

गुरुवार, 22 अक्टूबर 2026
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जेडीयू के चिकित्सा सेवा प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. मधुरेंदु पांडेय ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को बिहार के साथ साथ अब देश को बचाने के लिए आगे आने की जरूरत है।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार से भाजपा मुक्त राष्ट्र निर्माण की शुरुआत हो चुकी है। मधुरेन्दु पांडेय ने कहा कि देश में विभाजनकारी शक्तियां और धार्मिक उन्माद चरम पर है। सत्ता के लिए भारतीय जनता पार्टी गंदी सियासत करने पर उतारू है। साथ ही राजनीति में भाजपा राजनीतिक नैतिकता को ताक पर रखकर देश में हिंदुत्व के नाम पर गृह युद्ध का माहौल बना रही है। भाजपाधर्म, मंदिर मस्जिद के नाम पर राजनीति कर रही है । जो देश के लिए घातक साबित होगा । देश की एकता एवं अखंडता को भाजपा की कार्यशैली से खतरा है। इसे बचाने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को अब आगे आने की जरूरत है। भाजपा की राजनीतिक चरित्र से देश की जनता वाकिफ हो चुकी है अब आने वाले समय में भाजपा का सफाया निश्चित है। बीजेपी देश में विकास के नाम पर विनाश और रोजगार के नाम पर बेरोजगारी का तोहफा दे रही है
पटना। न्यायमूर्ति उदय उमेश ललित को भारत के 49वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया है। वे न्यायमूर्ति एनवी रमना का स्थान लेंगे। इस बारे में केन्द्रीय कानून और न्याय मंत्रालय ने पत्र जारी किया है। पिछले दिनों भारत के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना ने पिछले हफ्ते केंद्र में सबसे वरिष्ठ न्यायाधीश न्यायमूर्ति उदय उमेश ललित के नाम की सिफारिश करके अपने उत्तराधिकारी की नियुक्ति की प्रक्रिया को गति दी थी। भारत के 48 वें मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमना 16 महीने से अधिक के कार्यकाल के बाद 26 अगस्त को पद छोड़ेंगे।
पटना। इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल ने आज अपनी ताजा रैकिंग जारी की है। यह रैकिंग ODI MEN'S RANKING की है। इस रैकिंग में बांग्लादेश के शाकिब उल हसन 379 अंकों के साथ पहले स्थान पर काबिज है। दिलचस्प पहलू यह है कि स्टार खिलाडियों से भरे टीम इंडिया का एक भी बैट्समैन टॉप-10 में नहीं है। इसकी वजह यह है कि पिछले कुछ दिनों में भले ही टीम इंडिया ने जीत दर्ज की है लेकिन किसी खिलाडी ने ऐसा प्रदर्शन नहीं किया। यही कारण है कि भारतीय खिलाडी टॉप-10 से बाहर है।
पटना। बिहार में अब नया गठबंधन और नयी सरकार है। नीतीश कुमार ने बीजेपी का साथ छोडकर आरजेडी के साथ मिलकर नयी सरकार बनायी और 8 वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। नीतीश कुमार के साथ तेजस्वी यादव ने भी उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली। 2020 के विधानसभा चुनाव में तेजस्वी यादव ने वादा किया था कि वे सरकार बनने पर 10 लाख युवाओं को नौकरी देंगे। लेकिन उस समय आरजेडी की सरकार नहीं बन पायी थी। अब जबकि तेजस्वी सरकार में हैं, तो उन्हें अपने चुनावी वादों की याद दिलायी जा रही है। शपथ लेने के बाद मीडिया से बात करते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि रोजगार को लेकर हमारी मुख्यमंत्री जी से बात हुई है और 1 महीने के अंदर बिहार में लोगों को ऐसी बंपर नौकरियां मिलेगी जो किसी और राज्य में नहीं हुआ होगा। उन्होंने कहा कि आज बिहार ने वो कर दिखाया जो देश को करना है। हम लोगों ने सदन से लेकर सड़क तक बेरोजगारी की लड़ाई लड़ी है। मुख्यमंत्री जी के निर्णय से हम लोगों को एक मौका मिला है की जनता और नौजवानों के दुख दर्द को दूर कर सकें।
पटना। नीतीश कुमार एक बार फिर बिहार के मुख्यमंत्री बन गए हैं। मंगलवार को उन्होंने बतौर एनडीए के मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा दिया और बुधवार को महागठबंधन के मुख्यमंत्री के रुप में फिर से शपथ ली। 3 मार्च 2000 से लेकर अब तक यानि 22 वर्षों में नीतीश कुमार 8 वीं बार मुख्यमंत्री बने है। - पहली बार नीतीश कुमार 03 मार्च 2000 को मुख्यमंत्री बने थे। उस समय जब उन्होंने सीएम पद की शपथ ली थी तो उनके पास बहुमत का आंकडा नहीं था। जिस कारण महज 7 दिन तक ही उनकी सरकार चली और गिर गयी। - नीतीश कुमार दूसरी बार मुख्यमंत्री बने 2005 में। उन्होंने 24 नवंबर 2005 को दोबार शपथ ली। इस बार उन्होंने कार्यकाल के पांच साल पूरे किये। इस पहले पूर्ण कार्यकाल में नीतीश कुमार बेहद सफल मुख्यमंत्री साबित हुए। -तीसरी बार नीतीश कुमार ने चुनाव जीतकर 26 नवंबर 2010 को शपथ ली। सरकार चार साल तक तो बेहतर चली लेकिन 2014 के चुनाव में जेडीयू को लोकसभा के चुनाव में हार का सामना करना पडा और उन्होंने इस्तीफा देकर अपने सहयोगी मंत्री जीतन राम मांझी को मुख्यमंत्री बनाया। - लेकिन बतौर मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी के लिये रहे फैसलों ने पार्टी के भीतर एक असंतोष पैदा कर दिया था। जिसके बाद मांझी ने इस्तीफा दिया और नीतीश कुमार फिर मुख्यमंत्री बने। 22 फरवरी 2015 को नीतीश कुमार ने चौथी बार सीएम पद की शपथ ली थी। - पांचवी बार नीतीश कुमार 20 नवंबर 2015 को मुख्यमंत्री बने। लेकिन इस बार बिहार का राजनीतिक समीकरण बदला हुआ था। इस बार उन्होंने बीजेपी को साथ बल्कि आरजेडी, कांग्रेस के साथ मिलकर सरकार बनायी थी। इसका कारण यह था कि नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू ने अपने पुराने सहयोगी लालू प्रसाद यादव की पार्टी आरजेडी के साथ मिलकर चुनाव लडा था और शानदार जीत दर्ज कर सरकार बनायी थी। - लेकिन बिहार की राजनीति फिर बदली। नीतीश कुमार ने लगभग डेढ़ साल बाद ही तेजस्वी यादव पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाकर आरजेडी के साथ गठंबधन तोड़ दिया। उन्होंने तत्काल बीजेपी के साथ मिलकर सरकार बना ली। 27 जुलाई 2017 को नीतीश कुमार छठी बार बिहार के मुख्यमंत्री बने। - नीतीश कुमार ने सातवीं बार 16 नवंबर 2020 को बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। 2020 का चुनाव उन्होंने भाजपा के साथ लड़ा था। हालांकि इस चुनाव में जेडीयू का प्रदर्शन बेहद खराब रहा। बीजेपी ने जहां आशातीत सफलता पायी तो जेडीयू 50 सीटों का आंकडा भी नहीं छू पायी। लेकिन बीजेपी ने गठबंधन धर्म का पालन करते हुए कम सीट होने के बाद भी नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री बनाया। - अब 8 वीं बार नीतीश कुमार ने आरजेडी, कांग्रेस, हम और वाम दलों के साथ मिलकर 10 अगस्त 2022 को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है। बीजेपी ने कुछ मुद्दों से नाराज होकर जेडीयू ने 9 अगस्त को बीजेपी के साथ गठबंधन तोड दिया था और राजभवन जाकर सीएम पद से इस्तीफा दे दिया था। उसी दिन नीतीश कुमार ने आरजेडी और सहयोगी दलों के साथ मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश किया और सरकार बनायी।
पटना। बिहार की राजनीति में अचानक से सबकुछ बदल गया। नीतीश कुमार तो अभी भी मुख्यमंत्री है लेकिन उनके सहयोगी अब विपक्ष में है और विपक्ष की पार्टी अब उनकी सहयोगी बनकर सरकार बनाने जा रही है। बिहार की इस बदली हुई राजनीतिक फिजां ने हर किसी को अचंभित करके रख दिया है। देखिए बिहार की सियासत पर सियासतदानों ने क्या कुछ कहा- भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद- मेरा सवाल है भ्रष्टाचार के गोद में नीतीश जी फिर से चले गए। उन्होंने 2017 में क्या कहा था? रेलवे भर्ती, मॉल, रेलवे होटल को रांची में बेचने के मामले में भारी घपला हुआ है। तेजस्वी ने कहा था कि मैं अपने वकील से बात करूंगा। क्या अब नीतीश जी को जबाव मिल गया? केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह- हम नीति और नियत के साथ चलते हैं, इनके मन में महत्वाकांक्षा सिर पर नाचने लगी। कुछ बहाना तो चाहिए...अगर हमें खत्म करना होता तो 43(JDU विधानसभा सीटें) और 74(बीजेपी विधानसभा सीटें) की कोई तुलना थी क्या?पूर्व उपमुख्यमंत्री और बीजेपी नेता तारकिशोर प्रसाद- 2017 में नीतीश RJD से अलग हुए तो उन्होंने कहा कि RJD हमारे दल को तोड़ रही है, फिर भ्रष्टाचार के मुद्दे पर वे अलग हुए। कल भी यह कहा कि भाजपा JDU को तोड़ रही है। इससे समझ आता है कि ये सोची समझी साजिश है।बीजेपी नेता शाहनवाज़ हुसैन- नीतीश जी के साथी अच्छे नहीं हैं। 'अच्छा सिला दिया हम लोगों के प्यार का' ये तो बड़ी गलत बात है। जब भी मिले कभी आभास नहीं हुआ कि वे छोड़ कर जाएंगे। लोकसभा के चुनाव में 40 सीट भाजपा जीतेगी। प्रशांत किशोर, चुनावी रणनीतिकार - बिहार में जो कल हुआ या जो हो रहा है। मैं उसे 2012-13 से बिहार में जो राजनीतिक अस्थिरता को दौर शुरू हुआ है उस परिपेक्ष्य में देखता है। 10 साल में ये छठी बार सरकार बनाई जा रही है। मेरी आशा है कि कम से कम अब राज्य में राजनीतिक स्थिरता लौटे। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक- बीजेपी ने बिहार के लोगों को सुचिता पूर्ण शासन दिया है, क़ानून का राज स्थापित किया है। भाजपा आज भी बिहार के लोगों के भावनाओं के अनुरूप काम करती रहेगी। 2024 में भाजपा जीतेगी। RJD के राज्यसभा सांसद मनोज झा- ये सिर्फ सरकार शपथ नहीं लेने जा रही है बल्कि 2017 से लेकर 2020 तक के जनादेश की घर वापसी हो रही है। ये बहुत महत्वपूर्ण है ऐसे दौर में जब मौजूदा भाजपा ने ये तय कर लिया है कि लोकतांत्रिक मूल्यों को क्षत-विक्षत करना है। बिहार ने एक संदेश दिया है।
पटना। बीजेपी अब बिहार की सरकार में नहीं है। जेडीयू ने बीजेपी के साथ गठबंधन तोड दिया है। अचानक तेजी से घटनाक्रम ऐसा बदला कि बीजेपी शॉक्ड रह गयी है। सोमवार को जब राजनीतिक गतिविधि तेज होनी शुरु हुई थी, तब बीजेपी को यह अंदाजा भी नहीं रहा होगा कि अगले 24 घंटों के बाद वह सरकार से बाहर हो जाएगी और विपक्ष में आ जाएगी। मंगलवार को राजनीतिक घटनाक्रम ऐसा बदला कि जेडीयू ने बैठक कर गठबंधन खत्म करने का ऐलान किया तो बीजेपी एक तरह से निशब्द हो गयी।सरकार से बाहर होने के बाद बीजेपी ने अपनी बैठक की। बैठक के बाद अपने तमाम पूर्व मंत्रियों के साथ पत्रकारों के साथ बात करते हुए प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल ने कहा कि BJP ने 74 सीट जीतेने के बाद भी वादे के मुताबिक नीतीश कुमार जी को NDA गठबंधन का मुख्यमंत्री बनाया था। यह बिहार की जनता और BJP के साथ धोखा है, जनता के फैसले का उल्लंघन है। बिहार की जनता इसे बर्दाशत नहीं करेगी। वहीं केन्द्रीय मंत्री आर के सिंह ने कहा कि ये हमारे राज्य का दुर्भाग्य है, 15 साल राजद की सरकार रही, वे (जदयू) पहले भी राजद के साथ गए थे फिर वापस आए, अब फिर से उनके साथ जा रहे हैं। इसमें बिहार की भलाई नहीं नहीं है। ये विकास की नहीं सत्ता की राजनीति हो रही है।
पटना। बिहार की सियासी तस्वीर बदल चुकी है। अब जेडीयू बीजेपी का साथ छोडकर आरजेडी के साथ सरकार बनाने जा रही है। मंगलवार को राज्यपाल फागू चौहान से मिलकर उन्हें अपना इस्तीफा सौंपा। इस्तीफा सौंपने के बाद नीतीश कुमार सीधे राबडी आवास पहुंचे। जहां उनका भव्य स्वागत किया गया। नीतीश कुमार के साथ ललन सिंह भी साथ में थे। राबडी आवास पर उन्होंने राबडी देवी से मुलाकात की। तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार का और ललन सिंह का बुके देकर स्वागत किया। इस मौके पर नीतीश कुमार ने तेजस्वी यादव से कहा कि 2017 में जो हुआ उसे भूल जाएं और एक नया अध्याय शुरू करें। राबडी आवास से निकलकर नीतीश कुमार तेजस्वी यादव के साथ एक अणे मार्ग पहुंचे, जहां उन्हें महागठबंधन दल का नेता चुना गया।
पटना। बिहार में तेजी से बदली हुई सियासी समीकरण में बीजेपी जेडीयू का गठबंधन टूट गया है। जेडीयू नेता उपेन्द्र कुशवाहा ने ट्वीट कर औपचारिक रुप से इसी घोषणा भी कर दी। अब नीतीश कुमार शाम चार बजे राज्यपाल फागू चौहान से मिलकर आरजेडी, कांग्रेस और वाम दलों के साथ मिलकर नयी सरकार बनाने का दावा पेश कर सकते हैं। इससे पहले मुख्यमंत्री आवास पर जेडीयू के विधायकों, सांसदो और विधान पार्षदों की बैठक हुई। सूत्रों के अनुसार, जेडीयू के कई विधायकों, MLC ने बैठक में CM नीतीश कुमार से कहा कि उनका वर्तमान गठबंधन 2020 से उन्हें कमजोर करने की कोशिश कर रहा है। चिराग पासवान का नाम लिए बिना नेता कहा कि वे एक ऐसा उदाहरण थे; यह भी कहा कि अगर वे अभी सतर्क नहीं हुए तो यह पार्टी के लिए अच्छा नहीं होगा। इसके बाद नीतीश कुमार ने बीजेपी से अलग होने का मन बनाया। इस बीच आरजेडी ने भी अपने तमाम नेताओं के साथ बैठक की। सूत्रों के अनुसार बैठक में कहा गया कि आरजेडी नीतीश कुमार को समर्थन दे सकती है। विभागों के आवंटन पर कोई मतभेद नहीं होगा। तेजस्वी यादव ने कहा कि उनके पास 160 की ताकत है। अगर भाजपा अस्थिरता पैदा करने की कोशिश करती है या राष्ट्रपति शासन लागू करने की कोशिश करती है, तो हम उन्हें "करारा जवाब" देंगे।
पटना। बिहार की सियासत में एक बार फिर भूचाल आ गया है। बीजेपी जेडीयू की वर्षों की दोस्ती अब टूटने की कगार पर है। सोमवार को जब एक के बाद एक करके सभी राजनीतिक दलों के भीतर गतिविधि तेज हो गयी। सभी पार्टियों ने अपने अपने विधायकों को पटना बुलाना शुरु कर दिया तो राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज हो गयी कि अब एनडीए गठबंधन टूटने वाला है। वह इसलिए कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बीजेपी से नाराज हैं। आखिर क्यों नाराज हुए हैं नीतीश कुमार?बीजेपी जेडीयू के बीच की दोस्ती में फिर से दरार उस समय पडी जब यह कहा गया कि केन्द्रीय मंत्रिमंडल में नीतीश कुमार की मर्जी के खिलाफ आरसीपी सिंह शामिल हो गए। उस समय कहा गया कि जेडीयू दो से तीन मंत्री पद चाहती थी कि लेकिन उसके लिए बीजेपी तैयार नहीं थी। बीजेपी ने साफ कह दिया था कि सिर्फ एक ही मत्री पद जेडीयू को मिलेगा। यह नीतीश कुमार को नागवार गुजरा था। वे केन्द्रीय मंत्रिमंडल में शामिल होने के लिए तैयार नहीं थे। लेकिन इसके बाद भी आरसीपी सिंह केन्द्र में मंत्री बन गए। उसके बाद उत्तर प्रदेश के चुनाव में जेडीयू बीजेपी के साथ गठबंधन चाहती थी। लेकिन बीजेपी ने इसमें कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। यूपी के दो छेटे दलों के साथ गठबंधन किया लेकि जेडीयू को घास तक नहीं डाली। यह बात भी नीतीश कुमार को लग गयी थी।उसके बाद पिछले दिनों इसमें आग में घी का काम किया, बिहार विधानसभाध्यक्ष विजय सिन्हा के साथ बीच सदन में नोंकझोंक। सदन में विधानसभाध्यक्ष विजय सिन्हा और नीतीश कुमार के बीच की बहस से हर कोई सन्न रह गया था। उस बहस के दौरान नीतीश कुमार का गुस्सा सातवें आसमान पर था। सूत्रों के अनुसार, उन्होंने बीजेपी से विजय सिन्हा को अध्यक्ष पद से हटाने को कहा था। लेकिन बीजेपी ने उनकी बात नहीं मानी। नीतीश कुमार की नाराजगी को बढाने के लिए यह बहुत था। इसके बाद बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष डा संजय जायसवाल भी नीतीश कुमार के लिए एक बड़ा कारण बन गए थे। शराबबंदी फेल होने के लिए संजय जायसवाल ने कानून व्यवस्था और प्रशासन को निशाने पर लिया था। भले ही संजय जायसवाल ने प्रशासन और पुलिस पर निशाना साधा था लेकिन उसकी चोट सीधे सीधे नीतीश कुमार को ही लगी थी। क्योंकि मुख्यमंत्री होने के नाते प्रशासन फेल होने की जिम्मेदारी सरकार की ही बनती है। इसके बाद अग्निपथ योजना पर बिहार में जमकर हंगामा और प्रदर्शन हुआ। उस बवाल पर नीतीश कुमार की कोई टिप्पणी नहीं आयी थी। जिसके बाद संजय जायसवाल ने परोक्ष रुप से नीतीश कुमार पर निशाना साधा था। जाहिर है कि वह भी नीतीश कुमार को नागवार गुजरा। उसके बाद का घटनाक्रम कुछ यूं हुआ कि बीजेपी की 7 मोर्चों की संयुक्त कार्यकारिणी की बैठक हुई। जिसमें सभी नेताओं कार्यकर्ताओं को 200 सीटों पर चुनाव की तैयारी करने को कहा गया। अब तक होता था कि पार्टी सभी सीटों पर चुनाव लडने की तैयारी करती थी। लेकिन एस बार ऐसा क्या हुआ कि बीजेपी ने सभी 243 सीटों की जगह 200 सीटों पर चुनावी तैयारी करने का फैसला किया। क्या बीजेपी ने 43 सीटें जेडीयू के लिए छोड दिया। क्या 43 सीटों पर बीजेपी ने अपने दोस्त के लिए तैयारी करने की जरुरत महसूस नहीं की? ये सारे सवाल ऐसे थे जो शायद नीतीश कुमार को खटक गए। इस बीच आरसीपी सिंह केन्द्रीय मंत्रिमंडल से बाहर हो गए। केन्द्रीय मंत्री पद से हटते ही जेडीयू के नेताओं ने एक झटके में उन्हें पार्टी के हाशिए पर लाकर खडा कर दिया। आरसीपी सिंह भी इसके बाद खुलकर नीतीश कुमार के विरोध में खडे गए। राजनीतिक गलियारों में चर्चा यह हुई कि चेहरा भले ही आरसीपी सिंह का हो लेकिन उनकी भाषा बीजेपी थी। इस बीच नित्यानंद राय और आरसीपी सिंह की बढ रही नजदीकियों ने भी नीतीश कुमार को थोडा परेशान कर दिया।कुल मिलाकर इन घटनाक्रम में नीतीश कुमार को नाराज कर दिया और कई वर्षों से जारी दोस्ती खतरे में पड गयी। अब नजर इस बात पर होगी कि अगले कुछ समय से बिहार की राजनीति किस करवट लेती है।
पटना। टीवी क्वीन एकता कपूर की पहचान हमेशा कुछ अलग और लीक से हटकर करने की है। ऐसे में वे एक बार फिर से अपने नये टीवी शो ‘ये दिल मांगे मोर’ के लिए चर्चा में हैं। इस शो का प्रसारण आगामी 15 अगस्त से हर सोमवार से शुक्रवार रात 8 से 8:30 होना तय हुआ है। आजादी के अमृत महोत्सव के जश्न में दूरदर्शन भी नये अवतार और तेवर में आ रहा है और ‘ये दिल मांगे मोर’ इस कड़ी में एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम है। हाल ही में सूचना और प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने इस शो का प्रोमो लॉन्च किया।अपने विजन और सब्जेक्ट को लेकर पैनी नज़र रखने वाली बालाजी टेलीफ़िल्म्स की प्रमुख शोभा कपूर को ‘ये दिल मांगे मोर’ से काफी उम्मीदें हैं। शोभा कहती हैं कि अपने देश के लिए जिस तरह से हमारे जवान हर मोर्चे पर त्याग करते हैं, उनके बलिदानों को जब भी अवसर मिले हमें रेखांकित करते रहना चाहिए।शो की क्रिएटिव प्रोड्यूसर तनुश्री दासगुप्ता भी ‘ये दिल मांगे मोर’ को लेकर खासा उत्साहित हैं। उन्होंने कहा कि एकता कपूर अपने बैनर तले हमेशा कुछ अलग करती रही हैं और उनका ये नया शो दर्शकों को जरूर पसंद आएगा। ‘ये दिल मांगे मोर’ के कार्यकारी निर्माता दिनेश के सिंह ने बताया कि दूरदर्शन अब अलग अंदाज में फिर से दर्शकों का मनोरंजन करने के लिए तैयार है। दूरदर्शन का लोगो भी बदल गया है और ‘ये दिल मांगे मोर’ देश के जवानों पर बनी एक बड़ी ही खूबसूरत सी कहानी है जो दर्शकों के उम्मीद पर पूरी तरह से खड़ी उतरेगी।बालाजी टेलीफ़िल्म्स के शो ‘ये दिल मांगे मोर’ की स्टार कास्ट की बात करें तो इसमें अक्षय म्हात्रे, ट्विंकल पटेल, सेजल जायसवाल, शक्ति सिंह, अर्चना मोरे, मानव दुआ, शेफाली राणा और निशि सक्सेना जैसे प्रतिभाशाली कलाकार अपने अभिनय से दर्शकों का दिल जीतने के लिए तैयार हैं।
पटना। राज्य में फर्स्ट रेफरल यूनिट (एफआरयू) की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए विभाग कई स्तर पर प्रयास कर रहा है। एफआरयू के प्रदर्शन में सुधार के लिए ब्लड स्टोरेज यूनिट, न्यू बोर्न केयर कार्नर(एनबीसीसी), ऑपरेशन थिएटर, उपकरण एवं दवाओं की व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा रहा है। साथ ही कर्मियों का क्षमतावर्धन, कार्यक्रम की नियमित समीक्षा, प्रतिवेदित आंकड़ों का विश्लेषण, अनुश्रवण एवं मूल्यांकन हेतु भी प्रयास जारी है।इस बारे में स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि एफआरयू की क्रियाशीलता बढ़ाने एवं सेवाओं की गुणवत्ता को सुदृढ़ करने के लिए स्वीकृत मानव बल के विरुद्ध किसी प्रकार की रिक्ति को दूर करने के लिए विभाग ने व्यवस्था की है। इसको लेकर जिले में उपलब्ध विशेषज्ञ चिकित्सकों जैसे स्त्री प्रसूति रोग विशेषज्ञ, शिशु रोग विशेषज्ञ, एनेस्थिसिया विशेषज्ञ, समान्य सर्जन एवं उच्च प्रशिक्षण प्राप्त चिकित्सकों को एफआरयू में प्रतिनियुक्त करने के लिए विभाग द्वारा प्रक्रिया जारी है। इससे एफआरयू में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी को दूर करने में सहूलियत होगी।मंगल पांडेय ने कहा कि राज्य में 217 सरकारी स्वास्थ्य संस्थान प्रथम रेफरल ईकाई के लिए अधिसूचित है, जिसमें फ़िलहाल राज्य में 71 एफआरयू क्रियाशील हैं। एफआरयू को प्रभावी रूप से संचालित करने के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों की जरूरत होती है। इसे ध्यान में रखते हुए विभाग जिले में उपलब्ध विशेषज्ञ चिकित्सकों को एफआरयू पर प्रतिनियुक्त कर रहा है। एफआरयू की सुविधा सुदृढ़ होने से मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी भी आएगी।
पटना। भारत के लिए सोमवार का दिन एक के बाद एक सुनहरा साबित हो रहा है। भारत के लक्ष्य सेन ने पुरुष एकल बैडमिंटन के फाइनल में जीत दर्ज़ कर कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में भारत के लिए गोल्ड मेडल जीत लिया है। उन्होंने मलेशिया के यॉन्ग को 21-19, 9-21 और 16-21 से हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। लक्ष्य सेन का यह पहला कॉमनवेल्थ गेम्स है। मलेशियाई खिलाडी ने पहला सेट तो 21-19 से जीता। इसके बाद मुकाबला और भी दिलचस्प हो गया। लेकिन लक्ष्य सेन ने शानदार वापसी करते हुए मलेशियाई शटलर को शिकस्त दे दी। इस गोल्ड मेडल के साथ ही लक्ष्य राष्ट्रमंडल खेलों के पुरुष एकल में पदक जीतने वाले भारत के 10वें खिलाड़ी और स्वर्ण जीतने वाले चौथे एथलीट बन गए। लक्ष्य से पहले प्रकाश पादुकोण, सैयद मोदी और पारुपल्ली कश्यप स्वर्ण जीत चुके हैं। इससे पहले महिला सिंगल्स का गोल्ड मेडल पीवी सिंधु ने जीता था।
पटना। बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के लिए सोमवार का दिन गोल्डन डे रहा। बैडमिंटन के फाइनल इवेंट में पी.वी. सिंधु ने जीत दर्ज़ कर कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में भारत के लिए गोल्ड मेडल जीता। उन्होंने बेहद रोमांचल मुकाबले में कनाडा की मिशेल ली को हराया। उन्होंने ली को दो सीधे सेटों में 21-15 और 21-13 से शिकस्त दी। इस जीत के साथ सिंधु ने इतिहास रच दिया है। इससे पहले सिंधु ने 2014 के कॉमनवेल्थ गेम्स में कांस्य और 2018 के गेम्स में सिव्लर मेडल जीता था।
पटना। 11 अगस्त को वॉलीवुड़ के दो दिग्गज आपस में टकराने वाले हैं। एक ओर जहां बिग बजट में बनी आमिर खान की लाल सिंह चड्ढा रिलीज हो रही है तो उसी दिन खिलाडी अक्षय कुमार की आपसी रिश्तों की डोर में बंधी फिल्म रक्षा बंधन रिलीज हो रही है। जाहिर इन दोनों ही बडी फिल्मों को लेकर बॉक्स ऑफिस पर टकराव होगा। लेकिन दोनों ही सुपर स्टार प्रेशर में है। इसी वजह यह है कि चार साल पर बडे पर्दे पर आमिर खान वापसी कर रहे हैं। पिछली फिल्म ठग्स ऑफ हिन्दुस्तान फ्लॉप साबित हुई थी। वहीं अक्षय कुमार भी प्रेशर में है कि उनकी पिछली दो फिल्में भी बुरी तरह फ्लॉप हो चुकी है।आमिर खान लाल सिंह चड्ढा में करीना कपूर खान, नागा चैतन्य और मोना सिंह के दिखेंगे। लाल सिंह चड्ढा सिनेमाघरों में 11 अगस्त को रिलीज होने वाली है। लाल सिंह चड्ढा अद्वैत चंदन द्वारा निर्देशित है। यह साल 1994 की अमेरिकी फिल्म फॉरेस्ट गंप का हिंदी रीमेक है। अक्षय कुमार की इस साल की तीसरी फिल्म है। इस साल उनकी पहली फिल्म बच्चन पांडे रिलीज हुई थी जो बॉक्स ऑफिस पर फ्वलॉप साबित हुई थी। वहीं उनकी दूसरी फिल्म पृथ्वीराज थी। बडा बजट, बडा स्टारकास्ट, बडा बैनर और बडी पब्लिसिटी होने के बाद भी यह फिल्म फ्लॉप हो गयी थी। ऐसे में अक्षय कुमार को रक्षा बंधन से बडी उम्मीदें हैं। जो भाई बहन के रिश्तों की डोर से बंधी फिल्म है। अक्षय कुमार इन दिनों इस फिल्म के प्रमोशन को लेकर अपनी ऑन स्क्रीन चारों बहनों के साथ देश के कई जगहों पर जा रहे हैं।
रांची- 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस व मुहर्रम को लेकर यातायात व्यवस्था में मामूली बदलाव किये गये हैं। नौ अगस्त की सुबह 6.00 बजे से रात 12.00 बजे तक शहर में बड़े वाहनों की नो-इंट्री रहेगी। विश्व आदिवासी दिवस के कार्यक्रम में भाग लेने वाले वाहनों को छूट रहेगी. वहीं, जरूरत के अनुसार राजधानी में छोटे वाहनों का रूट डायवर्ट किया जायेगा।इसके अलावा सभी रूट से आने वाले वाहनों का स्थान तय कर दिया गया है। मेन रोड में मुहर्रम का जुलूस नहीं निकलेगा। लेकिन, कांटाटोली की मौलाना आजाद कॉलोनी से जुलूस कर्बला व गुदड़ी चौक तक आयेगा। इस दौरान कुछ देर के लिए कर्बला चौक से मिशन चौक तक छोटे वाहनों के प्रवेश पर रोक लगायी जा सकती है।▪️छह ड्रोन कैमरों के अलावा 400 सीसीटीवी कैमरे से होगी निगरानी▪️अतिसंवेदनशील और संवेदनशील इलाके में सुरक्षा के विशेष इंतजाम▪️आइआरबी, सीआरपीएफ, रैपिड एक्शन पुलिस व जैप की तैनाती
पटना। निवर्तमान उपराष्ट्रपति एम वैंकेया नायडू का कार्यकाल खत्म हो रहा है। 10 अगस्त उनके कार्यकाल का अंतिम दिन है। 11 अगस्त को नये उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड शपथ ग्रहण करेंगे। उससे पहले सोमवार को राज्यसभा में वैकेंया नायडू को विदाई दी गयी। इस मौके पर राज्यसभा में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भावुक संबोधन दिया। उन्होंने कहा कि आज हम सब यहां राज्यसभा के सभापति और उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू को उनके कार्यकाल के समापन पर धन्यवाद देने के लिए मौजूद हैं। यह इस सदन के लिए बहुत ही भावुक क्षण है। सभा के कई ऐतिहासिक क्षण आपकी गरिमामयी उपस्थिति से जुड़े हैं। प्रधानमंत्री ने वैंकेया नायडू को संबोधित करते हुए कहा कि अनेक बार आप कहते रहे हैं कि मैं राजनीति से रिटायर हुआ हूं परन्तु सार्वजनिक जीवन से नहीं थका हूं। आपके अनुभवों का लाभ भविष्य में देश को मिलता रहेगा। हम जैसे अनेक सार्वजनिक जीवन के कार्यकर्ताओं को भी मिलता रहेगा। हम इस वर्ष ऐसा 15 अगस्त मना रहे हैं जब स्वतंत्रता के बाद राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, लोकसभा अध्यक्ष और प्रधानमंत्री सब के सब ऐसे लोग हैं जो आज़ाद भारत में पैदा हुए, और सब के सब बहुत ही साधारण पृष्ठभूमि से आते हैं। ये देश के नए युग का प्रतीक भी है। अगर हमारे पास देश के लिए भावनाएं हों, बात कहने की कला हो, भाषा की विविधता में आस्था हों तो भाषा, क्षेत्र हमारे लिए कभी भी दीवार नहीं बनती हैं ये आपने(एम. वेंकैया नायडू) सिद्ध किया है।इससे पहले लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और केन्द्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी ने एम वैंकेया नायडू से मुलाकात की।
पटना। बर्मिंघम में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत की महिला क्रिकेट टीम ने इतिहास रच दिया। सेमीफाइनल में भारत ने इंग्लैंड को बेहद रोमांचक मैच में 4 रन से हराकर फाइनल में प्रवेश कर लिया। इस जीत के साथ भारत का इस इवेंट में सिल्वर मेडल तो पक्का हो गया। फाइनल में गोल्ड मेडल के लिए उसका मुकाबला आस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के बीच होने वाले दीसरे सेमीफाइनल मैच की विजेता से होगा।भारत ने पहले टॉस जीतकर बैटिंग करने का फैसला किया। भारत ने 20 ओवरों में 5 विकेट खोकर 164 रनों का स्कोर किया। स्मृति मंधाना ने धुआंधार पारी खेलते हुए महज 32 गेंदों में 8 चौके और 3 छक्कों की मदद से 61 रन की शानदार पारी खेली। रोडिग्स से भी शानदार 44 रन बनाए। जबाव में जीत के लिए 165 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए इंग्लैंड की टीम 6 विकेट खोकर 160 रन ही बना सकी। भारत की ओर से स्नेह राणा ने सबसे अधिक 2 विकेट लिये।
पटना। भारत और वेस्ट इंडीज के बीच टी-20 सीरीज के चौथा मैच आज अमेरिका फ्लोरिडा में खेला जाएगा। मैच शाम के 8 बजे से शुरु होगा। इस सीरीज में भारत ने 2-1 से बढत बना ली है। अगर इस मैच को टीम इंडिया ने जीत लिया तो सीरीज पर कब्जा हो जाएगा। भारतीय टीम ने जिस तरह से तीसरे मैच में लक्ष्य का पीछा करके मैच जीता। उसमें सूर्य कुमार यादव ने धमाकेदार पारी खेली। महज 44 गेंदों में 76 बनाए। जाहिर उनकी इस पारी के बाद टीम इंडिया की बैटिंग के हौसले बुलंद है। हालांकि श्रेयस अय्यर अभी अपने फॉर्म के साथ संघर्ष कर रहे हैं। हालांकि टीम मैनेजमेंट ने उनपर भरोसा जताया है। ऐसे में उम्मीद है कि उन्हें और मौके दिये जा सकते हैं। बॉलिंग में अर्शदीप सिंह ने अलग अलग अपनी गेंदों में विविधता के साथ जैसे गंदबाजी उससे बॉलिंग सेक्शन को मजबूती मिली है। इधर आवेश खान में वो पैनापन नहीं आया है, जिसकी जरुरत है। हालांकि पिछले एक सप्ताह में क्रिकेट वेस्ट इंडीज के लिए थोडा मुश्किलों का दौर है। सेंट किट्स के दूसरे मैच में खिलाडियों का सामान देर से आने के कारण मैच देर से शुरु हुआ था। इसके अलावा चौ था और पांचवां मैच अमेरिका के फ्लोरिडा में होना है। लेकिन दोनों टीमों के कुछ खिलाडियों का वीजा प्रॉब्लम मैनेजमेंट के लिए परेशानी कारण बना हुआ था। हालांकि गुयाना सरकार ने इस मामले में हस्तक्षेप कर खिलाडियों का वीजा दिलाने में मदद की। दोनों टीमेंINDIA Probable XI: Rohit Sharma (c), Suryakumar Yadav, Shreyas Iyer, Rishabh Pant (wk), Hardik Pandya, Deepak Hooda, Dinesh Karthik, R Ashwin, Bhuvneshwar Kumar, Avesh Khan/Ravi Bishnoi/Harshal Patel, Arshdeep SinghWEST INDIES Probable XI: Brandon King, Kyle Mayers, Nicholas Pooran (c), Rovman Powell, Shimon Hetmyer, Devon Thomas (wk), Jason Holder, Dominic Drakes/Keemo Paul, Akeal Hosein, Alzarri Joseph, Obed McCoy