

शुक्रवार, 18 सितंबर 2026
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चाईबासा:- झारखंड के मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन के मंत्रीमंडल का विस्तार 16 फरवरी को होना है, और इस बार कोलहान के झामुमो के तीन विधायक चंपाई सोरेन के मंत्रीमंडल में शामिल होने के लिए अपनी अपनी लॉबिंग तेज कर दी है।लेकिन कल्पना सोरेन के बिना सहमति के कोल्हान से कोई विधायक मंत्री नहीं बन सकता है,यह दावा जेएमएम के ही बड़े नेता के द्वारा किया गया है। हेमन्त सोरेन के जेल जाने के बाद से कलपना सोरेन की पुछ बढ़ गई है। सूत्रों के अनुसार पूर्व मंत्री जोबा मांझी भी कल्पना सोरेन के यहां चंपई सोरेन सरकार में मंत्री बनने के लिए लॉबिंग तेज कर दी है।कल्पना सोरेन कोल्हान से किसी एक विधायक को मंत्री बनाने की सहमति दी है,यह गोपनीय रखा गया है।आवास बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष नजम अंसारी ने जोबा मांझी को मंत्री बनाने के लिए प्रयास करने की सूचना प्राप्त हो रही है।झामुमो के केंद्रीय नेतृत्व के हवाले से 16 फरवरी की सुबह में कोल्हान के मझगांव विधानसभा की जनता को अपने विधायक का मंत्री पद मिलने की खुशखबरी मिलने की संभावना से इन्कार नहीं किया जा सकता है।कोल्हान प्रमंडल में चंपई सोरेन के बाद हेमन्त सोरेन का सबसे ज्यादा नजदीकी विधायक निरल पूर्ति को माना जाता है। हैट्रिक लगाने वाले चाईबासा सदर के विधायक दीपक बिरूआ और हेमन्त सोरेन के करीबी निरल पूर्ति में से किसी एक पर जेएमएम के कोटा से बनाने की सहमति मिलने की संभावना। कोल्हान से इस बार सिंहभूम जिला में झामुमो के तीन विधायकों में से किसी एक को ही मंत्री बनाने की चर्चा जोरों पर है।
चाईबासा। एक ओर जहां राज्य में सियासत को लेकर गहमागहमी चल रही है,उसी गहमागहमी के बीच भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय सह झारखंड प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मराण्डी के द्वारा पश्चिमी सिंहभूम जिला में जिला अध्यक्ष सतीश पुरी को हटाकर नवनियुक्त जिला अध्यक्ष के रूप में एक बार फिर संजय पाण्डेय के कंधों पर जिम्मेवारी सौंपते हुए नवनियूक्त जिलाध्यक्ष के रूप में मनोनित किया गया है। हालांकि संजय पाण्डेय भारतीय जनता पार्टी के पुराने कार्यकर्ता है। उन्होंने पूर्व में युवा जिलाध्यक्ष और संगठन मंत्री तथा वर्तमान में जिले को लोकसभा प्रभारी के रूप में पार्टी के लिए कार्य कर रहें है। यदि सूत्रों की मानें तो इस जिले में वर्षो से पार्टी के अंदर गुटबाजी चरम पर चल रही थी जिसका फलाफल पार्टी को एक भी विधायक नहीं मिल रहे थे। लेकिन इस विषम परिस्थिति में पार्टी के द्वारा संजय पाण्डेय को जिलाध्यक्ष मनोनीत किया गया है। यह निश्चित रूप से एक चुनौतीपूर्ण है। अब देखना है की नवनियूक्त जिलाध्यक्ष पार्टी के लिए जिनका खड़ा उतरता है और पार्टी को सिंहभूम लोकसभा में सांसद और कितने वाधायक दिला पाते हैं यह तो समय ही बताएगा।लेकिन संजू पाण्डेय पार्टी का पूराना कार्यकर्ता और पदाधिकारी है।संजू पाण्डेय की बात करेगें तो राज्य का पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा जब पार्टी में युवा मोर्चा का जिलाध्यक्ष हूआ करते थे उस समय से पार्टी में सक्रिय है।संजू पाण्डेय वर्ष 2003 से 2013 तक जिला मंत्री रहे फिर भाजपा जिला युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष बने। इससे पहले राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री भाजयूमो जिलाध्यक्ष के रूप में मनोनित थे और संगठन को बढ़ाने का काम कर चुके थेफिर पुनः पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने संजय पाण्डेय को 16 जनवरी 2011 को जिलाध्यक्ष के रूप में मनोनित किया गया जो वर्ष 2013 तक कार्यकाल रहा।उसके बाद पार्टी को दमदार जिलाध्यक्ष नहीं मिला और गुटबाजी का सिकार होता रहा। इधर संजय पाण्डेय जिलाध्यक्ष मनोनीत के बाद स्वागत की घड़ी तो देखने को मिली लेकिन दुसरे खेमा के लोग नजर नहीं आये। खैर मामला जो भी हो लेकिन मनोनित नवनिर्वाचित जिलाध्यक्ष संजू पाण्डेय नें जिलाध्यक्ष बनने पर कहा कि भारतीय जनता पार्टी देश की सबसे बड़ी पार्टी है और बड़ी पार्टी के साथ साथ सदस्यों की संख्या भी काफी है इसलिए मतभेद हो सकती है लेकिन आपसी संवाद के साथ मतभेद को खत्म किया जा सकता है। पार्टी में हम जैसे अदना कार्यकर्ता को इतनी बड़ी जिम्मेदारी दी विश्वाष के साथ तो हमारी पहली प्राथमिकता होगी कि हम अपने क्षेत्र से सांसद और विधायक जिताकर भेजें।
चाईबासा। मेसर्स श्री बालाजी इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग लिमिटेड की वर्तमान 1,20,000 टन प्रति वर्ष स्पंज आयरन उत्पादन क्षमता के साथ 16,200 टन प्रति वर्ष सिलिको मैगनीज के उत्पादन के लिये 1×9 एमवीए सबमर्ज्ड आर्क फार्नेस और कैप्टिव पावर प्लांट 12 मेगावाट की स्थापना का प्रस्तावना हेतु गांवगुटू गाँव में पर्यावरणीय लोक सुनवाई स्वीकृति हेतु आयोजित ग्रामीणों के भारी विरोध और विभिन्न समस्याओं के सशर्त स्वीकृति प्रदान किया। ग्रामीणों ने कंपनी पर कई गंभीर और संगीन आरोप लगाए और लोक जनसुनवाई में समस्याओं की झड़ी लगा दी। कंपनी पर वादा खिलाफी का आरोप भी लगाया साथी वर्षों से पेयजल, सड़क,स्वास्थ्य,प्रदूषण आदि विभिन्न समस्या समस्याओं को लेकर विरोध भी जताया। लोक जनसुनवाई पूर्व की तरह पूर्ण नियोजित और निर्धारित प्रायोजित थी। और इसमें उन्हीं लोगों को बुलाया गया था जो कंपनी के समर्थन और पक्ष में बोले इसके बावजूद कुछ प्रभावित हो और ग्रामीणों ने खुलकर अपनी समस्याओं को रखा। जिसका उपस्थित अधिकारियों और कंपनी प्रबंधन ने समाधान का आश्वासन दिया।यह लोक सुनवाई झारखण्ड राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद की वैज्ञानिक अर्पिता मिश्रा, एसडीओ मुकेश मछुवा क्षेत्रीय पदाधिकारी राम प्रवेश कुमार की मौजूदगी में संपन्न हुआ। सबसे पहले कंपनी के इकाई प्रतिनिधि अमन वर्मा ने कंपनी की प्रस्तावित योजनाओं के बारे में विस्तार से रखा। उपस्थित ग्रामीणों ने कहा कि कंपनी प्रबंधन इस प्लांट से होने वाली प्रदूषण को रोकने हेतु बेहतर प्रयास करे, प्रभावित गांवों के ग्रामीण बेरोजगारों को कंपनी में स्थायी नौकरी के साथ-साथ अन्य रोजगार की व्यवस्था, शुद्ध पेयजल, चिकित्सा, गुणवता युक्त तकनीकी व उच्च शिक्षा, कृषि का बेहतर सुविधा, एम्बुलेंस, कंपनी गेट के सामने से गुजरने वाली मुख्य ग्रामीण सड़क का पक्कीकरण, जल जमाव से मुक्ति, सामाजिक व सांस्कृतिक विकास हेतु कार्य करने आदि की मांग रखी। कंपनी प्रबंधन को जिसने भी जमीन प्रारम्भ में दिया है उन परिवारों को स्थायी नौकरी व तमाम प्रकार के लाभ दिया जाये। ग्रामीणों ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में कंपनी अब तक बेहतर कार्य की है, आगे और बेहतर करने की उम्मीद करते हैं। कंपनी घटते भूमिगत जल श्रोत की समस्या को दूर करे, स्कूल-कौलेज जाने हेतु छात्र-छात्राओं को स्कूल वाहन की व्यवस्था हो। कंपनी के एमडी के के कनोडिया ने जनता के सवालों का जबाब देते हुये कहा कि प्लांट ने निकलने वाला गैस और चारकोल पावर प्लांट में जायेगा जिससे प्रदूषण का स्तर काफी कम हो जायेगा। प्रदूषण नियंत्रण हेतु विशेष तकनीक का उपकरण भी लगाया जायेगा जिससे प्रदूषण कम होंगे। कंपनी में 242 श्रमिक हैं जिसमें लोकल 160 ग्रामीण व झारखण्ड मिलाकर 172 लोग हैं। हम एक सप्ताह में एम्बुलेंस देंगे लेकिन आप ग्रामीण उसके संचालन हेतु समिति बनाकर दे। समिति हीं संचालन करेगी। हमें किसी भी ग्रामीण ने 3 अथवा 6 एकड़ जमीन नहीं दिया है। इस प्रोजेक्ट में किसी ग्रामीण की जमीन हम नहीं ले रहे हैं। जल जमाव को खत्म करने हेतु हमने दो नाला बनाया गया है। अगर कहीं जलजमाव या डम्प है तो उस समस्या को दूर करेंगे। सुख-चैन मोटर से देवी स्थान तक सड़क सरकार बनाने की बात कही है। राजाबांधा का तालाब का निर्माण एक सप्ताह के अंदर प्रारम्भ कराया जायेगा। कंपनी के अंदर मात्र 3 डीप बोरिंग है। सरकार को हम पानी के लिये 3 वर्षों से पैसा देते हैं लेकिन अभी तक पानी हमें नहीं मिला, लेकिन जल्द मिलने की संभावना है। अगर इएसपी मशीन प्लांट में नहीं चल रहा है तो उसकी जानकारी हमें तुरंत दें, हम विभागीय पदाधिकारी को तुरंत निलम्बित करेंगे। 12 स्मार्ट क्लास अलग-अलग स्कूलों व कालेज में दिये हैं, और स्कूल में जरुरत होगी तो उसे भी हम देंगे। लाईट हम देंगे। स्कूल बस सर्वे कराकर हम देने की कोशिश करेंगे। 2004 में हमारा एक अकेला प्लांट लगा, पडो़सी राज्य में 4 प्लांट से आज लगभग 30 प्लांट लग गये। ऐसा प्रयास झारखण्ड सरकार व प्रशासन को सोचना होगा, क्योंकि झारखण्ड के इस क्षेत्र में लौह अयस्क का अकूत भंडार है। अगर यहाँ और प्लांट लगेगा तो बेरोजगारी दूर होगी और क्षेत्र का विकास होगा। एक प्लांट होने की वजह से हमारे उपर सभी प्रकार का लोड बढे़ रहता है। सभी स्कूलों में शौचालय निर्माण कराया जायेगा। हमारा प्लांट काफी छोटा है। सेल, टाटा स्टील जैसी बडी़ संस्थानों जैसी सुविधा हमारे लिये देना संभव नहीं हो पायेगा। इस दौरान प्लांट के प्रबंधक सुरेश डोलिया, सीएसआर पदाधिकारी अजीत श्रीवास्तव, प्रमुख पूनम गिलुवा, मुंडा दिगम्बर चातोम्बा, मानकी मुकेश बोबोंगा, पूर्व जीप सदस्य शंभू हाजरा, मुखिया प्यारवती देवगम, मुखिया मंगल सिंह गिलुवा, पूर्व मुखिया राजा तिर्की, पूर्व उप प्रमुख अशोक दास, संजीव राय, सुजीत चातोम्बा आदि सैकड़ों मौजूद थे।
पटना : बड़ी खबर सामने आ रही है पटना जिला से जहां एक बार फिर तेज रफ़्तार का कहर देखने को मिला है। बताया जा रहा है कि बेकाबू ट्रक ने सड़क पर जा रहे 6 लोगों को रौंद दिया है। वहीं इस हादसे में मौके पर ही 4 की मौत हो गई जबकि दो गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद इलाके में अफरा तफरी की स्थिति उत्पन्न हो गई। मामला पटना के पालीगंज अनुमंडल इलाके का बताया जा रहा है जहां पालीगंज पटना मुख्य पथ पर एक तेजरफ्तार ट्रक ने आधा दर्जन लोगों को रौंद दिया जिसमें चार लोगो की मौके पर ही मौत हो गई। एक साथ चार लोगो की मौत के बाद सड़क पर भगदड़ जैसी स्थिति हो गई। इधर घटना के बाद ट्रक ड्राइवर ट्रक को सड़क पर ही छोड़ कर फरार हो गया। हादसे के बाद आक्रोशित लोगों ने पटना पालीगंज मुख्य पथ को जाम कर दिया और मुआवजे की मांग करने लगे। जाम की सूचना मिलने के बाद पालीगंज डीएसपी प्रीतम कुमार अपने दलबल के साथ मौके पहुंचे और लोगों को समझाने में जुट गए हैं। पालीगंज डीएसपी प्रीतम कुमार ने बताया कि पालीगंज अनुमंडल के पालीगंज प्रखंड मुख्यालय और धरहरा मोड़ के पास एक तेज रफ्तार ट्रक जो पालीगंज से बिहटा की ओर जा रही थी अचानक टायर और ब्रेक फेल होने से दो जगह पर लोगों को रौंदा दिया जिसमें चार लोग की मौत हो गई और दो लोग घायल है जिनका इलाज चल रहा है। फिलहाल घटना के बाद लोगों ने सड़क जाम किया है लोगों को समझाया जा रहा है इसके अलावा मृतकों की पहचान की जा रही है।
चाईबासा। केंद्र और राज्य सरकार द्वारा बड़े-बड़े कॉरपोरेट घरानों को लाभ पहुंचाने के लिए कोल्हान पोड़ाहाट के आदिवासी और मूलवासी खूंटकट्टी रैयतों की जमीन को बिना उचित प्रक्रिया पूर्ण किए ही राज्य सरकार जिला में पदस्थापित आला अधिकारियों द्वारा बहुफसली सिंचित भूमि को अधिग्रहण करने की विज्ञापन प्रकाशित करा रही है। यह बातें चाईबासा बायपास सड़क निर्माण के लिए चिन्हित बहुफसली सिंचित कृषि भूमि पर पदयात्रा का नेतृत्व कर रहे झारखंड पुनरूत्थान अभियान के मुख्य संयोजक सन्नी सिंकु ने कहा है।और आगे उन्होंने कहा ऐसे सुनियोजित षड्यंत्र सिर्फ एनएच 75ई पुटिदा से रघुनाथपुर चाईबासा बायपास सड़क निर्माण कार्य करने के लिए बहुफसली सिंचित कृषि भूमि को अधिग्रहण करने के लिए 14जनवरी 2024 को ठीक मकर सक्रांति और मागे पर्व के दिन विज्ञापन प्रकाशित कराया गया। जिला में विगत वर्ष एनएच 320G हाटगमरिया से कोलेबिरा सड़क निर्माण करने के लिए जिंतुगाड़ा से बड़ानंदा मौजा के बहुफसली सिंचित कृषि भूमि को अधिग्रहण करने के लिए जगन्नाथपुर बायपास सड़क निर्माण की विज्ञापन भी 22 अक्टूबर 2023 को दुर्गापूजा के बीच प्रकाशित किया गया था। जो यह दर्शाता है जानबूझकर इरादतन कोल्हान पोड़ाहाट के आदिवासी मूलवासियों की बहुफसली सिंचित कृषि जमीन को बड़े बड़े पूंजीपतियों के व्यापक हित में असंवैधानिक रूप से राज्य सरकार और सरकरीतंत्र भूमि अधिग्रहण करना चाहती है। सरकार और नौकरशाह के उन मनमानी के खिलाफ झारखंड पुनरूत्थान अभियान एक वर्षों से लगातार विरोध करते हुए चरणबद्ध आंदोलन कर रही है। कभी खूंटकट्टी रैयती जमीन मालिकों के साथ बैठक और धरना प्रदर्शन करके तो कभी खेतों और सड़क पर पदयात्रा करके। और कई बार मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन,महामहिम राज्यपाल के साथ ही जिला के आला अधिकारियों को भी मांग पत्र प्रेषित किया गया। लेकिन इसके बाबजूद न राज्य सरकार और न ही जिला के आला अधिकारियों में कोई कार्यसंस्कृति बदलते दिखाई दे रही है। ऐसे में गैर राजनीतिक सामाजिक संगठन झारखंड पुनरूत्थान अभियान की महती दायित्व है कि कोल्हान पोड़ाहाट के खूंटकट्टी रैयती जमीन मालिकों और ग्रामीणों को जागरूक करें और अपने बहुफसली सिंचित कृषि भूमि को बचाने के लिए लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने के लिए उत्प्रेरित करें। कयोंकि हमारे पूर्वजों ने पीढ़ी दर पीढ़ी इस खूंटकट्टी जल,जंगल,जमीन से अपना जीविका चलाने के लिए ही झाड़ जंगल को साफ कर गांव बसाया,खेती योग्य जमीन तैयार किया। और इसी भू सम्पदा को बचाए रखने के लिए कोल्हान में ब्रिटिश सरकार से लड़ते हुए हमारे हजारों पूर्वजों ने बलिदान दिया था। झारखंड पुनरूत्थान अभियान के द्वारा आयोजित चाईबासा बायपास के लिए प्रस्तावित बहुफसली सिंचित कृषि भूमि से होकर की जा रही पदयात्रा के पहले दिन जिस तरह से रघुनाथपुर,सिंहपोखरिया,गितिलपी, तुईबीर, डोंकाहातू, टोलगोय, डोबरोसाई, टेकासाई,कातीगुटु के मौजा मुंडा और रैयतदार ग्रामीणों का जन समर्थन मिल रहा है। ख़ासकर, गुमढ़ा पीढ़ के रैयतों का यह जन समर्थन 25 मार्च 1820 को शहीद पार्क चाईबासा में हुई हो विद्रोहियों की शहादत की याद दिला दिलाती है। इसी गुमड़ा पीढ़ के हथियारबंद हो विद्रोहियों ने ब्रिटिश सरकार के द्वारा कोल्हान पोड़ाहाट में सबसे पहले भेजे गए लेफ्टिनेंट रफसेज़ को चाईबासा स्थित उनके कैंप कार्यालय में चारों तरफ से घेर लिया था। जब लेफ्टिनेंट रफसेज को ब्रिटिश हुकूमत के द्वार कोल्हान पोड़ाहाट पर कब्जा करने के लिए भेजा गया था। गुमड़ा पीढ़ के हथियारबंद हो विद्रोहियों द्वारा अपने को चारों ओर से घिरा हुआ देखकर अपनी जान बचाने के लिए लेफ्टिनेंट रफसेज ने सेना प्रमुख जॉन पीटर मेलोर्ड और गार्ड को गोली चलाने का आदेश जारी किया था। ठीक जहां पर शहीद पार्क चाईबासा बना है उसी स्थान पर इसी गुमड़ा पीढ़ के 50 हथियारबंद हो विद्रोहियों को अंग्रेजी सेना ने सीने में गोली मारकर निर्मम पूर्वक हत्या कर दिया था। उन वीर शहीद हो विद्रोहियों की याद में अंग्रजों ने शहीद पार्क का निर्माण कराया था। जिस शहीद पार्क को 6 अक्टूबर 1937 में तत्कालीन बिहार उड़ीसा के गवर्नर सर मॉरिस गार्नियर ने उद्घाटन किया था। फिर से कोल्हान पोड़ाहाट के अपनी भू सम्पदा यानी खूंटकट्टी बहुफसली सिंचित जमीन को बचाने के लिए इसी गुमड़ा पीढ़ से उन वीर शहीद हो विद्रोहियों के वंशजों का पदयात्रा में व्यापक जन समर्थन फिर से आंदोलन पोड़ाहाट में जन आंदोलन को बल मिलने का आसार दिखाई दे रहा है। पदयात्रा में शामिल गुमड़ा पीढ़ के मानकी शिव शंकर सवैया ने कहा कोल्हान पोड़ाहाट में जो मानकी मुंडा विनियम लागु है। यह कोल्हान पोड़ाहाट के वीर शहीद हो विद्रोहियों के कुर्बानी का परिणाम है। जिन वीर शहीद पूर्वजों ने अपनी इस्टेट और आजादी को कोल्हान पोड़ाहाट में बहाल रखने के लिए ब्रिटिश सरकार के खिलाफ 1820 से लगातार देश आजाद होने तक अंग्रेजों के खिलाफ विद्रोह करते रहा। सिंह पोखरिया मौजा मुंडा दीपू सिंह सवैया ने कहा कि हमारा मौजा के एक भी रैयतदार किसी भी परिस्थिति में एक इंच जमीन देने के लिए तैयार नहीं है।पदयात्रा का शुभारभ केलेंडे रघुनाथपुर गांव के एनएच सड़क से पूर्व सांसद चित्रसेन सिंकु ने राष्ट्रीय झंडा दिखाकर रवाना किया।पदयात्रा में गितिलपी मौजा के मुंडा बबलू सवैया,तुईबीर मौजा के मुंडा मैथ्यू देवगम, तोलगोयसाई के मुंडा मधु पुरती, डोबरोसाई मुंडा रोबिन पड़ेया, कातीगुटू मुंडा सिडेयु पुरती, अमृत मांझी, बबलू सिंकु, सुरेश सवैया,भालबद्र सवैया,नरेश सवैया,कोलंबस हांसदा,रेयान सामड,महेंद्र जामुदा,सुमंत सिकु, गुरुचरण सिंकू,नारायण पुरती,विकास केराई ,विनीत लगुरी ,बालकृष्ण डोरायबुरु,कमल किशोर सवैया,मनमोहन सवैया, सिंह बोई सवैया,सरिता सवैया, सोमबारी सवैया और सैकड़ों महिला पुरुष ने रघुनाथपुर,सिंह पोखरिया ,गितिलपी,तुईबीर, टोलगोय साई, डोबरो साई, काती गुटु,गांव के ग्रामीणों के साथ अपने अपने बहुफसली सिंचित कृषि भूमि खेत ही खेत में पदयात्रा का नेतृत्व प्रदान किया। जिसमें सभी गांव के रैयतदर सैकड़ों की संख्या में शामिल हुआ।
डेस्क/रांची:- झारखंड में ठंड अभी और सताएगी। मौसम विभाग के अनुसार झारखंड में शीतलहर, कोहरे के साथ आज से बारिश की भी संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार 17 से 19 जनवरी तक रांची समेत गिरिडीह, देवघर, दुमका, गोड्डा, साहिबगंज, पाकुड़, दुमका, जामताड़ा, धनबाद, बोकारो, रामगढ़, खूंटी, सरायकेला खरसावां, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सिमडेगा, गुमला में हल्के से मध्यम दर्जे की बारिश होने की संभावना है। राज्य में अगले दो से तीन दिनों में न्यूनतम तापमान में धीरे-धीरे 3-5 °C की वृद्धि हो सकती है। 20 जनवरी से न्यूनतम तापमान में 2-3 °C की गिरावट हो सकती है। पिछले 24 घंटे में राज्य में मौसम शुष्क रहा तथा राज्य के पश्चिम भाग में कहीं-कहीं पर शीत लहर व मध्यम दर्जे का कोहरा देखा गया। पिछले 24 घंटे में राज्य में मौसम शुष्क रहा तथा राज्य के पूर्वी भाग में कहीं-कहीं पर हल्के से मध्यम दर्जे का कोहरा देखा गया. सबसे अधिक उच्चतम तापमान 27.4°C चाईबासा में, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 3.1°C गुमला में दर्ज किया गया. आने वाले दिनों में राज्य के उत्तरी भाग में कहीं-कहीं मध्यम से घने कोहरा की संभावना है। वहीं 20 जनवरी तक पूरे राज्य में घने कोहरे की चेतावनी जारी की गई है। कल से सुबह में कोहरे के बाद में आंशिक बादल छाये रहेंगे और मौसम शुष्क रहेगा। मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने कहा कि मौसम में बदलाव के कारण इस मौसम में बुजुर्ग और बच्चों को खास ख्याल रखना होगा। वहीं आज अहले सुबह से पूरा बोकारो सफेद घने कोहरे के चादर से लिपटा हुआ देखा जा रहा है, कोहरे के कारण चारों तरफ धुंध छाई हुई है और ठंड भी काफी बढ़ा हुआ है। इस ठंड के कारण लोगों को काफी परेशानी हो रही है। स्कूल जाने वाले बच्चे भी ठंड को लेकर काफी परेशान है। लेकिन वह पढ़ाई से भी पीछे नहीं रह सकते हैं।सड़कों पर पूरी तरह से सन्नाटा पसरा हुआ है और लोग आज मॉर्निंग वॉक करने भी कम निकले। लोगों का कहना है कि बोकारो में ठंड काफी अधिक पड़ रही है। जिस कारण बचाव के उपाय के साथ घर से बाहर निकल रहे हैं। साथ ही लोगों ने दूसरे लोगों को भी ठंड से बचने की सलाह दी है।
चाईबासा:- झारखण्ड के सभी सरकारी विद्यालयों में छात्रों की उपस्थिति बढ़ाने हेतु लागु किए गए अनूठी पहल "सीटी बजाओ, उपस्थिति बढ़ाओ" के साकारात्मक परिणाम को देखते हुए सरकार के निर्देशानुसार आज सभी सरकारी विद्यालयों द्वारा यह कार्यक्रम चलाया गया। पूर्वाह्न 8:30 से 9:30 बजे तक विद्यालय एवं समाज के हर अवयव को इस मुहिम से जोड़ते हुए एक घंटे का "सीटी बजाओ, उपस्थिति बढ़ाओ" अभियान पूरे जिले में पदाधिकारियों की सहभागिता सुनिश्चित करते हुए क्रियान्वित की गई। इसी क्रम में सदर प्रखण्ड के नगरपालिका बंगला मध्य विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं बच्चों द्वारा डिलियामार्चा गांव में "सीटी बजाओ, उपस्थिति बढ़ाओ" के मुहिम की आज शुरुआत की गई। इस अवसर पर पश्चिमी सिंहभूम जिले के उप विकास आयुक्त संदीप कुमार मीणा, जिला शिक्षा अधीक्षक अभय कुमार शील एवं सदर अनुमण्डल पदाधिकारी अनिमेष रंजन ने भी बच्चों के साथ इस अभियान में भाग लिया। बच्चों के द्वारा सीटी बजाकर "सीटी बजाओ, उपस्थिति बढ़ाओ" के नारों के साथ वरीय पदाधिकारियों ने भी सीटी बजाकर बच्चों का हौसला बढ़ाया तथा आसपास के अभिभावकों को स्कूल भेजने के लिए प्रेरित किया। उप विकास आयुक्त, अनुमण्डल पदाधिकारी सदर एवं जिला शिक्षा अधीक्षक ने सीटी सुनकर अभियान में जुड़ने वाले बच्चों को पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया तथा चॉकलेट देकर प्रतिदिन विद्यालय जाने का संदेश दिया। पदाधिकारीगण एवं बच्चे सीटी बजाते हुए जैसे-जैसे आगे बढ़ रहे थे आस पास के घरों से निकलकर बच्चों का काफिला जुड़ता जा रहा था। विद्यालय के ड्रेस में बच्चों का हुजूम देखने लायक था। आगे-आगे पदाधिकारीगण, उनके पीछे विद्यालय जाने वाले बच्चे तथा अंत में प्रधानाध्यापक सहित नगरपालिका बंगला मध्य विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं चल रही थी। विद्यालय के प्रधानाध्यापक असीम कुमार सिंह ने बताया कि सरकार के निर्देश पर ये कार्यक्रम कुछ दिन पहले से चलाया जा रहा है। आज सोशल मीडिया जैसे शशक्त माध्यम पर इस अभियान के फोटो एवं विडियो डालकर शेयर करना था जिससे समाज में जागरूकता फैल सके। उन्होनें बताया कि "सीटी बजाओ, उपस्थिति बढ़ाओ" कार्यक्रम के कारण बच्चों की उपस्थिति में तुलनात्मक वृद्धि हुई है। बच्चे इस अभियान के महत्व को समझ रहे हैं और उम्मीद है कि आने वाले समय में इसका साकारात्मक प्रभाव देखने को मिलेगा।
चाईबासा:- पश्चिमी सिंहभूम जिले के बाहर नक्सल प्रभावित जराईकेला थाना क्षेत्र में भाकपा माओवादी ने अपने पुराने साथी नेलशन भेंगरा की गोली मार हत्या कर दी। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार 9 जनवरी की रात करीब 10 बजे हथियारबंद नक्सली समठा गांव पहुंचे और नेलशन भेंगरा को उसके घर से उठा कर अपने साथ ले गये। माओवादी ने पहले नेलशन की जमकर पिटाई की फिर गोली मारकर उसकी हत्या कर दी। हालांकि पुलिस इस मामले में अभी कुछ भी बताने से इनकार कर रही है। सूत्रों की मानें तो पुलिस व सीआरपीएफ के जवान सारंडा के जराईकेला, मनोहरपुर और छोटानागरा क्षेत्र के जंगलों में सर्च अभियान चला रहे हैं। कोल्हान डीआईजी अजय लिंडा खुद तिरिलपोसी में ऑपरेशन का नेतृत्व कर रहे हैं। पुलिस नेलशन भेंगरा का शव बरामद करने का प्रयास कर रही है।ज्ञात हो की दो माह पहले ही जेल से छूटकर आया था नेलशन भेंगरा। बता दें कि नेलशन भेंगरा सारंडा जंगल क्षेत्र के जराईकेला थाना अंतर्गत समठा गांव का निवासी था। नेलशन लंबे समय से बड़े नक्सलियों के साथ जुड़ा था। वह पुलिस के संपर्क में भी था। नेलशन भेंगरा को ओडिसा की बिसरा थाना पुलिस ने मई 2023 में एक सड़क निर्माण कंपनी से लेवी मांगने के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेजा था। दो माह पहले ही वह जेल से बाहर आया था। वहीं नेल्शन भेंगरा को ओडि़सा की बिसरा थाना पुलिस ने मई 2023 में एक सड़क निर्माण कंपनी से नक्सलियों के नाम पर लेवी मांगने के आरोप में पकड़ जेल भेजी थी। दो माह पहले हीं वह जेल से छूटा था।
Ranchi- आदिवासी संगठन आदिवासी सेंगेल अभियान (एएसए) ने सरना धर्म की मान्यता की अपनी लंबे समय से चली आ रही मांग के समर्थन में आज "प्रतीकात्मक" भारत बंद का आह्वान किया है। साथ ही रेलवे चक्का जाम की रणनीति तैयार की गई है।भारत बंद का समर्थन 20 से अधिक संगठनों ने किया है। लेकिन भारत बंद का असर रांची के चौक चौराहा पर नहीं दिख रहा है। अरगोड़ा चौक, लालपुर, सुजाता चौक, पिस्का मोड़ पर कोई भी आदिवासी संगठन बंदी का समर्थन करने के लिए सड़कों पर नहीं निकले हैं। जनगणना प्रपत्र में पृथक धर्म कॉलम में अंकित किए जाने को सेंगल अभियान व केंद्रीय सरना समिति के इस भारत बंद का अधिक झारखंड प्रदेश के 20 विभिन्न आदिवासी संगठनों ने समर्थन किया है। इसमें झारखंड प्रदेश के पाहन महासंघ, जय आदिवासी केंद्रीय परिषद, आदिवासी सरना 22 पड़हा समिति, सिंहभूम आदिवासी हो समाज, टोंका टोली सरना समिति लालपुर, केंद्रीय सरना समिति रामगढ़ पतरात, किशनपुर बूटी रांची, राष्ट्रीय जय आदिवासी कल्याण केंद्र सहित कई संगठन भी शामिल हैं। इस मांग को लेकर 15 फरवरी 2024 में विशाल महारैली दिल्ली में की जाएगी। इस विशाल महारैली में 20 राज्य के आदिवासी समुदाय के जनमानस शिरकत करेंगे।
रांची : गढ़वा में पुलिस और नक्सलियों के बीच हुए मुठभेड़ में गोली लगने से रंका थाना प्रभारी घायल हो गए. घायल थाना प्रभारी को इलाज के लिए रांची के मेडिका हॉस्पिटल में हेतु भर्ती कराया गया है. रांची के सिटी एसपी राज कुमार मेहता और एडीजी अभियान संजय आनंद लाटकर मेडिका अस्पताल पहुंच कर घायल थाना प्रभारी का हाल जाना. बता दें कि गढ़वा के रंका थाना क्षेत्र के ढेगूरा जांगल में पुलिस और जेजेएमपी के नक्सलियों के बीच मुठभेड़ में रका थाना प्रभारी शंकर कुशवाहा गोली लगने से घायल हो गये. घटना के बाद घायल थाना प्रभारी को रांची के मेडिका अस्पताल में भर्ती कराया गया. घटना की सूचना के बाद आज रांची के सिटी एसपी राज कुमार मेहता और एडीजी अभियान संजय आनंद लाटकर मेडिका अस्पताल पहुंचे. अस्पताल में भर्ती घायल थाना प्रभारी से पूरी जानकारी ली. वहीं उनके इलाज के बारे में भी जाना. https://youtu.be/tt9sJy_DNlAसीनियर रिपोर्टर-संतोष कुमार की रिपोर्ट---
PATNA : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अब पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गये हैं। मंगलवार को उन्होंने बिहटा स्थित ब्रिटानिया बिस्कुट फैक्ट्री का उद्घाटन किया है। सीएम नीतीश के उद्घाटन के बाद इलाके के लोगों में खुशी की लहर है। ब्रिटानिया बिस्कुट फैक्ट्री के उद्घाटन के मौके पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ उद्योग मंत्री समीर कुमार महासेठ भी मौजूद थे। ब्रिटानिया बिस्कुट फैक्ट्री का किया उद्घाटनब्रिटानिया बिस्कुट फैक्ट्री के उद्घाटन से पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने औद्योगिक क्षेत्र की कई कंपनियों का मुआयना भी किया। बिहटा में कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री पूर्वी चंपारण के केसरिया में पर्यटन विभाग से जुड़ी कई योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। बिहार की जनता को देंगे कई सौगातकेसरिया स्तूप के नजदीक कुल 8 संरचनाओं का निर्माण कराया जाना है, जिसके लिए 19.77 करोड़ की योजना की मुख्यमंत्री आधारशिला रखेंगे। केसरिया स्तूप के निकट 6.90 करोड़ की लागत से आवागमन की सुविधा का भी विकास होगा। केसरिया में विश्व शांति स्तूप, महाबोधि मंदिर आदि का निर्माण भी किया जाना है। आपको बता दें कि केसरिया स्तूप विश्व का सबसे बड़ा स्तूप है और यहां देश-विदेश के पर्यटक आते हैं।मुख्यमंत्री 13 दिसंबर को सीतामढ़ी में भी पर्यटन की कई योजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन करेंगे। इसके बाद 14 दिसंबर को वे पटना में आयोजित इंवेस्टर्स मीट का भी उद्घाटन करेंगे।
पटना : बड़ी खबर सामने आ रही है पटना से जहां बिहटा -औरंगाबाद रेलवे लाइन परियोजना को यथाशीघ्र शुरू करने की मांग को लेकर बुधवार को घेरा डालो डेरा डालो अभियान के तहत प्रदर्शनकारियों ने ट्रैक पर उतरकर धरना दिया। इसी दौरान एक ऐसी घटना हुई जिसे देख मौके पर मौजूद हर किसी की चीखें निकल गई। बताया जा रहा है कि बिहटा में प्रदर्शन के दौरान कई प्रदर्शनकारी रेलवे ट्रैक पर लेट कर अपना विरोध जाता रहे थे। इसी दौरान मौके पर पटना - छत्रपति शिवाजी महाराज एक्सप्रेस ट्रेन आ गई और हजारों के तादात में हंगामा कर रहे लोगो के बीच से पार कर गई। इस दौरान रेलवे संघर्ष समिति के संयोजक चंदन कुमार वर्मा पटरी पर लेटे रह गए और इस दौरान उनके ऊपर से करीब 10 बोगियां निकल गई। इस दौरान रेलवे ट्रैक पर कुछ देर के लिए अफरा तफरी मच गया। तभी अपने साथी को चन्दन को देखने के लिए कुछ युवक भागे भागे पहुंचे तो देखा कि चंदन की सांसे चल रही है और वह सभी सलामत है। घटना से आक्रोशित संघर्ष समिति के कार्यकर्ताओं ने रेलवे प्रबंध के खिलाफ जमकर हंगामा किया और ट्रेन चालक,स्टेशन मास्टर व रेलवे गार्ड की बर्खास्त करने की मांग करने लगे। बता दें कि बिहटा औरंगाबाद रेलवे लाइन परियोजना करीब 43 सालों से लंबित है। वर्तमान रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव ने 2007 में पालीगंज में इसका सिलायंस किया था। लेकिन आज तक बिहटा औरंगाबाद रेलवे लाइन परियोजना की काम एक कदम भी आगे नहीं बढ़ा। जिसको लेकर हर समय रेलवे संघर्ष समिति के बैनर तले हर बार आंदोलन किया जाता है।
चाईबासा:- दुर्गा पूजा के पूर्व बुधवार अहले सुबह से ही माँ दुर्गा की प्रतिमा विसर्जन होने वालों घाट क्रमशः कुम्हार टोली नदी घाट तथा कचहरी तालाब घाट की समूहिक रूप से श्रमदान कर युद्ध स्तर पर साफ- सफाई अभियान चलाया गया। दुर्गा पूजा को लेकर जिला पुलिस बल, केन्द्रीय दुर्गा पूजा समिति, रेड क्रॉस सोसाईटी, दुर्गा पूजा समितियों के पदाधिकारी सदस्यों और नगर परिषद, चाईबासा के द्वारा संयुक्त रूप से साफ-सफाई अभियान चलाया गया।कुम्हार टोली नदी घाट में अच्छे तरह से साफ सफाई किया गया। नदी जाने वालें पहुँच पथ के दोनों तरफ का वृक्ष के टहनियों, झाड़ियों को हटाया गया। वहीं कचहरी तालाब स्थित प्रतिमा विसर्जन घाट पर पूर्व में किए गए प्रवाहित किए गए प्रतिमा लकड़ी के घांचों को हटाया गया तथा घाट का साफ-सफाई किया गया ताकि दुर्गा मां की प्रतिमा विसर्जन सुगमता पूर्वक किया जा सके । श्रमदान कर प्रतिमा विसर्जन घाटों की साफ-सफाई करने वालों में सदर थाना प्रभारी प्रवीण कुमार , केन्द्रीय दुर्गा पूजा समिति के अध्यक्ष नितिन प्रकाश, उपाध्यक्ष त्रिशानु राय, महासचिव आनंद प्रियदर्शी , संयुक्त सचिव चंदन पांडेय, चाईबासा चैंबर के संयुक्त सचिव वकील खान, रेड क्रॉस सोसाईटी के राजेश अग्रवाल, सुब्रोतो सिन्हा, ओम प्रकाश केड़िया, दीपक अग्रवाल, जहाँगिर आलम अंसारी, अजय मोहता, राजेश शांडिल सहित दुर्गा पूजा समितियों के अध्यक्ष अमित भदानी, आयुष कुमार राम, नारायण पाड़िया, बंटी भुईयां, मुकेश प्रजापति सहित पदाधिकारी/सदस्य उपस्थित थे।
चाईबासा:- एसीसी सीमेंट वर्क्स चाईबासा ने नियुक्ति पत्र तो खूब बांट दिये लेकिन अब नौकरी देने में आनाकानी कर रहा है। यह बात एसीसी फैक्ट्री बैठाने के लिये जमीन देनेवाले गांव कोंदवा के ग्रामीणों ने कही। दरअसल शुक्रवार को मानवाधिकार सहायता संघ ने कोंदवा में ग्रामीणों की समस्याएं सुनने के लिये बैठक बुलायी थी। इसी बैठक में ग्रामीणों ने ये समस्याएं रखीं और समाधान की गुहार लगायी।ग्रामीणों ने कहा कि कुछ वर्ष पहले एसीसी में नौकरी के लिये एसीसी प्रबंधन ने बड़ी संख्या में तामझाम के साथ नियुक्ति पत्र बांटा था। लेकिन दुर्भाग्य से आजतक अधिकत्तर लोगों को ज्वाइनिंग नहीं मिली। वे आज भी ज्वाइनिंग की राह ताक रहे हैं। एसीसी को जमीन देनेवाले ब्रजमोहन गोडसोरा का कहना है कि उन्हें दो साल पहले 29 जुलाई 2021 को नियुक्ति पत्र दिया गया था। लेकिन नौकरी आजतक नहीं मिली। फिर भी ज्वाइनिंग की प्रतीक्षा है मुझे। उन्होंने कहा कि एसीसी अधिकत्तर रैयतों के साथ यही खेल खेलता है। पहले नियुक्ति पत्र बांट देता है और फिर ग्रामीणों की जमीन लीज पर ले लेती है। लेकिन जमीन लेने के बाद नौकरी देने में वह आनाकानी शुरू कर देता है। सहायक ग्राम मुंडा शशिभूषण हेस्सा ने शिकायत की कि कुंदरूगुटू तथा एटेकेगुटू नामक स्थानों पर वनों की अवैध कटाई हो रही है। साथ ही पत्थरों का अवैध उत्खनन भी हो रहा है। इस गोरखधंधे में बड़ालिसिया के हेस्साबासा टोले के कुछ लोग शामिल हैं। इस अवैध कार्य पर अंकुश लगाने की जरूरत है। उत्खनित पत्थरों की अन्यत्र बिक्री की जाती है। ग्रामीण धर्मसिंह हेस्सा ने जल नल योजना के तहत पानी की सुविधा नहीं दिये जाने की शिकायत की। संघ के प्रदेश अध्यक्ष कपिलदेव राज हेस्सा ने मानवाधिकार की विस्तृत जानकारी दी। इस मौके पर संघ के पश्चिमी सिंहभूम जिला प्रभारी राजेश कुम्हार, जिला उपाध्यक्ष दिनेश कुम्हार, जिला सचिव देवेंद्रनाथ सिंकू, हाटगम्हरिया प्रखंड अध्यक्ष प्रकाश हेंब्रम, टोंटो प्रखंड सचिव कमला देवी, प्रदीप लागुरी आदि मौजूद थे।
PATNA : बिहार के बड़े अपराधियों में शुमार शत्रुघ्न कुमार उर्फ जटहा सिंह का मर्डर हो गया है। अपराधियों ने कुख्यात जटहा सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी है और शव को बधार में फेंक दिया है। इस घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गयी है। कहा जा रहा है कि गैंगवार में कुख्यात जटहा सिंह की हत्या हुई है। जटहा सिंह की गोली मारकर हत्यापटना जिले के कुख्यात जटहा सिंह की नौबतपुर थाना क्षेत्र के चेसी गांव में गोली मारकर हत्या कर दी गई है। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची है और घटनास्थल से एक एसयूवी कार भी बरामद किया है। जंगल में आग की तरह फैली खबरघटना की जानकारी सुबह ग्रामीणों को तब हुई, जब वे शौच के लिए गोदाम की तरफ गए। जटहा के मारे जाने की खबर जंगल में लगी आग की तरह इलाके में फैल गई। परिजनों को भी इसकी जानकारी मिली। घटना की जानकारी मिलने गोदाम के पास पहुंचे परिजन उसके शव को उठाकर घर ले गए।दहशत का दूसरा नाम था जटहा सिंहगौरतलब है कि जटहा सिंह के नाम से व्यापारी थर-थर कांपते थे। पटना जिले में उसके नाम का दहशत था। उसपर कई आपराधिक मामले दर्ज थे। फिलहाल हत्या के पीछे के कारण अबतक स्पष्ट नहीं हो सके हैं। नौबतपुर के साथ बिहटा-बिक्रम और पालीगंज में शेखपुरा गांव का शत्रुघ्न सिंह और उर्फ जटा उर्फ जटहा खौफ का दूसरा नाम था। दोनाली पिस्टल का नाम सुनते ही पसर जाता था खौफहाल ये था कि उसका नाम सुनते ही कारोबारी कांपने लगते थे। इतना ही नहीं, उसने एक बार छापा मारने गए डीएसपी और उनकी टीम तक पर हमला बोल दिया था। इस हमले में पुलिस के जवान बाल-बाल बच गए थे लेकिन शनिवार को जटहा गोलियों का शिकार बन गया। एक बार जटहा के पास से पुलिस ने अनोखी तरह की दोनाली पिस्टल बरामद की थी। कहा जाता है कि जटहा की दोनाली पिस्टल का नाम सुनते ही कारोबारियों में खौफ पसर जाता था।
चाईबासा : स्वच्छता ही सेवा के तहत 1 घंटे स्वच्छता के लिए श्रमदान अभियान तहत प.सिंहभूम जिला मुख्यालय चाईबासा शहर में नगर परिषद के तत्वाधान में रविवार को सुबह दस बजे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी के जयंती के पूर्व दिन गांधी मैदान , चाईबासा से शहर में प.सिंहभूम जिला के उपायुक्त अनन्य मित्तल के नेतृत्व में स्वच्छता अभियान "रैली" निकाली गई । अभियान "रैली " का प्रारंभ राष्ट्रपति महात्मा गांधी के तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर तथा उन्हें नमन कर किया गया तथा स्वच्छता का सपथ लिया गया । अभियान "रैली " गांधी मैदान , चाईबासा से निकालकर शाहिद पार्क , रतन लाल पेट्रोल पम्प चौक , बस स्टैंड चौक, जैन मार्केट चौक , सदर थाना चौक , पोस्ट ऑफिस चौक तक चलाया गया। उपायुक्त अनन्य मित्तल ने कहा कि स्वच्छता मनुष्य को शारीरिक और मानसिक स्तर पर स्वस्थ रखती है । स्वच्छता का अर्थ है- साफ-सफाई। अगर हम अपने आस-पास की सफाई नहीं रखेंगे तो बीमारियों के फैलने का डर बना रहता है। हमारे आस पास जितनी गंदगी रहेगी, उतना ही हमारे अस्वस्थ होने की संभावना बनी रहेगी ।उन्होंने स्वच्छता अभियान "रैली " में बढ़-चढ़कर भाग लेने वाले सभी लोगों की सराहना करते हुए भविष्य में भी इस प्रकार के समाज हित के कार्य में भाग लेने के लिए प्रेरित किया गया।मौके पर प्रशिक्षु आईएएस श्रुति राजलक्ष्मी , नगर परिषद कार्यपालक पदाधिकारी प्रतिभा रानी , कार्यपालक अभियंता पेयजल विभाग अविक अंबाला , प्रभु दयाल मंडल , सांसद प्रतिनिधि त्रिशानु राय , प.सिंहभूम चेम्बर अध्यक्ष राज कुमार ओझा , नगर प्रबंधक , नप संतोष बेदिया , लोकेश सिंह मुंडा , राजा राम गुप्ता ,, नप कर्मी मुन्ना आलम , सुनील पोद्दार , पिनाकी दास , पवन मिंज , फरहान , परवेज , चम्बरु कारवा , प.सिंहभूम चेम्बर के संतोष सिन्हा , अमित ठाकुर , नेहरू युवा केन्द्र के रत्नाकर महतो , भीमसेन होनहागा सहित काफी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित थे ।यह भी जानेएक ओर जहां स्वाच्छता अभियान चलाया जा रहा है और वहीं चाईबासा मुख्य शहर के बिचो बिच मंगला हाट नाम से मसहुर मंगलाबाजार में गंदगी का अंबार लगा हूआ है।जबकी यह बाजार नगरपरिषद क्षेत्र चाईबासा के अंतर्गत आती है और यहां नगरपरिषद प्रबंधन द्वारा बाजार शुल्क भी वसूला जाता है फिर गंदगी के बीच व्यपारी व्यपार करने को बाद्यय है।मगर स्वच्छता पखवाड़ा में नगर परिषद प्रबंधन और ब्राडएबेस्डर तथा कर्मी केवल सड़कों पर सफाई अभियान चलाकर डियूट्टी बजाते है।
चाईबासा:- पश्चिमी सिंहभूम जिलें में डीएमएफटी फण्ड का लूट इस कदर हुआ है कि केंद्र सरकार जिले में डीएमएफटी फंड की जांच सीबीआई, ईडी और एनआईए से करा सकती है। पश्चिमी सिंहभूम जिला में विकास योजनाओं को अपने छेत्र में कराने को लेकर खींचा तानी शुरू हो गई है। सूत्रों की माने तो सबसे कम योंजना की स्वीकृति जगन्नाथुर के विधायक सोना राम सिंकू का हुआ है, वहीं लोकसभा छेत्र के अनुपात में सांसद गीता कोड़ा को अब तक 25 करोड़ की योंजना की स्वीकृति दी गई है। सदर विधायक को भी अनुशंसा के अनुपात में कम योंजना की स्वीकृति मिली है। सबसे अधिक योजना राज्य सरकार की कैबिनेट मंत्री जोबा मांझी के छेत्र में दिए जाने की चर्चा जोरों पर है। मझगाँव विधायक निरल पूर्ति के छेत्र में योजना की स्वीकृति औसतन ठिक है। सूत्रों के अनुसार चक्रधरपुर के विधायक सुखराम उरांव अपने छेत्र में योजनाओं की स्वीकृति से संतुष्ट नहीं हैं। सभी माननीय अपने छेत्र में कम से कम 50 करोड़ तक की योंजना की स्वीकृति देने का प्रस्ताव पिछले बैठक में डीसी से कर चुके हैं।योजनाओं की स्वीकृति में विलम्ब होने से भी माननीय लोग कांफी नाराज़ हैं। सूत्रों के अनुसार सबका कहना है की समय पर सभी विधायक के अनुशंसा पर एक साथ योंजना की स्वीकृति दी जाएगी तो सभी संवेदकों को काम में एडजस्ट किया जा सकता है,लेकिन थोड़ा थोड़ा योजना की स्वीकृति मिलने से संवेदकों के बीच असमजस की स्थिति बन जाती है। विपक्ष और जिला परिषद सदस्य के द्वारा डीएमएफटी फंड को मात्र सांसद और विधायक के अनुशंसा पर स्वीकृति देने से अक्रोशित हैं। केंद्र के गृह मंत्री अमित शाह अपने चाइबासा भ्रमण में डीएमएफटी फंड की योजना में लूट का जिक्र कर चुके हैं। वहीं भाजपा के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल भी इस मामले में उठा चूकें हैं। आने वाला चुनाव में डीएमएफटी फंड में लूट,कमिशन और भ्रष्टाचार मुद्दा बनने से कोई नहीं रोक सकता है। डीएमएफटी फंड से खनन प्रभावित क्षेत्र के नोआमुंडी प्रखंड को सवास्थ्य और शिक्षा के छेत्र में योजना की स्वीकृति नहीं दी गई है,जबकि सरकार बार-बार खनन प्रभावित क्षेत्र के विकास और कल्याण की योजना को लागू करने का निर्देश देती है। आज जिला में डीएमएफटी फंड की कोई कमी नहीं है ऐसे में जनप्रतिनिधि अपने छेत्र में दिल्ली के तर्ज पर मोहल्ला क्लिनिक और सरकारी स्कूलों को निजी स्कूलों से बेहतर बनाने का काम करना चाहिए। लेकिन जनप्रतिनिधि तो सिर्फ पीसीसी सड़क तक ही अपनी सोंच को अटका रखा है।वर्ष 2020 में सांसद गीता कोड़ा ने पश्चिमी सिंहभूम जिला के सभी 15 वर्ष से लंबित सवास्थ्य योजनाओं को पुरा करने की मांग लिखित रूप से डीसी को दी हैं,लेकिन इस महत्वपूर्ण योजनाओं को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। आने वाले समय में केंद्र सरकार डीएमएफटी फंड की जांच सीबीआई, ईडी और एनआईए से करा सकती है। क्यों की इस योजना के कमिशन को आने वाले चुनाव प्रचार अभियान में लगाया जा सकता है।साथ ही प्रशासनिक अधिकारियों की भी लिस्ट गृह मंत्रालय को भेजा जा चुका है।
चाईबासा:- नक्सलियों ने एक बार फिर सुरक्षा बलों को नुकसान पहुंचाया है. पश्चिमी सिंहभूम जिले के घोर नक्सल प्रभावित टोंटो थाना क्षेत्र के तुंबाहाका व सरजमबुरू गांव के पास के जंगल में आईईडी ब्लास्ट हुआ है।बम के चपेट में आने से कोबरा कोबरा बटालियन के एक जवान शहीद की शहीद होने की खबर है, जबकी तीन जवान घायल हो गए है। घायलों को हेलिकॉप्टर से रांची लाया जा रहा है। आपको बता दें कि पिछले माह इसी टोंटो थाना क्षेत्र में नक्सलियों ने घात लगाकर हमला किया था। उस हमले में एक सब इंस्पेक्टर और जगुआर फोर्स के एक जवान शहीद हो गये थे।मालूम हो चाईबासा में नक्सलियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी दौरान गुरुवार को चलाए जा रहे अभियान के क्रम में नक्सलियों के द्वारा किए गए आईईडी ब्लास्ट में सुरक्षा बल के तीन जवानों के घायल होने की सूचना है। यह घटना जिले के अति नक्सल प्रभावित टोंटो थाना क्षेत्र में हुई है। ज्ञात हो कि इससे पहले बीते 13 सितंबर को भी कोल्हान के जंगल में नक्सलियों ने आईईडी विस्फोट कर सीआरपीएफ का सामान ले जा रहे ट्रैक्टर को उड़ा दिया था। यह घटना जिले गोइलकेरा के कीड़े के पास हुई थी। इस घटना में टैक्ट्रर के खलासी की मौत हो गई थी। जबकि चालक गंभीर रूप से घायल हो गया था।
चाईबासा:- गुरुवार को गुवा शहीद दिवस समारोह में लूट का एक अजीबो गरीब दृश्य देखा गया। समारोह में भोजन नहीं मिलने से नाराज ग्रामीणों ने लूटपाट शुरू कर दी। दूरदराज से समारोह में आए ग्रामीणों ने भोजन पंडाल में घुसकर वहां रखे चावल, दाल, आलू, प्याज, तेल, मशाला समेत अन्य खाद्य सामग्री उठा उठाकर ले गए।उन्हें रोकनेवाला कोई नहीं था।ग्रामीण मोबाईल कैमरे के सामने ही लूटपाट करते रहे। लूटपाट में पुरूषों के अलावे महिलाओं ने भी खूब हाथ साफ किया। कोई चावल की बोरी सिर पर रखकर भाग रहा था तो कोई तेल-मशाला पैकेट बगल में दबाए भागे जा रहा था। लूट की होड़ मच गयी थी। हरकोई अधिक से अधिक सामान उठाकर भागना चाह रहा था। लेकिन भीड़ अधिक होने की वजह से जिसके हाथों में जो आया वो उठाकर चंपत हो गया। यह दृश्य देखकर कई ग्रामीण हंस भी रहे थे। चंद मिनटों में ही पंडाल में रखे खाने पीने की सारी चीजें गायब हो गई। ज्ञात हो कि हर साल शहीद दिवस पर गुवा में ग्रामीणों के लिए भोजन की भी व्यवस्था की जाती है। लेकिन इस बार व्यवस्था सही नहीं था। देखनेवाला भी कोई नहीं था। नतीजा ग्रामीण खाने पीने की चीजों पर बेखौफ टूट पड़े।