धनबाद: झारखंड सरकार के जल संसाधन विभाग तथा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के मंत्री हफीजुल हसन की अध्यक्षता में सर्किट हाउस में छाताबाद के भू-धंसान प्रभावित परिवारों, बीसीसीएल और जेआरडीए के बीच मैराथन बैठक लगभग 4 घंटे तक चली.

बैठक में सभी पक्षों को सुनने के बाद मंत्री ने छाताबाद के भू-धंसान प्रभावित परिवारों एवं बीसीसीएल के बीच पुनर्वास, मुआवजा, चिकित्सीय सहायता सहित अन्य मुद्दों पर समझौता कराया.

प्रभावित परिवारों की मांग पर भू-धंसान क्षेत्र का आईआईटी आईएसएम से सर्वेक्षण करा कर डेंजर जोन का सीमांकन करने एवं उसकी रिपोर्ट एक माह के अंदर देने पर सहमति बनी.

साथ-साथ खनन के दौरान सुरक्षा व ब्लास्टिंग के नियमों का पालन करने,डेंजर जोन के सर्वे में मस्जिद, मदरसा, ईदगाह एवं स्कूल को शामिल करने पर सहमति बनी.

मंत्री हफीजुल हसन ने भू-धंसान एवं अग्नि प्रभावित क्षेत्र के आसपास इमरजेंसी रिस्पांस सिस्टम तैयार करने का निर्देश दिया.

वहीं,बीसीसीएल के सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल मिडिया से बचते दिखे. उन्होंने बैठक में लिए गए निर्णयों के संदर्भ में कोई भी जानकारी साझा नहीं की.

दूसरी तरफ बैठक में शामिल रहे वार्ड 32 छाताबाद के पार्षद मोहम्मद शाहबुद्दीन ने बताया कि बैठक में ग्रामीणों के पक्ष कि बातों को गंभीरता से सुना गया. हालांकि कई मांगो पर सहमति नहीं बनने के पीछे बीसीसीएल की ओर से प्रावधानों का हवाला दिया गया है.