

मंगलवार, 15 सितंबर 2026
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पलामू: जिले के हुसैनाबाद थाना क्षेत्र के पुरंदर बीघा में युवक ओमप्रकाश सिंह की हत्या के विरोध में गुरुवार को ग्रामीणों का आक्रोश सड़क पर उतर आया. आक्रोशित ग्रामीणों ने जपला-छतरपुर मुख्य सड़क को घंटों जाम कर दिया. सिद्धनाथ गेट, नवीनगर मोड़ और सिद्धनाथ पेट्रोल पंप के पास जाम के कारण आवागमन पूरी तरह प्रभावित रहा. ग्रामीण हत्या में शामिल अपराधियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग पर अड़े रहे. इस दौरान हुसैनाबाद की कई दुकानों को भी बंद कराया गया.बताया जा रहा है कि बुधवार रात ओमप्रकाश सिंह अपनी गाड़ी रोककर किसी व्यक्ति से बातचीत कर रहे थे. तभी बाइक सवार अपराधियों ने उन्हें गोली मार दी. गोली लगने के बाद ओमप्रकाश गाड़ी से उतरकर भागने लगे,लेकिन अपराधियों ने उन्हें दोबारा गोली मार दी. वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया. अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.इधर,पुलिस फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है. पुलिस के अनुसार, मृतक ओमप्रकाश सिंह के खिलाफ हुसैनाबाद थाना में आठ मामले दर्ज हैं। पुलिस हत्या के कारणों के साथ उसके पुराने आपराधिक मामलों को भी जांच के दायरे में रखकर छानबीन कर रही है। मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए मेदिनीनगर भेज दिया गया है। खबर लिखे जाने तक सड़क जाम जारी था।
पलामू : जिले में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत नौडीहा बाजार थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 443 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद किया है. बरामद गांजे की अनुमानित कीमत ₹2.20 करोड़ से अधिक बताई गई है. पुलिस ने मौके से दो सगे भाइयों जमशेद आलम और अली रजा को गिरफ्तार किया है.पुलिस के अनुसार,28 अगस्त को पुलिस अधीक्षक कपिल चौधरी को गुप्त सूचना मिली थी कि नौडीहा बाजार थाना क्षेत्र के महुरांव गांव में गांजे की बड़ी खेप लाई गई है. सूचना के सत्यापन के बाद छतरपुर एसडीपीओ प्रशांत कुमार के नेतृत्व में विशेष टीम गठित कर महुरांव चौक के समीप छापेमारी की गई.इस दौरान आइसर ट्रक (OD14AB1072) और टेंपो (BR26PB2661) से गांजा उतारते हुए दोनों आरोपियों को पकड़ लिया गया. तलाशी में ट्रक में डाब (नारियल पानी) के बीच छिपाकर रखे 16 प्लास्टिक बोरों में 424 छोटे पैकेट बरामद किए गए,जिनमें कुल 443 किलो गांजा था. डीडी किट से जांच में गांजे की पुष्टि हुई.पुलिस ने गांजे के साथ दोनों वाहन और ओप्पो व नथिंग कंपनी के दो मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं. एसपी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में तस्करी के तार पलामू,बिहार के औरंगाबाद और ओडिशा से जुड़े होने के संकेत मिले हैं. अंतरराज्यीय नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए पुलिस की छापेमारी जारी है.पलामू से नितेश की रिपोर्ट-
पलामू: जिले के पांडु थाना क्षेत्र अंतर्गत पीएम श्री राजकीयकृत प्लस टू उच्च विद्यालय,रतनाग में मंगलवार को कानून जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया.इस दौरान पांडु थाना प्रभारी विगेश कुमार राय ने छात्र-छात्राओं को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के विभिन्न प्रावधानों की जानकारी दी और उन्हें कानून के प्रति जागरूक एवं जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया.कार्यक्रम में विद्यार्थियों को साइबर अपराध से बचाव, डायन कुप्रथा की रोकथाम तथा आपात स्थिति में डायल 112 के उपयोग के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई. थाना प्रभारी ने छात्रों को साइबर अपराध के प्रति सतर्क करते हुए कहा कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें,संदिग्ध संदेशों का जवाब देने से बचे और अपना ओटीपी या अन्य गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें. उन्होंने बताया कि किसी भी आपात स्थिति में डायल-112 के माध्यम से पुलिस की सहायता ली जा सकती है. साथ ही विद्यार्थियों को डायन कुप्रथा जैसी सामाजिक कुरीतियों का विरोध करने,कानून का पालन करने और समाज में जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित किया गया.इस दौरान छात्र-छात्राओं ने कानून एवं सुरक्षा से जुड़े विभिन्न विषयों की जानकारी प्राप्त की. विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों को कानून,साइबर सुरक्षा और सामाजिक कुरीतियों के प्रति सजग एवं जागरूक बनाना था. मौके पर विद्यालय के प्रधानाचार्य दिलीप कुमार,शिक्षक उपेंद्र कुमार,मोहम्मद महताब आलम, आरिफ हुसैन, फहीमुद्दीन अंसारी, लिपिक इमरान जाहिद, नरेश शर्मा, शैलेंद्र पाठक, गिरीश पांडेय और शहजाद आलम समेत पांडु थाना के पुलिसकर्मी मौजूद रहे.
पलामू:जिला मुख्यालय मेदिनीनगर में कोयल नदी का जलस्तर उफान पर है. सूचना मिलते ही शुक्रवार सुबह जिला प्रशासन की टीम कोयल रिवर फ्रंट पहुंची और बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया. मूसलाधार बारिश के बाद ऊपरी इलाकों से पानी कोयल नदी में पहुंचा, जिससे नदी में अचानक बाढ़ आ गई. इसका सबसे ज्यादा असर कोयल नदी के किनारे बसे निचले इलाकों में देखने को मिला.राहत नगर, पहाड़ी मोहल्ला, आला एकेडमी मार्ग, गम्हेल रोड और झोपड़पट्टी सहित कई इलाकों में बाढ़ और जलजमाव की स्थिति उत्पन्न हो गई. राहत नगर में दर्जनों घरों में पानी घुस गया,जिससे पूरा मोहल्ला तालाब में तब्दील हो गया. कई परिवारों को आंशिक नुकसान भी उठाना पड़ा है. जलजमाव के कारण लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है और दोपहिया वाहनों का आवागमन भी बाधित है. स्थानीय लोगों को आशंका है कि लंबे समय तक जलजमाव रहने से बीमारी और महामारी का खतरा बढ़ सकता है.स्थानीय निवासी जुबेर आलम ने बताया कि कोयल नदी से निकली सोती नदी की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बाढ़ का पानी निर्धारित रास्ते से जाने के बजाय मोहल्लों में प्रवेश कर जाता है। उन्होंने प्रशासन से सोती नदी को बांधने और स्थायी समाधान की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कोयल नदी का जलस्तर बढ़ने पर हर वर्ष इन इलाकों में बाढ़ का पानी घुसता है। ऐसे में लोगों ने प्रशासन से स्थायी जल निकासी और बाढ़ से बचाव के लिए ठोस व्यवस्था करने की मांग की है.
पलामू: JPSC समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी और छात्रों पर की गई पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में झारखंड में राजनीतिक विरोध लगातार तेज हो गया है. छात्रों के आंदोलन और सरकार के खिलाफ बढ़ते आक्रोश के बीच बीजेपी समेत अन्य विपक्षी दलों ने झारखंड बंद का आह्वान किया है. बंद का असर पलामू जिले में भी व्यापक रूप से देखने को मिल रहा. मेदिनीनगर शहर में बीजेपी जिलाध्यक्ष अमित तिवारी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पार्टी नेता और कार्यकर्ता सड़क पर उतरे. कार्यकर्ताओं ने छहमुहान चौक और रेडमा चौक पर प्रदर्शन करते हुए हेमंत सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की.प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने पुतला और टायर जलाकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की.इस दौरान सड़क जाम कर सरकार की नीतियों और छात्रों के आंदोलन से निपटने के तरीके पर सवाल उठाए गए. बंद के दौरान मेदिनीनगर शहर में छोटी-बड़ी वाहनों का परिचालन प्रभावित रहा. हालांकि,दूध के वाहनों और एंबुलेंस जैसी आवश्यक सेवाओं के परिचालन को बंद से बाहर रखा गया,जिससे जरूरी सेवाएं सुचारू रूप से चलती रही.बीजेपी नेताओं का कहना है कि छात्रों की मांगों और परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता को लेकर सरकार को गंभीरता से कदम उठाना चाहिए. वहीं,छात्रों पर लाठीचार्ज के मामले को लेकर भी विपक्ष सरकार पर लगातार हमलावर है. झारखंड बंद के दौरान पलामू में हुए प्रदर्शन ने एक बार फिर छात्रों के मुद्दें और परीक्षा व्यवस्था को लेकर चल रहे राजनीतिक विवाद को चर्चा के केंद्र में ला दिया है.
पलामू: झारखंड के कुख्यात गैंगस्टर सुजीत सिन्हा के अंतिम संस्कार से पहले बुधवार को भावुक दृश्य देखने को मिला. एक दिन की पैरोल पर जेल से रिहा होकर उनकी पत्नी रिया सिन्हा अपने बेटे अक्षत के साथ हुसैनाबाद स्थित आवास पहुंचीं. घर पहुंचते ही रिया सिन्हा पति के शव से लिपटकर फूट-फूटकर रोने लगी. वहीं, काले टी-शर्ट में मौजूद बेटे अक्षत भी पिता के पार्थिव शरीर के पास गमगीन नजर आया.सुजीत सिन्हा के पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन के लिए परिजन, रिश्तेदार और परिचित लगातार पहुंच रहे हैं. परिवार में शोक का माहौल है और घर पर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जुटी हुई है. प्रशासन द्वारा सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे. संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस बल की तैनाती की गई है ताकि अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके.जानकारी के अनुसार,सुजीत सिन्हा का अंतिम संस्कार बुधवार को पूरे विधि-विधान के साथ किया जाएगा. अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना को देखते हुए प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है.
पलामू: लोकसभा सांसद विष्णु दयाल राम ने आज नई दिल्ली में वैप्कोस लिमिटेड की अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक शिल्पा सचिन शिंदे से मुलाकात की. पलामू प्रमंडल की बहुप्रतीक्षित उत्तरी कोयल जलाशय (मंडल डैम) परियोजना के निर्माण कार्यों में तेजी लाने एवं परियोजना को निर्धारित समय सीमा के अंदर पूरा कराने को लेकर चर्चा की.सांसद ने बताया कि उक्त परियोजना के अंतर्गत लेफ्ट मेन कैनाल के लिए 0.61 एकड़ भूमि का मुआवजा वितरण किया जाना शेष है. वहीं, राइट मेन कैनाल का लगभग 14 किलोमीटर निर्माण कार्य अभी बाकी है,दोनों कैनालों का निर्माण कार्य कर रही विक्रमादित्य कंपनी द्वारा कार्य अत्यंत धीमी गति से किए जाने के कारण उक्त कंपनी का निविदा को निरस्त किया जाएगा. इसके पश्चात अक्टूबर 2026 तक नई निर्माण एजेंसी का चयन कर कार्य आवंटित किया जाएगा,जिससे परियोजना के निर्माण कार्य में अपेक्षित तेजी आएगी. साथ ही मुख्य मंडल डैम पर हाइड्रा, इलेक्ट्रिकल, सिविल से संबंधित टेंडर कुछ ही दिनों में (एक सप्ताह के भीतर) प्रकाशित किया जाएगा. निर्धारित प्रक्रिया का अनुसरण करते हुए अक्टूबर 2027 तक कार्य को पूरा कर लिया जाएगा.उत्तरी कोयल जलाशय (मंडल डैम) परियोजना के निर्माण कार्य की नियमित मॉनिटरिंग भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय एवं वैप्कोस लिमिटेड द्वारा की जा रही है,ताकि सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा के अन्दर पूरे किए जा सके.सांसद ने कहा कि मुझे उम्मीद है कि उत्तरी कोयल जलाशय (मंडल डैम) परियोजना का निर्माण कार्य वैप्कोस लिमिटेड द्वारा वर्ष 2027 तक पूर्ण कर लिया जाएगा. इस परियोजना के पूरा होने से पलामू प्रमंडल के किसानों को सिंचाई की बेहतर सुविधा उपलब्ध होगी एवं क्षेत्र के कृषि एवं समग्र विकास को नई गति मिलेगी.
पलामू: जिले के चैनपुर थाना क्षेत्र के काराकाट बंधुआ गांव में नाबालिग से कथित छेड़छाड़ का विरोध करने पर खूनी वारदात को अंजाम देने वाले आरोपियों को दबोच लिया गया है. मामले में पलामू पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 19 नामजद आरोपियों में से 9 को गिरफ्तार कर लिया है। शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है.शुक्रवार को प्रेसवार्ता में पुलिस अधीक्षक कपिल चौधरी ने बताया कि घटना की गंभीरता को देखते हुए विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया था. टीम ने संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर इमरान मियां,सरातुल मियां, शहबाज मियां, तबरेज आलम, इसराफिल मियां, सोनू मियां, गोकुल मियां, शेरु मियां और पातु मियां को गिरफ्तार किया गया. सभी आरोपी चैनपुर थाना क्षेत्र के बंधुआ गांव के निवासी है.एसपी ने बताया कि पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपियों ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है. सभी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. वहीं,फरार अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की छापेमारी जारी है.पुलिस पूरे मामले की सभी पहलुओं पर जांच कर रही है.बता दें कि बुधवार को अपराधियों ने नाबालिग के पिता को गोली मार दी थी, जबकि उसकी मां और भाई पर चाकू से हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया था.इलाज के दौरान चाकू से घायल एक व्यक्ति की मौत हो गई. घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया था.घटना के संबंध में घायलों के परिजनों का आरोप है कि नाबालिग से छेड़छाड़ का विरोध करने पर आरोपियों ने परिवार पर जानलेवा हमला किया. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की.
मेदिनीनगर: डुमरी विधायक टाइगर जयराम महतो की पार्टी झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) ने प्रमंडलीय स्तर पर बैठक आयोजित कर संगठन विस्तार और आगामी पंचायत चुनाव की तैयारियों पर चर्चा की. बैठक में पार्टी को पंचायत स्तर तक मजबूत बनाने का निर्णय लिया गया. नवनियुक्त प्रमंडलीय अध्यक्ष प्रभात सिन्हा, प्रमंडलीय प्रवक्ता आशुतोष तिवारी एवं जिला अध्यक्ष दिलीप मेहता ने कहा कि वर्ष 2027 में प्रस्तावित पंचायत चुनाव को लेकर पार्टी ने अभी से रणनीति बनानी शुरू कर दी है. उन्होंने बताया कि पलामू, गढ़वा और लातेहार जिले में JLKM अपने समर्थित प्रत्याशियों को चुनावी मैदान में उतारेगी.पार्टी नेताओं ने कहा कि कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर टाइगर जयराम महतो की विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाएंगे और अधिक से अधिक लोगों को पार्टी से जोड़ने का अभियान चलाया जाएगा. बैठक में संगठन विस्तार, बूथ एवं पंचायत स्तर पर सक्रिय कार्यकर्ताओं की भूमिका और चुनावी तैयारियों को लेकर भी विस्तृत चर्चा की गई.
पलामू:जिलेमें गर्भवती शिक्षिका भारती पांडे के अजन्मे शिशु की मौत का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है. सोमवार को इस मामले को लेकर भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने डीसी कार्यालय का घेराव किया और शिक्षा विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. बीजेपी के जिला अध्यक्ष अमित तिवारी ने आरोप लगाया है कि मातृत्व अवकाश स्वीकृत करने के लिए रिश्वत की मांग की गई थी. उनका दावा है कि अवकाश नहीं मिलने के कारण शिक्षिका को लगातार कार्यालय के चक्कर लगाने पड़े और समय पर प्रसव नहीं हो सका. उन्होंने इस मामले में जिला शिक्षा पदाधिकारी को तत्काल बर्खास्त करने की मांग करते हुए चेतावनी दी है. कहा कि यदि सरकार कार्रवाई नहीं करती है तो आंदोलन आगे भी जारी रहेगा.गौरतलब है कि चैनपुर स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में कार्यरत प्लस टू शिक्षिका भारती पांडे के परिजनों का आरोप है कि उन्होंने 3 जुलाई को ही मातृत्व अवकाश के लिए आवेदन दिया था,लेकिन समय पर स्वीकृति नहीं मिली. यह भी आरोप है कि 25 जुलाई को डीईओ कार्यालय पहुंचने के दौरान उन्हें प्रसव पीड़ा हुई और बाद में निजी अस्पताल में उनके नवजात को मृत घोषित कर दिया गया.वहीं, पीड़िता के पति ने अवकाश स्वीकृत करने के एवज में रिश्वत मांगने का भी आरोप लगाया है. हालांकि,शिक्षा विभाग पहले ही इन आरोपों से इनकार कर चुका है और आवेदन प्रक्रिया में तकनीकी त्रुटि की बात कहते हुए मामले की जांच की बात कही है.
पलामू: जिले में मातृत्व अवकाश को लेकर एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है। चैनपुर स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में कार्यरत प्लस टू शिक्षिका भारती पांडे के परिजनों ने आरोप लगाया है कि समय पर मातृत्व अवकाश स्वीकृत नहीं होने और लगातार ड्यूटी व कार्यालय के चक्कर लगाने के कारण उनके अजन्मे शिशु की मौत हो गई। घटना के बाद शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।शिक्षा विभाग की लापरवाही सेगर्भवती को हुआ नुकसानपरिजनों के अनुसार, लेस्लीगंज प्रखंड के रोजोगाड़ी गांव निवासी एवं हजारीबाग जिला पुलिस में कार्यरत मुकेश कुमार तिवारी की पत्नी भारती पांडे नौ माह की गर्भवती थीं। चिकित्सकों ने 4 अगस्त को संभावित प्रसव तिथि बताई थी। चिकित्सकीय सलाह के आधार पर 3 जुलाई को ही जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) कार्यालय में मातृत्व अवकाश के लिए आवेदन दिया गया था, लेकिन समय पर अवकाश स्वीकृत नहीं किया गया।डीईओ कार्यालय का चक्कर काटते रह गई महिलाआरोप है कि 25 जुलाई को अवकाश स्वीकृत कराने के लिए शिक्षिका डीईओ कार्यालय पहुंचीं। इसी दौरान उन्हें प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। परिजन उन्हें तत्काल एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने नवजात को मृत घोषित कर दिया।रिश्वत मांगने का भी लगाया आरोपपीड़िता के पति मुकेश कुमार तिवारी ने आरोप लगाया है कि मातृत्व अवकाश स्वीकृत करने के एवज में विभाग के कुछ कर्मियों द्वारा रिश्वत की मांग की गई। उन्होंने डीईओ कार्यालय के कुछ कर्मचारियों और अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच तथा दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है।डीईओ ने आरोपों से किया इनकारइस मामले में जिला शिक्षा पदाधिकारी ने रिश्वत और लापरवाही के आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि अवकाश आवेदन की प्रक्रिया में तकनीकी त्रुटि थी, जिसके कारण समय पर स्वीकृति नहीं मिल सकी। उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जा रही है और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके अनुरूप कार्रवाई की जाएगी।कई सवालों के घेरे में शिक्षा विभागघटना के बाद यह सवाल उठ रहा है कि यदि गर्भवती शिक्षिका ने समय रहते मातृत्व अवकाश के लिए आवेदन दिया था, तो उसे स्वीकृत करने में देरी क्यों हुई? क्या मातृत्व अवकाश जैसे संवेदनशील मामलों के लिए विभाग के पास प्रभावी व्यवस्था है? यदि जांच में किसी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता सामने आती है, तो जिम्मेदारी किसकी तय होगी?अब जांच के बाद सच्चाई आएगी सामनेफिलहाल मामले में शिक्षा विभाग का पक्ष सामने आ चुका है,लेकिन परिजनों के आरोपों और विभाग के जवाब के बीच सच्चाई अब जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। पूरे मामले पर लोगों की निगाहें टिकी हैं कि जांच में क्या निष्कर्ष निकलते हैं और दोष तय होने पर क्या कार्रवाई होती है।
पलामू:मेदिनीनगर सदर थाना क्षेत्र के सिंगरा खुर्द के पास सोमवार सुबह तेज रफ्तार ट्रक की चपेट में आने से स्कूटी सवार मासूम की मौत हो गई, जबकि बच्चे की मां, बहन और ममेरा भाई गंभीर रूप से घायल है. सभी घायलों को मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया है. जहां उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है.मृतक की पहचान पाटन थाना क्षेत्र के अमवा गांव निवासी अंश कुमार के रूप में हुई है. वहीं, हादसे में उसकी मां सुनीता देवी, बहन अंशिका आकृति और ममेरे भाई नारायण कुमार रवि सिक्की खुर्द, पाटन का निवासी है.प्राप्त जानकारी के अनुसार,परिवार के सभी सदस्य स्कूटी से बटसरा से मेदिनीनगर स्थित निमिया स्कूल बच्चों को छोड़ने जा रहे थे.इसी दौरान पीछे से तेज गति से आ रहे एक ट्रक ने स्कूटी को जोरदार टक्कर मार दी. टक्कर इतनी भीषण थी कि अंश कुमार ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया, जबकि अन्य तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए.घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों ने तत्परता दिखाते हुए सभी घायलों को मेदिनी राय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल पहुंचाया. वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद अंश कुमार को मृत घोषित कर दिया. जबकि, अन्य घायलों का इलाज जारी है.घटना की सूचना मिलते ही सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा. इधर, हादसे के बाद चालक ट्रक लेकर मौके से फरार हो गया. पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है.
पलामू: जिले के पांकी से दर्दनाक खबर सामने आई है,जहां एक सात वर्षीय मासूम की इलाज के दौरान मौत हो गई. पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है. मृतक की पहचान पांकी बस्ती निवासी हर्ष कुमार के रूप में हुई है. परिजनों के अनुसार,बच्चे को पेट दर्द की शिकायत होने पर पहले पांकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया,जहां से बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया गया. फिरबच्चे को गजबोर स्थित एक निजी क्लीनिक लेकर पहुंचे,जहां इलाज के दौरान बच्चे की तबीयत लगातार बिगड़ती रही. हालत गंभीर होने पर उसे मेदिनीनगर ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही बच्चे की मौत हो गई. घटना के बाद परिजनों ने निजी क्लीनिक की लापरवाही का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि समय पर विशेषज्ञ इलाज मिलता तो शायद मासूम की जान बचाई जा सकती थी.वहीं, क्लीनिक संचालक डॉ. वीरेंद्र कुमार ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उपचार के बाद बच्चे की स्थिति सामान्य थी, इसलिए उसे घर भेज दिया गया था. अगले दिन भी बच्चे का इलाज किया गया, लेकिन बाद में उसके साथ क्या हुआ, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है.इस घटना के बाद निजी क्लीनिक के संचालन को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि संबंधित चिकित्सक की सरकारी तैनाती चतरा जिले में है,तो पांकी स्थित निजी क्लीनिक का संचालन किस प्रकार किया जा रहा और मरीजों का इलाज नियमित रूप से कौन कर रहा था. हालांकि, इस संबंध में अब तक किसी प्रशासनिक अधिकारी ने आधिकारिक पुष्टि नहीं की है.पांकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा प्रभारी डॉ. महेंद्र प्रसाद ने कहा है कि यदि परिजनों की ओर से आवेदन प्राप्त हुआ है तो मामले की जांच कराई जाएगी और जांच रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.
पलामू:मेदिनीनगर में आवारा कुत्तों का आतंक अब जानलेवा होता दिख रहा है. रविवार शाम नगर निगम क्षेत्र के गांधी मैदान और नई मोहल्ला इलाके में आवारा कुत्ते ने महज आधे घंटे के अंदर 10 मासूम बच्चों पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया. घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई.स्थानीय लोगों ने किसी तरह बच्चों को कुत्ते के चंगुल से बचाया और उनके परिजन तत्काल इलाज के लिए मेदिनीनगर के MRMCH अस्पताल पहुंचे.अस्पताल में एक के बाद एक घायल बच्चों के पहुंचने से हड़कंपअस्पताल में एक के बाद एक घायल बच्चों के पहुंचने से हड़कंप मच गया.बच्चों की चीख-पुकार और परिजनों की चिंता के बीच डॉक्टरों की टीम ने सभी घायलों का प्राथमिक उपचार किया और एंटी-रेबीज़ वैक्सीन सहित आवश्यक इलाज शुरू किया. राहत की बात यह है कि सभी बच्चों की हालत फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है. नगरवासियों का आरोप है कि गांधी मैदान और आस पास के इलाकों में लंबे समय से आवारा कुत्तों का आतंक बना हुआ है. कई बार शिकायत करने के बावजूद नगर निगम की ओर से कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई. लोगों का कहना है कि प्रशासन की लापरवाही का खामियाजा मासूम बच्चों को भुगतना पड़ रहा है.घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौलप्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार घायल बच्चों की संख्या बढ़ भी सकती है,क्योंकि कई परिजन अपने बच्चों को इलाज के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे हैं.घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और अभिभावक अपने बच्चों को घर से बाहर भेजने में भी डर महसूस कर रहे हैं. अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या मेदिनीनगर नगर निगम आवारा कुत्तों के बढ़ते आतंक पर तत्काल और प्रभावी कार्रवाई करेगा, या फिर किसी और बड़ी घटना का इंतजार किया जाएगा,फिलहाल प्रशासन की अगली कार्रवाई पर पूरे शहर की नजर टिकी हुई है.
पलामू: जिले के पांकी-बालूमाथ मुख्य मार्ग की हालत अब लोगों के लिए जानलेवा बनती जा रही है। कारीमाटी के पास सड़क पर बने बड़े-बड़े गड्ढे बारिश के पानी से भर गए हैं, जिससे वाहन चालकों को उनकी गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता। सबसे ज्यादा परेशानी दोपहिया वाहन चालकों को हो रही है। ऐसे में कभी भी हादसा हो सकती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई लोग इन गड्ढों के शिकार हो चुके और गड्ढे में गिरकर घायल हो चुके हैं. रात के समय हादसे का खतरा और भी बढ़ जाता है.गड्ढों में डूबी सड़क,खतरे में हर सफरयह सड़क सिर्फ पांकी और बालूमाथ को ही नहीं, बल्कि रांची और हजारीबाग को जोड़ने वाला भी महत्वपूर्ण मार्ग है। हर दिन इस रास्ते से बसें, एंबुलेंस, मालवाहक वाहन और सैकड़ों ग्रामीण गुजरते हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि जनप्रतिनिधि और अधिकारी इसी सड़क से आते-जाते हैं,लेकिन इसकी मरम्मती को लेकर अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है।जल्द से जल्द सड़क मरम्मती की मांगस्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से जल्द से जल्द सड़क की मरम्मत कराने की मांग की है। उनका कहना है कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई,तो यह बदहाल सड़क किसी बड़े हादसे की वजह बन सकती है.
पलामू:पांकी में अवैध बालू कारोबार के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. एनजीटी की रोक के बावजूद धड़ल्ले से चल रहे बालू के अवैध उठाव और परिवहन पर पुलिस ने छापेमारी कर तीन ट्रैक्टर जब्त किए हैं. इस कार्रवाई के बाद बालू माफियाओं में हड़कंप मच गया है. पांकी थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर आसेहार सगालिन क्षेत्र में छापेमारी कर अवैध बालू से लदे तीन ट्रैक्टरों को जब्त किया है. बताया जा रहा है कि राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण यानी एनजीटी की रोक के बावजूद इलाके में दिन-दहाड़े अवैध बालू का कारोबार चल रहा था.पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीनों ट्रैक्टरों को अपने कब्जे में ले लिया. इनमें से दो ट्रैक्टरों को पांकी थाना परिसर पहुंचा दिया गया है,जबकि तीसरे ट्रैक्टर का टायर पंचर होने के कारण उसे रास्ते में ही रोकना पड़ा. पुलिस की निगरानी में उसे भी थाना लाने की प्रक्रिया जारी है.इस कार्रवाई के बाद अवैध बालू कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है. पुलिस अब ट्रैक्टर मालिकों की पहचान करने और इस पूरे नेटवर्क से जुड़े लोगों तक पहुंचने में जुटी हुई है. मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है.
पलामू: पोखराहा और जोड़ के पास फोरलेन पर लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं में लोगों की जान जाने का सिलसिला चिंता का विषय बन गया है. बीते कुछ दिनों में चार लोगों की मौत के बाद स्थानीय लोगों ने भारी आक्रोश व्यक्त किया है. सड़क सुरक्षा की मांग को लेकर आम जनता लगातार आवाज उठा रही थी और हाल ही में इस मुद्दें को लेकर प्रदर्शन किया गया था. इसी बीच जेएमएम नेता सन्नी शुक्ला ने इस गंभीर मामले को लेकर सोशल मीडिया के माध्यम से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के समक्ष तत्काल हस्तक्षेप की मांग की थी. जिसके बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मामले को संज्ञान में लेते हुए पलामू उपायुक्त (डीसी) एवं परिवहन मंत्री दीपक बिरुआ को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए.सीएम ने दिए कार्रवाई के निर्देशमुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि उक्त सड़क पर सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी कदम तत्काल उठाने के निर्देश दिए है. सीएम ने कहा कि यह फोरलेन क्षेत्र लंबे समय से सड़क सुरक्षा के लिहाज से संवेदनशील माना जा रहा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां तेज रफ्तार वाहनों, अपर्याप्त संकेतकों और सुरक्षा इंतजामों की कमी के कारण लगातार हादसे हो रहे हैं. कई परिवार इन दुर्घटनाओं में अपने प्रियजनों को खो चुके हैं,जिससे पूरे क्षेत्र में भय और असुरक्षा का माहौल है.सुरक्षा व्यवस्था को प्राथमिकता देना अत्यंत आवश्यकलोगों का मानना है कि समय रहते प्रभावी कदम उठाए गए होते तो कई जान बचाई जा सकती थी. इस मार्ग से प्रतिदिन हजारों लोग आवागमन करते हैं, इसलिए यहां सुरक्षा व्यवस्था को प्राथमिकता देना अत्यंत आवश्यक है. सड़क सुरक्षा केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि आम नागरिकों के जीवन की रक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है. क्षेत्रवासियों ने उम्मीद जताई है कि मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद संबंधित विभाग शीघ्र कार्रवाई करते हुए स्थायी समाधान सुनिश्चित करेगा. साथ ही दुर्घटना संभावित इस क्षेत्र का तकनीकी सर्वे कर आवश्यक सुधार कार्य भी जल्द शुरू किया जाएगा. सड़क पर पर्याप्त चेतावनी संकेतक, हाईमास्ट लाइट, रंबल स्ट्रिप्स, स्पीड कैमरा और उचित ट्रैफिक प्रबंधन जैसी व्यवस्थाएं भी लागू की जानी चाहिए.मुख्यमंत्री की त्वरित पहल पर जेएमएम नेता ने जताया आभारस्थानीय लोगों का विश्वास है कि सरकार और प्रशासन की सक्रिय पहल से ऐसे दर्दनाक हादसों पर प्रभावी रोक लगाई जा सकेगी. मुख्यमंत्री की त्वरित पहल पर जेएमएम नेता सन्नी शुक्ला ने उनका आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पलामू की जनता मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता और शीघ्र कार्रवाई के लिए आभारी है.फ्लाईओवर निर्माण की भी मांगजेएमएम नेता सन्नी शुक्ला ने जिला प्रशासन से यह भी आग्रह किया है कि जब तक उक्त स्थान पर फ्लाईओवर का निर्माण नहीं हो जाता, तब तक दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए ट्रैफिक पुलिस की स्थायी तैनाती, स्पीड ब्रेकर का निर्माण और अन्य आवश्यक सड़क सुरक्षा उपाय तत्काल लागू किए जाए,ताकि भविष्य में किसी भी परिवार को अपनों को खोने का दर्द न झेलना पड़े.
पलामू: जिले के पोखराहा फोरलेन पर एक बार फिर तेज रफ्तार का कहर देखने को मिला. पोखराहा फोरलेन पर लगातार हादसे हो रहे हैं.प्राप्त जानकारी के अनुसार, पोखराहा फोरलेन पर एक हाईवा और स्कूटी के बीच जोरदार टक्कर हो गई,जिसमें स्कूटी सवार गंभीर रूप से घायल हो गया. स्थानीय लोगों की मदद से घायल को अस्पताल ले जाया गया,लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई.सुरक्षा के स्थायी इंतजाम नहीं किए जाने पर हंगामाघटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंच गए. लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं से नाराज ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा. लोगों ने कुछ समय के लिए हाईवे जाम करने की कोशिश की और कई वाहनों को रोक दिया,जिससे आवागमन प्रभावित हुआ. ग्रामीणों का कहना है कि बीते 15 दिनों में इस फोरलेन पर तीन लोगों की जान जा चुकी है. लगातार हो रही दुर्घटनाओं के कारण स्थानीय लोगों में भय और आक्रोश का माहौल है. ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार मांग उठाने के बावजूद अब तक सुरक्षा के स्थायी इंतजाम नहीं किए गए हैं.स्थानीय लोग लंबे समय से कर रहेसुरक्षा व्यवस्था की मांगस्थानीय लोग लंबे समय से फोरलेन पर सर्विस रोड,फ्लाईओवर, स्पीड कंट्रोल उपाय और अन्य सुरक्षा इंतजाम करने की मांग कर रहे हैं. उनका कहना है कि यदि जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए,तो आने वाले दिनों में आंदोलन तेज किया जाएगा.लगातार हो रही दुर्घटनाओं ने एक बार फिर पोखराहा फोरलेन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं. अब देखना होगा कि प्रशासन और संबंधित एजेंसियां इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए क्या कदम उठाती हैं.
पलामू : उत्तर प्रदेश में हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने मेदिनीनगर शहर को गहरे सदमे में डाल दिया है.किछौछा शरीफ से लौट रहे शहर के5लोगों की असमय मौत के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है.हादसा इतना भीषण था कि चार लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया,जबकि एक घायल ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया.शनिवार देर रात जैसे ही मृतकों के शव उनके घर पहुंचे,परिजनों के बीच चीख-पुकार मच गई. अपनों को खोने का दर्द हर चेहरे पर साफ दिखाई दे रहा था. घरों में मातम पसरा रहा और सांत्वना देने वालों का तांता लगा रहा.रविवार सुबह चार मृतकों को पुलिस लाइन रोड स्थित कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किया गया. अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए. जनाजे में शहर के विभिन्न वर्गों के लोग उमड़ पड़े. मुस्लिम समुदाय के साथ-साथ विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि,सामाजिक कार्यकर्ता और अन्य समुदायों के लोगों ने भी पहुंचकर दिवंगत आत्माओं को अंतिम विदाई दी.कब्रिस्तान में मौजूद हर आंख नम थी. एक साथ पांच लोगों की मौत की इस घटना ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है. लोगों के बीच सिर्फ एक ही चर्चा रही कि घर से इबादत और दुआ के सफर पर निकले लोग अब कभी वापस नहीं लौटेंगे.शहर में शोक का माहौल है और मृतकों के परिजनों के प्रति लोग अपनी संवेदनाएं व्यक्त कर रहे हैं. वहीं पांचवें मृतक को आज शाम सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा. इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और लंबी यात्राओं के दौरान सतर्कता की आवश्यकता को याद दिला दिया है.पलामू से नितेश तिवारी की रिपोर्ट--