पीड़िता के परिजनों को धमकाने और केस मैनेज करने के आरोप में कार्रवाई, तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर बरही से हिरासत में लिया गया था आरोपी
कोडरमा: नाबालिग आदिवासी छात्रा के कथित यौन शोषण मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जेल में बंद पूर्व सिविल सर्जन डॉ. अनिल कुमार के करीबी चालक राज आर्यन उर्फ छोटी उर्फ छोटू को जेल भेज दिया है। आरोपी पर पीड़िता के परिजनों को धमकाने और मामले को दबाने की कोशिश करने का आरोप है।
पुलिस के अनुसार,डॉ. अनिल कुमार के जेल जाने के बाद राज आर्यन ने कथित तौर पर पीड़िता के परिवार पर दबाव बनाने की कोशिश की। आरोप है कि उसने परिजनों को धमकी देने के साथ प्रलोभन भी दिया। मेडिकल जांच से इनकार करवाने में भी उसकी भूमिका होने की बात सामने आई है।
तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर हुई कार्रवाई
जांच में यह बात सामने आई है कि डॉ. अनिल कुमार के निर्देश पर राज आर्यन पीड़िता को लाने और छोड़ने का काम करता था। शुरुआती पूछताछ में उसने आरोपों से इनकार किया था। हालांकि,पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उसे बरही से हिरासत में लिया। लंबी पूछताछ के बाद रविवार को उसे जेल भेज दिया गया।
गौरतलब है कि पूर्व सिविल सर्जन डॉ. अनिल कुमार इस मामले में11अक्टूबर से जेल में बंद हैं। पुलिस मामले के विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है।

