पटना:बिहार में अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने की कोशिश में जुटी कांग्रेस बिहार केसरी डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की विरासत के सहारे अगड़े वोट बैंक को साधने में जुटी है। इसी कड़ी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे रविवार को पटना पहुंच गए। वे गांधी मैदान स्थित बापू सभागार में आयोजित श्रीबाबू की जयंती समारोह में शामिल होंगे। उनके पटना पहुंचने पर प्रदेश कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं में उत्साह देखा जा रहा है।
विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस के सामने बिहार में संगठन को मजबूत करने और अपने जनाधार का विस्तार करने की चुनौती है। ऐसे में श्रीबाबू की जयंती पर आयोजित समारोह को पार्टी की राजनीतिक रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कांग्रेस इस आयोजन के जरिए सवर्ण मतदाताओं के बीच अपनी स्वीकार्यता बढ़ाने और पुराने राजनीतिक संबंधों को फिर से मजबूत करने का प्रयास कर रही है।
श्रीबाबू की विरासत पर कांग्रेस की नजर
डॉ. श्रीकृष्ण सिंह बिहार के पहले मुख्यमंत्री और कांग्रेस के प्रमुख नेताओं में शामिल थे। भूमिहार समाज से आने वाले श्रीबाबू की राजनीतिक विरासत आज भी बिहार की राजनीति में अहम स्थान रखती है। कांग्रेस उनकी जयंती के बहाने उनके ऐतिहासिक योगदान को याद करने के साथ सामाजिक समीकरणों को मजबूत करने की कोशिश कर रही है।
दिग्गज नेताओं की मौजूदगी
बापू सभागार में आयोजित समारोह में बिहार कांग्रेस प्रभारी कृष्णा अल्लावरू, प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम और राज्यसभा सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं के शामिल होने की उम्मीद है। खरगे की मौजूदगी से कार्यक्रम को राष्ट्रीय स्तर पर भी राजनीतिक महत्व मिला है।
संगठन को मजबूत करने की चुनौती
बिहार में अपनी राजनीतिक पकड़ बढ़ाने के लिए कांग्रेस को नए सामाजिक वर्गों तक पहुंच बनानी होगी। ऐसे में यह आयोजन केवल श्रद्धांजलि कार्यक्रम तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे पार्टी की भावी राजनीतिक रणनीति और सवर्ण मतदाताओं के बीच पैठ बढ़ाने के प्रयास के रूप में भी देखा जा रहा है।
पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट

