हजारीबाग : झारखंड के हजारीबाग की दो युवा एथलीट पृथ्वी उरांव और अनौखी कुमारी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जिले का नाम रोशन करने की दिशा में बड़ी उपलब्धि हासिल की है. दोनों खिलाड़ियों का चयन अंडर-17 विश्व विद्यालयीन एथलेटिक्स चैंपियनशिप के लिए झारखंड की टीम में हुआ है. प्रतियोगिता आगामी 3 से 8 दिसंबर तक ब्राजील में आयोजित होगी.

ब्राजील के ट्रैक पर दम दिखाएंगी हजारीबाग की दो बेटियां, अंडर-17 विश्व विद्यालयीन एथलेटिक्स चैंपियनशिप के लिए चयन

पृथ्वी उरांव लंबी कूद और अनौखी कुमारी400मीटर बाधा दौड़ में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगी. प्रतियोगिता के लिए झारखंड के कुल11खिलाड़ियों का चयन किया गया है.

ब्राजील के ट्रैक पर दम दिखाएंगी हजारीबाग की दो बेटियां, अंडर-17 विश्व विद्यालयीन एथलेटिक्स चैंपियनशिप के लिए चयन

किसान परिवार से आती हैं दोनों खिलाड़ी

गुमला की रहने वाली पृथ्वी उरांव पिछले करीब तीन वर्षों से हजारीबाग में रहकर लंबी कूद का प्रशिक्षण ले रही हैं. उनके पिता किसान और मां गृहिणी हैं. वहीं रांची की अनौखी कुमारी के पिता कृषि कार्य से जुड़े हैं और मां गृहिणी हैं. दोनों खिलाड़ियों ने सीमित संसाधनों के बावजूद कड़ी मेहनत और नियमित अभ्यास के दम पर यह मुकाम हासिल किया है.

ब्राजील के ट्रैक पर दम दिखाएंगी हजारीबाग की दो बेटियां, अंडर-17 विश्व विद्यालयीन एथलेटिक्स चैंपियनशिप के लिए चयन

दोनों खिलाड़ियों की सफलता में उनके प्रशिक्षक नीरज रॉय और अनुकंपा रूंडा की भी अहम भूमिका रही है. प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में खिलाड़ियों ने तकनीक,फिटनेस,गति और प्रदर्शन को लगातार बेहतर किया.

गोवा में होगा विशेष प्रशिक्षण शिविर

ब्राजील रवाना होने से पहले दोनों खिलाड़ियों के लिए गोवा में करीब ढाई महीने का विशेष प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया जाएगा. यहां अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता को ध्यान में रखते हुए उनकी फिटनेस,तकनीक और प्रदर्शन को और निखारा जाएगा.

हर्ष अजमेरा ने किया सम्मानित

हजारीबाग ओलंपिक संघ के अध्यक्ष सह युवा समाजसेवी हर्ष अजमेरा ने अपने कार्यालय परिसर में दोनों खिलाड़ियों को सम्मानित किया. उन्होंने कहा कि हजारीबाग में प्रशिक्षण लेकर दो बेटियों का अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए चयन होना पूरे जिले के लिए गर्व की बात है.

उन्होंने कहा, “हजारीबाग की बेटियों का ब्राजील तक पहुंचना गर्व की बात है. उनके सपनों को पूरा करने में हरसंभव सहयोग करेंगे.”

हर्ष अजमेरा ने कहा कि प्रतिभा संसाधनों की मोहताज नहीं होती. जरूरत है प्रतिभाओं को सही दिशा,बेहतर प्रशिक्षण और प्रोत्साहन देने की. उन्होंने दोनों खिलाड़ियों को आगामी प्रतियोगिता के लिए शुभकामनाएं दीं.

पृथ्वी की लंबी छलांग और अनौखी की बाधा दौड़ की रफ्तार अब ब्राजील के अंतरराष्ट्रीय ट्रैक पर नजर आएगी. दोनों खिलाड़ियों का लक्ष्य शानदार प्रदर्शन कर देश और झारखंड का नाम रोशन करना है.

राजीव मोहन श्रीवास्तव की रिपोर्ट-