PURNIA :बिहार में एकबार फिर बड़ा रेल हादसा टल गया। जी हां, पूर्णिया के रानीपतरा रेलवे स्टेशन पर बड़ा रेल हादसा होने से टल गया। ड्राइवर की सूझबूझ से डीएमयू ट्रेन (07561) बड़े हादसे का शिकार होने से बाल-बाल बची है।

बिहार में फिर टला बड़ा रेल हादसा

ट्रेन स्टेशन से खुली ही थी कि महज 900 मीटर आगे बढ़ने पर ही ट्रेन के पहिए में लोहे का सरिया उलझ गया, जिसके बाद तेज आवाज हुई और ट्रेन को तेज झटका लगा। हालांकि, पहिया रेल की पटरियों से उतरता, इससे पहले ही ड्राइवर ने इमरजेंसी ब्रेक लगा दी। इस तरह ड्राइवर की सूझबूझ से बड़ी घटना टल गई।

बिहार में फिर टला बड़ा रेल हादसा, तेज आवाज़ के साथ लगा झटका, ट्रेन ड्राइवर ने लगायी इमरजेंसी ब्रेक

ये हादसा उसवक्त हुआ, जब ट्रेन की सभी बोगियां पैसेंजर्स से खचाखच भरी थीं। घटना को लेकर ट्रेन के ड्राइवर का कहना है कि गनीमत रही कि ट्रेन स्टेशन से खुली ही थी, अगर स्पीड ज्यादा होती तो बड़ा हादसा हो सकता था। वहीं, ट्रेन में तेज झटका लगते ही बोगी में बैठे यात्री सहम गए। आनन-फानन में ट्रेन से उतरकर ट्रैक पर आ गए।

तेज आवाज़ के साथ लगा झटका

जिस वक्त ये हादसा हुआ, यात्रियों के चेहरे पर डर का भय समा गया। सबों के चेहरे की रौनक उतर गई। जानकारी देते हुए ट्रेन के ड्राइवर ने बताया कि डीएमयू ट्रेन (07561) रोजाना की तरह तय समय पर कटिहार से चलकर रानीपतरा रेलवे स्टेशन 7 बजकर 6 मिनट पर रुकी। तय ठहराव के बाद ट्रेन पूर्णिया जोगबनी के लिए खुली। ट्रेन ने स्टेशन से महज 900 मीटर की दूरी तय की ही थी कि लोहे का सरिया ट्रेन के पहिए में उलझ गया, जिसके बाद घर्षण की वजह से तेज आवाज उठी और ट्रेन को तेज झटका लगा। झटका लगते ही फौरन इमरजेंसी ब्रेक लगाया गया। वे और गार्ड पटरी पर उतरे। टॉर्च जलाकर देखा तो पहिए में सरिया फंसा हुआ पाया।

बिहार में फिर टला बड़ा रेल हादसा, तेज आवाज़ के साथ लगा झटका, ट्रेन ड्राइवर ने लगायी इमरजेंसी ब्रेक

सरिया इस कदर पहिया में जा फंसा था कि इसे निकालने में 5 मिनट से अधिक का वक्त लग गया। वहीं, इस संबंध में घटना को लेकर आरपीएफ इंस्पेक्टर से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि मामले की जानकारी होते ही तुरंत जांच-पड़ताल शुरू कर दी गई है। कुछ संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया गया है और पूछताछ जारी है।