब यह सुविधा अपने घर के करीब ही मिल जाएगी। इससे न सिर्फ मरीजों का समय और पैसा बचेगा, बल्कि उनके और उनके परिवार के जीवन का तनाव भी काफी हद तक कम होगा।यह ऐतिहासिक पहल झारखंड में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच को एक नए स्तर पर ले जाएगी। यह कदम एक स्वस्थ और सशक्त झारखंड बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा, जो राज्य के हजारों मरीजों की जिंदगी में एक बड़ा और सकारात्मक बदलाव लाएगा।