

गुरुवार, 24 सितंबर 2026
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रांची में राम लखन सिंह यादव महाविद्यालय NSS की ओर से स्वच्छता ही सेवा कार्यक्रम के तहत शपथ कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस अवसर पर कॉलेज के प्राचार्य डॉ विष्णु चरण महतो ने कहा कि स्वच्छता जीवन का सबसे महत्वपूर्ण पहलू है. समाज के प्रत्येक व्यक्ति को स्वच्छता बनाए रखने में अपनी भूमिका निभानी चाहिए. साथ ही इकाई दो के एनएसएस कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ मनीष चन्द्र टुडू ने इस अभियान के उद्देश्यों तथा महत्व के बारे में जानकारी दी. इसके बाद उपस्थित सभी लोगों ने स्वच्छता ही सेवा अभियान संबंधित शपथ ली. कार्यक्रम में कॉलेज के प्राचार्य डॉ विष्णु चरण महतो, बर्सर डॉ विजय कुमार, परीक्षा नियंत्रक डॉ शशि शेखर, इकाई एक के एनसएसए कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ कुमारी रीता, डॉ पीपी आशुतोष, डॉ आगाह जफ़र, प्रधान सहायक सुनील कुमार, कांति कुमारी, डॉ स्मिता किरण टोप्पो, डॉ नैन्सी तिर्की, नीतू कुमारी, डॉ शिक्षा सिंह, डॉ पार्वती तिर्की, कामिल धान, डॉ सुबोध कुमार, डॉ अरविंद प्रसाद, डॉ राम कुमार, संदीप कुमार सहित अन्य शिक्षक तथा एनएसएस वॉलेंटियर्स और विद्यार्थी मौजूद रहे.
रांची : भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय और RKDF विश्वविद्यालय के होटल प्रबंधन विभाग की ओर से 'स्वच्छता ही सेवा' अभियान के तहत विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाना और समुदाय में स्वच्छता के महत्व को समझाना था. इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के छात्रों और शिक्षकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया. कार्यक्रम की शुरुआत विभागाध्यक्ष डॉ. पंकज चटर्जी ने की. उन्होंने स्वच्छता के महत्व पर प्रकाश डाला और बताया कि कैसे हम सभी अपने छोटे-छोटे प्रयासों से देश को स्वच्छ और स्वस्थ बना सकते हैं। पर्यटन मंत्रालय भारत सरकार की प्रतिनिधि देविका मंडल ने कहा कि स्वच्छता केवल एक व्यक्ति की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह समाज के समग्र विकास का आधार है. हम सभी को मिलकर एक साफ और स्वस्थ भारत के निर्माण में योगदान देना चाहिए. इस मौके पर विभाग के सभी छात्रों, शिक्षक और कर्मचारियों ने मिलकर स्वच्छता अभियान को निरंतर जारी रखने का संकल्प लिया. इसके बाद, छात्रों ने विभिन्न गतिविधियों में भाग लिया, जिसमें परिसर की सफाई और स्वच्छता से संबंधित जागरूकता सत्र शामिल थे. देविका मंडल ने पर्यटन मंत्रालय के "देखो अपना देश" कार्यक्रम के बारे में छात्रों को महत्वपूर्ण जानकारी दी... उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम देश के विभिन्न पर्यटन स्थलों और सांस्कृतिक धरोहरों को पहचानने और उनकी महत्ता को समझने के लिए आयोजित किया जाता है. छात्रों को इस पहल के तहत यात्रा करने और अपने देश की खूबसूरती का अनुभव करने के लिए प्रेरित किया गया. इस प्रकार, RKDF विश्वविद्यालय ने 'स्वच्छता ही सेवा' अभियान के माध्यम से एक साफ और हरित भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया. इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एस. चटर्जी और कुलसचिव डॉ. अमित कुमार पांडेय ने इस कार्यक्रम की सराहना की और इस तरह के प्रयासों को नियमित रूप से जारी रखने का आग्रह किया. इस कार्यक्रम को सफलतापूर्वक आयोजित करने में अंकित प्रकाश, शमीक चटर्जी और आलोक कुमार, सहायक प्रोफेसर, होटल प्रबंधन विभाग का विशेष सहयोग रहा.
रांची : झारखंड विधानसभा चुनाव की तारीखों का एलान कभी भी हो सकता है लेकिन अब भी एनडीए और इंडिया अलायंस में सीट बंटवारे का पेंच नहीं सुलझ पाया है. सभी दल अपने-अपने लिए ज्यादा से ज्यादा सीट की मांग कर रहे हैं. आज हम बात करते हैं एनडीए की. सुदेश महतो की आजसू पार्टी के साथ भाजपा का गठबंधन लगभग तय माना जा रहा है, जबकि जदयू, लोजपा (आर) और एनीसीपी (अजित पवार गुट) भी एनडीए गठबंधन के तहत चुनाव लड़ना चाहते हैं. हालांकि, चारों दलों का गठबंधन होता है तो फिर सीट बंटवारे का मसला सुलझाना आसान नहीं होगा. खबर है कि विधानसभा की दर्जन भर से ज्यादा सीटों पर पेंच फंस रहा है. इन सीटों पर गठबंधन में शामिल होनेवाले दो या इससे अधिक दल चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। तो चलिए हम आपको सीटवार बताते हैं कि आखिर वो कौन-कौन सीट है जहां विवाद है...गांडेय में कौन देगा कल्पना सोरेन को टक्कर ?शुरुआत करते हैं गांडेय विधानसभा सीट की...2024 में गांडेय विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में भाजपा-आजसू के गठबंधन में पेंच फंस गया था। आजसू यहां से अपने नेता अर्जुन बैठा को प्रत्याशी बनाना चाहती थी, जबकि भाजपा ने दिलीप वर्मा को चुनाव मैदान में उतार दिया। बाद में अर्जुन बैठा निर्दलीय चुनाव में उतर गए, नतीजा दोनों की हार हो गई और बाजी तीसरा मार गया। तब अर्जुन बैठा को बतौर निर्दलीय उम्मीदवार करीब 6 हजार 960 वोट मिले थे जबकि बीजेपी प्रत्याशी दिलीप कुमार वर्मा को 82 हजार 678..आपको बता दें कि अर्जुन बैठा जब साल 2019 में आजसू के टिकट पर चुनाव लड़े थे तब उन्हें 15 हजार 361 वोट मिले थे...इस नाते आजसू इस सीट पर अपना दावा कर रहा है लेकिन चूंकि पिछले दिनों जेएमएम से गांडेय के पूर्व विधायक जयप्रकाश वर्मा की भाजपा में वापसी हो गई है, ऐसे में यह तय माना जा रहा है कि गांडेय से जयप्रकाश वर्मा ही भाजपा के प्रत्याशी होंगे। ऐसे में आजसू को इस बार भी यह सीट मिलती नहीं दिख रही है...मांडू पर जेडीयू के दावे से फंसा पेंच !इधर, जदयू प्रदेश कार्यसमिति ने जिन सीटों पर चुनाव लड़ने का प्रस्ताव पारित कर पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व को सौंपा है, उनमें मांडू प्रमुख है. पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष खीरू महतो इस सीट से अपने बेटे दुष्यंत पटेल को चुनाव लड़ाने की तैयारी कर रहे हैं. दूसरी तरफ, इस सीट पर आजसू की भी दावेदारी है. पार्टी यहां से तिवारी महतो को प्रत्याशी बनाना चाहती है. अगर पिछले विधानसभा चुनाव परिणाम की बात करें तो यहां से जेपी पटेल भाजपा के टिकट पर चुनाव जीते थे. जेपी पटेल को 49 हजार 855 वोट मिले थे जबकि दूसरे नंबर पर यहां आजसू के निर्मल महतो रहे थे, निर्मल महतो को 47 हजार 793 वोट मिले थे. तीसरे नंबर पर जेएमएम के रामप्रकाश भाई पटेल रहे. उन्हें जेएमएम 44 हजार 768 वोट मिले. जाहिर तौर पर यहां से आजसू का क्लेम बनता भी है क्योंकि जेपी पटेल बीजेपी छोड़कर कांग्रेस में जा चुके हैं और उन्होंने हजारीबाग से लोकसभा का चुनाव भी लड़ा था. थोड़ा और पीछे की बात करें तो साल 2005 में यहां से मौजूदा जेडीयू के राज्यसभा सांसद खीरु महतो भी चुनाव जीत चुके हैं. तब उन्हें 33 हजार 350 वोट मिले थे. इस नाते जेडीयू भी रेस में है.चंदनकियारी से अमर बाउरी या कोई और ?इसी तरह, चंदनकियारी सीट को लेकर भी बड़ा पेंच है। भाजपा नेता और नेता प्रतिपक्ष अमर बाउरी की यह सीटिंग सीट है और वे यहां से वर्ष 2014 से ही चुनाव जीत रहे हैं। ऐसे में यह सीट आजसू को मिलना संभव नहीं लग रहा है। दूसरी तरफ, उनके प्रतिद्वंदी रहे आजसू के केंद्रीय महासचिव सह पूर्व मंत्री उमाकांत रजक इस बार भी चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। अमर बाउरी किसी और सीट से चुनाव लड़ें, यह भी संभव नहीं लग रहा है। अब चलिए ये भी जान लीजिए कि आखिर इस सीट पर आजसू अपना उम्मीदवार क्यों देना चाहता है..साल 2019 के आम चुनाव में बीजेपी कैंडिडेट अमर कुमार को कुल 67 हजार 739 वोट मिले थे और वो 9 हजार 211 वोट से आजसू उम्मीदवार उमाकांत राजक को हराया था. उमाकांत रजक को तब 58 हजार 528 वोट मिले थे. जेएमएम कैंडिडेट बिजय कुमार रजवार 36 हजार 400 वोट लाकर तब तीसरे नंबर पर रहे थे...साल 2014 में भी यहां से अमर बाउरी बतौर जेवीएम उम्मीदवार जीते थे, जबकि साल 2009 में यहां से आजसू प्रत्याशी उमाकांत रजक 36 हजार 620 वोट लाकर चुनाव जीते थे.हुसैनाबाद में एनसीपी (अजित पवार गुट) या फिर आजसू ?हुसैनाबाद विधानसभा सीट पर भी रस्साकसी है...यहां से आजसू पार्टी पूर्व विधायक शिवपूजन मेहता को उम्मीदवार बनाना चाहती है। कभी बसपा के विधायक रहे शिवपूजन मेहता पिछले विधानसभा चुनाव में ही आजसू में सम्मिलित होकर एनसीपी के प्रत्याशी रहे कमलेश सिंह के खिलाफ चुनाव लड़े थे। हालांकि कमलेश सिंह से वे चुनाव हार गए थे। एनसीपी अजीत पवार गुट में फिलहाल कमलेश सिंह हैं..ऐसे में एनडीए फोल्डर के तहत चुनाव लड़ने पर यह सीट उन्हें मिलनी तय है। चर्चा है कि इस सीट से कमलेश सिंह इस बार अपने बेटे सूर्या सिंह को चुनाव मैदान में उतारना चाहते हैं। बात पिछले चुनाव की करें तो कमलेश कुमार सिंह ने एनसीपी उम्मीदवार के तौर पर 41 हजार 293 वोट लाया था और राजद प्रत्याशी संजय सिंह यादव को 9 हजार 849 वोट से शिकस्त दी थी...संजय यादव को 31 हजार 444 वोट मिले थे...यहां आजसू उम्मीदवार कुशवाहा शिव पूजन मेहता 15 हजार 544 वोट लाकर पांचवें नंबर पर रहे थे...लेकिन चूंकि शिवपूजन मेहता साल 2014 में यहां से बतौर बसपा उम्मीदवार 57 हजार 275 वोट लाकर 27 हजार 752 वोटों के भारी अंतर से जीत का परचम लहरा चुके हैं..आजसू चाहता है कि ये सीट उसकी झोली में जाय...छतरपुर सीट पर भी बीजेपी और आजसू में जिच !एक अन्य सीट छतरपुर है जिसपर भी गठबंधन में जिच है। जदयू इस सीट पर पूर्व मंत्री सुधा चौधरी को चुनाव मैदान में उतारना चाहता है, जबकि यह भाजपा की सीटिंग सीट है। बताया जाता है कि पूर्व मंत्री राधाकृष्ण किशोर भी जदयू के रास्ते इस सीट पर चुनाव लड़ने के प्रयास में हैं। साल 2019 में इस विधानसभा सीट से बीजेपी प्रत्याशी पुष्पा देवी ने 64 हजार 127 वोट लाकर 26 हजार 792 वोटों के अंतर से राजद प्रत्याशी विजय राम को हराया था...विजय राम को 37 हजार 335 वोट मिले थे जबकि तीसरे नंबर पर आजसू उम्मीदवार राधाकृष्ण किशोर थे..उन्हें 16 हजार 18 वोट मिले...लोहरदगा और जुगसलाई पर भी नहीं बन रही बात !इधर, लोहरदगा और जुगसलाई पर भी बीजेपी और आजसू के बीच खींचतान है...कहा जाता है कि साल 2019 में लोहरदगा सीट को लेकर ही आजसू ने बीजेपी से गठबंधन तोड़ लिया था और अकेले चुनाव लड़ा था...साल 2019 में यहां से कांग्रेस उम्मीदवार रामेश्वर ओराँव 74 हजार 380 वोट लाकर चुनाव जीते थे..उन्होंने तब कांग्रेस से बीजेपी में आए सुखदेव भगत को 30 हजार 150 वोटों के अंतर से चुनाव हराया था...सुखदेव भगत को 44 हजार 230 वोट मिले थे जबकि तीसरे नंबर पर रही आजसू उम्मीदवार नीरू शांति भगत को 39 हजार 916 वोट मिले थे...बीजेपी और आजसू के बीच वोट बंटने का फायदा रामेश्वर उरांव को मिला था...जुगसलाई की बात करें तो यहां से साल 2019 में जेएमएम कैंडिडेट मंगल कालिंदी ने 88 हजार 581 वोट लाकर 21 हजार 934 वोटों से बीजेपी उम्मीदवार मोचीराम बाउरी को मात दी थी...तीसरे नंबर पर आजसू प्रत्याशी रामचंद्र सहिस थे जिन्हें 46 हजार 779 वोट मिले थे...आजसू का दावा यहां इसलिए मजबूत बनता है क्योंकि साल 2009 से लेकर 2014 तक यहां से रामचंद्र सहिस ही जीतकर सदन पहुंचे थे...कई और सीटों पर है खींचतान !इनके अलावा भी कुछ और सीट है जिनपर एनडीए के सहयोगी दलों के अंदर दावेदारी का खेल चल रहा है...देखने वाली बात होगी कि आखिर कैसे इसको शॉर्टआउट किया जाता है...लेकिन अगर मिल बैठकर सीट विवाद सुलझा लिया गया तो 2019 का प्रदर्शन 2024 में दोहराना हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाले इंडिया गठबंधन के लिए आसान नहीं रहनेवाला है...वैसे इस समस्या से खुद हेमंत सोरेन को भी दो चार होना है क्योंकि कांग्रेस भी पिछली बार की तुलना में कुछ और सीटों की डिमांड कर रही है...राजद भी चाहता है कि इस बार उसे वैसी सीट दी जाय जो जिताउ हो...बहरहाल क्या होता है..कशिश की नजर इसपर है और हमारी कोशिश होगी कि सबसे पहले जो भी डेवलपमेंट सामने आता है हम आपतक लेकर आएं..
रांची : पीएम मोदी से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मुलाकात की. रांची एयरपोर्ट पर दोनों की मुलाकात हुई. दोनों नेताओं ने गर्मजोशी से एक दूसरे का स्वागत किया. इस दौरान मुख्यमंत्री ने पीएम मोदी को एक उपहार भी दिया. हेमंत सोरेन ने अंगवस्त्र और मूर्ति उपहार के तौर पर दिया. इस दौरान दोनों नेताओं के चेहरे पर खुशी दिखी. दोनों के चेहरे पर मुस्कान उनकी प्रसन्नता जाहिर कर रही थी. खराब मौसम की वजह से एयरफोर्स के हेलीकॉप्टर को जमशेदपुर के लिए उड़ान भरने की अनुमति नहीं मिली.दरअसल पीएम मोदी आज झारखंड दौरे पर आये थे. जमशेदपुर में जनसभा में शामिल हुए. हालांकि मौसम खराब होने की वजह से पीएम को काफी समय तक रांची एयरपोर्ट पर ही बीतान पड़ा. प्रधानमंत्री को जमशेदपुर के सोनारी एयरपोर्ट के लिए उड़ान भरनी थी. परमिशन नहीं मिलने की वजह से उन्हें दो घंटे से अधिक समय तक बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर इंतजार करना पड़ा.
रांची : जमशेदपुर की सभा में पीएम मोदी ने राज्य की सत्ताधारी दल पर जमकर हमला बोला. इसपर JMM के केन्द्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने पलटवार किया. उन्होंने कहा कि जब पीएम मोदी मंच पर चढ़े तो सभा में उन्हे भूत ही भूत नजर आया. कोई कांग्रेस का भूत, कोई JMM का तो कोई JVM का. सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि मंच पर तो भाजपाई था ही नहीं. सभी नेता कोई न कोई दल छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए हैं.मंच पर शिवराज सिंह चौहान ही एक ऐसे नेता थे, जो पूरी तरह से भाजपाई थे... बाकी सब किसी न किसी दल से गये हुए नेता थे, जो पीएम मोदी को भूत नजर आ रहे थे. साथ ही सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि हमलोग वैसे ओझा हैं, सत्ता के नशे का भूत उतारते हैं.पीएम की जनसभा के बिना संदेश वाला बताया सुप्रियो भट्टाचार्य ने PM मोदी की जनसभा को बिना संदेश वाला रैली बता दिया. साथ ही कहा कि पीएम आये तो हमलोगों को लगा की बड़ी सौगात देंगे.झारखंड का बकाया राशि 136000 करोड़ रुपये है, कम से कम इसकी घोषणा कर देंगे, लेकिन उसपर पीएम ने कोई बात नहीं की. साथ ही सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि पीएम मोदी ने फिर से आवास योजना की घोषणा की है. 2014 से 2109 में वो बार-बार कहते थे कि देश के हर व्यक्ति को 2022 तक अपना घर होगा. 2021 के बाद वो पीएम आवास ही बंद कर दिये. जब प्रधानमंत्री ने आवास देना बंद कर दिया तो राज्य सरकार ने लोगों को आवास दिया. सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि अब प्रधानमंत्री आये हैं, तो 2024 में फिर से आवास देने का वादा कर रहे हैं, ताकि चुनाव में फायदा मिल सके. 'हेमंत सोरेन की वजह से पोटो हो के बारे में पता चला' सुप्रियो भट्टाचार् ने दावा किया कि झारखंड में आकर पीएम मोदी डर गये हैं. और JMM से उन्हे डरना भी चाहिए. झारखंड ने भाजपा को 2019 में 12 सांसद दिए और इस बार 9 फिर भी वो डरे हुए है. साथ ही कहा कि पीएम मोदी हताश और पराजित थे. उन्होंने मंइयां सम्मान और अबुआ आवास योजना की चर्चा की. लेकिन संबोधन में बिरसा मुंडा के बाद पोटो हो का नाम लिया. उनका नाम पहली बार उन्हे पता चला है. इससे पहले वो पोटो हो का जिक्र नहीं करते थे. हेमंत सरकार के ग्रामीण खेल योजना लाइव से प्रधानमंत्री को पता चला होगा कि पोटो हो कौन थे ?'शेख हसीना को भारत में पनाह देकर करा रहे हैं घुसपैठ'दरअसल जमशेदपुर में पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा था कि JMM के लोग रोहंग्यिा और बांग्लादेशी घुसपैठी के साथ खड़े हैं. ये घुसपैठिये और कट्टरपंथी JMM के लोगों को अपने कब्जे में लेते जा रहे हैं. साथ ही पीएम मोदी ने कहा था कि JMM में कांग्रेस का भूत आ गया है. पीएम के इस बयान पर सुप्रियो भट्टाचार्य ने पलटवार किया और कहा कि बीजेपी में तो भूत ही भूत है. साथ ही उन्होंने कहा कि घुसपैठ तो पीएम करा रहे है शेख हसीना को भारत में पनाह दे कर.
बेड़ो में जंगली हाथियों के झुंड ने उत्पात मचाया है. मामला चान्हो थाना क्षेत्र के लुंडरी गांव का है. करीब 18 से 20 हाथियों का झुंड देर रात लुंडरी गांव पहुंची और तबाही मचाई. गांव के लोग हाथियों के झुंड को भगाने की भरपूर कोशिश की, लेकिन ये झूंड एक जगह अपना स्थान बनाकर डटा रहा.जैसे ही लोगों को मालूम चला कि गांव में हाथियों का झुंड आ गया है. इसके बाद बड़ी संख्या में लोग हाथियों को देखने पहुंच गये. हाथियों के झूंड ने भिड़ को कई बार दौड़ाया, फिर भी लोगों की भीड़ नहीं हटी. ये झुंड किसानों को भारी क्षति पहुंचा रहा है. ग्रामीणों में आक्रोश है. हाथियों का झुंड अभी भी गांव के पास ही है. ऐसे में ग्रामीणों को किसी अनहोनी या बड़ी घटना का डर सता रहा है.
झरिया: रविवार को पाथरडीह थाना क्षेत्र के बी टाइप गेट के समक्ष एक दर्दनाक घटना घटी, जहां एमेजॉन के रिकवरी एजेंट मुकुल मिश्रा (लगभग 30 वर्ष) को अज्ञात अपराधियों ने गोली मार दी. इससे उनकी हालत गंभीर बनी हुई है. मिली जानकारी के अनुसार, मुकुल मिश्रा को पीठ में गोली लगी है, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र झरिया सह जोड़ापोखर में भर्ती कराया। वहां से प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर स्थिति को देखते हुए धनबाद स्थित एसएनएमएमसीएच अस्पताल रेफर कर दिया गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और अपराधियों की तलाश में जुट गई है। घटनास्थल से लगभग 8 लाख रुपये की लूट की गई है
पलामू : बीती रात से लगातार पलामू जिले के विभिन्न क्षेत्रों में हो रही भारी बारिश के कारण जिले के पांडू प्रखंड में नदियाँ उफान पर। इस दौरान रत्नाग पंचायत के बांकी नदी का पानी बेलहारा गांव में घुसने से दर्जनों घरों में पानी भर गया वही कई गुमटी, किराना दुकान, सैलून सहिंत कई चीजें को अब तक पानी में बहने की सूचना भी मिली है। आपको बता दे कि यह क्षेत्र घनी आबादी वाला क्षेत्र है जो बाढ़ के चपेट ने आ गया हैं। थाना प्रभारी की अपील : भारी बारिश को देखते हुए नदी-नालों से दूर रहेंपांडु थाना प्रभारी कुमार सौरभ ने भारी बारिश को देखते हुए आम नागरिकों से अपील की है कि नदी-नालों से दूर रहें। सेल्फी लेने पानी में न जाएं। बिजली के खंभों से दूर रहें। नदी-नालों को पार न करें नदी-नाले के पास सेल्फी न लें उन्होंने कहा कि बांध, तालाब व नदियों में जाकर नहाने से बचें ऐसा करना अपने और अपने परिवार के लिए जोखिम भरा हो सकता है। बारिश में पूरी सावधानी रखें।
बोकारो : बीएस सिटी थाना क्षेत्र के सेक्टर 3D में एक आर्यन नाम के युवक की गुंडागर्दी सामने आई है। पार्किंग में गाड़ी लगाने की बात में विवाद के बाद युवक अपने एक दर्जन दोस्तों के साथ लाठी डंडे और रॉड के साथ पहुंचकर पहले स्कूटी को तोड़फोड़ किया, फिर अकेले घर में रह रहे महिला और उसके बच्चों के साथ मारपीट करते हुए घर में घुसकर तोड़फोड़ की।पूरा परिवार दहशत में रहने को विवश हो गया है । उसके बाद स्थानीय लोगों ने और पीड़ित ने इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस मौके पर पहुंचकर देर रात मामले का जायजा लिया और जल्द आरोपी पर कार्रवाई करने की बात कही। अपने बच्चों के साथ आवाज संख्या 660 में रहती है ,जबकि आरोपी आवास संख्या 657 में रहता है। पीड़ित महिला यासमीन मल्लिक ने बताया कि वह यहां 20 वर्षों से अपने बेटे और बेटी के साथ रह रही है। आरोपी ने धमकी दी है कि पूरे परिवार को जान से मार देंगे।
गढ़वा में पुलिस ने दो साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है. दोनों अपराधी फर्जी फोन पे ऐप बनाकर सीएसपी संचालकों को चूना लगाता था. पुलिस को मामले की भनक लग गई. इसके बाद पुलिस ने जाल बिछाकर दोनों अपराधियों को शिकंजे में ले लिया. बिशुनपुरा पुलिस ने पलामू जिले के चैनपुर थाना क्षेत्र से दो साइबर अपराधी को गिरफ्तार किया. थाना प्रभारी राहुल कुमार सिंह ने बताया कि दोनों अपराधी फर्जी फोन पे ऐप से ठगी करता था. फर्जी फोन पे ऐप बनाकर सीएसपी संचालकों से ठगी करते थे. उनके क्यूआर कोड को स्कैन कर अपने मोबाइल के माध्यम से पैसा भेजते थे. उनसे कैश पैसा लेते थे. जबकि सीएसपी संचालकों के अकाउंट में पैसा नहीं पहुंचता था. हालांकि अपराधियों के मोबाइल स्क्रीन पर पैसा ट्रांसफर हो गया है और सक्सेसफुल दिखता है. इसी शिकायत के आलोक1 में गिरफ्तारी की गई है.
लातेहार : इसी साल झारखंड में विधानसभा चुनाव होने है. इससे पहले लातेहार में माओवादियों की सक्रियता बढ़ गई है. माओवादियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए, एक गांव में दिनदहाड़े धावा बोल दिया और मोबाइल टावर को आग के हवाले कर दिया. टावर संचालन के व्यवस्थित उपकरण सोलर पैनल को भी क्षतिग्रस्त कर दिया. मामला जिले के नेतरहाट थानाक्षेत्र के अतिसुदूरवर्ती गांव दुरुप का है.मिली जानकारी के अनुसार टावर भारतीय दूरसंचार निगम लिमिटेड (BSNL) द्वारा स्थापित था, जिसे माओवादियों ने निशाना बनाते हुए क्षतिग्रस्त कर दिया गया है. घटना को अंजाम देने के बाद माओवादी जंगल की ओर भाग निकले. कयास लगाया जा रहा है कि क्षेत्र में उपस्थिति दर्ज कराने में टावर बड़ा बाधक बन रहा था. इधर सूचना के साथ सुरक्षाबलों के साथ स्थानीय पुलिस सघन सर्च ऑपरेशन चला रही है. हालांकि अभी तक पुलिस को किसी प्रकार की सफलता प्राप्त नहीं हुई है.
भुवनेश्वर : केन्द्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी तथा पंचायती राज के मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने भुवनेश्वर में बैठक की. यहां लोक सेवा भवन के कन्वेंशन सेंटर में दो दिवसीय मानसून बैठक का शुभारंभ किया गया, कार्यक्रम में पूर्णिया सीमेन स्टेशन को भारत सरकार की ओर से ए ग्रेड सीमेन स्टेशन के रूप में वर्गीकृत किया गया. इसके लिये पशु एवं मत्सय संसाधन विभाग के प्रधान सचिव डॉ एन विजयलक्षमी को सम्मान स्वरूप प्रमाण पत्र और स्मृति चिन्ह दिया गया. मंत्री ललन सिंह और ओडिशा के मुख्यमंत्री ने उन्हे सम्मानित किया. इस मौके पर बिहार सरकार में शामिल पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग की मंत्री रेणु देवी भी उपस्थित रहीं.पूर्णिया सीमेन स्टेशन राज्य का पहला आधुनिक सीमेन उत्पादन केन्द्र है, जिसमें अत्याधिक आधुनिक सांढ़ शेड, सीमेन प्रसंस्करण प्रयोगशाला, गुणवत्ता नियंत्रण विभाग और चारा उत्पादन इकाइयां है. राष्टीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) की सहायता से पूर्णिया में सीमेन स्टेशन की स्थापना की गई थी. और इसे रिकॉर्ड समय में पूरा किया गया था. वर्तमान में इसका संचालन सफलतापूर्वक किया जा रहा है. अब यह ए श्रेणी का सीमने स्टेशन है. मॉनसून बैठक का उदेश्य केन्द्र, राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों की अपेक्षाओं को सामने लाना है. जिससे जमीनी स्तर पर प्रभावी कार्यान्वयन के लिये एक अभिसरण रूपरेखा तैयार किया जा सके. योजनाओं की प्रगति की समीक्षा कर परिणामों और सुधारों पर चर्चा की जा सके. राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों के पशुपालन मंत्रि संबंधित अधिकारियों ने इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया.
ठेकेदारों के योजनाओं और कागजातों की जांच हुई तो 90% ठेकेदार पर हो सकती है 420सी , फ्रोजरी और ब्लैकलिस्टेड की कार्रवाईयोजनाओं को लेकर अधूरा छोड़ने, गलत शपथ पत्र भरकर योजना हडपने के लिए ठेकेदारो ,दलाल , बिचौलिया का गिरोह सक्रिय विगत 4-5 वर्षों के तमाम योजनाओं और ठेकेदारों द्वारा भरे गए निविदा में दिए गए कागजातों की जांच हो तो फर्जी कागजात के सहारे करोड़ों अरबो के लूट ,घोटाले का होगा पर्दाफाश पूर्व के चर्चित , दागी ठेकेदारों ,जिन पर पूर्व में घपले घोटाले को लेकर हो चुकी है जांच करवाई , वर्तमान में भी चल रही है जांच, वैसे चर्चित ठेकेदारों का शहर से लेकर गांव तक की योजनाओं पर है कब्जाचाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिले में विकास योजनाओं के नाम पर भारी पैमाने पर गडबडी, लूट और घोटाला हो रहा है। विकास योजनाओं के नाम पर अधिकारी अभियंता ठेकेदार गठ्जोर से सरकारी राशि की लूट हो रही है , सरकारी पैसे को लूटा जा रहा है। जिले में कथित विकास योजनाओं सड़क, पुल ,पुलिया , भवन आदि योजनाओ में अधिकारी ,ठेकेदार अभियंता गठजोड़ से विगत 4, 5 वर्षों में करोडो -अरबो का लूट और घोटाला हुआ है। जिले में विधानसभा चुनाव से पूर्व योजना और योजनाओ के नाम पर घोटाला चल रहा है, कथित विकास एवं विकास योजनाओं के नाम पर सभी तकनीकी विभागों में लूट मची है। विधानसभा चुनाव की घोषणा होने और आचार संहिता लगने में महज अब कुछ ही दिन बाकी है और ताबड़तोड़ करोड़ अरबों की योजनाए निकाली गई है। लघु सिंचाई विभाग, विशेष प्रमंडल एनआरईपी में डीएमएफटी फंड से करोड़ों अरबो की सड़क पीसीसी सड़क, पुल, पुलिया की योजना निकाली गई है, सबसे अधिक लूट और मारामारी पीसीसी सड़क में हो रही है। विगत वर्षों में डीएमएफटी फंड की योजनाओं में बड़े पैमाने पर लूट, घोटाला और कमीशन खोरी हो रहा है। विकास 4 -5 वर्षों की तमाम विकास योजनाओं कथित विकास योजना की जांच हो तो करोड़ों अरबों के अभियंता ठेकेदार गठजोर से प्रायोजित रूप से हुए और हो रहे घोटाले का पर्दाफाश होगा। वही चुनावी वर्ष के अंतिम दिनों में करोडो अरबों की पीसीसी, सड़क ,पुल, पुलिया की योजना में भी भारी पैमाने पर गड़बड़ी लूट अनिमितता और घोटाला हो रहा है। विकास योजना को लूटने के लिए ठेकेदार ,अभियंता, नेता, अधिकारी सब एक हो गए हैं।'संवेदक संघ ठेकेदार, दलाल, बिचौलिया, सफेदपोश सक्रिय हो गया है'जिले में विकास योजना में लूटपाट ,घोटाला ,कमीशन खोरी मचाने के लिए संवेदक संघ भी बनाया गया है । शहर संवेदक संघ और ग्रामीण संवेदक संघ है। निविदाओं पर कब्जा को लेकर शहरी और ग्रामीण ठेकेदारों में आए दिन टकराव की स्थिति बनी रहती है और हमेशा टकराव की आशंका स्थिति उत्पन्न होती है। जब से ऑफलाइन में निविदा डालने की प्रक्रिया समाप्त हुई है। और ऑनलाइन निविदा डालने की प्रक्रिया शुरू हुई है। तब से संवेदक संघ ठेकेदार, दलाल, बिचौलिया, सफेदपोश सक्रिय हो गया है। सरकार के निर्देश पर ऑनलाइन सिस्टम शुरू होने के बाद माननीयो की पूछ भी थोड़ी कम हुई है और संवेदक संघ की आड़ में दर्जन भर कथित चर्चित और दागी ठेकेदार एकजुट होकर कथित विकास एवं योजनाओं को लूटने में लगे हैं। गलत शपथ पत्र, गलत एफिडेविट और फर्जी कागजात आदि के सहारे अधिक से अधिक योजना हडपने और अधिक से अधिक योजनाओं पर कब्जा जमाने का नया खेल सामने आया है। 'जिले में ठेकेदार, फर्जी ठेकेदारों और संदिग्ध दलाल बिचौलिया ठेकेदारों का एक गिरोह सक्रिय है जो योजनाओं को लेकर खरीदता और बेचता है'जिले में ठेकेदार, फर्जी ठेकेदारों और संदिग्ध दलाल बिचौलिया ठेकेदारों का एक गिरोह सक्रिय है जो योजनाओं को लेकर खरीदता और बेचता है। सरकार के नियम अनुसार जिस ठेकेदार का किसी भी विभाग में योजनाएं लंबित है अथवा उन पर जांच और कार्रवाई चल रही है । किसी भी विभाग में योजनाओं को लेकर योजना लटका कर रखा गया है , पूर्ण नहीं किया गया है ,योजना आधा अधूरा है । वैसे ठेकेदार को जिले के किसी भी विभागों में निविदा डालने और नया काम देने पर सख्त रोक लगाई गई है। इस नियम के तहत कार्य पूरा नहीं करने और योजना लेकर योजना पूरा नहीं करने वाले ठेकेदार किसी भी निविदा में निविदा नहीं डाल सकते और उन्हें नया काम नहीं मिल सकता। लेकिन विभागीय अभियंताओं के सांठगांठ से योजना कार्य लेकर काम पूरा नहीं करने वाले, योजना आधा अधूरा रखने, योजना लंबित रखने वाले ठेकेदारों द्वारा फर्जी कागजात ,गलत एफिडेविट, शपथ पत्र डालकर योजनाएं को हडपने के लिए निविदा डाला गया है। अगर ठेकेदारों द्वारा जमा किए गए कागजात और शपथ पत्र की अगर सही तरीके से जांच हो तो 90 प्रतिशत से अधिक ठेकेदार इसके दायरे में आएंगे और वह किसी विभाग के निविदाओ में भाग नहीं ले सकते हैं। वैसे ठेकेदारों को नया काम नहीं मिल सकता है लेकिन फर्जी कागजात, गलत शपथ पत्र और एफिडेविट डालकर अधिक से अधिक योजना लेकर सरकारी पैसे में लूट, घोटाला मचाने के उद्देश्य से ठेकेदारों , दलाल बिचौलियों का गिरोह इस पूरे रैकेट गिरोह फर्जीवाड़ा के खेल में शामिल हो गया है। सूत्रों के अनुसार जितने भी योजना ताबड़तोड़ निकाल गई है उसमें विवाद नहीं हो और इस फर्जीवाडे का खेल कलई नहीं खुले इसको लेकर ग्रामीण और शहरी ठेकेदार द्वारा आधा-आधा योजना, स्कीम बांट लिया गया है। ताकि सेटिंग गेटिंग से चुनावी वर्ष के अंतिम समय में योजनाओं में लूट मचाया जा सके। करोडो- अरबो की योजनाओं पर ठेकेदारो ,दलाल बिचौलियों की गिद्ध दृष्टि लग गई है। ऑफलाइन निविदा के समय संवेदक सेटिंग गेटिंग कर शेड्यूल रेट पर निविदा लेते थे और भारी भरकम मुनाफा कमाते थे। मगर जब से ऑनलाइन सिस्टम शुरू हुआ है तब से ठेकेदारों के बीच प्रतिस्पर्धा बढी और प्रतिस्पर्धा में योजना लेने के लिए कई संवेदक 10 ,15 ,20 से 25 प्रतिशत तक प्राक्कलन राशि से नीचे जाकर निविदा में भाग लिया और योजना लेने का काम किया । लेकिन अब वैसे कई ठेकेदार एग्रीमेंट कराने और योजना को पूरा करने में असमर्थ है। कई योजनाएं का काम भी शुरू नही हुआ और योजनाएं पूरी नहीं हो पाई है। शहरी संवेदक और ग्रामीण सवेंदको के बीच टकराव की स्थितिशहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में विकास योजनाओं पर चर्चित ,दागी और पूर्व में भ्रष्टाचार घोटाले, लूट के आरोपी ठेकेदारों ने कब्जा कर रखा है और एक सूनियोजित तरीके से प्रायोजित गिरोह बनाकर जिले के वरीय ईमानदार अधिकारियों के आंखों में धूल झोंक कर किए जा रहे कुकृत्य की पूरे जिला में, शहर से लेकर गांव तक चर्चा का विषय बन गया है। योजनाओ पर कब्जा को लेकर शहरी संवेदक और ग्रामीण सवेंदको के बीच टकराव की स्थिति भी उत्पन्न हो रही है।'एक ही तिथि परियोजना निकालना , निविदा के भरे जाने और निविदा खोलने की तिथि, समय निर्धारित होना संदिग्ध और खड़ा कर रहा है प्रश्न चिन्ह' लघु सिंचाई विभाग ,विशेष प्रमंडल एनआरईपी, आरईओ आदि तकनीकी विभागों में डीएमएफटी फंड से करोड़ों की पीसीसी ,सड़क, पुल पुलिया की योजना निकाली गई थी। जिसकी निविदा फॉर्म डालने की तिथि 3 सितंबर और निविदा खोलने की तिथि 5 सितंबर को निर्धारित की गई थी। मगर ठेकेदारों और नेताओं के गिरोह द्वारा भारी दबाव के बाद और पुख्ता सेटिंग नहीं होने के कारण निर्धारित तिथि को आगे बढ़ा दिया गया और आज 9 सितंबर अलग अलग समय पर निविदा डालने का समय निर्धारित किया गया है और निविदा खोलना की तिथि 10 सितंबर निर्धारित की गई है । लघु सिंचाई में 2:30 बजे, विशेष प्रमंडल में 3:00 बजे और एनआर में 5:00 बजे निविदा खोलने का समय निर्धारित है पूर्व में निकाले गए निविदा में तिथि 3 सितंबर और निवेदक खोलने की तिथि 5 सितंबर निर्धारित की गई थी। शुद्धि पत्र निकालकर 9 सितंबर को निविदा डालने की तिथि और 10 सितंबर को निविदा खोलने की तिथि तीनों विभागों में एक ही दिन एक ही समय पर निविदा का भरा जाना और निविदा खोलना यह भी संदिग्ध है और प्रश्न चिन्ह खड़ा कर रहा है पूरी प्रकिया जांच के दायरे मे है। एक डाले गए निविदा में आधे से अधिक चर्चित दागी और पूर्व में योजना स्कीम में लूटपाट ,घोटाला करने वाले, दागी संदिग्ध , जिन पर पूर्व में योजनाओ में सरकारी राशि की लूट, घपले घोटाले और गड़बड़ी करने को लेकर पूर्व में जिन पर जांच हो चुकी है, जिन पर जांच चल रही है वैसे ठेकेदारों द्वारा गलत शपथ पत्र एफिडेविट और फर्जी कागजात के सहारे निविदा डाली गई है। अगर इसकी निष्पक्ष जांच हो तो 90% ठेकेदार इसके दायरे में आ जाएंगे और उन पर 420 , फ्रोजरी करने को लेकर एफआईआर दर्ज और ब्लैकलिस्टेड करने की कार्रवाई तक हो सकती है। दूसरे किसी भी योजना में भाग नहीं ले सकते हैं नियम अनुसार जिन ठेकेदारों ने किसी भी विभाग में योजनाओं को लेकर पूरा नहीं किया गया है वैसे ठेकेदारों को कोई भी नया निविदा में भाग नहीं ले सकते हैं और नई योजना, काम नहीं दी जा सकती है। मगर यहां "हर साथ पर उल्लू बैठा है अंजामें गुलिस्ता क्या होगा" वाली कहावत चरितार्थ हो रही है। चाईबासा से राजीव सिंह की रिपोर्ट
भाजपा ने आदिवासियों के दर्द को समझा और 2000 में झारखंड अलग राज्य बना दिया - चंपई सोरेनबांग्लादेशी घुसपैठियों से आदिवासियों के अस्तित्व संकट में- चंपाई सोरेन Chaibasa (चाईबासा) : गुआ गोलीकांड में शहीद हुए शहीदों को श्रद्धांजलि देने को सभी नेताओं का हुजूम उमड़ पड़ा. इस दौरान भाजपा नेताओं ने गुआ गोलीकांड के शहीदों को श्रद्धांजलि दी. इस मौके पर पूर्व मुख्यमंत्री चम्पाई सोरेन भी भाजपा नेताओं के साथ गुआ पहुंचे. शहीदों की बेदी पर जाकर शहिदों को श्रद्धांजलि अर्पित की.पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन ने कहा कि गोलीकांड कांग्रेस सरकार में हुआ था. एक लाइन में खड़ा करके सभी आंदोलनकारियों को गोलियों से भून दिया गया था. उस दौरान कांग्रेस ने सारी हदें पार कर दी थी. तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने कभी अलग राज्य देने के बारे में नही सोचा और ना इसके लिए किसी भी प्रकार का काम का किया. कोल्हान में जितने भी गोलीकांड हुए सभी कांग्रेस के शासन काल मे हुए. लड़ाई भी आदिवासी अलग झारखंड राज्य व जल, जंगल, जमीन पर अधिकार के लिए सिर्फ लड़ रहे थे. आदिवासियों की आंदोलन को कांग्रेस कभी नही समझ पाया.सन 2000 में भाजपा की केंद्र सरकार प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने झारखंड के आदिवासियों मूलवासियों का दर्द को समझा और झारखंड अलग राज्य कर दिया. उन्होंने कहा कि झारखंड में फिर एक बार जटिल समस्या आ गई है और वो है बांग्लादेशियों की घुसपैठ. इससे आदिवासियों का अस्तित्व आज संकट में है. आदिवासियों को बंगलादेशी घुसपैठ खत्म करने का काम कर रहे हैं. संथाल की धरती से 1855 में सिद्धू कानू, चंद भैरव, फूलो जानो के नेतृत्व में अंग्रेजों के खिलाफ उन लोगों ने बगावत किया था. हजारों पूर्वजों ने खून बहाया और संथाल परगना का नाम कर गए. इस संकट से अगर बचाना है तो दूसरा कोई राजनीतिक दल नही है सिर्फ एक ही दल है भारतीय जनता दल, इसलिए मैंने सदस्यता ग्रहण किया. हम इसी जगह से संघर्ष करके संथाल परगना को बचाने का काम करेंगे. चाईबासा से राजीव सिंह की रिपोर्ट
मुख्यमंत्री ने 201 करोड़ 83 लाख 6 हज़ार 547 रुपए की लागत से 96 योजनाओं का किया उद्घाटन- शिलान्यास, लाभुकों के बीच 103 करोड़ 41 लाख 80 हज़ार रुपए की परिसंपत्तियों का हुआ वितरण मुख्यमंत्री ने कहा- अपने वीर शहीदों के आदर्श पर चलकर झारखंड को दे रहे हैं नई दिशामुख्यमंत्री बोले- ● आदिवासी संघर्षों से बिखरता नहीं है बल्कि और मजबूत होकर सामने आता है● गुवा गोलीकांड के शहीदों को शत-शत नमन● आदिवासी- मूलवासी अपने मान -सम्मान और स्वाभिमान से कभी समझौता नहीं करते● जितना आदिवासी का खून जमीन पर गिरता है, उतने ही आदिवासी वीर पैदा लेते हैं● बेटियां हमारी बोझ नहीं मजबूत संपत्ति बनेंगीचाईबासा : कोल्हान समेत पूरे झारखंड के लिए यह एक ऐसा दिन है, जिसे हम ना कभी भूले हैं और ना कभी भूलेंगे। आने वाली पीढ़ी के लिए हमारे वीर शहीद हमेशा आदर्श रहेंगे । ये वीर शहीद सदैव हमारे मार्गदर्शक रहे हैं। ऐसे में इनके आदर्श पर चलकर झारखंड को नई दिशा दे रहे हैं। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन आज पश्चिमी सिंहभूम जिले के नोवामुंडी में गुवा गोली कांड के शहीदों की स्मृति में आयोजित श्रद्धांजलि सभा -सह - परियोजनाओं का शिलान्यास- उद्घाटन एवं परिसंपत्ति वितरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे । इस अवसर पर उन्होंने शहीद स्थल में माल्यार्पण कर वीर शहीदों को श्रद्धांजलि दी।'हमेशा से वीरों की धरती रही है झारखंड'मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड हमेशा से वीरों की धरती रही है। झारखंड का कोई भी ऐसा कोना नहीं है , जहां से वीर शहीदों के नाम आपको सुनने को ना मिले। चाहे अन्याय- शोषण- जुल्म के खिलाफ लड़ाई हो या फिर ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ जंग। हमारे आदिवासी -मूलवासियों ने हमेशा संघर्ष किया ।उन्होंने किसी के सामने कभी झुकना नहीं सीखा। इन्होंने अपने मान -सम्मान और स्वाभिमान से समझौता नहीं किया। भले ही इसके लिए अपनी कुर्बानी ही क्यों ना देनी पड़े। यही वजह है कि इतिहास के पन्नों में हमारे कई वीर शहीदों के नाम दर्ज है तो कई आज भी गुमनाम है। हमने हमें अपने सभी वीर शहीदों पर गर्व है।'आदिवासी अपने संघर्ष और ताकत से अपना अधिकार लेते हैं'मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिवासी मूल वासियों के रगों में जो खून दौड़ रहा है, वह जब उफान लेता है तो अपने हक और अधिकार के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक देता है। जितना आदिवासी का खून जमीन पर गिरता है, उतने ही आदिवासी वीर पैदा लेते हैं। आदिवासी संघर्षों से बिखरता नहीं है बल्कि और मजबूत होकर सामने आता है । मैं इस बात को दावे के साथ कर सकता हूं कि जिस तरह लंबी लड़ाई के बाद झारखंड अलग राज्य लिया, उसी तरह इस राज्य को और मजबूत बनाने का काम कर रहे हैं।'2019 में सरकार गठन के साथ चुनौतियों पर चुनौतियां आती रहीं पर विकास को देते रहे रफ्तार'मुख्यमंत्री ने कहा कि 2019 में हमारी सरकार के गठन के साथी बड़ी-बड़ी चुनौतियां हमारे सामने आती रही। एक तरफ कोरोना की वजह से झारखंड समेत पूरी पूरी वैश्विक व्यवस्था ठप हो गई थी । ऐसे समय में भी हमारी सरकार ने जीवन आजीविका को बचाने का कार्य किया। इसके बाद भी चुनौतियां कम नहीं हुई। पिछले दो वर्षों में सुखाड़ हमारे हमारे लिए सबसे बड़ी चिंता का विषय बना रहा। लेकिन, इन विपरीत परिस्थितियों के बीच भी राज्य सरकार की योजनाएं शानदार तरीके से धरातल पर उतर रही हैं और विकास का नया आयाम गढ़ा जा रहा है।'आपको किसी के आगे हाथ फैलाने की जरूरत नहीं पड़े'मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के ग्रामीण इलाकों में आज भी एक बड़ी आबादी गरीबी की जिंदगी जीने को मजबूर है। यहां वे बिचौलियों- दलालों के चंगुल में फंसे रहते हैं। खाने- पीने के समान से लेकर अन्य जरूरतों को पूरा करने के लिए दलालों से पैसे लेना पड़ जाता है। ऐसे में बिचौलियागिरी खत्म करना हमारा संकल्प है । यही वजह है कि हमारी सरकार ग्रामीण व्यवस्था को मजबूत करने के मकसद से कई योजनाएं लेकर आई है, ताकि आप इन योजनाओं से जुड़कर अपने को सशक्त बनाएं ताकि किसी के आगे आपको हाथ फैलाना नहीं पड़े। उन्होंने कहा कि आने वाले 5 वर्षों में हर घर में एक लाख रुपए हर वर्ष पहुंचानेने का काम हमारी सरकार करेगी, ताकि आपको किसी से कर्ज लेने की जरूरत नहीं पड़े।'बेटी हमारी बोझ नहीं मजबूत सम्पति बनेंगी' मुख्यमंत्री ने कहा कि बेटियां हमारी बोझ नहीं मजबूत संपत्ति बनेंगी। अपनी बहन- बेटियों के सशक्तिकरण के लिए सरकार पूरी ताकत के साथ काम कर रही है । उन्होंने लोगों से कहा कि वे अपनी बेटियों को जरूर पढ़ाएं। पढ़ाई पर होने वाले खर्च की चिंता नहीं करें। सरकार बच्चियों की पढ़ाई का पूरा जिम्मा उठा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह अपनी बहन बेटियों के तकलीफ और दुःख- दर्द से भली भांति वाकिफ हैं। ऐसे में उन्हें कैसे आगे बढ़ाएं, इस पर सरकार लगातार काम कर रही है। इसी कड़ी में झारखंड मुख्यमंत्री मंइयाँ सम्मान योजना के माध्यम से आधी आबादी को सशक्त बना रहे हैं।'देश के नीति निर्धारकों ने झारखंड पर नहीं दिया कोई ध्यान'मुख्यमंत्री ने कहा कि देश- दुनिया में झारखंड की पहचान सोने के चिड़िया के रूप में है। यहां खनिज -संसाधनों की प्रचुरता है, लेकिन यहां के आदिवासी -मूलवासी आज तक पिछड़े हैं। इसकी साफ वजह है कि देश के नीति- निर्धारकों की नजर में झारखंड की कभी अहमियत नहीं रही। यहां के लोगों को मजदूरी करने के लिए छोड़ दिया गया। वे रोजी-रोटी की खातिर हमेशा पलायन करने को मजबूर रहे । झारखंड को किस कदर दरकिनार किया गया, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि आज भी इस राज्य का एक लाख 36 हज़ार करोड रुपए केंद्र पर बकाया है । अगर यह पैसा हमें मिल जाए तो झारखंड की दशा और दिशा पूरी तरह बदल देंगे।77 योजनाओं की रखी गई आधारशिला, 19 का उद्घाटनमुख्यमंत्री ने इस कार्यक्रम में 201 करोड़ 83 लाख 6 हज़ार 547 रुपए की लागत से 96 योजनाओं का उद्घाटन शिलान्यास शामिल है। इसमें 153 करोड़ 33 लाख 3 हज़ार 847 रुपए की 77 योजनाओं की नींव रखी गयी, वहीं 48 करोड़ 50 लाख 2 हज़ार 650 रुपए की 19 योजनाओं का उद्घाटन हुआ। इसके साथ लाभुकों के बीच 103 करोड़ 41 लाख 80 हज़ार रुपए की परिसंपत्तियां बांटी गई।कार्यक्रम में ये थे उपस्थित शहादत दिवस कार्यक्रम में मंत्री दीपक बिरूवा, सांसद जोबा मांझी, विधायक निरल पूर्ति, विधायक दशरथ गागराई, विधायक सुखराम उरांव, विधायक सोनाराम सिंकू, कोल्हान प्रमंडल के आयुक्त हरि कुमार केशरी, डीआईजी मनोज रतन चौथे के अलावा पश्चिमी सिंहभूम जिले के उपायुक्त एवं पुलिस अधीक्षक समेत जिला प्रशासन के कई अधिकारी मौजूद रहे। चाईबासा से राजीव सिंह की रिपोर्ट
रांची : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में झारखंड कैबिनेट की बैठक हुई. इस बैठक में 63 प्रस्तावों पर मुहर लगी. मुख्यमंत्री ट्रांसजेंडर पेंशन योजना को मंजूरी, मुख्यमंत्री मंइयां सम्मान योजना का अब 18 वर्ष से ही मिलेगा लाभ. पढ़िये और किन-किन प्रस्तावों पर बनी सहमति. किन प्रस्तावों पर लगी कैबिनेट की मुहर ?. रांची में 520 बेड के आदिवासी हॉस्टल बनाने की मंजूरी दी गयी है. . आदिवासी छात्रावास संचालन के लिये नियमावली में संशोधन . झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) द्वारा आयोजित परीक्षा के लिए खर्च के लिए 29 करोड़ की स्वीकृति दी गयी है.. मिशन शक्ति अंतर्गत केंद्र पलना योजना की स्वीकृति. वर्ष 1991 जनगणना समायोजन के लिये मंजूरी . सावित्रीबाई फूले योजना से आर्थिक रूप से कमजोर बालिकाओं के आठवीं में नामांकन के लिये स्वीकृति . अमृत मिशन 2.0 अंतर्गत 143 करोड़ 68 लाख बंशीधर जलापूर्ति योजना की स्वीकृति. सरकारी स्कूलों के छात्रों की पोशाक राशि बढ़ाने पर स्वीकृति, अब 600 की जगह 1200 रुपये मिलेंगे. . नर्सिंग निदेशालय के गठन को मंजूरी . सहायक पुलिसकर्मियों के अवधि विस्तार को मंजूरी, मानदेय अब 13 हजार मिलेगा, वर्दी भत्ते के रूप में 4 हजार देगी सरकार, सहायक पुलिसकर्मियों को अवकाश भी मिलेगा, एक साल का मिला अवधि विस्तार . अध्यापक की नियुक्ति और पीएचडी में प्रवेश के लिये झारखंड एलिजिबिलिटी टेस्ट के आयोजन के लिये अधिसूचित जेट एग्जामिनेशन कंडक्ट मूवमेंट संशोधन की स्वीकृति. मुख्यमंत्री मंइयां योजना की उम्र सीमा घटाई गई. अब 18 साल से ही मिलेगा लाभ, पहले 21 साल की उम्र से लाभ का था प्रावधान . मुख्यमंत्री ट्रांसजेंडर पेंशन योजना को मिली मंजूरी . जल सहिया का मानदेय 2 हजार प्रति माह किया गया. सहिया का प्रोत्साहन राशि भी दो हजार . 180 मदरसों और 11 संस्कृत विद्यालयों के शिक्षकों और कर्मियों को मिलेगा पुरानी पेंशन योजना का लाभ. झारखंड अधिवक्ता न्यास निधि से संबंधित अधिवक्ताओं को 14 हजार रुपये पेंशन राशि के रूप में मिलेगा. इसका लाभ उन अधिवक्ताओं को मिलेगा, जिनकी उम्र 65 वर्ष हो
सहरसा में अपराधी किस कदर बेखौफ हैं, आप इसका अंदाजा इस से लगा सकते हैं कि महज 20 रुपये के लिये अपराधियों ने एक शख्स को गोली मार दी. घायल अवस्था में जब वो शख्स भागने लगा तो उसे खदेड़कर पकड़ लिया और उसकी पिटाई कर दी. घटना सदर थाना क्षेत्र के कचहरी चौक की है. घटना सुबह 10 बजे की है. बाइक सवार दो युवक मुर्गा खरीदने कचहरी चौक पहुंचे. यहां मोल भाव के दौरान दुकानदार ने मुर्गा का रेट 150 रुपये बताया, लेकिन दोनों युवक 130 रुपये किलो मुर्गा खरीदने पर अड़ा रहा. इसी बात को लेकर हुए विवाद में युवक ने पिस्टल निकाल लिया. और दुकानदार की कनपटी में सटाकर फायर कर दी. गनीमत रही कि दुकानदार ने हाथ झटक दिया, जिससे गोली कनपटी में न लगकर उंगली में लग गई. दुकानदार वहां से भागने लगा, लेकिन दोनों युवकों ने उसे खड़ेदकर पकड़ लिया और जमकर पिटाई कर दी. तबतक लोगों की भीड़ वहां जमा हो गई, जिसके बाद दोनों युवक वहां से भाग निकला. जख्मी दुकानदार को सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है. जहां इलाज चल रहा है. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और मामले की छानबीन में जुट गई. एसडीपीओआलोक कुमार ने बताया कि मामले की जांच चल रही है, आरोपी युवकों को पकड़ने के लिये कार्रवाई की जायेगी.
गोपालगंज। जादोपुर थाना क्षेत्र के यादोपुर दुखहरण में एक सीएसपी संचालक के द्वारा करोड़ों रुपए का फ्रॉड किया गया है और खाता धारकों का पैसा लूटकर सीएसपी संचालक फरार हो गया है। लगभग 20 दिनों से सीएसपी में ताला बंद है और लोग अपनी गाढ़ी कमाई का एक-एक पैसा जो बैंक में जमा किए थे उसके लिए तरस रहे हैं। इस मामले में पीड़ित सैकड़ों लोग स्थानीय थाना से लेकर पुलिस अधीक्षक तक न्याय की गुहार लगा चुके हैं। इस मामले को लेकर पीड़ितों का कहना है कि आरोपी रवि कुमार शर्मा पिता बिजय कुमार शर्मा जो थाना क्षेत्र के बाबू बिशुनपुर गांव का निवासी हैं और बैंक ऑफ बड़ौदा का सीएसपी चलाता है।ग्रामीणों का कहना है कि सीएसपी के माध्यम से लोग पैसा जमा और निकासी करते थे। इसी दौरान आरोपी कम पढ़े लिखे लोगों से अंगूठा लगवा कर 2000 के बदले 20000 की निकासी कर लेता था और बाकी पैसों का गबन कर लेता था। धीरे-धीरे एक-एक व्यक्ति के खाते से डेढ़ लाख 2 लाख 3 लाख रुपए तक निकाल लिए गए हैं। और खाता धारकों को जब पैसों की आवश्यकता पड़ी और लोग बैंक में दौड़ने लगे तो पता चला उनके खाते से राशि गायब हो चुकी है। सीएसपी संचालक ने कुछ दिन तक लोगों से राशि लौटाने का आश्वासन देकर सीएसपी का संचालन किया और अब लगभग 20 दिनों से दुकान में ताला लगाकर फरार हो गया है। लोग पैसों के लिए दर-दर भटक रहे हैं। थाना और पुलिस का चक्कर लगा रहे हैं। परंतु कोई उनका सुधी लेने वाला नहीं है। इस मामले में 200 लोगों के पीड़ित होने की बात बताई जा रही है।
समस्तीपुर जिले से एक मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। तालिबानी फरमान सरेआम देखने को मिली वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से हो रहा वायरल। चोरी का आरोप लगाकर सरेआम की जमकर पिटाई ।युवक को बिजली के खम्भे से बांधकर बाल और मुछ मुड़ा दिया ।पूरा मामला समस्तीपुर जिले के मथुरापुर थाना क्षेत्र के नागरवस्ती की है।पीड़ित मुकेश कुमार ने बताया कि जब वो अपने ठेकेदार से काम करने का पैसा मांगा, तो उसे घर बुलाकर बिजली के खंभे से बांधकर पहले पिटाई की, फिर हजामत बाने वाले को बुलाकर बाल और मूंछ मुड़वा दिया. जब इस घटना की जानकारी उसके परिजनों को मिली तो वे लोग घटनास्थल पर पहुंचे और युवक को बेहोशी की हालत में पाया. आनन-फानन में इलाज के लिये अस्पताल में भर्ती कराया गया. हालांकि दूसरे पक्ष के लोगों का आरोप है कि युवक रात के अंधेरे में दूसरे के घर में घुस गया था. इसी से आक्रोशित होकर महिला और पुरुषों ने उसकी हजामत बना दी. पुलिस मामले की जांच में जुट गई है. वायरल वीडियो के आधार पर आगे की कार्रवाई में जुट गई है.