

मंगलवार, 03 नवंबर 2026
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कटिहारः बिहार के कटिहार जिले के अमदाबाद प्रखंड अंतर्गत बैंदा पंचायत में जांच करने पहुंचे प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) रणबीर कुमार, स्वच्छता पर्यवेक्षक मो. जाकिर हुसैन और चालक के साथ कथित तौर पर धक्का-मुक्की एवं मारपीट का मामला सामने आया है। घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। मामले को लेकर अमदाबाद थाना में आवेदन दिए जाने की जानकारी सामने आई है।खाद दुकान की जांच के दौरान हुआ विवादमिली जानकारी के अनुसार, BDO रणबीर कुमार स्वच्छता पर्यवेक्षक मो. जाकिर हुसैन और चालक के साथ बैंदा पंचायत में एक खाद दुकान की जांच करने पहुंचे थे। आरोप है कि दुकान के लाइसेंस को लेकर जांच के दौरान विवाद शुरू हो गया। देखते ही देखते वहां ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई और अधिकारियों के साथ नोकझोंक होने लगी।आरोप है कि इस दौरान स्वच्छता पर्यवेक्षक मो. जाकिर हुसैन के साथ मारपीट की गई। इसके बाद सरकारी वाहन में बैठे BDO रणबीर कुमार के साथ भी धक्का-मुक्की की गई। घटना के दौरान चालक के साथ भी दुर्व्यवहार किए जाने की बात सामने आई है।मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरलघटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इलाके में चर्चा तेज हो गई है। वायरल वीडियो में कथित तौर पर लोगों और अधिकारियों के बीच विवाद एवं धक्का-मुक्की होती दिखाई दे रही है। हालांकि, वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि और घटना के सभी पहलुओं की आधिकारिक जांच जरूरी है।15 नामजद और 50 अज्ञात लोगों के खिलाफ आवेदनजानकारी के मुताबिक, BDO रणबीर कुमार की ओर से अमदाबाद थाने में 15 लोगों को नामजद करते हुए करीब 50 अज्ञात लोगों के खिलाफ आवेदन दिया गया है। पुलिस की जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई को लेकर आधिकारिक पुष्टि मिलने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।सरकारी अधिकारियों की सुरक्षा पर उठे सवालजांच के लिए पहुंचे सरकारी अधिकारियों के साथ कथित मारपीट की इस घटना ने सरकारी कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि जांच के दौरान किसी तरह की अनियमितता सामने आती है, तो उसका समाधान कानूनी प्रक्रिया के तहत होना चाहिए। कानून-व्यवस्था बनाए रखना और जांच में बाधा डालने या हिंसा करने के आरोपों की निष्पक्ष जांच करना प्रशासन के लिए अहम होगा।कटिहार से रितेश रंजन की रिपोर्ट
कटिहार:बिहार के कटिहार जिले के फलका प्रखंड अंतर्गत भंगहा गांव में अगलगी की घटना ने दस परिवारों को बेघर कर दिया है। आग में घरों के साथ कपड़े,अनाज,नकदी और गृहस्थी का सामान जलकर राख हो गया। हादसे के बाद पीड़ित परिवारों के सामने खाने-पीने का संकट खड़ा हो गया है। आरोप है कि घटना के बाद अंचल प्रशासन की ओर से मंगलवार को दी गई राहत किट में एक्सपायरी सामग्री मिली। वहीं,पीड़ित परिवारों का कहना है कि घटना के24घंटे बाद भी उन्हें पर्याप्त राशन और भोजन नहीं मिल पाया है।राहत किट में एक्सपायरी सामान मिलने का आरोपअग्निपीड़ितों के मुताबिक,प्रशासन की ओर से उपलब्ध कराई गई राहत किट में लाइफबॉय साबुन की वैधता5फरवरी2026और टाइड सर्फ की वैधता अगस्त2025में समाप्त हो चुकी थी। वहीं,डिटॉल लिक्विड की वैधता भी इसी महीने समाप्त होने वाली बताई गई है। इस मामले को लेकर पीड़ित परिवारों ने राहत सामग्री की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए प्रशासन से किट में शामिल सामान की जांच कराने की मांग की है।पीड़ितों का कहना है कि आग में सब कुछ गंवाने के बाद उन्हें तत्काल भोजन,राशन और रोजमर्रा की जरूरी वस्तुओं की आवश्यकता है। ऐसे में राहत सामग्री की गुणवत्ता और समय पर खाद्यान्न उपलब्ध कराने को लेकर प्रशासन को गंभीरता दिखानी चाहिए।भूख से बिलखते बच्चों को देखकर बेबस हैं माताएंअगलगी के बाद गांव में पीड़ित परिवारों की स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है। सबसे दर्दनाक तस्वीर उन मासूम बच्चों की है,जो भूख लगने पर अपनी मां से खाना मांग रहे हैं। उपेंद्र महलदार की पत्नी तेतरी देवी की बेबसी इसी स्थिति को बयां करती है। बच्चों के भोजन मांगने पर वह उन्हें सीने से लगाकर कहती हैं, “बेटा,सब कुछ जल गया है,पानी पीकर पेट भर लो।”यह मार्मिक स्थिति अगलगी से प्रभावित परिवारों के सामने खड़े भोजन संकट को उजागर करती है। जिन परिवारों ने आग में अपनी गृहस्थी और खाद्यान्न खो दिया,उनके लिए अब रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना भी मुश्किल हो गया है।घर के साथ नकदी जली,अब कर्ज और खेती की चिंताअग्निकांड ने सिकंदर महलदार की पत्नी अरबिना देवी की मुश्किलें भी बढ़ा दी हैं। घर के साथ नकदी जल जाने से उनके परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। उन्हें किसानों के बकाये और खेती की जमीन की लीज की रकम चुकाने की चिंता सता रही है। घर उजड़ने के बाद परिवार के सामने एक ओर भोजन की समस्या है,तो दूसरी ओर आर्थिक जिम्मेदारियों का बोझ भी बढ़ गया है।उषा देवी,धर्मेंद्र कुमार,देवेंद्र कुमार,मंटू शर्मा,अरविंद कुमार शर्मा,मिथिलेश शर्मा,गौतम शर्मा और भोला शर्मा समेत अन्य प्रभावित परिवार भी इस त्रासदी के बाद बदहाली से जूझ रहे हैं।प्रशासन से तत्काल राहत की गुहारअग्निपीड़ित परिवारों ने प्रशासन,जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों से जल्द से जल्द भोजन,राशन और अन्य जरूरी सामग्री उपलब्ध कराने की मांग की है। पीड़ितों का कहना है कि आग में उनकी जमा-पूंजी और जीवनभर की गृहस्थी नष्ट हो गई है। ऐसे में उन्हें तत्काल मदद की जरूरत है,ताकि परिवारों और बच्चों को भूखे पेट न रहना पड़े।अब सवाल यह है कि अग्निपीड़ित परिवारों को पर्याप्त राहत कब मिलेगी और राहत किट में कथित तौर पर मिली एक्सपायरी सामग्री की जांच कर जिम्मेदार लोगों पर क्या कार्रवाई होगी। फिलहाल,भंगहा गांव के प्रभावित परिवार मदद की आस लगाए बैठे हैं।कटिहार से रितेश रंजन की रिपोर्ट
कटिहार/प्राणपुर:ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM)के बिहार प्रदेश वार्षिक सम्मेलन में प्राणपुर क्षेत्र के कंचन दास को बिहार प्रदेश सचिव की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है. पार्टी के बिहार प्रदेश अध्यक्ष सह अमौर विधायक जनाब अख्तरुल ईमान साहब के नेतृत्व में आयोजित सम्मेलन में यह जिम्मेदारी मिलने के बाद प्राणपुर सहित कटिहार जिले में उनके समर्थकों और शुभचिंतकों के बीच खुशी की लहर है.प्राणपुर क्षेत्र में कंचन दास और उनके परम मित्र आफताब आलम की जोड़ी‘कंचन-आफताब’के नाम से काफी मशहूर है. आफताब आलम प्राणपुर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ चुके हैं और वर्तमान मेंAIMIMके कटिहार जिला अध्यक्ष हैं. दोनों की आपसी मित्रता,सामाजिक सक्रियता और क्षेत्र में लोगों के बीच उनकी पहचान हमेशा चर्चा का विषय रही है.कंचन दास को प्रदेश सचिव की जिम्मेदारी मिलना पार्टी नेतृत्व द्वारा उन पर जताए गए विश्वास के रूप में देखा जा रहा है. इस नई जिम्मेदारी के साथ संगठन में उनकी भूमिका और महत्वपूर्ण हो गई है. स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि वह पार्टी संगठन को मजबूत करने के साथ-साथ प्राणपुर विधानसभा क्षेत्र की जनसमस्याओं को प्रदेश स्तर पर उठाने और आम जनता की आवाज बुलंद करने में सक्रिय भूमिका निभाएंगे.नई जिम्मेदारी मिलने पर क्षेत्र के विभिन्न सामाजिक एवं राजनीतिक लोगों ने कंचन दास को बधाई और मुबारकबाद दी. बधाई देने वालों में सहिरुद्दीन,मुखिया मोतीलाल ताती,सरपंच एहरार आलम,मोहम्मद शहंशाह,इंजीनियर नवाज शरीफ,सरवन राय,निहिद आलम,अब्दुल अहद,मनौवर आलम,ब्रह्मदेव राय,इजहार अशरफ,मिथलेश मंडल,मुकेश,मोहम्मद इजहार,प्रफुल दास सहित अन्य लोग शामिल हैं.सभी ने उम्मीद जताई कि कंचन दास अपनी नई जिम्मेदारी का निर्वहन पूरी निष्ठा और सक्रियता के साथ करेंगे तथा पार्टी संगठन को मजबूती प्रदान करते हुए क्षेत्र के विकास और जनहित के मुद्दों को प्राथमिकता देंगे.कटिहार से रितेश कुमार की रिपोर्ट-
पटना हाईकोर्ट के आदेश पर अंबेडकर चौक परिसर से हटाया गया अतिक्रमण,छठ पूजा तक मोहलत देने की मांग लेकर दुकानदारों ने किया था धरना-प्रदर्शनकटिहार:बिहार के कटिहार जिले के मनिहारी नगर पंचायत स्थित अंबेडकर चौक परिसर में सोमवार को प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए17 दुकानों को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया। पटना हाईकोर्ट के आदेश के आलोक में शुरू हुई अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई दोपहर से लेकर देर शाम तक चली। कार्रवाई से पहले दुकानदारों ने धरना-प्रदर्शन कर छठ पूजा तक दुकानें नहीं तोड़ने की मांग की,लेकिन प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई जारी रखी।धरना-प्रदर्शन के बावजूद प्रशासन की कार्रवाईअंबेडकर चौक परिसर में दुकानों को हटाने की कार्रवाई शुरू होते ही इलाके में हलचल तेज हो गई। वर्षों से कारोबार कर रहे दुकानदार अपनी दुकानों को टूटने से बचाने और सामान निकालने की कोशिश करते नजर आए। मौके पर किसी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था।दुकानों के ध्वस्त होने से वहां कारोबार करने वाले लोगों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। दुकानदारों का कहना है कि दुकानें ही उनके परिवार की आय का मुख्य साधन थीं।हाईकोर्ट के आदेश पर हटाया गया अतिक्रमणएसडीएम त्रिलोकीनाथ सिंह ने बताया कि पटना हाईकोर्ट के आदेश संख्या CWJC 5484 के आलोक में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई है। वहीं, एसडीपीओ विनोद कुमार ने कहा कि न्यायालय के आदेश के तहत अतिक्रमित जमीन को खाली कराया गया है।कार्रवाई के दौरान एसडीएम त्रिलोकीनाथ सिंह, एसडीपीओ विनोद कुमार, मजिस्ट्रेट के रूप में राजस्व अधिकारी रामसागर पासवान,थानाध्यक्ष संतोष कुमार झा, इंस्पेक्टर पप्पू कुमार और बीडीओ सनत कुमार समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।दुकानदारों ने की पुनर्वास की मांगदुकानों के टूटने के बाद प्रभावित दुकानदारों की चिंता बढ़ गई है। दुकानदार करीम, मुन्ना ठाकुर और राजेश चौरसिया ने बताया कि दुकानें उनके परिवार की आजीविका का मुख्य सहारा थीं। अब दुकानें नहीं रहने से परिवार का खर्च चलाने और बच्चों की पढ़ाई जारी रखने को लेकर परेशानी खड़ी हो गई है।दुकानदारों ने प्रशासन से पुनर्वास और रोजगार की वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग की है,ताकि वे अपने परिवार का भरण-पोषण कर सकें।कार्रवाई के बाद पुनर्वास पर टिकी निगाहेंहाईकोर्ट के आदेश पर हुई इस कार्रवाई के बाद अब प्रभावित दुकानदारों के सामने आजीविका का सवाल खड़ा हो गया है। एक ओर प्रशासन ने न्यायालय के आदेश के तहत अतिक्रमण हटाने की बात कही है,वहीं दूसरी ओर दुकानदार अपने भविष्य और परिवार की आर्थिक स्थिति को लेकर चिंतित हैं।अब देखना होगा कि प्रभावित दुकानदारों की पुनर्वास और वैकल्पिक रोजगार की मांग पर प्रशासन क्या कदम उठाता है।कटिहार से रितेश कुमार की रिपोर्ट
कटिहार : जिले के कुरसेला थाना क्षेत्र के लतरा एवं खड़ा दियारा समेत विभिन्न दियारा क्षेत्रों में किसानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और अपराध नियंत्रण को लेकर पुलिस प्रशासन सक्रिय हो गया है. इसी कड़ी में थानाध्यक्ष राकेश कुमार सिंह के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पुलिस ने जरलाही दियारा, लतरा दियारा, खड़ा दियारा, मालिनिया दियारा एवं मधेली दियारा में फ्लैग मार्च किया.फ्लैग मार्च का मुख्य उद्देश्य दियारा क्षेत्र में अपराधियों की गतिविधियों पर अंकुश लगाना,असामाजिक तत्वों के बीच कानून का भय पैदा करना तथा किसानों एवं आम लोगों में सुरक्षा की भावना मजबूत करना है. पुलिस की इस कार्रवाई से दियारा क्षेत्र में खेती-किसानी करने वाले किसानों को सुरक्षा का भरोसा दिलाने का प्रयास किया गया.जलस्तर घटने के बाद बढ़ जाती है किसानों की चिंताबता दें कि गंगा और कोसी नदी का जलस्तर घटने के बाद दियारा क्षेत्र की उपजाऊ जमीन धीरे-धीरे सामने आने लगती है. नए पानी आने के बाद गंगा कहीं-कहीं नहीं जमीन छोड़ती है जिसे अपराधियों की भी नजर रहती है.इन जमीनों पर खेती शुरू होने के साथ ही किसानों की गतिविधियां बढ़ जाती है. ऐसे में आपराधिक घटनाओं की आशंका को देखते हुए किसानों की सुरक्षा एक महत्वपूर्ण मुद्दा बन जाती है.इसी को ध्यान में रखते हुए कुरसेला पुलिस ने दियारा क्षेत्रों में फ्लैग मार्च कर अपनी सक्रियता दिखाई.दियारा की खेती में'काला सोना'का विशेष महत्वकुरसेला के दियारा क्षेत्र में कलाई की खेती किसानों की आजीविका का एक महत्वपूर्ण साधन है.कलाई को स्थानीय स्तर पर'काला सोना'भी कहा जाता है. बाढ़ का पानी उतरने के बाद उपजाऊ जमीन पर होने वाली इस खेती से किसानों को काफी उम्मीदें रहती हैं. ऐसे में फसल की सुरक्षा और शांतिपूर्ण माहौल में खेती करना किसानों के लिए बेहद जरूरी है.पुलिस के इस फ्लैग मार्च को किसानों की सुरक्षा,अपराध नियंत्रण और दियारा क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है.कटिहार से रितेश रंजन की रिपोर्ट-
समेली के डूमर पंचायत स्थित बकिया गांव की घटना,पोठिया थाना पुलिस मामले की जांच में जुटीकटिहार:बिहार के कटिहार जिले के समेली प्रखंड अंतर्गत डूमर पंचायत के वार्ड संख्या11स्थित बकिया गांव में मारपीट की घटना में18वर्षीय युवक की मौत हो गई,जबकि उसका बड़ा भाई घायल हो गया। घटना के बाद इलाके में चर्चा का माहौल है। मृतक के परिजनों ने गांव के चार युवकों पर दोनों भाइयों के साथ मारपीट करने का आरोप लगाया है।मृतक की पहचान डूमर पंचायत के वार्ड संख्या11निवासी सुमित कुमार यादव (18वर्ष),पिता मिथलेश यादव के रूप में हुई है। वहीं,घायल युवक की पहचान उसके भाई संतोष कुमार यादव के रूप में बताई गई है।चार युवकों पर मारपीट का आरोपमृतक के परिजनों का आरोप है कि बकिया और डूमर गांव के चार युवकों ने दोनों भाइयों के साथ मारपीट की। इस घटना में सुमित कुमार यादव की मौत हो गई,जबकि संतोष कुमार यादव घायल हो गए। परिजनों ने मामले को हत्या बताते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।पुलिस कर रही मामले की जांचघटना पोठिया थाना क्षेत्र की बताई जा रही है। मामले में पोठिया थाना में प्राथमिकी (FIR)दर्ज कराए जाने की जानकारी सामने आई है। घटना की सूचना मिलने पर पोठिया थानाध्यक्ष नवीन कुमार,अपर थानाध्यक्ष अमित कुमार और बिहार पुलिस के जवान मौके पर मौजूद थे।फिलहाल,घटना के पीछे की वास्तविक वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस मामले के विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है। आरोपों की पुष्टि और घटना की पूरी परिस्थितियों का खुलासा जांच के बाद ही हो सकेगा।घटना के बाद अब स्थानीय लोगों और मृतक के परिजनों की निगाहें पुलिस जांच पर टिकी हैं। परिजनों ने दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की मांग की है।कटिहार से रीतेश कुमार की रिपोर्ट
कटिहार:बिहार के कटिहार में मां दुर्गा के दर्शन के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं नाट्य मंचन के उद्घाटन के दौरान पूर्णिया सांसद पप्पू यादव की अचानक तबीयत बिगड़ गई. इसके बाद सांसद पप्पू यादव को कार्यक्रम बीच में ही छोड़ कर वापस लौटना पड़ा.दरअसल सांसद पप्पू यादव कटिहार के पोठिया में आयोजित दुर्गा पूजा मेला में पहुंचे थे. जहां वो माता के दर्शन के बाद मेले में आयोजित होने वाली संस्कृत कार्यक्रम व नाट्य मंचन का उद्घाटन कर रहे थे.जैसे ही सांसद ने उद्घाटन के लिए फीता काट रहे थे. इसी दौरान उन्हें चक्कर आ गया जिसके बाद वो वहीं कुर्सी पर बैठ गए. इस दौरान लोग उनके सिर पर पानी डालते दिखे. इस दौरान सांसद इशारे से बता रहे थे कि उन्हें चक्कर आ गया है.पूर्णिया सांसद की अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद कार्यक्रम को रोक दिया गया और लोग उन्हें कार्यक्रम स्थल से बाहर ले आए. इसके बाद सांसद पूर्णिया के लिए रवाना हो गए. सांसद की तबीयत बिगड़ने की खबर से स्थानीय लोग काफी दुखी नजर आए. लोग उनके लिए माता रानी से सेहत की प्रार्थना किया और स्वस्थ होने की कामना की.कटिहार के पोठिया में माता के दर्शन के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं नाट्य मंचन के उद्घाटन के दौरान सांसद की बिगड़ी तबीयत से लोग काफी आहत हैं.बड़ी संख्या में महिलायें एवंपुरुष उन्हें देखने और सुनने पहुंचे थे. लेकिन उनकी तबीयत खराब होने के बाद सभी ने मां दुर्गा से एक ही प्रार्थना की कि किसी भी तरह सांसद पप्पू यादव की तबीयत ठीक हो जाय और उनकी आयु लंबी हो और वो स्वस्थ होकर उनके बीच फिर पहुंचे. फिलहाल सांसद पप्पू यादव का उनके पूर्णिया आवास पर ही डॉक्टर पहुंचकर जांच कर रही है.कटिहार से रितेश कुमार की रिपोर्ट-
कटिहार: बड़ी खबर बिहार के कटिहार से है जहांजिले के पोठिया थाना क्षेत्र में सोमवार को ट्रैक्टर पलटने से चालक समेत 2 लोगों की मौत हो गई जबकि 3 मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए. घटना के बाद पुलिस मौके पर पहुंच कर अग्रेतर कार्रवाई में जुट गई. प्राप्त जानकारी के अनुसार, ट्रैक्टर पर पाट लदा हुआ था और उस पर मजदूर भी सवार थे. इसी दौरान इमली चौक के निकट ट्रैक्टर अनियंत्रित हो गया और पलट गया. हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई. ट्रैक्टर के नीचे मजदूरों के दब जाने से मौके पर चीख-पुकार मच गई.घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया. ग्रामीणों की मदद से ट्रैक्टर के नीचे दबे लोगों को बाहर निकाला गया और घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया. हादसे में ट्रैक्टर चालक समेत 2 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई. वहींतीन अन्य मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए. घायलों की गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर कर दिया.बताया जा रहा है कि हादसे में शामिल सभी मजदूर कटिहार जिले के बरारी नया टोला के रहने वाले थे.घटना की सूचना मिलते ही पोठिया थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और मृतकों के शवों को अपने कब्जे में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी. इस दर्दनाक हादसे के बाद मृतकों के परिजनों में मातम पसरा हुआ है.कटिहार से रितेश कुमार की रिपोर्ट---
कटिहार: बिहार के कटिहार में करीब तीन साल पुराने हत्या के मामले में अदालत ने दो आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है. अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वितीय आशुतोष राय की अदालत ने मनसाही थाना क्षेत्र के गोरगामा निवासी नीतीश कुमार यादव और सुजीत कुमार यादव को हत्या का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. दोनों दोषियों पर 25-25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है. जुर्माना नहीं देने पर छह महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा. सजा सुनाए जाने के बाद दोनों दोषियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया. वहीं साक्ष्य के अभाव में एक महिला समेत तीन आरोपियों को अदालत ने बरी कर दिया.अपर लोक अभियोजक मोहम्मद एजाज आलम ने बताया कि 30 नवंबर 2023 की शाम गोरगामा निवासी पलटू यादव के साथ मारपीट की गई थी. पिता को बचाने पहुंचे उनके बेटे राजीव कुमार यादव के साथ भी मारपीट की गई,जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गए. इलाज के दौरान राजीव कुमार यादव की मौत हो गई. घटना के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की. मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 11 गवाहों की गवाही कराई गई अदालत के समक्ष पेश किए गए गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर नीतीश कुमार यादव और सुजीत कुमार यादव को हत्या का दोषी माना गया और दोनों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई.रितेश कुमार की रिपोर्ट-
कटिहार : बड़ी खबर बिहार के कटिहार से है जहां युवती के साथ दुष्कर्म करने का मामला सामने आया है. 19 वर्षीय युवती ने असिस्टेंट लोको पायलट पर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया है.पीड़िता ने एक व्यक्ति परकटिहार रेलवे स्टेशन से नौकरी का झांसा देकर ले जाने का आरोप लगाया है.बरमसिया स्थित किराए के मकान में घटना होने का आरोप लगाया है.पीड़िता की शिकायत पर महिला थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है.वहीं पुलिस नेआरोपी असिस्टेंट लोको पायलट चंदन कुमार की तलाश में जुटी हुई है.एसपी परिचय कुमार ने कहा मामले की जांच जारी है.घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पुलिस जांच कर रही है.कटिहार से रितेश कुमार की रिपोर्ट-
कटिहार: बड़ी खबर बिहार के कटिहार से है जहां पुलिस ने डकैती की योजना बना रहे 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. पकड़े गए आरोपियों के पास से देसी पिस्टल,मैगजीन में एक जिंदा गोली,9.6 ग्राम स्मैक,पांच मोबाइल फोन,2,311 रुपये नकद और दो मोटरसाइकिल बरामद हुई हैं. पुलिस ने एक विधि-विरुद्ध बालक को भी पकड़ा है.मामले में डीएसपी सद्दाम हुसैन ने बताया कि मनिहारी थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि महियारपुर स्थित ईंट भट्ठे के पीछे कुछ अपराधी किसी बड़ी डकैती की योजना बना रहे हैं. इसके बाद पुलिस टीम ने मौके पर घेराबंदी की. पुलिस को देखते ही वहां मौजूद लोग भागने लगे जिन्हें खदेड़कर पकड़ा गया. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मो. तनवीर,मो. मुशरलीम,पवन कुमार चौधरी,विकास कुमार,अंकित कुमार और प्रीतम कुमार के रूप में हुई है. इनके पास से हथियार,मादक पदार्थ,मोबाइल और नकदी बरामद की गई. पुलिस ने मामले में संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है.कटिहार से रितेश कुमार की रिपोर्ट-
कटिहार : बड़ी खबर कटिहार से है जहां नॉर्थ ईस्ट एक्स्प्रेस ट्रेन से 4 विदेशी नागरिक को रेलवे सुरक्षा बल और जीआरपी ने संयुक्त कार्रवाई में गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस सभी से पूछताछ कर रही है.बताया जा रहा है कि म्यांमार के नागरिक मुहम्मद नूर आलम को गिरफ्तार किया गया है जबकि तीन नाबालिग लड़कियों को निरुद्ध किया गया है.पकड़े गए संदिग्ध विदेशी कामाख्या से जम्मू जा रहा था.गिरफ्तार विदेशी नागरिक के पास पासपोर्ट प्रवास का कोई वैध कागजात नहीं मिला.आरपीएफ ने गिरफ्तार म्यांमार के नागरिक के पास से मोबाइल सहित भारतीय और बांग्लादेशी मुद्रा बरामद किया.अवैध रूप से भारतीय सीमा में प्रवेश करने को लेकर रेल थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है.कटिहार से रितेश कुमार की रिपोर्ट-
बिहार बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी अपने प्रवास कार्यक्रम के तहत कटिहार पहुंचे. कटिहार पहुंचने पर पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने उनका जोरदार स्वागत एवं अभिनंदन किया. प्रदेश अध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं के इस स्नेह और विश्वास के लिए आभार जताते हुए कहा कि संगठन की असली ताकत उसके कार्यकर्ता हैं और बीजेपी कार्यकर्ताओं के परिश्रम के बल पर लगातार मजबूत हो रही है.‎‎कटिहार पहुंचने के बाद संजय सरावगी जिला कार्यालय,सिरसा पहुंचे. यहां कार्यकर्ता समागम सह सम्मान समारोह में उन्होंने हिस्सा लिया. इस दौरान बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद रहे.‎प्रदेश अध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि बीजेपी केवल चुनाव लड़ने वाला राजनीतिक संगठन नहीं,बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचकर उसकी समस्याओं को समझने और उनके समाधान के लिए निरंतर काम करने वाला संगठन है. उन्होंने कार्यकर्ताओं से संगठन को बूथ स्तर तक और अधिक सक्रिय एवं मजबूत बनाने का आह्वान किया.‎‎उन्होंने कहा कि बीजेपी की सबसे बड़ी विशेषता उसका कार्यकर्ता आधारित संगठन है. पार्टी का प्रत्येक कार्यकर्ता संगठन का प्रतिनिधि है और जनता के बीच बीजेपी की नीतियों एवं सरकार के कार्यों को पहुंचाने की जिम्मेदारी है. उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे समाज के प्रत्येक वर्ग के बीच जाएं, लोगों की समस्याओं को सुनें और उनके समाधान के लिए सकारात्मक भूमिका निभाएं. उन्होंने कहा कि मजबूत संगठन का आधार केवल पदाधिकारी नहीं, बल्कि बूथ से लेकर जिला स्तर तक सक्रिय कार्यकर्ताओं की पूरी टीम होती है।‎‎कार्यकर्ता समागम के दौरान प्रदेश अध्यक्ष ने पार्टी के समर्पित कार्यकर्ताओं का सम्मान भी किया. उन्होंने कहा कि जिन कार्यकर्ताओं ने वर्षों से संगठन के लिए अपना समय और ऊर्जा समर्पित की है, उनका सम्मान वास्तव में बीजेपी की कार्यसंस्कृति का सम्मान है. कार्यकर्ताओं के उत्साह और सहभागिता को देखते हुए उन्होंने कहा कि कटिहार में संगठन पूरी मजबूती के साथ जनसेवा और राजनीतिक गतिविधियों को आगे बढ़ा रहा है.‎‎इसके बाद संजय सरावगी मिरचाईबाड़ी स्थित पूर्व उप मुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद के आवास पहुंचे, जहां जिला कोर कमिटी की बैठक आयोजित हुई. बैठक में जिले में संगठन की वर्तमान स्थिति,आगामी कार्यक्रमों, बूथ स्तर की गतिविधियों और संगठन को और प्रभावी बनाने को लेकर विस्तृत चर्चा हुई.‎‎प्रदेश अध्यक्ष ने पार्टी पदाधिकारियों से जमीनी स्तर की जानकारी ली और संगठनात्मक गतिविधियों में निरंतरता बनाए रखने पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि आने वाले समय में कार्यकर्ताओं की सक्रियता और संगठन की तैयारी ही बीजेपी की सबसे बड़ी पूंजी होगी.‎‎उन्होंने कहा कि बीजेपी संगठन समाज के हर वर्ग के साथ संवाद और सहभागिता को महत्व देता है. कार्यकर्ताओं से लेकर व्यापारी, युवा, महिला, किसान और विभिन्न सामाजिक समूहों तक सभी के साथ निरंतर संवाद के माध्यम से ही विकसित बिहार के संकल्प को मजबूत आधार दिया जा सकता है. कटिहार प्रवास के दौरान प्रदेश अध्यक्ष ने संगठन और समाज के बीच इसी संवाद को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया.‎‎संजय सरावगी के कटिहार प्रवास के दौरान पार्टी के वरिष्ठ नेताओं,जिला पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी रही. पूरे दिन संगठनात्मक कार्यक्रमों के साथ समाज के महत्वपूर्ण वर्गों से संवाद के जरिए प्रदेश अध्यक्ष ने बीजेपी के जनसंपर्क और संगठन विस्तार की दिशा को मजबूती देने का संदेश दिया.
कटिहार : कुरसेला प्रखंड में बाढ़ प्रभावित परिवारों के बीच बच्चों की जरूरतों को लेकर प्रकाशित खबर का बड़ा असर देखने को मिला है. खबर सामने आने के बाद कटिहार के जिला पदाधिकारी ने मामले का संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल आवश्यक निर्देश दिए.जिला पदाधिकारी के निर्देश के बाद कुरसेला की अंचल पदाधिकारी अनुपम के नेतृत्व में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में0से6वर्ष तक के बच्चों के लिए दो समय दूध वितरण की व्यवस्था शुरू की गई. इससे बाढ़ के बीच राहत शिविरों और ऊंचे स्थानों पर रह रहे छोटे बच्चों के परिवारों को काफी राहत मिली है.प्रशासन की इस पहल से प्रभावित परिवारों ने राहत की उम्मीद जताई है. स्थानीय लोगों का कहना है कि संकट की इस घड़ी में बच्चों के लिए दूध की व्यवस्था बेहद जरूरी थी. खबर प्रकाशित होने के बाद प्रशासन द्वारा त्वरित कार्रवाई किए जाने से लोगों में प्रशासन के प्रति भरोसा बढ़ा है.कटिहार से रितेश रंजन की रिपोर्ट-
कटिहार : जिले के कुरसेला गंगा-कोसी की बाढ़ ने कुरसेला प्रखंड के तटवर्ती इलाकों में रहने वाले परिवारों की जिंदगी त्रासदी में बदल दिया है. घरों में बाढ़ का पानी घुसने के बाद लोग अपने ही घरों से बेघर हो गए हैं. कोई सड़क किनारे, कोई पुल-पुलिया पर, कोई बांध और रेलवे ढाला के आसपास तो कोई माल गोदाम में छोटे-छोटे बच्चों को लेकर शरण लेने को मजबूर हैं. सिर छिपाने के लिए जगह तो मिल गई, लेकिन बच्चों की जरूरतें पूरी नहीं हो पा रही है. सबसे ज्यादा परेशानी उन माताओं की है, जिनकी गोद में दूधमुंहे बच्चे हैं.माल गोदाम और राहत शिविरों में रह रहे दर्जनों छोटे बच्चों के लिए दूध का इंतजाम नहीं होने से माताएं परेशान हैं. उनका कहना है कि गांव में बच्चे रोज दूध पीते थे, लेकिन बाढ़ के कारण घर छूटने के बाद बच्चों के लिए दूध तक उपलब्ध नहीं हो पा रहा है. आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को मिलने वाली सेवाएं भी बाढ़ प्रभावित परिवारों तक नहीं पहुंच पा रही हैं. माल गोदाम में शरण लिए महिलाओं की आंखों में बाढ़ की बेबसी साफ दिखाई देती है.बिंदटोली निवासी पिंकी देवी, पूजा कुमारी, अंजली देवी और चांदनी देवी ने बताया कि वे करीब एक सप्ताह से अपने छोटे-छोटे बच्चों के साथ यहां शरण लेकर रह रही हैं. घर में पानी भर गया है, इसलिए वापस लौटने की स्थिति में नहीं हैं. किसी तरह बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए माल गोदाम में ठिकाना बनाया है. लेकिन बच्चों के लिए दूध नहीं मिल रहा है. महिलाओं ने अपनी स्थानीय भाषा में अपनी पीड़ा बताते हुए कहा, "शिविर में बच्चा के दूध नइ मिलै छै. दूध नइ पिला पाने पर बच्चा कानै छै, कैसे बच्चा पालियै बाबू..." यह कहते-कहते कई महिलाओं की आंखें नम हो गई. उनका कहना था कि बच्चे दूध पीने के आदी हैं. अचानक दूध बंद हो जाने से बच्चे बार-बार रोते हैं. मां उन्हें चुप कराने की कोशिश करती हैं, लेकिन जब उनके पास देने के लिए दूध ही नहीं होता तो उनकी बेबसी और बढ़ जाती है.पिंकी देवी नामक महिला ने बताया कि घर में बाढ़ का पानी आने के बाद बच्चों को लेकर सुरक्षित जगह की तलाश में यहां आना पड़ा है. पहले घर में रहते हुए बच्चों के खाने-पीने की व्यवस्था किसी तरह हो जाती थी, लेकिन अब सब कुछ राहत और दूसरों की मदद पर निर्भर हो गया है. उन्होंने कहा कि बच्चों के लिए भोजन के साथ दूध की भी व्यवस्था होनी चाहिए.बाढ़ के बीच छोटे बच्चों के साथ खुले या अस्थायी ठिकानों में रह रही माताओं की मुश्किल केवल आंगनबाड़ी की नियमित सेवाएं प्रभावित होने से बच्चों को मिलने वाली पोषण संबंधी सुविधाएं भी बाधित हैं.बाढ़ ने इन परिवारों से उनका घर, सामान और रोजमर्रा की जिंदगी छीन ली है. अब उनकी सबसे छोटी जरूरत भी बड़ी समस्या बन गई है. माल गोदाम में बैठी एक मां अपने रोते बच्चे को गोद में लेकर बस यही चाहती हैं कि किसी तरह उसे एक गिलास दूध मिल जाए. उसके लिए इस समय यही सबसे बड़ी राहत है.कटिहार से रितेश रंजन की रिपोर्ट--
कटिहार:जिलेमें बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है. कटिहार जिला भी बाढ़ की चपेट में है और प्रशासन हाई अलर्ट पर है. कटिहार के अमदाबाद प्रखंड के कई इलाकों में बाढ़ का पानी घरों में प्रवेश कर चुका है. बड़ी संख्या में लोग ऊंचे स्थानों पर शरण लेने को मजबूर हैं,जबकि कई परिवार घरों में ही मचान के सहारे जिंदगी गुजार रहे हैं.पारदियारा सहित भवानीपुर खट्टी, दुर्गापुर, चौकिया पहाड़पुर, नगर पंचायत, दक्षिणी करीमुल्लापुर समेत कई पंचायतों के गांव चारों तरफ से पानी से घिरकर टापू में तब्दील हो चुके हैं. बाढ़ के कारण लोगों के सामने आवागमन के साथ-साथ खाने-पीने और रोजमर्रा की जरूरतों का संकट भी गहराने लगा है.इसी बीच सोमवार को कटिहार के जिला पदाधिकारी आशुतोष द्विवेदी अमदाबाद पहुंचे और नाव से बाढ़ प्रभावित इलाकों का निरीक्षण कर जमीनी स्थिति का जायजा लिया. डीएम ने सबसे पहले प्रखंड कार्यालय में जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के साथ बैठक की. बैठक में उन्होंने पूरे प्रखंड में बाढ़ की मौजूदा स्थिति, प्रभावित पंचायतों और ग्रामीणों की समस्याओं की जानकारी ली.जनप्रतिनिधियों ने डीएम को बताया कि कई गांवों में बाढ़ का पानी लोगों के घरों में प्रवेश कर चुका है. लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ ही राहत सामग्री की तत्काल जरूरत है. जनप्रतिनिधियों ने प्रभावित परिवारों तक सूखा राशन सहित अन्य जरूरी राहत सामग्री पहुंचाने और सरकार की ओर से मिलने वाली सहायता राशि जल्द लाभार्थियों के खातों में भेजने की मांग की.बैठक के बाद जिला पदाधिकारी ने नाव से दुर्गापुर,भवानीपुर खट्टी,पारदियारा और चौकिया पहाड़पुर पंचायत के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण किया। उन्होंने जलमग्न गांवों, घरों में घुसे पानी और ग्रामीणों के आवागमन की स्थिति को करीब से देखा. इस दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी ग्रामीणों की समस्याओं और तत्काल जरूरतों से डीएम को अवगत कराया.बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला पदाधिकारी आशुतोष द्विवेदी लगातार जिले के विभिन्न बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों पर नजर बनाए हुए हैं. वे अलग-अलग इलाकों का जायजा लेकर प्रशासनिक स्तर पर राहत एवं बचाव कार्यों की स्थिति से भी अवगत हो रहे हैं. डीएम ने कहा कि बाढ़ जैसी आपदा की स्थिति में प्रशासन की ओर से प्रभावित लोगों तक हरसंभव मदद पहुंचाई जा रही है. जहां अतिरिक्त सहायता की जरूरत होगी, वहां भी आवश्यक मदद उपलब्ध कराई जाएगी.इधर,ग्रामीणों का कहना है कि कई इलाकों में पानी लगातार बढ़ रहा है. ऐसे में समय रहते राहत सामग्री, भोजन और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गईं तो लोगों की परेशानी और बढ़ सकती है. ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन एवं बिहार सरकार से प्रभावित परिवारों तक जल्द से जल्द राहत पहुंचाने की मांग की है.निरीक्षण के दौरान एसडीएम त्रिलोकी नाथ सिंह, बीडीओ रणवीर कुमार, लखनपुर पंचायत की मुखिया श्वेता रॉय, भवानीपुर खट्टी पंचायत के मुखिया तपन मंडल, नगर पंचायत के मुख्य पार्षद बबलू मंडल, प्रमुख प्रतिनिधि मोहम्मद अजहर, उप प्रमुख प्रतिनिधि माथुर मंडल सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहे.
कटिहार : जिले के कुरसेला और समेली प्रखंड में संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है. जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने शुक्रवार को कुरसेला प्रखंड के मधेली गांव स्थित गंगा नदी के तटबंध का निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने गंगा और कोशी नदी के किनारे चल रहे बाढ़ निरोधी कार्यों का जायजा लिया और तटबंधों की सुरक्षा व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की.जिलाधिकारी ने निरीक्षण के दौरान मौके पर मौजूद कार्यपालक अभियंताओं से बाढ़ निरोधी कार्यों की प्रगति की जानकारी ली. उन्होंने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता,तकनीकी मानकों और निर्धारित समय-सीमा का हर हाल में पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि बाढ़ संभावित क्षेत्रों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने संवेदनशील स्थलों की लगातार निगरानी करने और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त सुरक्षात्मक उपाय करने के निर्देश भी दिए.डीएम ने कहा कि गंगा और कोशी नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी की संभावना बनी रहती है,ऐसे में तटबंधों की मजबूती और सुरक्षा पर विशेष ध्यान देना जरूरी है. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसी भी समस्या की सूचना तत्काल जिला प्रशासन को दी जाए,ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके.निरीक्षण के दौरान संबंधित विभाग के अभियंता और अन्य अधिकारी मौजूद रहे. जिला प्रशासन की ओर से कहा गया है कि संभावित बाढ़ से निपटने के लिए सभी जरूरी तैयारियां की जा रही है और आम लोगों की सुरक्षा के लिए हरसंभव कदम उठाए जाएंगे. वहीं इस मौके पर एडीएम विनोद कुमार,कटिहार सदर एसडीओ सूरज कुमार,बीडीओ कुमारी प्रियवंदा,सीओ अनुपम,जिला परिषद सदस्य उमेश कुमार यादव उर्फ उमा यादव,मुखिया प्रतिनिधि शंकर चौधरी,शाहिद जनप्रतिनिधि मौके पर मौजूद थे.कटिहार से रितेश कुमार की रिपोर्ट-
कटिहार : बिहार में शिक्षकों की विद्यालय में उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए शिक्षा विभाग ने ‘मार्क ऑन ड्यूटी’ और डिजिटल अटेंडेंस की व्यवस्था लागू की है. इसके तहत शिक्षकों को विद्यालय परिसर में मौजूद रहकर ई-शिक्षा कोश पोर्टल के माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज करनी होती है.लेकिन कटिहार में ई-शिक्षा कोश पोर्टल के पिछले महीने के आंकड़ों की समीक्षा के बाद एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. समीक्षा के दौरान ऐसे शिक्षकों को चिह्नित किया गया है, जो अपने पदस्थापित विद्यालय में तो मौजूद नहीं थे, बल्कि कथित तौर पर दूसरे जिले और यहां तक कि दूसरे राज्य में रहते हुए भी डिजिटल माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज कर रहे थे.जांच के बाद कटिहार जिले के करीब 21 विद्यालयों के 21 शिक्षकों को चिह्नित किया गया है. इन सभी शिक्षकों को विभाग की ओर से शोकॉज नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है.कटिहार के जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि शिक्षकों द्वारा दिए गए जवाब की जांच की जाएगी और अगर उनका स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया गया,तो संबंधित शिक्षकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.दरअसल,बिहार सरकार और शिक्षा विभाग लगातार सरकारी स्कूलों की व्यवस्था में सुधार और शिक्षकों की जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए डिजिटल मॉनिटरिंग समेत कई कदम उठा रहे हैं. ऐसे में अगर शिक्षक ही डिजिटल व्यवस्था का दुरुपयोग कर अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे,तो शिक्षा व्यवस्था में सुधार की इन कोशिशों पर सवाल उठना लाजिमी है.कटिहार से रितेश रंजन की रिपोर्ट--
कटिहार:कुरसेला प्रखंड के 79 महिला-पुरुष सफाईकर्मी पिछले पांच दिनों से तीन माह के बकाया मानदेय की भुगतान की मांग को लेकर हड़ताल पर हैं. मानदेय का भुगतान नहीं होने से नाराज दर्जनों सफाईकर्मी सड़क पर उतर आए और नगर पंचायत प्रशासन के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया.प्रदर्शनकारी एनएच-31 से अयोध्यागंज बाजार होते हुए शहीद चौक पहुंचे. इस दौरान सफाईकर्मियों ने नगर पंचायत प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए बकाया मानदेय का शीघ्र भुगतान करने की मांग की. इसके बाद सभी सफाईकर्मी नगर पंचायत कार्यालय पहुंचे और वहां भी अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया.सफाईकर्मियों का आरोप है कि उन्हें पिछले तीन माह से मानदेय का भुगतान नहीं किया गया है. उनके परिवार के सामने आर्थिक संकट की स्थिति हो गई है. सफाईकर्मियों ने यह भी आरोप लगाया है कि हड़ताल के दौरान उन्हें नौकरी से हटाने की धमकी दी जाती है.इसके अलावा निर्धारित समय से अधिक घंटे काम कराने और काम के दौरान भेदभाव किए जाने को लेकर भी कर्मियों में नाराजगी है.प्रदर्शन कर रहे सफाईकर्मियों ने कहा कि वे नगर पंचायत क्षेत्र की सफाई व्यवस्था को सुचारु रखने में लगातार अपनी भूमिका निभाते हैं, लेकिन समय पर मानदेय नहीं मिलने से उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. कर्मियों ने बकाया तीन माह के मानदेय का तत्काल भुगतान करने और उनकी अन्य समस्याओं का समाधान करने की मांग की.सफाईकर्मियों की हड़ताल का सीधा असर नगर पंचायत की सफाई व्यवस्था पर पड़ा है. नगर क्षेत्र के चौक-चौराहों,मुख्य सड़कों और गली-मोहल्लों में जगह-जगह कचरे का अंबार लगा हुआ है. कचरा नहीं उठाए जाने से कई स्थानों पर दुर्गंध फैल रही है और लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है.आने वाले रक्षाबंधन पर्व को लेकर बाजारों में भी लोगों की आवाजाही बढ़ने लगी है.ऐसे समय में बाजार और मुख्य सड़कों पर जमा कचरे से दुकानदारों और स्थानीय लोगों में भी नाराजगी देखी जा रही है. लोगों का कहना है कि समय पर कचरा नहीं उठने से दुर्गंध के साथ-साथ संक्रमण और बीमारी फैलने की आशंका भी बनी हुई है.स्थानीय लोगों ने नगर पंचायत प्रशासन से सफाईकर्मियों की समस्याओं का शीघ्र समाधान कर हड़ताल समाप्त कराने और नगर क्षेत्र की सफाई व्यवस्था को जल्द सामान्य कराने की मांग की है.वहीं, सफाईकर्मियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक उनके तीन माह के बकाया मानदेय का भुगतान नहीं किया जाता और अन्य मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती,तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा.