
गुरुवार, 24 सितंबर 2026
LivePatna : पटना हाईकोर्ट ने बकाया वेतन भुगतान को लेकर दायर याचिका पर सरकार से जवाब तलब किया है. साथ ही स्वास्थ्य विभाग के निदेशक प्रमुख (प्रशासन) को वेतन उठाव पर रोक लगा दिया. जस्टिस संदीप कुमार की एकलपीठ ने निरेन कुमार सिन्हा की रिट याचिका पर सुनवाई के बाद यह आदेश दिया.साथ ही अधिकारियों से जवाब तलब किया. आवेदक की ओर से अधिवक्ता शिव प्रताप ने कोर्ट को बताया कि आवेदक को 1 अगस्त,2008 से 28 जून,2010 तक की अवधि का वेतन बकाया है.करीब दो साल तक वेतन नहीं मिलने से आवेदक की आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा. इस संबंध में विभागीय अधिकारियों को कई बार अभ्यावेदन दिया गया,लेकिन वेतन भुगतान नहीं किया गया. उन्होंने बकाया वेतन का भुगतान वैधानिक ब्याज के साथ करने की गुहार कोर्ट से लगाई.कोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार और संबंधित विभाग को नोटिस जारी कर यह स्पष्ट करने को कहा कि इतने लंबे समय तक वेतन लंबित क्यों रखा गया और भुगतान में देरी का क्या कारण है.पटना से आनंद वर्मा की रिपोर्ट--
Patna : पटना हाईकोर्ट ने शीतला माता मंदिर के सामने मां शीतला स्वीट मिठाई दुकान के मालिक कृष्ण प्रसाद उर्फ पहलवान हत्याकांड के आरोपी कारीगर की उम्रकैद की सजा को बरकरार रखते हुए आपराधिक अपील को खारिज कर दिया.जस्टिस विवेक चौधरी और जस्टिस राणा विक्रम सिंह की खंडपीठ ने यह निर्णय सुनाया.ये मामला अगमकुआं थाना कांड संख्या 396/2017 से जुड़ा है.मृतक कृष्ण प्रसाद शीतला माता मंदिर के सामने मां शीतला स्वीट नाम से दुकान चलाते थे.दुकान में काम करने वाले कारीगर रवि कुमार उर्फ सिंघरवा उर्फ सिंघारा 10 साल तक उनकी दुकान में सिंघाड़ा और लिट्टी बनाने का काम करता था.25 अगस्त,2017 को शाम में मृतक जब दाढ़ी बनवाकर लौट रहा था,तो आरोपी की जेब में पिस्तौल देखी और डांटा.इससे नाराज होकर आरोपी ने दुकान से 50 गज दूर मृतक को पीछे से गोली मार दी.इसके बाद इलाज के दौरान दो दिन बाद उसकी मौत हो गई.ट्रायल कोर्ट ने 29 जून को दोषी करार देते हुए हुए उम्रकैद की सजा दी. साथ ही 20 हजार जुर्माने की सजा सुनाई. दोषी की ओर से कोर्ट को बताया गया कि कोई भी विश्वसनीय प्रत्यक्षदर्शी नहीं है. गवाह रिश्तेदार हैं. मौखिक डाइंग डिक्लेरेशन सुनी-सुनाई है. हत्या में शामिल हथियार बरामद नहीं हुआ और घटना के तारीख में अगस्त-अक्टूबर की विसंगति है.वहीं सरकार की ओर से अपील का विरोध करते हुए कहा गया कि गवाह प्रेम कुमार घटना का स्वाभाविक प्रत्यक्षदर्शी है. उसने गोली मारते देखा. अन्य गवाह दिलीप गुप्ता और सुधीर कामती तुरंत मौके पर पहुंचे और आरोपी को भागते देखा. चार गवाहों के समक्ष मृतक ने होश में आरोपी का नाम लिया था.कोर्ट ने कहा कि प्रत्यक्षदर्शी,भागने की परिस्थिति,चारों गवाहों के एक समान मृत्यु पूर्व बयान और मेडिकल साक्ष्य से दोष साबित होता है. हथियार बरामद न होना और छोटी विसंगतियां से केस कमजोर नहीं हो सकता. कोर्ट ने अपील को रद्द करते हुए सजा बरकरार रखी.पटना से आनंद वर्मा की रिपोर्ट-
पटना : संस्कृति मंत्रालय,भारत सरकार एवं राष्ट्रीय अभिलेखागार,नई दिल्ली के तत्वावधान में आगामी 12 अक्टूबर 2026 को अयोध्या में आयोजित होने वाली भव्य प्रदर्शनी“राम और रामायण: देश से परदेश तक”के लिए बिहार के मिथिला चित्रकला संस्थान,सौराठ (मधुबनी) के 8 छात्र-छात्राओं की कलाकृतियों का चयन किया गया है. इसके साथ ही संस्थान के 9 छात्र-छात्राओं द्वारा सामूहिक रूप से तैयार की गई रामचरितमानस विषयक विशेष कलाकृति को भी प्रदर्शनी में प्रदर्शित किए जाने हेतु चयनित किया गया है.इस अवसर पर कला एवं संस्कृति मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने संस्थान एवं चयनित सभी कलाकारों को बधाई देते हुए कहा कि“मिथिला चित्रकला की प्रतिभाओं का राष्ट्रीय स्तर पर चयन बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का गौरव है. अयोध्या जैसे पवित्र एवं ऐतिहासिक स्थल पर इन कलाकारों की कृतियों का प्रदर्शन हमारी लोककला को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान प्रदान करेगा.”उन्होंने कहा कि“मिथिला चित्रकला हमारी सांस्कृतिक अस्मिता की महत्वपूर्ण पहचान है. राज्य सरकार प्रतिभाशाली कलाकारों एवं विद्यार्थियों को निरंतर प्रोत्साहित कर रही है,ताकि बिहार की समृद्ध कला एवं संस्कृति देश-दुनिया के मंच पर और अधिक मजबूती से स्थापित हो.”इस राष्ट्रीय प्रदर्शनी का उद्घाटन पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत द्वारा प्रस्तावित है. प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य देश और विश्व में रामायण की विभिन्न परंपराओं एवं इसके विविध संस्करणों को प्रदर्शित करना है.संस्कृति मंत्रालय,भारत सरकार एवं राष्ट्रीय अभिलेखागार के निर्णायक सदस्यों द्वारा देशभर के कॉलेज एवं विश्वविद्यालयों के छात्र-छात्राओं से व्यक्तिगत रूप से अपनी कलाकृतियां भेजने हेतु आमंत्रित किया गया था. राष्ट्रीय स्तर पर मात्र 15 कलाकृतियों का चयन किया जाना था,जिसमें 8 कलाकृतियों का चयन अकेले मिथिला चित्रकला संस्थान,सौराठ (मधुबनी) के छात्र-छात्राओं की कृतियों का हुआ है. शेष 7 कलाकृतियां देश के अन्य कॉलेज एवं विश्वविद्यालयों के विद्यार्थियों की हैं.चयनित 8 कलाकारों में निशा चौरसिया (सत्र 2025-28),दुर्गेश कुमार मंडल (सत्र 2021-24),शुभम प्रिया (सत्र 2022-25),रिया कुमारी (सत्र 2025-28),चंदा कुमारी (सत्र 2024-27),मुस्कान कुमारी (सत्र 2025-28),पूर्णिमा (सत्र 2021-24) एवं पिंटू कुमार (सत्र 2021-24) शामिल हैं.इसके अतिरिक्त संस्थान के त्रि-वर्षीय डिग्री कोर्स सत्र 2024-27 के कुल 9 छात्र-छात्राओं द्वारा रामचरितमानस विषय पर तैयार की गई विशेष एवं भव्य सामूहिक कलाकृति को भी प्रदर्शनी में प्रदर्शित किए जाने हेतु चयनित किया गया है. यह संस्थान के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है.प्रदर्शनी में चयनित कलाकारों को अपनी कला का प्रदर्शन करने,मुख्य अतिथि एवं अन्य गणमान्य अतिथियों से संवाद करने के साथ-साथ प्रशंसा पत्र,यात्रा भत्ता एवं मानदेय भी प्रदान किया जाएगा.बिहार की समृद्ध लोक-संस्कृति एवं कलाओं को राष्ट्रीय फलक पर नई ऊंचाइयां प्रदान करने की दिशा में यह उपलब्धि महत्वपूर्ण मानी जा रही है. मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार,सचिव प्रणव कुमार एवं निदेशक,सांस्कृतिक कार्य निदेशालय,रूबी के मार्गदर्शन एवं नेतृत्व में संस्थान द्वारा कला एवं संस्कृति के क्षेत्र में निरंतर उल्लेखनीय कार्य किए जा रहे हैं.संस्थान के निदेशक चंद्रशेखर प्रसाद सिंह,उप निदेशक नीतीश कुमार,लेखा पदाधिकारी सुरेंद्र प्रसाद यादव एवं सभी आचार्यों ने इस अभूतपूर्व सफलता पर चयनित विद्यार्थियों को बधाई देते हुए इसे मिथिला चित्रकला की समृद्ध लोक-संस्कृति के लिए गौरव का क्षण बताया है.पटना से राजीव रंजन की रिपोर्ट--
पटना: बिहार में कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने तथा अपराध पर प्रभावी नियंत्रण को लेकर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने गुरुवार को उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई बैठक में राज्य के सभी जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों ने भाग लिया. मुख्य सचिव ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि अपराधियों में कानून का भय कायम रहना चाहिए और प्रशासन के इकबाल से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा.बैठक में अपराध नियंत्रण को लेकर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने पर जोर दिया गया. मुख्य सचिव ने कहा कि पुलिस अधीक्षक अपने-अपने जिलों में पुलिस बल के वास्तविक लीडर के रूप में काम करें और कानून-व्यवस्था की पूरी जिम्मेदारी संभालें. जिलों में सघन गश्त बढ़ाने,नियमित फील्ड विजिट करने और अनुमंडल स्तर तक प्रभावी निगरानी रखने के निर्देश दिए गए.खराब प्रदर्शन करने वाले या कार्य के प्रति गंभीरता नहीं दिखाने वाले पुलिस अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की बात कही गई. अपराध नियंत्रण के लिए रणनीतिक स्थानों पर तत्काल चेकपोस्ट लगाने और पुलिस इकाइयों को लगातार सक्रिय एवं अलर्ट रखने का निर्देश दिया गया.मुख्य सचिव ने हालिया घटनाओं में जमुई पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए अन्य जिलों को भी इससे सीख लेने को कहा. मुख्यालय के पुलिस अधिकारियों को जिलों के साथ टैग कर फील्ड विजिट और रात्रि विश्राम करने के निर्देश दिए गए हैं.आगामी त्योहारों को देखते हुएDM-SPको विशेष सतर्कता बरतने और स्थानीय इंटेलिजेंस मजबूत करने को कहा गया. वहीं,फेक न्यूज फैलाकर सामाजिक सद्भाव बिगाड़ने वालों पर तत्काल कड़ी कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए गए.पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-
पटना में महिलाओं की चेन स्नेचिंग करने वाले एक ऐसे गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है, जो वारदात के दौरान पुलिस को चकमा देने के लिए अनोखा तरीका अपनाता था। गिरोह के बाइक सवार बदमाश अपने साथ एक लड़की को भी बाइक पर बैठाकर चलते थे, ताकि देखने वालों को उन पर शक न हो।मामला कंकड़बाग थाना क्षेत्र का है। पुलिस के मुताबिक, गिरोह के सदस्य बाइक से महिलाओं को निशाना बनाते और मौका मिलते ही उनकी सोने की चेन झपटकर फरार हो जाते थे। लड़की के साथ होने की वजह से आरोपी सामान्य राहगीरों की तरह नजर आते थे और इसी का फायदा उठाकर वारदात को अंजाम देते थे।कंकड़बाग थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कुल 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके पास से चार सोने की चेन भी बरामद की हैं। अब पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह से जुड़े अन्य मामलों और सदस्यों की जानकारी जुटा रही है।इस गिरोह के वारदात करने के तरीके ने पुलिस को भी हैरान किया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों ने पटना में कितनी अन्य चेन स्नेचिंग की घटनाओं को अंजाम दिया है।पटना से विवेक कुमार की रिपोर्ट
पटना:बिहार में बाढ़ से प्रभावित लोगों की सहायता के लिए पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री राहत कोष में अपना अंशदान दिया. गुरुवार को नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात की और बाढ़ प्रभावितों की मदद के लिए अपने वेतन की राशि मुख्यमंत्री राहत कोष में देने के लिए चेक सौंपा.इस दौरान विधान पार्षद ललन सर्राफ ने भी बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष में अपना अंशदान दिया. उन्होंने भी चेक मुख्यमंत्री को सौंपा. मौके पर बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी मौजूद रहे.मुलाकात के दौरान बाढ़ की स्थिति और प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाने को लेकर भी चर्चा हुई. बिहार में इस समय कई इलाकों में बाढ़ का असर है. ऐसे में राहत और बचाव कार्यों के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष में मिलने वाला आर्थिक सहयोग महत्वपूर्ण माना जा रहा है.नीतीश कुमार की ओर से अपने वेतन की राशि राहत कोष में देने के कदम को बाढ़ प्रभावितों के प्रति सहयोग के तौर पर देखा जा रहा है. वहीं, ललन सर्राफ ने भी अपना अंशदान देकर राहत कार्यों में योगदान दिया.मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात के दौरान मौजूद उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने भी इस अवसर पर सहभागिता की. बाढ़ प्रभावितों की सहायता के लिए जनप्रतिनिधियों और अन्य लोगों से मुख्यमंत्री राहत कोष में सहयोग की अपील लगातार की जा रही है. इस बीच नीतीश कुमार और ललन सर्राफ का आर्थिक योगदान सामने आया है.पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-
Patna : पटना हाईकोर्ट ने महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय द्वारा पीजी मीडिया स्टडीज के छात्र आकाश कुमार के खिलाफ जारी अनिश्चितकालीन निष्कासन आदेश को रद्द कर दिया है. कोर्ट ने विश्वविद्यालय को आदेश दिया है कि छात्र को तुरंत बहाल किया जाए और उसे परीक्षाओं में शामिल होने की अनुमति दी जाए. ये मामला विश्वविद्यालय में गैर-शिक्षण कर्मचारी की पदोन्नति में कथित गड़बड़ियों से जुड़ा है. छात्र आकाश कुमार ने सोशल मीडिया पर इस प्रशासनिक अनियमितता को उजागर किया था, जिसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने उन्हें पहले निलंबित किया. फिर अनिश्चित काल के लिए परिसर से निष्कासित कर दिया.इस कार्रवाई के दौरान छात्र को न तो जांच रिपोर्ट दी गई और न ही निष्कासन को लेकर कोई स्पष्ट कारण बताओ नोटिस दिया गया. विश्वविद्यालय की इस एकतरफा कार्रवाई पर कड़ा रुख अपनाते हुए जस्टिस हरीश कुमार ने कहा कि किसी छात्र पर अनिश्चितकालीन प्रतिबंध लगाना उसके भविष्य को बर्बाद करने जैसा है.हाईकोर्ट ने इस सजा को छात्र के अकादमिक कैरियर की हत्या करार देते हुए कहा कि यह किसी भी स्थिति में कानूनी रूप से मान्य नहीं है. कोर्ट ने प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के उल्लंघन पर टिप्पणी करते हुए कहा कि अनिश्चित काल के लिए निष्कासन जैसी अत्यधिक कठोर सजा देने से पहले—जो प्रथम दृष्टया अधिनियम और अध्यादेश के तहत अधिकृत भी नहीं लगती—याचिकाकर्ता को जांच रिपोर्ट के साथ कारण बताओ नोटिस तक नहीं दिया गया.यह कार्रवाई निष्पक्षता की कसौटी पर खरी नहीं उतरती और प्राकृतिक न्याय का स्पष्ट उल्लंघन है.हाईकोर्ट ने ओएसडी (प्रशासन) द्वारा जारी14अगस्त, 2024के निष्कासन आदेश को निरस्त करते हुए विश्वविद्यालय को निर्देश दिया कि आकाश कुमार को तुरंत उनके कोर्स में वापस लिया जाए.साथ ही, कोर्ट ने यह भी कहा कि छात्र से आगे अनुशासन बनाए रखने की अपेक्षा की जाती है.पटना से आनंद वर्मा की रिपोर्ट-
बिहार के नरकटियागंज से पुलिस ने एक ऐसी गिरफ्तारी की है जिसने पुलिस को भी हैरान कर दिया। दरअसल साल 2006 के डकैती कांड का आरोपी सुरेंद्र ठाकुर करीब दो दशक से पुलिस की पकड़ से दूर था। गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने अपना हुलिया तक बदल लिया। दाढ़ी-बाल बढ़ाए, साधु का भेष धारण किया और नेपाल के अलग-अलग इलाकों में ठिकाना बनाकर रहने लगा। लेकिन आखिरकार पुलिस की एक गुप्त सूचना ने उसकी पूरी कहानी का अंत कर दिया।नरकटियागंज पुलिस ने बताया कि डकैती के मामले में फरार होने के बाद सुरेंद्र ठाकुर नेपाल चला गया था। वहां उसने पुलिस से बचने के लिए साधु का रूप अपना लिया और लगातार अपने ठिकाने बदलता रहा। लंबे समय तक वह इसी पहचान के सहारे पुलिस की नजरों से बचता रहा। इसी बीच शिकारपुर पुलिस को आरोपी के बारे में गुप्त सूचना मिली। शिकारपुर थानाध्यक्ष मनोज कुमार सिंह ने एसआई राजेश कुमार के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की। टीम ने चमुआ चौक पर घेराबंदी की और मौके पर सुरेंद्र ठाकुर को दबोच लिया।गिरफ्तार सुरेंद्र ठाकुर लंगड़ा-दिउलिया गांव का रहने वाला है। उसके खिलाफ बलथर थाना में वर्ष 2006 में डकैती का मामला दर्ज है। पुलिस के अनुसार, अदालत से उसके खिलाफ स्थायी वारंट भी जारी था और वह लंबे समय से फरार चल रहा था। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान आरोपी ने वर्ष 2001 से डकैतों के साथ रहने और कई आपराधिक घटनाओं में शामिल होने की बात बताई है। हालांकि, इन दावों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के जरिए होगी। करीब दो दशक तक पहचान छिपाकर पुलिस से बचता रहा आरोपी आखिरकार शिकारपुर पुलिस की घेराबंदी में फंस गया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।नरकटियागंज से अजय पाण्डेय की रिपोर्ट
पटना: किसान सभा के राज्य वित्त सचिव मनोज कुमार चंद्रवंशी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा कि किसान, खेतमजदूरों का राज्य स्तरीय भूमि अधिकार सम्मेलन30सितम्बर को प्रेक्षागृह, लहरियासराय, दरभंगा में होगा. लगभग एक हजार किसान - खेत मजदूर शामिल होंगे.सम्मेलन के मुख्य वक्ता अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक धवले, ऑल इण्डिया खेतिहर एवं ग्रामीण मजदूर यूनियन के राष्ट्रीय संयुक्त सचिव विक्रम सिंह होंगे. राज्य से किसान सभा के राज्य अध्यक्ष सह विधायक अजय कुमार, राज्य महासचिव विनोद कुमार, राष्ट्रीय संयुक्त सचिव अवधेश कुमार तथा खेतिहर ग्रामीण मजदूर यूनियन के राज्य महासचिव रामाश्रय महतो, राज्य अध्यक्ष रंगलाल पासवान सहित अन्य वक्ता होंगे.राज्य के किसानों एवं खेतिहर मजदूरों के अधिकार एवं समस्याओं पर चर्चा होगी. जिलों से आये प्रतिनिधि अपने - अपने विचार व्यक्त करेंगे. सम्मेलन में आगे की आंदोलन की घोषणा की जाएगी.पटना से अंकिता की रिपोर्ट-
पटना: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में गंगा,गंडक और कोसी नदी परियोजनाओं,बक्सर-भागलपुर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे,पीरपैंती तापीय विद्युत परियोजना और पीएम-कुसुम योजना की समीक्षा बैठक हुई. बैठक में बाढ़ प्रबंधन,सड़क संपर्क और सौर ऊर्जा से जुड़ी परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी ली गई.कोसी नदी प्रणाली की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने दीर्घकालिक बाढ़ जोखिम न्यूनीकरण की रणनीति के तहत काम करने का निर्देश दिया. उन्होंने गाद प्रबंधन को प्राथमिकता देने और नए बैराज के निर्माण की दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने को कहा. कोसी के शुरुआती 100 किलोमीटर के डेंजर जोन में डबल शीट पायलिंग की आवश्यकता पर भी जोर दिया.गंडक नदी से जुड़े कार्यों की समीक्षा करते हुए तटबंधों पर सोलर प्लांट लगाने की दिशा में काम करने का निर्देश दिया गया. मुख्यमंत्री ने गंगा,कोसी और गंडक के तटबंधों को मजबूत करने के साथ उनके किनारे फोरलेन सड़क निर्माण की दिशा में भी कार्य करने की बात कही.सड़क निर्माण विभाग की समीक्षा में 348.196 किलोमीटर लंबे बक्सर-भागलपुर 6-लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे की प्रगति पर चर्चा हुई. गंगा-अंबिका पथ,नारायणी पथ और विश्वामित्र पथ की भी समीक्षा की गई.ऊर्जा विभाग की समीक्षा में 3x800 मेगावाट पीरपैंती तापीय विद्युत परियोजना और बांका तापीय विद्युत संयंत्र की प्रगति पर चर्चा हुई. पीएम-कुसुम योजना के तहत कृषि फीडरों के सोलराइजेशन में तेजी लाने और राजकीय नलकूपों को सौर ऊर्जा से संचालित करने का निर्देश मुख्यमंत्री ने दिया.पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-
पटना: विकासशील इंसान पार्टी (VIP)के प्रमुख मुकेश सहनी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर विवादित बयान दिया है. 24 सितंबर को पटना में पत्रकारों से बातचीत के दौरान सहनी ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानीSIRको लेकर सवाल उठाए.मुकेश सहनी ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर उन्हें एक हत्या माफ होती तो वह ज्ञानेश कुमार को गोली मार देते. हालांकि,अपने बयान में उन्होंने यह भी कहा कि वे संविधान को मानने वाले व्यक्ति हैं. यह टिप्पणी राजनीतिक विवाद का केंद्र बन गई है.सहनी ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग भाजपा का आयोग बन चुका है और उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त पर संविधान के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया. उन्होंने चुनाव प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाते हुए कहा कि यदि चुनाव में जनादेश को गलत तरीके से प्रभावित किया जाए तो चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठना स्वाभाविक है. ये आरोप सहनी के हैं और स्वतंत्र रूप से स्थापित तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किए जा रहे हैं.दरअसल,चुनाव आयोग के भीतरSIRऔर अन्य मुद्दों को लेकर दो चुनाव आयुक्तों द्वारा आपत्तियां जताए जाने की रिपोर्ट के बाद राजनीतिक विवाद बढ़ा है. रिपोर्ट के मुताबिक दोनों आयुक्तों ने कई मौकों पर असहमति दर्ज की थी. वहीं,चुनाव आयोग ने कहा है कि अलग-अलग राय होना सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है और फैसले नियमों के अनुसार लिए जाते हैं.मुकेश सहनी के बयान के बाद मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयोग को लेकर राजनीतिक बहस और तेज हो गई है.पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-
समस्तीपुर:बिहार के समस्तीपुर में नाबालिग लड़की के साथ सरेआम छेड़खानी का वीडियो सामने आने के बाद बिहार की सियासत गरमा गई है. नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इस घटना को लेकर बिहार सरकार पर निशाना साधा है. पटना में मीडिया से बातचीत के दौरान तेजस्वी यादव ने कहा कि जमुई के बाद अब समस्तीपुर का वीडियो सामने आया है,जो बेहद निंदनीय है.तेजस्वी यादव ने राज्य की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि बिहार में कानून व्यवस्था का जनाजा निकल चुका है. उन्होंने कहा कि राज्य में लगातार अपराध की घटनाएं सामने आ रही हैं और पुलिस-प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं.तेजस्वी ने पटना में जनप्रतिनिधि पर हुई गोलीबारी का भी जिक्र किया और कहा कि हत्या,लूट,अपहरण और फिरौती जैसी घटनाएं लगातार हो रही हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष के कुछ मंत्री गंभीर घटनाओं को छिटपुट घटना बताकर अपना पल्ला झाड़ लेते हैं.नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री पर भी गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई के बजाय कई मामलों को दबाने की कोशिश की जाती है. साथ ही थाना और प्रखंड स्तर पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए उन्होंने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए.वहीं,समस्तीपुर मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने वीडियो को सोशल मीडिया पर साझा करने को लेकर भी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है.पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-
मुजफ्फरपुर: बिहार के मुजफ्फरपुर से एक महिला को ब्लैकमेल करने,शारीरिक शोषण का प्रयास करने और मारपीट करने का मामला सामने आया है. यह घटना सिकंदरपुर थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है. पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर आरोपी युवक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.जानकारी के अनुसार,आरोपी संजीव पटेल ने लगभग तीन साल पहले महिला का आपत्तिजनक वीडियो बना लिया था. इसके बाद वह वीडियो वायरल करने की धमकी देकर महिला को ब्लैकमेल कर रहा था और उस पर शारीरिक संबंध बनाने का दबाव डाल रहा था. जब महिला ने आरोपी से संपर्क बंद कर दिया,तो उसने उसके फोटो और वीडियो मोहल्ले में दिखाकर उसे बदनाम करने की कोशिश की.आरोप है कि मंगलवार को आरोपी जबरन महिला के घर में घुस गया और उसके साथ जोर-जबरदस्ती करने लगा. जब महिला के पति ने विरोध किया,तो आरोपी ने उनके साथ भी मारपीट की और उनका गला दबाने का प्रयास किया. शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे,जिसके बाद पति-पत्नी की जान बची. घटना के दौरान महिला के गले से सोने का ढोलना गायब होने का भी आरोप है.इसके अलावा,पुलिस के पास शिकायत करने पर आरोपी के भाई संतोष पटेल पर पति-पत्नी को जान से मारने और उनके बच्चे का अपहरण करने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है. पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है.मुजफ्फरपुर से रविरंजन कुमार की रिपोर्ट-
सुपौल:बड़ी खबर बिहार के सुपौल से है जहां जिला मुख्यालय स्थित जिला परिवहन कार्यालय (DTO)में गुरुवार दोपहर विजिलेंस विभाग की टीम ने अचानक छापेमारी करते हुए डेटा ऑपरेटर नंदलाल कुमार को 15 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया है. बताया जा रहा है कि सुपौल जिला मुख्यालय स्थित जिला परिवहन कार्यालय (DTO)में गुरुवार दोपहर विजिलेंस विभाग की टीम ने अचानक छापेमारी शुरू की. करीब12बजे कार्यालय पहुंची टीम ने अंदर जाकर जांच शुरू की. अचानक हुई कार्रवाई से परिवहन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया. निगरानी विभाग की टीम नेDTOकार्यालय में कार्यरत डेटा ऑपरेटर नंदलाल कुमार को 15000 रुपये घूस लेते रंगेहाथ पकड़ा है.विजिलेंस विभाग की टीम के अधिकारी कार्यालय में विभिन्न बिंदुओं पर जांच कर रही है. टीम की कार्रवाई के दौरान कार्यालय परिसर में लोगों की आवाजाही भी बढ़ गई. अधिकारियों और कर्मचारियों से पूछताछ किए जाने की भी जानकारी सामने आ रही है.बताया जा रहा है कि निगरानी टीम द्वारा कार्यालय में मौजूद दस्तावेजों और रिकॉर्ड की भी जांच की गई. विजिलेंस टीम की अचानक हुई कार्रवाई के बाद कार्यालय में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया. निगरानी विभाग की ओर से आधिकारिक बयान जारी होने के बाद ही गिरफ्तारी के कारण और पूरे मामले की स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी.सुपौल से विष्णु गुप्ता की रिपोर्ट--
गयाजी- अंतरराष्ट्रीय पितृपक्ष मेला महासंगम 2026 का आगाज 25 सितंबर से होने जा रहा है। यह मेला 10 अक्टूबर तक चलेगा। पितृपक्ष के दौरान देश के अलग-अलग हिस्सों के साथ-साथ विदेशों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु गया और बोधगया पहुंचेंगे और अपने पितरों की आत्मा की शांति के लिए पिंडदान और तर्पण करेंगे। पितृपक्ष मेले को लेकर गया और बोधगया में तैयारियां अंतिम चरण में हैं। विष्णुपद मंदिर श्रद्धालुओं के लिए प्रमुख पिंडदान स्थल रहेगा। इसके अलावा बोधगया की तीन प्रमुख पिंडदान वेदियों पर भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।पितृपक्ष में गया में पिंडदान को लेकर धार्मिक मान्यता है कि यहां फल्गु नदी, विष्णुपद मंदिर और पिंडदान वेदियों पर विधि-विधान से श्राद्ध और पिंडदान करने से पितरों को मोक्ष की प्राप्ति होती है। मान्यता के अनुसार, गया को पितृश्राद्ध के प्रमुख तीर्थस्थलों में माना जाता है और यहां पिंडदान करने से पूर्वजों का आशीर्वाद प्राप्त होता है। यह धार्मिक आस्था है; इसे वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित तथ्य के रूप में नहीं माना जाता।श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए प्रशासन की ओर से सुरक्षा, यातायात, साफ-सफाई , बिजली सेवा और अन्य व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने का काम किया जा रहा है। पितृपक्ष मेले के दौरान गया में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती होगी। इसे देखते हुए संबंधित विभागों को व्यवस्थाएं समय पर पूरा करने पर जोर दिया जा रहा है। कुल मिलाकर, 25 सितंबर से शुरू होने वाले अंतरराष्ट्रीय पितृपक्ष मेला महासंगम को लेकर गया पूरी तरह तैयार है। अब देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के पहुंचने का इंतजार है।गयाजीसे मनोज सिंह की रिपोर्ट
औरंगाबाद : बड़ी खबर बिहार के औरंगाबाद से है जहां बेखौफ अपराधियों ने दिनदहाड़े सीएसपी संचालक को गोली मारकर करीब तीन लाख रुपये लूट लिया. बाइकसवार अपराधियों ने फेसर थाना क्षेत्र के बद्री बिगहा और पिरौटा गांव के बीच ओवरटेक कर सीएसपी संचालक की बाइक रोकी और हथियार के बल पर लूटपाट की. विरोध करने पर अपराधियों ने जांघ में गोली मार दी और लैपटॉप समेत अन्य सामान लेकर फरार हो गए. घटना के बाद सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच कर अग्रेतर कार्रवाई में जुट गई है.बताया जा रहा है कि गुरुवार सुबह प्रदीप कुमार अपने घर से सीएसपी खोलने के लिए कुरहमा जा रहे थे. इसी दौरान फेसर थाना क्षेत्र के बद्री बिगहा और पिरौटा गांव के बीच बाइक सवार अपराधियों ने ओवरटेक कर उनकी बाइक रोक दी. अपराधियों ने रुपये छीनने का प्रयास किया और विरोध करने पर प्रदीप कुमार की जांघ में गोली मार दी. गोली लगने के बाद अपराधी करीब तीन लाख रुपये,लैपटॉप और अन्य सामान लेकर मौके से फरार हो गए. घायल प्रदीप कुमार को इलाज के लिए सदर अस्पताल लाया गया,जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए मगध मेडिकल कॉलेज,गया रेफर कर दिया गया है. वहीं घटना की सूचना मिलते ही फेसर थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है. पुलिस अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए छानबीन में जुटी है. दिनदहाड़े हुई इस वारदात से इलाके में दहशत का माहौल है. घायल सीएसपी संचालक की पहचान पिरौटा गांव निवासी 32 वर्षीय प्रदीप कुमार के रूप में हुई है. प्रदीप कुमार कुरहमा गांव में बैंक ऑफ बड़ौदा का सीएसपी संचालित करते हैं.औरंगाबाद से मंन्टू कुमार की रिपोर्ट-
पटना: बिहार में 1799 पदों पर दारोगा भर्ती परीक्षा रद्द किए जाने के फैसले के बाद अभ्यर्थियों का गुस्सा सड़क पर दिखाई दिया. पटना में पीटी और मेंस परीक्षा पास कर चुके अभ्यर्थियों नेBPSSCआयोग कार्यालय के बाहर पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया. अभ्यर्थियों ने परीक्षा रद्द करने के फैसले पर सवाल उठाते हुए इसे वापस लेने की मांग की.प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का कहना है कि दारोगा भर्ती प्रक्रिया में वे कई महत्वपूर्ण चरणों को सफलतापूर्वक पूरा कर चुके हैं. पीटी और मेंस परीक्षा पास करने के बाद अब भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ने की उम्मीद थी,लेकिन परीक्षा रद्द किए जाने के फैसले से अभ्यर्थियों के सामने नई परेशानी खड़ी हो गई है.अभ्यर्थियों ने आयोग कार्यालय के बाहर अपनी नाराजगी जाहिर की और भर्ती प्रक्रिया को लेकर जल्द स्पष्ट फैसला लेने की मांग की. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि लंबे समय से वे इस भर्ती की तैयारी कर रहे हैं और परीक्षा के कई चरणों में सफलता हासिल कर चुके हैं.छात्रों ने आयोग से मांग की कि परीक्षा रद्द करने के फैसले पर दोबारा विचार किया जाए और भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाए. प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थियों ने अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी भी की.अब सभी की नजरBPSSCकी अगली कार्रवाई और अभ्यर्थियों की मांग पर आयोग के रुख पर है.पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-
समस्तीपुर: जमुई में छात्रा से छेड़छाड़ का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ कि समस्तीपुर से भी एक युवती के साथ सरेराह कथित अभद्रता का वीडियो सामने आया है. यह मामला पिछले दिनों जिला मुख्यालय से कुछ किलोमीटर दूर कर्पूरीग्राम थाना क्षेत्र के जगतसिंहपुर गांव स्थित बांध बाइपास रोड का बताया जा रहा है. पुलिस ने मामले में 4 आरोपी युवकों को पकड़ा है और सभी से पूछताछ कर रही है.बताया जा रहा है कि युवती एक युवक के साथ बाइक से जा रही थी. दोनों सड़क किनारे रुककर फोटो ले रहे थे. इसी दौरान कुछ युवक वहां पहुंच गए और युवती को घेर लिया. आरोप है कि युवकों ने उसके साथ गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार किया. घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया.समस्तीपुर एसपी ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की और करीब छह घंटे के अंदर सभी चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. एसपी के मुताबिक,आरोपियों को जेल भेजने की प्रक्रिया की जा रही है.एसपी ने यह भी बताया कि पीड़िता नाबालिग है. नाबालिग से जुड़े मामले में लागू धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है और आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.पुलिस का कहना है कि वायरल वीडियो और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की भी जांच की जा रही है.समस्तीपुर से कैशर खान की रिपोर्ट--
पटना: बैंक ग्राहकों के लिए बड़ी खबर है. देशव्यापी बैंक हड़ताल से पहले 27 सितंबर,रविवार को सभी व्यावसायिक और ग्रामीण बैंक खुले रहेंगे. रिजर्व बैंक की अनुमति के बाद बैंकों को रविवार को सामान्य कामकाज के लिए खोलने का निर्देश दिया गया है. इसका उद्देश्य ग्राहकों को लगातार कई दिनों तक बैंक शाखाएं बंद रहने से होने वाली परेशानी से राहत देना है.यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस यानीUFBUने 28 से 30 सितंबर 2026 तक तीन दिवसीय देशव्यापी बैंक हड़ताल का आह्वान किया है. इससे पहले 26 सितंबर को शनिवार और 27 सितंबर को रविवार की छुट्टी थी. ऐसे में लगातार पांच दिनों तक बैंक शाखाओं का नियमित कामकाज प्रभावित होने की स्थिति बन रही थी.रविवार को बैंक खोलने से ग्राहकों को हड़ताल शुरू होने से पहले जरूरी बैंकिंग काम निपटाने का मौका मिलेगा. ग्राहक जमा-निकासी,चेक से जुड़े काम,ऋण और अन्य बैंकिंग सेवाओं के लिए शाखाओं का उपयोग कर सकेंगे.हालांकि,रविवार को बैंक खोलने के फैसले से बैंक यूनियनों में नाराजगी है. ऑल इंडिया बैंक कंफेडरेशन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमरेश विक्रमादित्य और ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन के राष्ट्रीय सचिव डीएन त्रिवेदी ने इस फैसले पर आपत्ति जताई है. यूनियनों ने रिजर्व बैंक से रविवार को बैंक खोलने का आदेश वापस लेने की मांग की है.28 से 30 सितंबर की प्रस्तावित हड़ताल के दौरान शाखाओं में जमा-निकासी,चेक क्लियरेंस,ऋण और अन्य ग्राहक सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं. डिजिटल बैंकिंग, UPIऔरATMसेवाओं पर असर संबंधित बैंक और हड़ताल में कर्मचारियों की भागीदारी पर निर्भर करेगा.पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट--