पटना: आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय (AKU) के कुलपति प्रो. डॉ. शरद कुमार यादव के अधिकारों को लेकर राजभवन ने बड़ा और सख्त कदम उठाया है. राज्यपाल सह कुलाधिपति सचिवालय की ओर से जारी निर्देश के तहत कुलपति के नीतिगत और नए वित्तीय फैसले लेने के अधिकारों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है.
राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह की ओर से15सितंबर2026को जारी पत्र में विश्वविद्यालय प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि कुलपति अगले आदेश तक कुलाधिपति की पूर्व अनुमति के बिना कोई भी नीतिगत निर्णय नहीं ले सकेंगे. इसके अलावा दैनिक प्रशासनिक खर्चों को छोड़कर किसी भी नए वित्तीय निर्णय या वित्तीय स्वीकृति पर भी रोक रहेगी.
राजभवन ने कुलपति के मुख्यालय छोड़ने को लेकर भी स्पष्ट निर्देश जारी किया है. आदेश के मुताबिक कुलपति कुलाधिपति की पूर्व स्वीकृति के बिना अपना मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे. यह निर्देश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है.
राजभवन की ओर से विश्वविद्यालय प्रशासन को सभी निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है. आदेश के बाद विश्वविद्यालय के प्रशासनिक कामकाज को लेकर नई व्यवस्था प्रभावी हो गई है.
राजभवन के इस फैसले को विश्वविद्यालय में प्रशासनिक और वित्तीय अनुशासन को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है. खास तौर पर बड़े नीतिगत और वित्तीय फैसलों से पहले कुलाधिपति की अनुमति अनिवार्य किए जाने से विश्वविद्यालय प्रशासन पर निगरानी और नियंत्रण बढ़ेगा. हालांकि, दैनिक प्रशासनिक खर्चों से जुड़े नियमित कार्य पहले की तरह जारी रहेंगे.
पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट—
