

सोमवार, 14 सितंबर 2026
Liveकटिहार : कुरसेला प्रखंड में बाढ़ प्रभावित परिवारों के बीच बच्चों की जरूरतों को लेकर प्रकाशित खबर का बड़ा असर देखने को मिला है. खबर सामने आने के बाद कटिहार के जिला पदाधिकारी ने मामले का संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल आवश्यक निर्देश दिए.जिला पदाधिकारी के निर्देश के बाद कुरसेला की अंचल पदाधिकारी अनुपम के नेतृत्व में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में0से6वर्ष तक के बच्चों के लिए दो समय दूध वितरण की व्यवस्था शुरू की गई. इससे बाढ़ के बीच राहत शिविरों और ऊंचे स्थानों पर रह रहे छोटे बच्चों के परिवारों को काफी राहत मिली है.प्रशासन की इस पहल से प्रभावित परिवारों ने राहत की उम्मीद जताई है. स्थानीय लोगों का कहना है कि संकट की इस घड़ी में बच्चों के लिए दूध की व्यवस्था बेहद जरूरी थी. खबर प्रकाशित होने के बाद प्रशासन द्वारा त्वरित कार्रवाई किए जाने से लोगों में प्रशासन के प्रति भरोसा बढ़ा है.कटिहार से रितेश रंजन की रिपोर्ट-
कटिहार : जिले के कुरसेला गंगा-कोसी की बाढ़ ने कुरसेला प्रखंड के तटवर्ती इलाकों में रहने वाले परिवारों की जिंदगी त्रासदी में बदल दिया है. घरों में बाढ़ का पानी घुसने के बाद लोग अपने ही घरों से बेघर हो गए हैं. कोई सड़क किनारे, कोई पुल-पुलिया पर, कोई बांध और रेलवे ढाला के आसपास तो कोई माल गोदाम में छोटे-छोटे बच्चों को लेकर शरण लेने को मजबूर हैं. सिर छिपाने के लिए जगह तो मिल गई, लेकिन बच्चों की जरूरतें पूरी नहीं हो पा रही है. सबसे ज्यादा परेशानी उन माताओं की है, जिनकी गोद में दूधमुंहे बच्चे हैं.माल गोदाम और राहत शिविरों में रह रहे दर्जनों छोटे बच्चों के लिए दूध का इंतजाम नहीं होने से माताएं परेशान हैं. उनका कहना है कि गांव में बच्चे रोज दूध पीते थे, लेकिन बाढ़ के कारण घर छूटने के बाद बच्चों के लिए दूध तक उपलब्ध नहीं हो पा रहा है. आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को मिलने वाली सेवाएं भी बाढ़ प्रभावित परिवारों तक नहीं पहुंच पा रही हैं. माल गोदाम में शरण लिए महिलाओं की आंखों में बाढ़ की बेबसी साफ दिखाई देती है.बिंदटोली निवासी पिंकी देवी, पूजा कुमारी, अंजली देवी और चांदनी देवी ने बताया कि वे करीब एक सप्ताह से अपने छोटे-छोटे बच्चों के साथ यहां शरण लेकर रह रही हैं. घर में पानी भर गया है, इसलिए वापस लौटने की स्थिति में नहीं हैं. किसी तरह बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए माल गोदाम में ठिकाना बनाया है. लेकिन बच्चों के लिए दूध नहीं मिल रहा है. महिलाओं ने अपनी स्थानीय भाषा में अपनी पीड़ा बताते हुए कहा, "शिविर में बच्चा के दूध नइ मिलै छै. दूध नइ पिला पाने पर बच्चा कानै छै, कैसे बच्चा पालियै बाबू..." यह कहते-कहते कई महिलाओं की आंखें नम हो गई. उनका कहना था कि बच्चे दूध पीने के आदी हैं. अचानक दूध बंद हो जाने से बच्चे बार-बार रोते हैं. मां उन्हें चुप कराने की कोशिश करती हैं, लेकिन जब उनके पास देने के लिए दूध ही नहीं होता तो उनकी बेबसी और बढ़ जाती है.पिंकी देवी नामक महिला ने बताया कि घर में बाढ़ का पानी आने के बाद बच्चों को लेकर सुरक्षित जगह की तलाश में यहां आना पड़ा है. पहले घर में रहते हुए बच्चों के खाने-पीने की व्यवस्था किसी तरह हो जाती थी, लेकिन अब सब कुछ राहत और दूसरों की मदद पर निर्भर हो गया है. उन्होंने कहा कि बच्चों के लिए भोजन के साथ दूध की भी व्यवस्था होनी चाहिए.बाढ़ के बीच छोटे बच्चों के साथ खुले या अस्थायी ठिकानों में रह रही माताओं की मुश्किल केवल आंगनबाड़ी की नियमित सेवाएं प्रभावित होने से बच्चों को मिलने वाली पोषण संबंधी सुविधाएं भी बाधित हैं.बाढ़ ने इन परिवारों से उनका घर, सामान और रोजमर्रा की जिंदगी छीन ली है. अब उनकी सबसे छोटी जरूरत भी बड़ी समस्या बन गई है. माल गोदाम में बैठी एक मां अपने रोते बच्चे को गोद में लेकर बस यही चाहती हैं कि किसी तरह उसे एक गिलास दूध मिल जाए. उसके लिए इस समय यही सबसे बड़ी राहत है.कटिहार से रितेश रंजन की रिपोर्ट--
कटिहार:जिलेमें बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है. कटिहार जिला भी बाढ़ की चपेट में है और प्रशासन हाई अलर्ट पर है. कटिहार के अमदाबाद प्रखंड के कई इलाकों में बाढ़ का पानी घरों में प्रवेश कर चुका है. बड़ी संख्या में लोग ऊंचे स्थानों पर शरण लेने को मजबूर हैं,जबकि कई परिवार घरों में ही मचान के सहारे जिंदगी गुजार रहे हैं.पारदियारा सहित भवानीपुर खट्टी, दुर्गापुर, चौकिया पहाड़पुर, नगर पंचायत, दक्षिणी करीमुल्लापुर समेत कई पंचायतों के गांव चारों तरफ से पानी से घिरकर टापू में तब्दील हो चुके हैं. बाढ़ के कारण लोगों के सामने आवागमन के साथ-साथ खाने-पीने और रोजमर्रा की जरूरतों का संकट भी गहराने लगा है.इसी बीच सोमवार को कटिहार के जिला पदाधिकारी आशुतोष द्विवेदी अमदाबाद पहुंचे और नाव से बाढ़ प्रभावित इलाकों का निरीक्षण कर जमीनी स्थिति का जायजा लिया. डीएम ने सबसे पहले प्रखंड कार्यालय में जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के साथ बैठक की. बैठक में उन्होंने पूरे प्रखंड में बाढ़ की मौजूदा स्थिति, प्रभावित पंचायतों और ग्रामीणों की समस्याओं की जानकारी ली.जनप्रतिनिधियों ने डीएम को बताया कि कई गांवों में बाढ़ का पानी लोगों के घरों में प्रवेश कर चुका है. लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ ही राहत सामग्री की तत्काल जरूरत है. जनप्रतिनिधियों ने प्रभावित परिवारों तक सूखा राशन सहित अन्य जरूरी राहत सामग्री पहुंचाने और सरकार की ओर से मिलने वाली सहायता राशि जल्द लाभार्थियों के खातों में भेजने की मांग की.बैठक के बाद जिला पदाधिकारी ने नाव से दुर्गापुर,भवानीपुर खट्टी,पारदियारा और चौकिया पहाड़पुर पंचायत के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण किया। उन्होंने जलमग्न गांवों, घरों में घुसे पानी और ग्रामीणों के आवागमन की स्थिति को करीब से देखा. इस दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी ग्रामीणों की समस्याओं और तत्काल जरूरतों से डीएम को अवगत कराया.बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला पदाधिकारी आशुतोष द्विवेदी लगातार जिले के विभिन्न बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों पर नजर बनाए हुए हैं. वे अलग-अलग इलाकों का जायजा लेकर प्रशासनिक स्तर पर राहत एवं बचाव कार्यों की स्थिति से भी अवगत हो रहे हैं. डीएम ने कहा कि बाढ़ जैसी आपदा की स्थिति में प्रशासन की ओर से प्रभावित लोगों तक हरसंभव मदद पहुंचाई जा रही है. जहां अतिरिक्त सहायता की जरूरत होगी, वहां भी आवश्यक मदद उपलब्ध कराई जाएगी.इधर,ग्रामीणों का कहना है कि कई इलाकों में पानी लगातार बढ़ रहा है. ऐसे में समय रहते राहत सामग्री, भोजन और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गईं तो लोगों की परेशानी और बढ़ सकती है. ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन एवं बिहार सरकार से प्रभावित परिवारों तक जल्द से जल्द राहत पहुंचाने की मांग की है.निरीक्षण के दौरान एसडीएम त्रिलोकी नाथ सिंह, बीडीओ रणवीर कुमार, लखनपुर पंचायत की मुखिया श्वेता रॉय, भवानीपुर खट्टी पंचायत के मुखिया तपन मंडल, नगर पंचायत के मुख्य पार्षद बबलू मंडल, प्रमुख प्रतिनिधि मोहम्मद अजहर, उप प्रमुख प्रतिनिधि माथुर मंडल सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहे.
कटिहार : जिले के कुरसेला और समेली प्रखंड में संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है. जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने शुक्रवार को कुरसेला प्रखंड के मधेली गांव स्थित गंगा नदी के तटबंध का निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने गंगा और कोशी नदी के किनारे चल रहे बाढ़ निरोधी कार्यों का जायजा लिया और तटबंधों की सुरक्षा व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की.जिलाधिकारी ने निरीक्षण के दौरान मौके पर मौजूद कार्यपालक अभियंताओं से बाढ़ निरोधी कार्यों की प्रगति की जानकारी ली. उन्होंने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता,तकनीकी मानकों और निर्धारित समय-सीमा का हर हाल में पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि बाढ़ संभावित क्षेत्रों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने संवेदनशील स्थलों की लगातार निगरानी करने और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त सुरक्षात्मक उपाय करने के निर्देश भी दिए.डीएम ने कहा कि गंगा और कोशी नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी की संभावना बनी रहती है,ऐसे में तटबंधों की मजबूती और सुरक्षा पर विशेष ध्यान देना जरूरी है. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसी भी समस्या की सूचना तत्काल जिला प्रशासन को दी जाए,ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके.निरीक्षण के दौरान संबंधित विभाग के अभियंता और अन्य अधिकारी मौजूद रहे. जिला प्रशासन की ओर से कहा गया है कि संभावित बाढ़ से निपटने के लिए सभी जरूरी तैयारियां की जा रही है और आम लोगों की सुरक्षा के लिए हरसंभव कदम उठाए जाएंगे. वहीं इस मौके पर एडीएम विनोद कुमार,कटिहार सदर एसडीओ सूरज कुमार,बीडीओ कुमारी प्रियवंदा,सीओ अनुपम,जिला परिषद सदस्य उमेश कुमार यादव उर्फ उमा यादव,मुखिया प्रतिनिधि शंकर चौधरी,शाहिद जनप्रतिनिधि मौके पर मौजूद थे.कटिहार से रितेश कुमार की रिपोर्ट-
कटिहार : बिहार में शिक्षकों की विद्यालय में उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए शिक्षा विभाग ने ‘मार्क ऑन ड्यूटी’ और डिजिटल अटेंडेंस की व्यवस्था लागू की है. इसके तहत शिक्षकों को विद्यालय परिसर में मौजूद रहकर ई-शिक्षा कोश पोर्टल के माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज करनी होती है.लेकिन कटिहार में ई-शिक्षा कोश पोर्टल के पिछले महीने के आंकड़ों की समीक्षा के बाद एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. समीक्षा के दौरान ऐसे शिक्षकों को चिह्नित किया गया है, जो अपने पदस्थापित विद्यालय में तो मौजूद नहीं थे, बल्कि कथित तौर पर दूसरे जिले और यहां तक कि दूसरे राज्य में रहते हुए भी डिजिटल माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज कर रहे थे.जांच के बाद कटिहार जिले के करीब 21 विद्यालयों के 21 शिक्षकों को चिह्नित किया गया है. इन सभी शिक्षकों को विभाग की ओर से शोकॉज नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है.कटिहार के जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि शिक्षकों द्वारा दिए गए जवाब की जांच की जाएगी और अगर उनका स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया गया,तो संबंधित शिक्षकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.दरअसल,बिहार सरकार और शिक्षा विभाग लगातार सरकारी स्कूलों की व्यवस्था में सुधार और शिक्षकों की जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए डिजिटल मॉनिटरिंग समेत कई कदम उठा रहे हैं. ऐसे में अगर शिक्षक ही डिजिटल व्यवस्था का दुरुपयोग कर अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे,तो शिक्षा व्यवस्था में सुधार की इन कोशिशों पर सवाल उठना लाजिमी है.कटिहार से रितेश रंजन की रिपोर्ट--
कटिहार:कुरसेला प्रखंड के 79 महिला-पुरुष सफाईकर्मी पिछले पांच दिनों से तीन माह के बकाया मानदेय की भुगतान की मांग को लेकर हड़ताल पर हैं. मानदेय का भुगतान नहीं होने से नाराज दर्जनों सफाईकर्मी सड़क पर उतर आए और नगर पंचायत प्रशासन के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया.प्रदर्शनकारी एनएच-31 से अयोध्यागंज बाजार होते हुए शहीद चौक पहुंचे. इस दौरान सफाईकर्मियों ने नगर पंचायत प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए बकाया मानदेय का शीघ्र भुगतान करने की मांग की. इसके बाद सभी सफाईकर्मी नगर पंचायत कार्यालय पहुंचे और वहां भी अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया.सफाईकर्मियों का आरोप है कि उन्हें पिछले तीन माह से मानदेय का भुगतान नहीं किया गया है. उनके परिवार के सामने आर्थिक संकट की स्थिति हो गई है. सफाईकर्मियों ने यह भी आरोप लगाया है कि हड़ताल के दौरान उन्हें नौकरी से हटाने की धमकी दी जाती है.इसके अलावा निर्धारित समय से अधिक घंटे काम कराने और काम के दौरान भेदभाव किए जाने को लेकर भी कर्मियों में नाराजगी है.प्रदर्शन कर रहे सफाईकर्मियों ने कहा कि वे नगर पंचायत क्षेत्र की सफाई व्यवस्था को सुचारु रखने में लगातार अपनी भूमिका निभाते हैं, लेकिन समय पर मानदेय नहीं मिलने से उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. कर्मियों ने बकाया तीन माह के मानदेय का तत्काल भुगतान करने और उनकी अन्य समस्याओं का समाधान करने की मांग की.सफाईकर्मियों की हड़ताल का सीधा असर नगर पंचायत की सफाई व्यवस्था पर पड़ा है. नगर क्षेत्र के चौक-चौराहों,मुख्य सड़कों और गली-मोहल्लों में जगह-जगह कचरे का अंबार लगा हुआ है. कचरा नहीं उठाए जाने से कई स्थानों पर दुर्गंध फैल रही है और लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है.आने वाले रक्षाबंधन पर्व को लेकर बाजारों में भी लोगों की आवाजाही बढ़ने लगी है.ऐसे समय में बाजार और मुख्य सड़कों पर जमा कचरे से दुकानदारों और स्थानीय लोगों में भी नाराजगी देखी जा रही है. लोगों का कहना है कि समय पर कचरा नहीं उठने से दुर्गंध के साथ-साथ संक्रमण और बीमारी फैलने की आशंका भी बनी हुई है.स्थानीय लोगों ने नगर पंचायत प्रशासन से सफाईकर्मियों की समस्याओं का शीघ्र समाधान कर हड़ताल समाप्त कराने और नगर क्षेत्र की सफाई व्यवस्था को जल्द सामान्य कराने की मांग की है.वहीं, सफाईकर्मियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक उनके तीन माह के बकाया मानदेय का भुगतान नहीं किया जाता और अन्य मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती,तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा.
कटिहार: गंगा और महानंदा नदियों का कटाव लगातार लोगों के लिए बड़ी त्रासदी बनता जा रहा है। जिले में अब तक करीब 30 गांव और टोले नदी की धाराओं में समा चुके हैं। इसके चलते 25 हजार से अधिक परिवार अपनी पुश्तैनी जमीन, घर और आजीविका गंवाकर विस्थापन का दर्द झेल रहे हैं।कटिहार में नदी अब केवल जमीन नहीं काट रही, बल्कि हजारों परिवारों की जिंदगी और पहचान का भूगोल बदल रही है।कटाव ने सबसे ज्यादा मनिहारी, प्राणपुर, बरारी और अमदाबाद प्रखंड के लोगों को प्रभावित किया है। मनिहारी में मदारीचक, समदा, बैजनाथपुर, बोलिया दियारा और महेशपुर समेत कई गांव गंगा में विलीन हो चुके हैं। सड़क, विद्यालय और दूसरी सरकारी परिसंपत्तियां भी नदी के कटाव की चपेट में आ चुकी हैं।प्राणपुर में महानंदा नदी ने कई गांवों का अस्तित्व मिटा दिया। जहां कभी हजारों लोगों की चहल-पहल रहती थी, वहां अब नदी की धारा बह रही है। बरारी में भी कई गांव कटाव की भेंट चढ़ चुके हैं। विस्थापित परिवार अलग-अलग स्थानों पर रहने को मजबूर हैं और नई बस्तियों में पुराने गांवों के नामों को जिंदा रखे हुए हैं।अमदाबाद में वर्ष 1980 से लोग कटाव का दंश झेल रहे हैं। कई गांव नदी में समा चुके हैं। बड़ी संख्या में विस्थापित परिवार आज भी तटबंध, सड़क और रेलवे लाइन किनारे अस्थायी झोपड़ियों में रहने को मजबूर हैं।स्थायी पुनर्वास और मजबूत तटबंध की मांग लंबे समय से उठती रही है। प्रशासन के अनुसार 15 अगस्त को 900 परिवारों को बासगीत पर्चा देने की तैयारी है। हालांकि प्रभावित परिवारों का सवाल है कि उन्हें स्थायी और सुरक्षित आवास कब मिलेगा।बिहार से वरिष्ठ संवाददाता संजय कुमार की रिपोर्ट
कटिहार:रेल जिला पुलिस ने मानसी रेल थाना क्षेत्र में विद्युतकर्मी देवकुमार गुंजन की हत्या के मामले का खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार, इस हत्याकांड की साजिश मृतक की पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर रची थी और कथित तौर पर एक सुपारी किलर की मदद से वारदात को अंजाम दिलाया गया। मामले में पुलिस ने मृतक की पत्नी समिता कुमारी, उसके कथित प्रेमी अजित कुमार तथा कथित सुपारी किलर राजू कुमार उर्फ धीरज को गिरफ्तार किया है।11 जून कोदेवकुमार गुंजन कोअपराधियों ने मारी थी गोलीरेल पुलिस के मुताबिक, 11 जून 2026 को मानसी रेल थाना क्षेत्र के बदलाघाट के पास देवकुमार गुंजन को अज्ञात अपराधियों ने गोली मार दी थी। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी। इस मामले में हत्या और आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर एसआईटी का गठन किया गया था।कथित प्रेम संबंध में हुई थी हत्यापुलिस का आरोप है कि तकनीकी और वैज्ञानिक अनुसंधान के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर यह सामने आया कि समिता कुमारी और अजित कुमार के बीच कथित प्रेम संबंध था। पुलिस के अनुसार, दोनों का आरोप है कि देवकुमार उनके संबंधों में बाधा बन रहे थे। इसी कारण कथित तौर पर योजना बनाकर सुपारी किलर राजू कुमार उर्फ धीरज को हत्या की जिम्मेदारी दी गई और गोली मारकर वारदात को अंजाम दिलाया गया।सुपारी किलर का खंगाला जा रहाआपराधिक इतिहासपुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से घटना में प्रयुक्त मोबाइल और सिम कार्ड जब्त किए हैं। साथ ही यह भी बताया कि कथित सुपारी किलर का आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है। पुलिस का कहना है कि मामले में अन्य संभावित आरोपियों की तलाश जारी है और अनुसंधान पूरा होने के बाद शीघ्र आरोपपत्र दाखिल किया जाएगा।
कटिहार:जिले के मनिहारी प्रखंड की धुरियाही पंचायत में गंगा का कटाव भयावह होता जा रहा है. गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी के साथ कटाव ने रफ्तार पकड़ ली है,जिससे कई गांवों पर अस्तित्व का संकट गहरा गया है. हालात ऐसे हैं कि ग्रामीण अपने घरों को खुद तोड़कर ट्रैक्टरों पर सामान लादकर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करने को मजबूर हैं. कटाव स्थल का दृश्य लोगों की बेबसी और प्रशासन के सामने खड़ी गंभीर चुनौती को बयां कर रहा है.धुरियाही पंचायत के मुखिया राजकुमार मंडल ने बताया कि पंचायत के चार से पांच वार्ड कटाव से गंभीर रूप से प्रभावित है. अब तक सैकड़ों परिवार पलायन कर चुके हैं,जबकि हजारों एकड़ उपजाऊ कृषि भूमि गंगा में विलीन हो चुकी है.उन्होंने कहा कि यदि शीघ्र स्थायी कटाव निरोधी कार्य नहीं कराया गया तो पूरी धुरियाही पंचायत का अस्तित्व संकट में पड़ सकता है.कटाव की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय विधायक मनोहर प्रसाद सिंह एवं सांसद तारिक अनवर भी प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर चुके हैं. पंचायत सरकार भवन के पास लगभग 250 मीटर कटाव निरोधी कार्य कराया गया है,लेकिन ग्रामीणों ने इस कार्य की गुणवत्ता और प्रभावशीलता पर सवाल उठाए हैं.सबसे बड़ी चिंता यह है कि कटाव की जद में पंचायत सरकार भवन, मध्य विद्यालय, प्लस-टू उच्च विद्यालय तथा सैकड़ों वर्ष पुराना प्रसिद्ध मंदिर सहित कई महत्वपूर्ण सरकारी एवं धार्मिक स्थल भी आ सकते हैं. ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और राज्य सरकार से तत्काल प्रभावी एवं स्थायी कटाव निरोधी कार्य कराने की मांग की है.
कटिहार : जिला पुलिस लाइन में 237 प्रशिक्षु पुलिसकर्मियों का दीक्षांत समारोह पूरे उत्साह, अनुशासन और जोश के साथ आयोजित किया गया. जवानों ने कदम से कदम मिलाकर ऐसी शानदार परेड पेश की कि पूरा परेड ग्राउंड तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा. समारोह में पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) विवेकानंद, पुलिस अधीक्षक परिचय कुमार, जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी सहित कई वरीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे.दीक्षांत समारोह के दौरान प्रशिक्षु जवानों ने ड्रिल, सलामी और अनुशासन का बेहतरीन प्रदर्शन कर अपनी कड़ी ट्रेनिंग की झलक दिखाई. अधिकारियों ने परेड की सलामी ली और जवानों की तैयारी की सराहना की. प्रशिक्षण के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन, अनुशासन और बेहतर उपलब्धि हासिल करने वाले पुलिसकर्मियों को सम्मानित भी किया गया. समारोह का सबसे भावुक नजारा तब देखने को मिला जब परेड ग्राउंड में मौजूद परिजनों ने अपने बेटे-बेटियों को वर्दी में कदमताल करते देखा. महीनों की मेहनत रंग लाने के बाद परिवार के चेहरों पर गर्व साफ दिखाई दे रहा था. कई अभिभावकों ने तालियां बजाकर जवानों का उत्साह बढ़ाया.अधिकारियों ने जवानों को ईमानदारी,अनुशासन और जनता की सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का संदेश दिया. दीक्षांत समारोह के साथ 237 प्रशिक्षु पुलिसकर्मी अब पूरी तरह सेवा के लिए तैयार हो गए और उन्होंने कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी निभाने का संकल्प लिया.कटिहार से रितेश कुमार की रिपोर्ट--
कटिहार: बड़ी खबर कटिहार से है जहां पुलिस ने शहर में हुई चेन स्नैचिंग की घटना का सफल उद्भेदन करते हुए 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने उनके कब्जे से चोरी गई चेन का गलाया हुआ9.810ग्राम सोना, मोटरसाइकिल और 6 मोबाइल फोन बरामद किए हैं. इस कार्रवाई को तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अंजाम दिया गया.‌ पुलिस के अनुसार29जून को नगर थाना क्षेत्र के गांधीनगर निवासी रमन कुमार चौधरी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि सुबह करीब5:10बजे उनकी पत्नी अपनी बच्ची को स्कूल वाहन में बैठाने के लिए सड़क किनारे खड़ी थी. तभी मोटरसाइकिल सवार दो बदमाशों ने झपट्टा मारकर उनके गले से सोने की चेन छीन ली और फरार हो गए. मामले में नगर थाना कांड संख्या726/26दर्ज किया गया. पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर सदर-01अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया. जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्य और गुप्त सूचना के आधार पर मुख्य आरोपी आसीफ आलम को गिरफ्तार किया गया. उसकी निशानदेही पर चोरी का सोना खरीदने वाले तीन लोगों तथा सोना गलाने वाले दो अन्य आरोपियों को भी दबोच लिया गया. पुलिस ने सभी आरोपियों को न्यायिक प्रक्रिया के तहत अदालत में प्रस्तुत कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है.कटिहार से रितेश कुमार की रिपोर्ट-
कटिहार : बड़ी खबर बिहार के कटिहार से है जहां मनिहारी नगर क्षेत्र के पूरब टोला में शनिवार को बेटे को बचाने गये माता-पिता की करंट लगने से मौत हो गई. करंट लगने के बाद लोगों ने तीनों को अस्पताल भेजा जहां इलाज के दौरान दोनों की मौत हो गई. वहीं बेटे की इलाज जारी है. घटना के बाद पुलिस मौके पर पहुंच कर दोनों शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया. प्राप्त जानकारी के अनुसारपूरब टोला निवासी मोहम्मद नाजिर के पुत्र समद अचानक विद्युत तार की चपेट में आ गये. बेटे को तड़पता देख उसकी मां जुबेदा खातून और पिता मोहम्मद नाजिर उसे बचाने के लिए दौड़े. इसी दौरान दोनों भी करंट की चपेट में आ गए और गंभीर रूप से झुलस गए.घटना के बाद आसपास के लोगों ने तत्काल तीनों को इलाज के लिए मनिहारी अनुमंडल अस्पताल पहुंचाया. परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में समय पर उचित उपचार नहीं मिलने और डॉक्टरों की लापरवाही के कारण मोहम्मद नाजिर और जुबेदा खातून की मौत हो गई. वहीं बेटे समद का इलाज जारी है.घटना की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण अस्पताल पहुंच गए और डॉक्टरों की कथित लापरवाही को लेकर आक्रोश व्यक्त किया. लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई तथा पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की. सूचना मिलने पर स्थानीय प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची तथा लोगों को समझाकर स्थिति को शांत कराया. पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है.कटिहार से रितेश कुमार की रिपोर्ट-
कटिहार:पंचायत विकास दिवस के मौके पर गरभेली में पंचायत सरकार भवन में कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इसी कड़ी में बिहार सरकार के खान एवं भूतत्व विभाग,क्ला संस्कृति मंत्री सह प्रभारी मंत्री डॉ.प्रमोद कुमार चंद्रवंशी कटिहार पहुंचे. जहां उन्होंने कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मन की बात' कार्यक्रम को भी सुना. इस मौके पर पूर्व डिप्टी सीएम सह सदर विधायक तारकिशोर प्रसाद,जिला अधिकारी आशुतोष द्विवेदी सहित कई अधिकारी और पदाधिकारी मौजूद रहे.मंत्री ने कहा कि पूरे बिहार के हर पंचायत में ये कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है. इस कार्यक्रम के आयोजन के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का आभार जताया. मंत्री ने कहा कि सरकार ने पंचायत तक पहुंचाने का काम किया है. आने वाले समय में इसके कई फायदे होने वाले है. आज का जो विषय था महिला हितैषी देश के प्रधानमंत्री,राज्य के वर्तमान मुख्यमंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने महिलाओं के विकास के लिए सतत प्रयास किया है. आगे भी इनका विकास होगा,जीविका दीदी के माध्यम से महिलाओं के जनधन खाता के माध्यम से,महिलाओं के उज्जवला योजना के माध्यम से,बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ जैसे कई कार्यक्रम आयोजित कर महिलाओं के सतत विकास के लिए सरकार पूरी तरह प्रयासरत है.पंचायत विकास दिवस के इस कार्यक्रम में जीविका दीदियों ने शराबबंदी को कैसे सफल किया उसकी चर्चा की साथ ही नुक्कड़ नाटक की प्रस्तुति भी की गई. इस मौके पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों के साथ साथ महिलाओं ने बढ़कर हिस्सा लिया.
कटिहार : बिहार के कटिहार में कांग्रेस का संगठन सृजन अभियान उस वक्त सुर्खियों में आ गया जब पार्टी को मजबूत करने के लिए बुलाई गई बैठक ही नेताओं की नाराजगी और गुटबाजी का अखाड़ा बन गई. राजेंद्र आश्रम में आयोजित बैठक में बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम की मौजूदगी के बीच जमकर हंगामा हुआ और नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली.दरअसल कदवा के पूर्व विधायक शकील अहमद खान के संबोधन के दौरान माहौल अचानक गरमा गया. उनके बयान पर कई कांग्रेस नेता भड़क उठे और बैठक में जोरदार विरोध शुरू हो गया. देखते ही देखते बहस इतनी बढ़ गई कि बैठक का माहौल तनावपूर्ण हो गया. कटिहार सांसद तारिक अनवर और मनिहारी विधायक मनोहर प्रसाद को लेकर की गई टिप्पणी पर नेताओं ने खुलकर आपत्ति जताई और मंच के सामने ही विरोध दर्ज कराया. संगठन को नई मजबूती देने के मकसद से आयोजित इस बैठक में सामने आई अंदरूनी खींचतान ने कांग्रेस की गुटबाजी को फिर उजागर कर दिया. प्रदेश अध्यक्ष के सामने हुए इस हाईवोल्टेज ड्रामे ने संगठन सृजन की चर्चा को पीछे छोड़ दिया. अब राजनीतिक गलियारों में सवाल उठ रहे हैं कि जब मंच पर ही नेता एक-दूसरे के खिलाफ मोर्चा खोल रहे हैं तो संगठन को मजबूत करने की राह कितनी आसान होगी.
कटिहार : भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के दो दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण शिविर में भाग लेने के लिए बिहार के राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री और बिहार विधान परिषद में सत्तारूढ़ दल के उप मुख्य सचेतक दिलीप जायसवाल शनिवार को कटिहार पहुंचे. यहाँ पहुँचने पर स्थानीय पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया. कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने संगठन की मजबूती और आगामी चुनावों की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की.इस दौरान मीडिया से बात करते हुए मंत्री दिलीप जायसवाल ने विभिन्न समसामयिक और राजनीतिक मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी और विपक्ष पर जमकर निशाना साधा.बंगाल में गाय की कुर्बानी पर रोक: "गौ माता हमारी आस्था का केंद्र"पश्चिम बंगाल में गाय की कुर्बानी पर लगी रोक और उस पर बिहार सरकार की सोच के सवाल पर दिलीप जायसवाल ने बेहद स्पष्ट शब्दों में कहा:"इस पर हमारा रुख बिल्कुल साफ है. गाय हमारी माता है. गाय के प्रति सनातन धर्म की अपनी एक गहरी श्रद्धा है और हम इस श्रद्धा के प्रति खुद को पूरी तरह समर्पित रखते हैं."'कॉकरोच' वाले बयान पर तीखा पलटवार: "ऐसे लोग चीन या अमेरिका भाग जाएंगे"हाल ही में आए'कॉकरोच' से जुड़े एक राजनीतिक बयान पर कड़ा रुख अख्तियार करते हुए मंत्री ने कहा कि यह सब सिर्फ राजनीतिक शगूफा है. उन्होंने कहा:"कुछ सिरफिरे, मानसिक रूप से विक्षिप्त और बेरोजगार लोग हैं, जिन्हें समाज में कोई काम नहीं है. वे बैठे-बैठे देश के अंदर यही धंधा करते रहते हैं. इस तरह की ओछी राजनीति करने वाले लोग हिंदुस्तान की140करोड़ जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं."उन्होंने आगे चेतावनी भरे लहजे में कहा, "एक बात साफ याद रखिए, हिंदुस्तान का लोकतंत्र और प्रजातंत्र इतना मजबूत है कि ऐसे'कॉकरोच' और'चूहा' जैसी सोच रखने वाले लोग... या तो चीन भाग जाएँगे नहीं तो अमेरिका भाग जाएँगे. देश की जनता इन्हें बर्दाश्त नहीं करेगी."तेजस्वी यादव के'जाति देखकर एनकाउंटर' वाले बयान पर तंजनेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव द्वारा सरकार पर लगाए गए'जाति पूछकर एनकाउंटर करने' के आरोप पर दिलीप जायसवाल ने चुटकी लेते हुए कहा कि विपक्ष को अपनी गलती का अहसास हो चुका है. उन्होंने कहा"मुझे लगता है कि यह खबर अब बहुत पुरानी हो गई है, कटिहार पहुँचते-पहुँचते शायद इसे दो-तीन दिन लग गए. खुद विपक्ष के नेता ने भी अब यह महसूस कर लिया है कि उन्होंने बहुत गलत बयान दे दिया था. जब पूरे देश और दुनिया से इस पर प्रतिक्रिया आई, तो उन्हें अपनी भूल का अंदाजा हो गया."कटिहार में दिलीप जायसवाल के इस आक्रामक रुख से साफ है कि भाजपा आगामी चुनावों को लेकर पूरी तरह से चुनावी मोड में आ चुकी है और वह राष्ट्रवाद, सनातन आस्था और कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर विपक्ष को कोई मौका नहीं देना चाहती.कटिहार से रितेश रंजन की रिपोर्ट-
कटिहार : जिले में दवा कारोबारियों ने ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में प्रदर्शन किया है. बुधवार को ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट के आह्वान पर जिलेभर के दवा विक्रेताओं ने एक दिवसीय हड़ताल करते हुए करीब 2800 मेडिकल दुकानों पर ताला लटका दिया. हड़ताल के कारण जिले में दवा बाजार पूरी तरह प्रभावित रहा, हालांकि गंभीर मरीजों की जरूरतों को देखते हुए कुछ चुनिंदा मेडिकल दुकानों को इमरजेंसी सेवा के लिए खुला रखा गया.कटिहार डिस्ट्रिक्ट केमिस्ट एसोसिएशन के बैनर तले बड़ी संख्या में दवा विक्रेता सदर अस्पताल गेट के सामने धरना-प्रदर्शन पर बैठे. इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने“ऑनलाइन दवा बिक्री बंद करो”, “नकली दवाइयों से देश को बचाओ”और“दवा व्यापार बचाओ”जैसे नारों से माहौल को गूंजायमान कर दिया.दवा कारोबारियों का कहना था कि बिना उचित निगरानी के ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए दवाइयों की बिक्री लोगों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बनती जा रही है. उनका आरोप है कि ऑनलाइन माध्यम से नकली,एक्सपायरी और बिना चिकित्सकीय सलाह की दवाइयां आसानी से लोगों तक पहुंच रही है,जिससे मरीजों की जिंदगी जोखिम में पड़ सकती है.जिला संगठन के अध्यक्ष मधु अग्रवाल ने कहा कि ऑनलाइन दवा बिक्री के कारण छोटे और मध्यम स्तर के दवा दुकानदारों का व्यवसाय लगातार प्रभावित हो रहा है. उन्होंने कहा कि मेडिकल दुकानों पर मौजूद प्रशिक्षित फार्मासिस्ट मरीजों को दवा के उपयोग,मात्रा और सावधानियों की सही जानकारी देते हैं,जबकि ऑनलाइन व्यवस्था में इस तरह की प्रत्यक्ष सुविधा उपलब्ध नहीं हो पाती.वहीं,जिला सचिव पंकज कुमार शाह ने कहा कि दवा कोई सामान्य उपभोक्ता वस्तु नहीं,बल्कि लोगों के जीवन से जुड़ा संवेदनशील विषय है. उन्होंने आरोप लगाया कि कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बिना डॉक्टर की पर्ची के भी दवाइयां उपलब्ध करा दी जाती हैं,जो गंभीर खतरे को जन्म दे सकता है.पूर्व जिला अध्यक्ष गोपी तंबाखुवाला ने सरकार से दवा कारोबारियों की समस्याओं को गंभीरता से लेने की मांग की. पूर्व सचिव वीरेंद्र यादव ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा. वहीं शंकर प्रसाद गुप्ता ने कहा कि ऑनलाइन दवा बिक्री मरीजों के जीवन के साथ खिलवाड़ के समान है.हालांकि हड़ताल के बीच संगठन ने मानवीय पहल भी दिखाई. गंभीर मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी न हो,इसके लिए इमरजेंसी सेवाओं के तहत कुछ मेडिकल दुकानों को खुला रखा गया,ताकि जरूरतमंदों को दवा की कमी का सामना न करना पड़े.इस अवसर पर कोषाध्यक्ष किशोर कुमार, उपाध्यक्ष शाहबाज हसन, संगठन सचिव सलाउद्दीन, संयुक्त सचिव मधुकर कुमार, लक्ष्मीकांत अग्रवाल, इंद्रभूषण प्रसाद, सच्चिदानंद महतो, संजय कुमार चौधरी, सरवन मध्ययनी, शंकर कुमार गुप्ता, ऋषि कसवानी, विमल कुमार, विजय भगत, विनोद भगत, संजय कुमार झा, प्रशांत गिरी, अंकित, प्रेमजीत चौधरी समेत बड़ी संख्या में दवा विक्रेता मौजूद रहे.कटिहार से रितेश कुमार की रिपोर्ट-
कटिहार : बिहार के कटिहार में नागरिक सुरक्षा को लेकर 14 मई को हवाई हमला और ब्लैकआउट का मॉकड्रिल आयोजित किया जाएगा. यह अभ्यास शाम 7 बजे से 7 बजकर 15 मिनट तक चलेगा. इस दौरान पूरे शहर की बिजली बंद रखी जाएगी और लोगों को सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा.जिला पदाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने प्रेस वार्ता में बताया कि मॉकड्रिल का उद्देश्य लोगों को आपातकालीन स्थिति में सतर्क रहना और खुद के साथ दूसरों की सुरक्षा करना सिखाना है. अभ्यास के दौरान सायरन बजाकर हवाई हमले जैसी स्थिति का संकेत दिया जाएगा.प्रशासन के मुताबिक अगर सायरन रुक-रुक कर बजे तो इसे खतरे का संकेत माना जाएगा. वहीं लगातार दो मिनट तक सायरन बजने का मतलब होगा कि खतरा टल गया है. ब्लैकआउट के दौरान लोगों से घर,दुकान और गोदाम की सभी लाइटें बंद रखने की अपील की गई है.मॉकड्रिल के दौरान जेनरेटर,इन्वर्टर,बैट्री,वाहन की हेडलाइट,मोबाइल फ्लैशलाइट और टॉर्च का इस्तेमाल भी नहीं करने को कहा गया है. घरों की खिड़कियों और रोशनदानों को पर्दे से ढकने की सलाह दी गई है ताकि रोशनी बाहर न जा सके.प्रशासन ने साफ कहा है कि किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें और घबराने के बजाय सुरक्षा नियमों का पालन करें.कटिहार में पहली बार इतने बड़े स्तर पर नागरिक सुरक्षा मॉकड्रिल आयोजित की जा रही है. प्रशासन का कहना है कि यह अभ्यास किसी भी आपात स्थिति से निपटने की तैयारी का हिस्सा है,इसलिए सभी लोग सहयोग करें और निर्धारित नियमों का पालन करें.कटिहारसे रितेश रंजन की रिपोर्ट--
कटिहार: जिले के कुरसेला प्रखंड अंतर्गत खेरिया गांव में पिछले कई वर्षों से हो रहे नदी कटाव को रोकने के लिए कटाव-रोधी कार्य इन दिनों तेज़ी से कराया जा रहा है. खेरिया घाट पर जियो पैकिंग का काम लगातार जारी है,जिससे कटाव पर प्रभावी नियंत्रण की उम्मीद जताई जा रही है.जिला प्रशासन द्वारा इस कार्य की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है. अधिकारी समय-समय पर स्थल का निरीक्षण कर कार्य की प्रगति का जायजा ले रहे हैं और संबंधित एजेंसियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दे रहे हैं.इसी क्रम में बुधवार को जिला प्रशासन की पूरी टीम खेरिया घाट पहुंची. निरीक्षण के दौरान डीएम,एसडीएम,डीडीसी,सदर एसडीओ,सीओ,बीडीओ तथा स्थानीय थानाध्यक्ष सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे. अधिकारियों ने मौके पर चल रहे जियो पैकिंग कार्य का जायजा लिया और कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए,ताकि आगामी मानसून से पहले कटाव पर पूरी तरह नियंत्रण पाया जा सके.स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल कटाव के कारण उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ता था,लेकिन इस बार तेजी से हो रहे कार्य से राहत मिलने की उम्मीद जगी है. ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि कार्य को जल्द से जल्द पूरा किया जाए,ताकि आने वाले मानसून में गांव को सुरक्षित रखा जा सके.कटिहार से रितेश रंजन की रिपोर्ट--
पटना : विभिन्न समाचार पत्रों के माध्यमों में कटिहार के आजमनगर में मुखिया पति द्वारा दो किशोर बालकों को मस्जिद में चोरी के आरोप में तालिबानी सजा देने की मामले में पुलिस की जांच रिपोर्ट आ गई है. जांच में स्पष्ट रूप से सामने आया है कि यह मारपीट की इस घटना का कोई संबंध मस्जिद में चोरी का नहीं है. हालांकि इस मामले में पुलिस ने मुखिया रूबी खातून के पति सिकंदर भाट को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है. उसे आजमनगर थाने की पुलिस ने किशोर के साथ मारपीट और शराब के नशे की हालत में शुक्रवार की देर शाम को ही गिरफ्तार कर लिया है.दरअसल,यह मामला पुलिस के संज्ञान में आते ही आजमनगर थाने की पुलिस ने मोके पर पहुंचकर किशोर के साथ मारपीट के आरोपी मुखिया पति को पकड़ लिया था. मुखिया पति ने पुलिस के समक्ष दिए अपने बयान में कहा है कि पीड़ित किशोर के पिता ने खुद मुखिया पति सिकंदर भाट से शिकायत की थी उसके लड़कों को चोरी की लत लग गई है. आरोपी सिकंदर भाट का कहना है कि दोनों किशोरों के पिता के कहने पर ही उन्हें सुधारने के लिए उसके साथ मारपीट की गई थी. जिसका किसी ने वीडियो बनाकर वायरल कर दिया है. पुलिस का कहना है कि चूंकि राज्यभर में पूर्ण शराबबंदी है और जब मुखिया पति सिकंदर का बयान दर्ज किया जा रहा था तब उसके मुंह से शराब की दुर्गन्ध आ रही थी. जब उसका ब्रेथ एनालाइज किया गया तो उसका ब्रेथ 76 एमजी/100 एम एल पाया गया. पुलिस ने सिकंदर भाट को किशोर न्याय अधिनियम 2015 के तहत दोनों बालकों के साथ क्रूरता से मारपीट करने और मद्य निषेध एवं उत्पाद अधिनियम के तहत गिरफ्तार कर लिया है.