
गुरुवार, 17 सितंबर 2026
LiveNEWS DESK : वाराणसी में आयोजित एक भव्य समारोह के दौरान भोजपुरी संगीत जगत को एक नई सौगात मिली,जब पा रा म्यूजिक ने अपने नए भोजपुरी म्यूजिक वर्टिकल‘भोजपुरी धूम’का शानदार शुभारंभ किया. इस नई पहल का आगाज़ भोजपुरी सुपरस्टार अरविंद अकेला कल्लू और लोकप्रिय गायिका शिल्पी राज की आवाज़ में रिलीज़ हुए गीत‘राउंड राउंड’से हुआ. रिलीज़ के साथ ही यह गीत सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से लोकप्रिय हो रहा है तथा दर्शकों का जबरदस्त प्रतिसाद प्राप्त कर रहा है.‘राउंड राउंड’में अरविंद अकेला कल्लू का बिल्कुल नया और स्टाइलिश अंदाज़ देखने को मिल रहा है. दमदार संगीत,आकर्षक लोकेशन,भव्य फिल्मांकन और कल्लू की ऊर्जावान प्रस्तुति ने इस गीत को खास बना दिया है. गीत में उनकी स्क्रीन प्रेजेंस और परफॉर्मेंस दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर रही है. वहीं शिल्पी राज की आवाज़ ने गीत में चार चांद लगा दिए हैं. म्यूजिक वीडियो में एंजेल लिज़ा की ग्लैमरस मौजूदगी भी दर्शकों को खूब आकर्षित कर रही है.लिंक : https://www.youtube.com/watch?v=tCPEWY2Curoगीत की सफलता पर खुशी जताते हुए अरविंद अकेला कल्लू ने कहा कि‘राउंड राउंड’पूरी तरह से मनोरंजन से भरपूर गीत है,जिसे हर वर्ग के श्रोता पसंद करेंगे. उन्होंने कहा कि भोजपुरी संगीत अब वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना रहा है और ऐसे गीतों के माध्यम से इसे और मजबूती मिलेगी. वहीं शिल्पी राज ने भी विश्वास जताया कि यह गीत शादी,पार्टी और उत्सवों की पहली पसंद बनने वाला है. रिलीज़ के कुछ ही समय में गीत को मिल रहे सकारात्मक रिस्पॉन्स ने पूरी टीम का उत्साह बढ़ा दिया है.पा रा म्यूजिक की सह-संस्थापक एवं प्रबंध निदेशक राशना पोचकनावाला ने कहा कि ‘भोजपुरी धूम’ का उद्देश्य भोजपुरी दर्शकों के लिए उच्च गुणवत्ता वाला और मौलिक कंटेंट उपलब्ध कराना है. वहीं सह-संस्थापक पवन सूद ने इसे भोजपुरी संगीत उद्योग में दीर्घकालिक निवेश और रचनात्मक विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया. गीत के बोल अभिनव प्रताप सिंह ने लिखे हैं, संगीत प्रियांशु सिंह ने दिया है तथा वीडियो का निर्देशन बद्री नाथ झा ने किया है. पीआरओ रंजन सिन्हा ने बताया कि ‘राउंड राउंड’ को जिस तरह का प्यार मिल रहा है, उसे देखते हुए यह गीत आने वाले दिनों में भोजपुरी संगीत जगत का बड़ा हिट साबित हो सकता है.
यूपी न्यूज: उन्नाव जिले में मंगलवार की सुबह भीषण सड़क हादसा ने दिल दहला दिया. शहर के औरास थाना इलाके के आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर किलोमीटर संख्या 262 पर डबल डेकर बस पलट गई. हादसे में एक सब इंस्पेक्टर, एक बंदी समेत 6 लोगों की मौत हो गई है. जबकि, 21 यात्री गंभीर रूप से घायल हो हुए है. हादसे में तीन सिपाही भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं. सभी घायलों को एंबुलेंस के जरिए नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया. गंभीर रूप से घायल कई यात्रियों को बेहतर इलाज के लिए लखनऊ ट्रामा सेंटर रेफर किया गया है.बताया जा रहा है कि दिल्ली से गोरखपुर जा रही डबल डेकर बस अनियंत्रित होकर रेलिंग से टकराकर पलट गई. प्रारंभिक जांच में चालक को नींद आने से हादसा होने की बात सामने आई है. टक्कर इतनी जोरदार थी कि बस के शीशे टूट गए और कई यात्री बस से बाहर जा गिरे. बाहर गिरे यात्रियों को गंभीर चोटें आई हैं.हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, यूपीडा की टीम और स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंच गया. राहत और बचाव कार्य तुरंत शुरू किया गया. पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकाला गया. मृतकों की पहचान कराने का प्रयास किया जा रहा है. पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. हादसे के बाद कुछ समय तक एक्सप्रेसवे पर यातायात प्रभावित रहा, जिसे बाद में सामान्य कराया गया.
महिला दिवस पर स्पेशल रिपोर्ट: आज पूरा विश्व अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मना रहा है. इस साल का थीम "अधिकार और न्याय के साथ-साथ हर महिला और बालिका के सशक्तिकरण के लिए वास्तविक कार्रवाई" पर केंद्रित है. यह दिन केवल एक तारीख नहीं, बल्कि महिलाओं के संघर्ष, उनकी अदम्य शक्ति और समाज के निर्माण में उनके अतुलनीय योगदान को सलाम करने का अवसर है. हर वर्ष 8 मार्च को मनाया जाने वाला अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस, महिला अधिकारों और समानता की दिशा में तय किए गए एक लंबे संघर्षपूर्ण सफर की याद दिलाता है.जानिए क्यों मनाया जाता है अंतरराष्ट्रीय महिला दिवसअंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की जड़ें बीसवीं सदी की शुरुआत में उत्तरी अमेरिका और यूरोप के श्रमिक आंदोलनों से जुड़ी हैं. इसे 1977 में संयुक्त राष्ट्र द्वारा आधिकारिक मान्यता प्रदान की गई है. 8 मार्च की यह तारीख विशेष रूप से वर्ष 1917 से संबंधित है, जब रूस की महिलाओं ने 'रोटी और शांति' की मांग को लेकर ऐतिहासिक हड़ताल शुरू की थी. यह आंदोलन तत्कालीन जूलियन कैलेंडर के अनुसार 23 फरवरी को शुरू हुआ था, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रचलित ग्रेगोरियन कैलेंडर के हिसाब से 8 मार्च है.भारतीय महिलाओं को हर क्षेत्र में सलामपूरे भारत में नारी शक्ति का यह बदलाव किसी गांव की उस पंचायत में दिखता है, जहां एक महिला पहली बार अपनी आवाज़ उठाती है, यह उस छोटे उद्यम में नजर आता है जो एक रसोई घर से शुरू होकर चांद तक पहुंच जाता है या फिर उस क्लासरूम में जहां एक लड़की यह ठान लेती है कि उसका आने वाला कल, उसके बीते हुए कल जैसा नहीं होगा. यह भारत के विकास की कहानी में एक ऐतिहासिक बदलाव लिख रहे हैं. भारतीय महिलाओं को हर क्षेत्र में पूरा देश सलाम करता है. आज भारत महिलाओं को केवल योजनाओं के लाभार्थी के रूप में नहीं, बल्कि देश की आर्थिक और सामाजिक प्रगति को रफ्तार देने वाली शक्ति के रूप में देख रहा है.महिलाओं के हर सफलता के पीछे गहरी संघर्षसफलता की इन कहानियों के बीच एक कड़वी सच्चाई यह भी है कि आज भी समाज के कई हिस्सों में महिलाएं भेदभाव और लैंगिक असमानता का शिकार हैं. जिसे ज्यादातर लोग या कई बार जानकर भी लोग अमजान बन जाते हैं. शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्रों में पुरुषों की तुलना में महिलाओं को आज के आधुनिक युग में भी बेहद संघर्ष करना पड़ता है.जेंडर इक्वालिटी के प्रति भारत की प्रतिबद्धता इसके संवैधानिक ढांचे में गहराई से रची-बसी है, जो कानून के समक्ष समानता की गारंटी देता है और लैंगिक आधार पर किसी भी भेदभाव को खत्म करता है. हालांकि, ये भी हकीकत है 1990 के दशक के बाद से इस दिशा में एक निर्णायक बदलाव आया है. अब महिलाओं को केवल सुरक्षात्मक नीतियों के लाभार्थी के रूप में नहीं, बल्कि विकास के मुख्य स्टेकहोल्डर के रूप में पहचाना जाने लगा है.तीन तलाक की समाप्ति ने बढ़ाया मनोबलतीन तलाक को खत्म करना एक ऐतिहासिक सुधार है, जो करोड़ों मुस्लिम महिलाओं के लिए गरिमा, समानता और वास्तविक सशक्तिकरण सुनिश्चित करता है. तीन तलाक अधिनियम तत्काल तलाक की प्रथा को अपराध की श्रेणी में रखता है, जिससे मुस्लिम महिलाओं को कानूनी सुरक्षा और व्यापक समानता मिलती है. यह उन्हें लंबे समय से चली आ रही घरेलू हिंसा और भेदभाव से मुक्ति दिलाने में सक्षम बनाता है.महिला-नेतृत्व वाला विकास तब और मजबूत होता है, जब नीतिगत प्रतिबद्धताएं आर्थिक अवसरों में बदल जाती हैं.जेंडर-रिस्पॉन्सिव पब्लिक इन्वेस्टमेंटभारत ने वित्त वर्ष 2026 में जेंडर बजट के मामले में अब तक का ऐतिहासिक शिखर छुआ है, जिसमें केंद्रीय बजट का 9.37 प्रतिशत हिस्सा जेंडर इक्वालिटी को बढ़ावा देने वाले कार्यक्रमों के लिए निर्देशित किया गया है. विभिन्न क्षेत्रों में, 53 मंत्रालयों/विभागों और 5 केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा 5.01 लाख करोड़ की राशि निर्धारित की गई है, जो प्रतीकात्मक समावेश (सिंबॉलिक इन्क्लूजन) से हटकर महिलाओं के विकास में निरंतर निवेश की ओर एक बड़े बदलाव को दर्शाता है.सशक्त भागीदारी का एक बड़ा संकेतसार्वजनिक जीवन के हर क्षेत्र में महिलाएं अपनी उपस्थिति का निरंतर विस्तार कर रही हैं. भारत ने आजादी के समय ही सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार को अपना लिया था और आज महिलाएं एक निर्णायक वोटर के रूप में उभरी हैं. वर्तमान में, 47 करोड़ से अधिक पंजीकृत महिला मतदाता लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग ले रही हैं. महिलाओं की यह बढ़ती भूमिका उन क्षेत्रों में भी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है, जिन्हें कभी उनके लिए दुर्गम माना जाता था. यह ऐतिहासिक उपलब्धि राष्ट्रीय संस्थानों में महिलाओं की व्यापक और सशक्त भागीदारी का एक बड़ा संकेत है.नेतृत्व करती महिलाएंभारत में महिला-नेतृत्व वाले विकास की कहानी आज देशभर की महिलाओं की उन छोटी-बड़ी सफलताओं में झलकती है, जिन्हें वे हर दिन हासिल कर रही हैं. यह बदलाव आज साफ देखा जा सकता है. चाहे वह सहकारी समितियों का कुशलता से संचालन हो, नए उद्यमों की नींव रखना हो, आधुनिक तकनीकों को अपनाना हो या लोकल गवर्नेंस में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेना हो. सामूहिक रूप से, ये तमाम सफर भारत के विकास परिदृश्य में आए एक बहुत बड़े और बुनियादी बदलाव का प्रतीक हैं.महिलाओं के अधिकारों ने न केवल उनकी गरिमा को मजबूत किया है, बल्कि उन्हें सुरक्षा का एक ठोस कवच भी दिया है. आर्थिक और सामाजिक जीवन के हर क्षेत्र में अपनी सक्रिय और प्रभावशाली भागीदारी सुनिश्चित कर रही है.एक नई दिशा देने में अहमभूमिकाये बुनियादी बदलाव धीरे-धीरे उन रास्तों का विस्तार कर रहे हैं, जो महिलाओं को केवल भागीदारी तक सीमित नहीं रखते, बल्कि उन्हें नेतृत्व की ओर ले जा रहे हैं.जैसे-जैसे भारत अपनी विकास यात्रा पर तेजी से आगे बढ़ रहा है, महिलाएं न केवल परिवारों और समुदायों को गढ़ने में, बल्कि राष्ट्र के भविष्य को एक नई दिशा देने में भी अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं. कई चुनौती भरे काम को समाज की महिला भलीभांति और जिम्मेदारी से निभा रही है.
Varanasi : वाराणसी जनपद के चर्चित आपराधिक प्रकरण में माननीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश / विशेष न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम),वाराणसी ने दिनांक27फरवरी2026को आरोपी अनुज राजभर की जमानत अर्जी स्वीकार करते हुए विस्तृत एवं कारणयुक्त आदेश पारित किया. मामला धारा69, 351(2), 352बी.एन.एस. के अंतर्गत पंजीकृत था,जिसमें विवाह का झांसा देकर संबंध बनाने का आरोप लगाया गया था.न्यायालय ने जमानत पर निर्णय देते समय उपलब्ध साक्ष्यों,अभियोजन कथन तथा उच्चतम न्यायालय की नज़ीरों का तुलनात्मक परीक्षण किया.बचाव पक्ष की संयुक्त दलील सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता शशांक शेखर त्रिपाठी, वरिष्ठ अधिवक्ता जितेंद्र तिवारी, वरिष्ठ अधिवक्ता राजेश त्रिवेदी एवं वरिष्ठ अधिवक्ता आशुतोष शुक्ला ने संयुक्त रूप से तथ्यात्मक एवं विधिक आधारों पर विस्तृत बहस प्रस्तुत की.चारों अधिवक्ताओं की ओर से यह प्रमुख रूप से तर्क रखा गया कि कथित संबंध दीर्घ अवधि तक चले,जिससे प्रथम दृष्टया सहमति (consent)का प्रश्न उभरता है. उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय के निर्णयों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रत्येक ऐसे मामले में“तथ्यात्मक भ्रांति” (misconception of fact)स्वतः सिद्ध नहीं मानी जा सकती,जब तक अभियोजन स्पष्ट और ठोस साक्ष्यों के साथ यह स्थापित न करे कि सहमति वास्तविक अर्थों में स्वतंत्र नहीं थी.संयुक्त रूप से यह भी तर्क दिया गया कि प्रथम सूचना रिपोर्ट,बाद के बयानों और घटनाक्रम के समय-क्रम में संगति का परीक्षण आवश्यक है तथा अभियोजन को अपराध के प्रत्येक आवश्यक घटक को सिद्ध करना होगा. बचाव पक्ष ने यह भी रेखांकित किया कि आरोपी का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है और वह न्यायिक अभिरक्षा में निरुद्ध है,जो जमानत के विचार में महत्वपूर्ण कारक हैं.चारों अधिवक्ताओं ने संवैधानिक स्वतंत्रता और जमानत के स्थापित सिद्धांतों का उल्लेख करते हुए कहा कि विचाराधीन अवस्था में जमानत सामान्य नियम है और निरुद्धता अपवाद.आदेश में न्यायालय की प्रमुख टिप्पणियाँन्यायालय ने अपने आदेश में उल्लेख किया कि—अभियोजन को अपराध के प्रत्येक आवश्यक तत्व को सिद्ध करना होगा.रिकॉर्ड पर उपलब्ध सामग्री प्रथम दृष्टया जमानत के प्रतिकूल नहीं पाई गई.आरोपी का कोई आपराधिक इतिहास प्रस्तुत नहीं किया गया.आरोपी न्यायिक अभिरक्षा में निरुद्ध था.इन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए न्यायालय ने एक लाख रुपये के निजी मुचलके एवं समरूप जमानतदार की शर्त पर जमानत स्वीकृत की. साथ ही निर्देश दिए गए कि आरोपी साक्ष्यों से छेड़छाड़ नहीं करेगा,गवाहों को प्रभावित नहीं करेगा तथा न्यायालय की अनुमति के बिना देश नहीं छोड़ेगा.प्रशासनिक एवं विधिक महत्वविधि विशेषज्ञों का मत है कि यह आदेश जमानत संबंधी मामलों में न्यायालय द्वारा अपनाए गए संतुलित दृष्टिकोण का उदाहरण है. फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम द्वारा तथ्य और विधि के संयुक्त परीक्षण को प्रशासनिक एवं न्यायिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है.जमानत आदेश के पश्चात आरोपी के परिजनों ने चारों अधिवक्ताओं के प्रति समान रूप से आभार व्यक्त किया.यह निर्णय वर्तमान में विधिक एवं प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है.
NEWS DESK : इस वक्त की बड़ी खबर उत्तर प्रदेश के मऊ से आ रही है. मऊ रेलवे स्टेशन पर बम की सूचना के बाद अफरा तफरी मच गई. ट्रेन को मऊ रेलवे स्टेशन पर रोक कर बड़ी संख्या में पुलिस बल और रेलवे सुरक्षा टीम मौके पर पहुंच कर जांच शुरु कर दी है. इस दौरान मऊ के जिलाधिकारी,एसपी सहित तमाम लोग स्टेशन पर पहुंचकर ट्रेन की जांच पड़ताल और स्टेशन परिसर की जांच पड़ताल की गई.मऊ के एसपी ने बताया कि जांच पड़ताल किया गया है. ट्रेन और स्टेशन परिसर को खाली करा कर जांच की गई. लेकिन अभी तक कुछ भी बरामद नहीं किया गया है. अभी भी जांच जारी है.सूत्रों के अनुसार स्टेशन पर एक संदिग्ध बैग मिलने के बाद उसमें बम होने की आशंका जताई गई जिससे यात्रियों और स्टेशन परिसर में अफरातफरी मच गई. सूचना मिलते ही जिला पुलिस, जीआरपी और आरपीएफ ने पूरे इलाके को घेर लिया और ट्रेन तथा प्लेटफॉर्म पर सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है. स्टेशन पर बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड की टीम भी जांच में जुटी है. सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यात्रियों को सुरक्षित दूरी पर भेजा गया और स्टेशन पर आवागमन को अस्थायी रुप से नियंत्रित किया गया है.
वाराणसी:देश की अग्रणी इस्पात कंपनियों में से एक सलूजा स्टील एंड पावर प्राइवेट लिमिटेड ने उत्तर प्रदेश के बाजार में अपने उत्पादों को औपचारिक रूप से लॉन्च करते हुए, एक शानदार डीलर एवं डिस्ट्रीब्यूटर मीटिंग आरंभ का आयोजन किया। यह कार्यक्रम दिनांक15नवंबर, 2025को वाराणसी में सिगरा स्थित प्रतिष्ठित होटल कैस्टिलो में संपन्न हुआ।इस भव्य आयोजन में कंपनी के डायरेक्टर, श्री सतविंदर सिंह सलूजा जी, ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। श्री सलूजा ने कंपनी की भविष्य की योजनाओं, मजबूत गुणवत्ता नियंत्रण प्रक्रियाओं और उच्च-मानक इस्पात उत्पादों की विस्तृत जानकारी देते हुए उत्तर प्रदेश के निर्माण क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देने का संकल्प व्यक्त किया।उत्तर प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से कंपनी के प्रमुख डिस्ट्रीब्यूटरों और लगभग200डीलर बंधुओं ने इस लॉन्च मीटिंग में उत्साहपूर्वक भाग लिया। उपस्थित मुख्य डिस्ट्रीब्यूटरों में शामिल थे:• वाराणसी: श्री अशोक अग्रवाल जी• गोरखपुर: श्री राजेश बंका जी• देवरिया: श्री अशोक जायसवाल जी• प्रयागराज: श्री भूपेन्द्र सिंह जी• बलिया: श्री शशांक शेखर जीकार्यक्रम के दौरान, कंपनी के साथ उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कई डीलर बंधुओं को उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए सम्मानित किया गया, जिससे कंपनी और उसके व्यापार सहयोगियों के बीच मजबूत संबंधों को और बल मिला।कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों की टीम ने भी इस अवसर पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, जिसमें श्री राहुल जी, श्री हरप्रीत जी, श्री नीशांत जी, श्री अजय लाल शामिल थे।कंपनी की उपलब्धियों और भविष्य की रणनीतियों की जानकारी देते हुए, श्री अरविन्द तिवारी जी (सेल्स हेड उत्तर प्रदेश ) ने सभी उपस्थित डीलर,डिस्ट्रीब्यूटर और मीडिया बंधुओं का धन्यवाद ज्ञापन किया और उत्तर प्रदेश में कंपनी की सफल यात्रा की उम्मीद जताई।
लखनऊ: बड़ी खबर उत्तर प्रदेश के लखनऊ से है जहां लखनऊ के किसान पथ पर चलती बस में अ चानक भीषण आग लग गई. आग लगने से 2 बच्चे समेत 5 जिंदा जल गए. सभी मृतक विहार के बताये जा रहे हैं.घटना के संबंध में बताया जा रहा है कि बिहार के बेगूसराय से दिल्ली जा रही बस में लखनऊ के किसान पथ पर शॉर्ट सर्किट से आग लग गई. चंद मिनटों में आग ने पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया. हादसे के वक्त अधिकतर बसयात्री सो रहे थे. आग लगने के बाद बस के चालक और कंडक्टर कूद कर वहां से भाग गया. एक किमी तक आग लगी बस दौड़ती रही. हादसे में 2 बच्चों समेत 5 लोग जिंदा जल गये. सभी मृतक बिहार के बताये जा रहे हैं. बस में बैठे यात्री को पुलिस और वहां के लोगों की मदद से बस की कांच को तोड़कर बाहर निकाला गया. वहीं मौके पर अग्निशमन की टीम और एंबुलेंस पहुंची. आग बुझाने के बाद 5 शव मिला. कोई घायल नहीं है.
पटना डेस्क। भारतीय टीम की 'रन मशीन' विराट कोहली ने टेस्‍ट क्रिकेट से संन्‍यास ऐलान कर दिया है। उनके इस सन्यास के ऐलान से हर एक क्रिकेट प्रेमी दंग रह गया है। विराट ने इंस्टा पर रिटायरमेंट की अनाउंसमेंट किया है। बता दें कि विराट कोहली टी20 फॉर्मेट से पहले ही संन्यास लिया था। अब वो वनडे में खेलते दिखेंगे।वहीं विराट ने इंस्टा पर रिटायरमेंट की अनाउंसमेंट करते हुए अपनी पोस्ट में लिखा है, " "टेस्ट क्रिकेट में पहली बार बैगी ब्लू जर्सी पहने हुए 14 साल हो चुके हैं. ईमानदारी से कहूं तो मैंने कभी नहीं सोचा था कि यह फॉर्मेट मुझे कौन से सफर पर ले जाएगा. इसने मेरी परीक्षा ली, मुझे आकार दिया और मुझे ऐसे सबक सिखाए जिन्हें मैं जीवन भर साथ रखूंगा."विराट कोहली के शानदार 14 साल के टेस्ट करियर का अंत हो गया, जिसके दौरान उन्होंने 123 टेस्ट में 46.85 की औसत से 30 शतकों के साथ 9,230 रन बनाए। दरसअल विराट कोहली का टेस्ट डेब्यू जून 2011 में वेस्टइंडीज के ख‍िलाफ किंग्सटन में हुआ था। कोहली ने तब पहली पारी में 4 और दूसरी पारी में 15 रन बनाए थे। वहीं उनका आख‍िरी टेस्ट ऑस्ट्रेल‍िया के ख‍िलाफ स‍िडनी में था, जो जनवरी 2025 में खेला गया था। इस आख‍िरी टेस्ट में कोहली ने पहली पारी में 17 तो दूसरी पारी में 6 रन बनाए।
पटना। बिहार में 2025 विधानसभा चुनाव को लेकर बड़े-बड़े नेताओं का दौरा शुरू हो गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, PM मोदी के साथ कांग्रेस सांसद राहुल गांधी 7 अप्रैल को बिहार दौरे पर आने वाले है। माना जा रहा है पटना में होने वाले 'संविधान सुरक्षा सम्मेलन' में शिरकत करेंगे। सूत्रों के से मिली जानकारी के मुताबिक, इस सम्मेलन के बाद राहुल गांधी कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार की 'नौकरी दो पदयात्रा' में भी शामिल हो सकते हैं। अमित शाह 29 मार्च को आने वाले हैं तो PM मोदी 24 अप्रैल को बिहार दौरे पर आ सकते हैं।कांग्रेस प्रदेश राजेश राम ने दी जानकारी सदाकत आश्रम में शुक्रवार को प्रेस कांफ्रेंस में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राहुल गांधी कृष्ण मेमोरियल हॉल में नमक सत्याग्रह आंदोलन को याद करेंगे। उन्होंने कहा कि हर घर कांग्रेस का झंडा लगाया जाएगा। इसके लिए लोगों से आग्रह करेंगे कि अपनी गाड़ी और घरों में कांग्रेस का झंडा लगाएं। वही कांग्रेस विधायक दल के नेता शकील अहमद खान ने कहा कि वक्फ आंदोलन को कांग्रेस का भरपूर समर्थन है।पटना में करेंगे प्रेसवार्ता सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक सम्मेलन में भाग लेने के बाद राहुल गांधी पटना में प्रेस को भी संबोधित करेंगे। इससे पहले दिल्ली स्थित इंदिरा भवन में उन्होंने बिहार के पार्टी नेताओं के साथ बैठक की थी। बिहार कांग्रेस के सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर बताया गया था कि राज्य में जिला स्तर पर पार्टी को मजबूत करने के लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी की मौजूदगी में सार्थक मीटिंग हुई। राहुल गांधी का नये साल में यह तीसरा बिहार दौरा होगा। इससे पहले वे 18 जनवरी और 5 फरवरी को बिहार आए थे।
वाराणसी:धरोहर संरक्षण सेवा संगठन ने सनातन विस्तार के उद्देश्य को लेकर अनवरत चल रहे “संस्कृति संवाद यात्रा“ की बैठक का 28 वाँ पड़ाव का आयोजन रविवार को जौनपुर जिले के वाजिदपुर स्थित गिरधारी शिक्षण संस्थान में हुआ. संगठन के प्रमुख संयोजक कृष्णा नन्द पाण्डेय ने कहा सनातन ही मानवता है व मानवता ही सनातन है. मानवता की रक्षा व समाज में मानवता की स्थापना के लिए सनातन शिक्षा पद्धति को अपनाना होगा. सनातन संस्कृति युक्त शिक्षा से ही सशक्त राष्ट्र व चरित्रवान समाज का निर्माण किया जा सकता है. जिसके लिए हर सनातनी को आगे आना होगा. स्वयं ही अध्ययन अध्यापन की जिम्मेदारी लेना होगी. तब सनातन संस्कृति के बारे में समाज जानेगा.सत्य को स्वीकारना होगा, मानवता के लिए घातक साबित होगा सनातन की समाप्ति: पांडेय संस्कृति की जानकारी ही मजबूत समाज की आधार होती है. कुछ सत्य जिसे स्वीकारना होगा. जिस समाज का जन्मदर ढाई प्रतिशत से कम हो जाता है वह सभ्यता समाप्त हो जाती है. आज सनातन समाज का जन्मदर एक दशमलव छिहत्तर है जो अत्यंत चिन्ता का विषय है. इसको नहीं बढ़ाया गया तो सनातन सभ्यता समाप्त हो जाएगी, जो मानवता के लिए घातक है.जनसंख्या का असंतुलन राष्ट्र व संस्कृति के लिए घातक: डा.सचिन सिंहवही एक वक्ता ने कहा की डा.सचिन सिंह ग्रामीण क्षेत्रों ,पहाड़ो, जंगलों सीमावर्ती क्षेत्रों व मुस्लिम मुहल्लों के आस पास से हिंदुओं के पलायन से जनसंख्या असंतुलन बहुत तेजी से हो रही है जो राष्ट्र व संस्कृति के लिए घातक है. जनसंख्या असंतुलन व पलायन रोकने के लिए हमे सनातन शिक्षा पद्धति अपनाना होगा. “जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरियसे” जो शिक्षा हमे बताती है कि एक पुत्र राष्ट्र के लिए, एक समाज के लिए,एक परिवार के लिए,एक व्यापार के लिए ऐसा होगा तभी असंतुलन दूर होगा. इसके लिए हमे सनातन शिक्षा पद्धति अपनाना होगा. कार्यक्रम का आयोजन करुणा सागर चौबे और संचालन गौरव मिश्र ने किया. इस कार्यक्रम में प्रमुख रूप से मनोज गिरी,सौरभ सिंह,अभिषेक शुक्ला,अखिलेश यादव, चंद्रेश दूबे, गोविन्द जी,अभिषेक सिंह,अरुणेंद्र चौबे सहित गणमान्य लोग उपस्थित रहे.(राहुल की रिपोर्ट)
PRAYAGRAJ : संगमनगरी प्रयागराज में बड़ा हादसा हुआ है, जहां संगम तट पर बुधवार की रात करीब डेढ़ बजे भगदड़ मच गई और इस घटना में 14 लोगों की मौत हो गयी। इस हादसे में 50 से अधिक श्रद्धालु जख्मी बताए जा रहे हैं। हालांकि, प्रशासन ने इस संबंध में अबतक कोई जानकारी नहीं दी है।महाकुंभ में बड़ा हादसावहीं, महाकुंभ में हुए इस हादसे के बाद यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोगों से संयम बरतने की अपील की है और कहा है कि श्रद्धालु संगम पर ही स्नान करने की न सोचें। गंगा हर जगह पवित्र है, वे जहां हैं, उसी तट पर स्नान करें। सीएम योगी ने कहा कि प्रयागराज में आज 8-10 करोड़ श्रद्धालु मौजूद हैं। कल लगभग 5.5 करोड़ श्रद्धालुओं ने महाकुंभ का स्नान किया था। श्रद्धालुओं के संगम नोज पर जाने से भारी दबाव बना हुआ है। रात 1-2 बजे के बीच अखाड़ा मार्ग पर बैरिकेड्स को फांदकर आने में कुछ श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया।वहीं, इस हादसे पर अब सियासत भी शुरू हो गयी है। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने बदइंतजामी का बड़ा आरोप लगाया है और कहा है कि वीआईपी कल्चर और सरकार की बदइंतजामी के कारण भगदड़ मची है।गौरतलब है कि अमृत स्नान की वजह से ज्यादातर पीपा पुल बंद थे। इसके कारण संगम पर पहुंचने वाली करोड़ों की भीड़ इकट्ठा होती चली गई, जिससे बैरिकेड्स में फंसकर कुछ लोग गिर गए। यह देखकर भगदड़ की अफवाह फैल गई। संगम नोज पर एंट्री और एग्जिट के रास्ते अलग-अलग नहीं थे। लोग जिस रास्ते से आ रहे थे, उसी रास्ते से वापस जा रहे थे। ऐसे में जब भगदड़ मची तो लोगों को भागने का मौका नहीं मिला। वे एक-दूसरे के ऊपर गिरते गए।हादसे के बाद 70 से ज्यादा एम्बुलेंस संगम तट पर पहुंचीं। इनसे घायलों और मृतकों को अस्पताल ले जाया गया। हादसे के बाद संगम तट पर NSG कमांडो ने मोर्चा संभाल लिया। संगम नोज इलाके में आम लोगों की एंट्री बंद कर दी गई। भीड़ और न बढ़े इसलिए प्रयागराज से सटे जिलों में श्रद्धालुओं को रोक दिया गया है। वहां प्रशासन को अलर्ट कर दिया गया है।महाकुंभ में आज मौनी अमावस्या का स्नान है, जिसके चलते करीब 9 करोड़ श्रद्धालुओं के शहर में मौजूद होने का अनुमान है। प्रशासन के मुताबिक संगम समेत 44 घाटों पर आज देर रात तक 8 से 10 करोड़ श्रद्धालुओं के डुबकी लगाने का अनुमान है।
NEWS DESK : इस वक्त एक बड़ी खबर सामने आ रही है कि उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में मंगलवार को जैन समुदाय के निर्वाण महोत्सव के दौरान बड़ा हादसा हुआ है। बड़ौत तहसील में आयोजित कार्यक्रम में 65 फीट उंचे लकड़ी के मंच की सीढ़ियां अचानक टूटने से भगदड़ मच गयी। इस हादसे में 7 श्रद्धालुओं की अबतक मौत हो गयी है, जबकि 80 से अधिक लोग अबभी जख्मी हैं।निर्वाण महोत्सव के दौरान हुआ बड़ा हादसाप्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक सुबह 7 से 8 बजे के बीच भगवान आदिनाथ को प्रसाद चढ़ाने का कार्यक्रम चल रहा था। श्रद्धालु भगवान तक पहुंचने के लिए लकड़ी के मचाननुमा सीढ़ियों का इस्तेमाल कर रहे थे, जिसके बाद मंच पर अधिक भार होने की वजह से धाराशायी हो गया।65 फीट ऊंचा मंच गिरा, 7 की मौतघटना के तुरंत बाद स्थानीय लोग और प्रशासन मौके पर पहुंचे। खून से लथपथ घायल श्रद्धालुओं को ठेलों और निजी वाहनों की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया। गंभीर रूप से घायल लोगों को पास के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही घायलों के समुचित इलाज और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है। इस घटना ने क्षेत्र में शोक की लहर फैला दी है। पुलिस और प्रशासन हादसे के कारणों की जांच में जुट गए हैं।
औरैया, यूपी (आकाश) : यूपी के औरैया जिले में एआरटीओ सुदेश तिवारी ने एक ट्रैक्टर पर बड़ी कार्रवाई की है. जिस ट्रैक्टर को पकड़ा गया वह पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है. ऊपर से देखने में तो ट्रैक्टर सामान्य दिख रहा है लेकिन जैसे ही ट्रैक्टर में लगी ट्रॉली के पहियों के पीछे देखा जाता है तो वहां रेलवे ट्रेन के पहिए फिट किए गए थे.एआरटीओ ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाते समय इस विशेष प्रकार के दिखने वाले ट्रैक्टर को पकड़ लिया. जिसको सीज करते हुए 10 लाख 60 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है. पकड़ा गया ट्रैक्टर राजस्थान का बताया जा रहा है जो कि पिछले 5 सालों से यूपी में रेलवे ट्रैक पर गिट्टी बिछाने का काम कर रहा था.वहीं, ट्रैक्टर की ट्रॉली को विशेष तौर पर डिजाइन किया किया गया है. जिसमें सामान पहियों के अलावा पहियों के बीचो-बीच रेलवे ट्रेन के पहिए लगाए गए हैं. संभव है कि ऐसा इसलिए किया गया हो ताकि रेलवे ट्रैक पर ट्रैक्टर ट्रॉली आसानी से चल सकते हैं. एआरटीओ सुदेश तिवारी ने जानकारी देते हुए बताया कि दिनांक 22 जनवरी को करीब 3:30 बजे वह एक शासकीय कार्य से एनएच 19 पर बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे की तरफ जा रहे थे. जब वह औरैया से गुजर रहे थे तो उन्होंने एक ट्रैक्टर ट्रॉली देखा. ट्रैक्टर में लगी ट्रॉली का बड़ा साइज देखकर उन्हें शक हुआ, उन्होंने ट्रैक्टर रुकवाया.जांच में पता चला कि ट्रैक्टर राजस्थान नंबर का है और ट्राली अनरजिस्टर्ड है. ट्रैक्टर आरटीओ नागौर में रजिस्टर्ड है.टैक्टर ट्रॉली में टायरों के साथ लगे ट्रेन के पहिएएआरटीओ सुदेश तिवारी ने बताया कि जांच के दौरान ही जब उनकी नजर ट्रॉली के पहियों पर पड़ी तो देखा कि ट्रॉली में दो पहिया बड़े टायर लगे थे. उसके साथ-साथ इसमें दो ट्रेन के पहिए भी लगे थे. यह खासतौर पर ट्रॉली बनाई गई थी जो कि रेल की पटरियों पर चलती थी. इस ट्रैक्टर ट्रॉली को पहले रेल की पटरियों पर गिट्टी बिछाने के काम में लगाया गया था. ड्राइवर कोई कागज नहीं दिखा पाया और उसने यह बताया कि 85 हजार रुपए महीने पर रेलवे ठेकेदार ने अपने यूज के लिए ट्रैक्टर लिया है.एआरटीओ साहब ने लगाया दस लाख का चालानपिछले 5 सालों से यह ट्रैक्टर काम में लगा हुआ है इसको हमने सीज किया है. ट्रॉली की वहन क्षमता करीब 33 टन है जो कि 12 चक्का के बराबर होता है. इसी के आधार पर हमने इसका एसेसमेंट किया. आश्चर्य की बात तो यह है राजस्थान में यह ट्रैक्टर एग्रीकल्चर परपस के लिए रजिस्टर्ड है जो कि टैक्स फ्री होता है. पिछले 5 साल से उत्तर प्रदेश में व्यवसाय कर रहा है. कई जनपदों से होकर यहां आया है. इस तरह के ट्रैक्टर ट्रॉली से दुर्घटना होने की संभावना है.ट्रॉली को गवर्नमेंट द्वारा अप्रूव्ड एजेंसी या मैन्युफैक्चरर ने नहीं बल्कि देसी उद्योग से बनवा लिया गया है. ऐसे वाहन रोड सेफ्टी के लिए बहुत ही खतरनाक हैं. इसलिए ट्रैक्टर ट्रॉली को सीज किया गया है और इस पर कुल चालान 10 लाख 60 हजार रुपए का लगाया गया है.(यूपी के औरैया से आकाश की रिपोर्ट)
PRAYAGRAJ : उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के सुप्रीमो अखिलेश यादव ने रविवार को महाकुंभ पहुंचे और संगम में आस्था की डुबकी लगायी। इसके बाद ने महाकुंभ मेला क्षेत्र में स्थापित समाजवादी पार्टी के संस्थापक और पूर्व केन्द्रीय मंत्री मुलायम सिंह यादव की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया।समाजवादी पार्टी के शिविर में भी पहुंचे अखिलेश यादवइसके बाद ने समाजवादी पार्टी के शिविर में भी पहुंचे और पार्टी नेताओं के साथ-साथ साधु-संतों से मुलाकात की। वहीं, यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव के महाकुंभ में पहुंचने पर भारतीय जनता पार्टी ने भी निशाना साधा है और कहा है कि देर आए दुरुस्त आए। उम्मीद है कि संगम में स्नान के बाद अखिलेश यादव का चित शांत हो जाएगा।गंगा जी में स्नान के बाद मन को शांति मिलती है।अब शायद अखिलेश यादव के मन को शांति मिल जानी चाहिए क्योंकि पिछले एक महीने से अखिलेश महाकुंभ को लेकर अनर्गल मिथ्या प्रलाप कर रहे थे।बीजेपी ने किया तीखा वारइसके साथ ही बीजेपी प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने कहा कि अखिलेश यादव हर वक्त कुंभ का अपमान करने की कोशिश करते थे।आज उन्होंने अपनी आंखों से सारी व्यवस्थाएं देखीं हैं तो उम्मीद है कि अब कुंभ को लेकर झूठ बोलना बंद करेंगे।लोगों को डराना बंद करेंगे। इसके साथ ही कुंभ की व्यवस्था की तारीफ में कुछ शब्द लिखेंगे।
VARANASI: धरोहर संरक्षण सेवा संगठन ने सनातन विस्तार के उद्देश्य को लेकर अनवरत चल रहे संस्कृति संवाद यात्रा की बैठक चंदौली जिला के चकिया आई.टी.आई. में आयोजित हुआ. वही मुख्य वक्ता के रूप में संगठन के प्रमुख संयोजक कृष्णा नन्द पाण्डेय ने कहा किसी राष्ट्र की संस्कृति उस राष्ट्र की प्राण होती है. जहां हमारी संस्कृति कमजोर हुई. वो भू-भाग इस राष्ट्र से अलग हो गया.सनातन जानना तभी संभव, जब हम वेद, पुराण और धर्म ग्रंथों का करेगे अध्ययन: पांडेय सनातन धर्म को मजबूत करने के लिए सनातन संस्कृति को जानना होगा, यह संभव तभी होगा जब हम वेद, पुराणो, और अपने धर्म ग्रंथों का अध्ययन अपनी दिन चर्या मे लायेंगे और अध्ययन से ज्ञात होगा कि हमारी संस्कृति शस्त्र व शास्त्र दोनों हमारा आत्मगौरव है. हर सनातनी को अपने संस्कृति के विस्तार के लिए एकजुट होकर कार्य करने की ज़रूरत है. संस्कृति विस्तार से ही हर सनातनी को गर्व की अनुभूति होगी,इसके लिए हर व्यक्ति को सनातन विस्तार योद्धा बनना होगा,अपने आत्मगौरव की रक्षा व विस्तार के लिए सनातन संस्कृति के केन्द्र मन्दिरो को दिव्य स्वरूप मे लाना होगा.अपनी संस्कृति व धरोहर की रक्षा के लिए योद्धा तैयार करना जरूरी: प्रतीक पांडेय वही प्रतीक पाण्डेय ने कहा हमारे पूर्वजों ने अपना बलिदान देकर संस्कृति व राष्ट्र को बचाया. जिन सभ्यताओ ने अपनी संस्कृति व धरोहर की रक्षा के लिए योद्धा नहीं तैयार किए उनकी संस्कृति व धरोहर नष्ट हो गयी. शस्त्र व शास्त्र दोनों मे पारंगत हर सनातनी होगा तभी मानवता व सनातन की रक्षा हो पाएगा. वही इस अवसर पर उपस्थित डा. अरविन्द पाण्डेय ने कहा अभी समय है अवसर है. हर सनातनी को अपनी सुरक्षा के बारे मे सोचने का भारत का हर सनातनी हिन्दू जब योद्धा बनेगा तभी सनातन संस्कृति का विस्तार होगा.(राहुल कुमार की रिपोर्ट)
कशिश डेस्क : उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में महाकुंभ मेले का दिव्य और भव्य शुभारंभ हो गया है. 13 जनवरी 2025 से शुरू होकर 26 फरवरी तक चलने वाले इस मेले में इस बार 40 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं के शामिल होने का अनुमान है. महाकुंभ का आयोजन हर 12 साल में होता है, और यह हिन्दू धर्म का एक अत्यंत महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन माना जाता है. कुंभ मेला में श्रद्धालु गंगा, यमुन और सरस्वती के संगम में स्नान कर पुण्य अर्जित करने के लिए आते हैं.पहले दिन से ही तीर्थ राज प्रयाग में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटने शुरू हो गई है. श्रद्धालु विभिन्न स्थानों से पैदल, बस, ट्रेन और हवाई मार्ग से यहां पहुंच रहे हैं. विशेष रूप से शाही स्नान वाले दिनों में यह भीड़ कई गुना बढ़ने की संभावना है. इन दिनों में साधु-संतों और प्रमुख धार्मिक आयोजनों की उपस्थिति से कुंभ का महत्व और भी बढ़ जाता है.महाकुंभ के दौरान विशेष रूप से सुरक्षा व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाएं, और यातायात के लिए प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं. श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पवित्र स्नान के स्थानों के आसपास आवश्यक सुविधाएं, जैसे शौचालय, चिकित्सा कैंप और पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की गई है. साथ ही, प्रयागराज के विभिन्न हिस्सों में यातायात की व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए अनेक रास्तों का विकास किया गया है.इस बार कुंभ मेला में पर्यावरण संरक्षण के लिए भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि पवित्र संगम के पानी की स्वच्छता बनी रहे.
औरैया, यूपी (आकाश) :उत्तर प्रदेश के औरैया में बंदरों का बड़ा आतंक है, जिसकी वजह से लोग बेहद परेशान हैं. बंदरों के हमले से आए दिन कोई न कोई घायल हो रहा है. इस बार बंदरों ने दारोगा जी पर हमला बोल दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए. उनके पैर टूट गए. इलाज के लिए उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जिसके बाद उन्हें सैफई के मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया.यह घटना औरैया जिले के कुदरकोट थाना इलाके की है. यहां तैनात दारोगा ध्रुव कुमार को बंदरों ने घायल किया है. उनका इलाज जारी है. जिले में बंदरों का आतंक है. वह कभी भी किसी पर अचानक हमला कर देते हैं. शहर से लेकर गांव तक में बंदरों का आतंक बना बड़े हादसे को दावत दे रहा है. इस समस्या से छुटकारा दिलाए जाने के लोग प्रशासन से मांग कर रहे हैं. औरैया नगर में बंदरों को पकड़ने के लिए टेंडर भी दिया गया है.छत पर कपड़े लेने गए दारोगा के ऊपर बंदर ने किया हमलाबंदरों के हमले में घायल हुए दारोगा ध्रुव कुमार जिले के कुदरकोट थाने में तैनात हैं. वह वहीं नगर में एक कमरा किराए पर लेकर रहते हैं. ध्रुव कुमार ड्यूटी के खत्म होने के बाद अपने कमरे पर पहुंचे, जहां पर उनके कपड़े छत पर पड़े थे. कपड़े लेने के लिए जैसे ही वह छत पर पहुंचे, तभी बंदरों ने उनको खदेड़ा। बंदरों से बचने के लिए दारोगा तेजी से भागे, तभी वह सीढ़ी से सीधा नीचे जा गिरे और गंभीर रूप से घायल हो गए.दारोगा ध्रुव के दोनों पैर टूटेदारोगा ध्रुव कुमार द्वारा किसी तरह से थाने में अपने स्टाफ को सूचना दी गई. स्टाफ द्वारा तत्काल ध्रुव कुमार को सीएचसी बिधूना लाया गया. जहां उनके दोनों पैर में टूटे देखते ही उन्हें सैफई मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया. स्थानीय लोगों का कहना है कि बंदरों के डर से लोग अपनी छतों पर नहीं जा रहे हैं. बंदरों से बचने के लिए कई घरों में लोहे के जाल लगवाए गए हैं. बाबजूद इसके बंदर राह चलते लोगों पर भी हमला कर उन्हें घायल कर देते हैं.(यूपी के औरैया से आकाश की रिपोर्ट)
औरैया, यूपी (आकाश) : उत्तर प्रदेश के बरेली हादसे के बाद से औरैया जिला प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है। जिले का निरीक्षण कर निर्माणाधीन पुलों की जानकारी निकाली गई और उनके रास्तों में रास्ता बंद होने की दीवार बनवाई गई है। साथ ही गूगल को मैप में सुधार करने के भी निर्देश दिए गए।किसी भी स्थान पर जाने के लिए आज के समय में लोग गूगल मैप पर सबसे अधिक भरोसा कर रहे हैं। ये कहना गलत नहीं होगा कि गूगल मैप के जरिए कहीं का भी सफर बिना किसी परेशानी के तय किया जा सकता है लेकिन साथ ही यह कहना भी गलत नहीं होगा की गूगल मैप पर आंख बंद करके भरोसा करना आपके लिए एक मुसीबत भी बन सकता है।कई बार गूगल मैप बंद इलाकों में भी चालू रास्ता दिखा देता है, जिसके कारण लोग हादसों का शिकार हो जाते हैं। हाल में ही बरेली से इस प्रकार के दो मामले सामने आए, जिसमें जीपीएस के भरोसे यात्रा करते हुए दो कार पुल से नीचे गिर गई। इस हादसे में कई लोगों की मौत हो गई है। जिस प्रकार बरेली के अधूरे पुल पर गूगल मैप ने रास्ता दिखाया है, उसी प्रकार औरैया में भी एक निर्माणधीन पुल पर गूगल मैप सुचारू रास्ता दिखा रहा था।बरेली जैसी घटना औरैया में न हो, इसे देखते हुए प्रशासन एक्शन मोड में आ गया। प्रशासन द्वारा निर्माणाधीन एक पुल के रास्ते पर दीवार खड़ी करके रास्ता बंद होने का संकेत दिया गया है ताकि अनजाने में कोई भी रास्ते का प्रयोग न करें और बरेली जैसे हादसे से बचा सके।निर्माणाधीन पुल के प्रवेश पर प्रशासन ने खड़ी की दीवारगूगल मैप के कारण बरेली में हुए हादसे के बाद औरैया प्रशासन जाग उठा है, जिसके बाद अधिकारियों द्वारा PWD विभाग से जिले में स्थित अधूरे पुल के निर्माण की जानकारी ली गई। उस दौरान पता चला कि औरैया फफूंद मार्ग पर पड़ने वाली सेंगुर नदी पर पुल अधूरा बना पड़ा है। उसके बाद गूगल मैप पर चेक किया गया तो ये रास्ता सुचारू दिखाई दिया।मामले का संज्ञान लेते हुए तत्काल प्रभाव से जिला अधिकारी द्वारा औरैया फफूंद पर अधूरे बने पुल पर दीवार बनाई गई और दीवार पर बड़े-बड़े अक्षरों में 'रास्ता बंद है' लिखकर संकेत दिया गया है। इसके बाद गूगल मैप में रास्ते को लेकर सुधार कराया गया, जिसके बाद से यहां भी रास्ता अधूरा दिखाया जा रहा है।जिलाधिकारी ने दी पूरी जानकारीजिला अधिकारी औरैया इंद्रमणि त्रिपाठी ने बताया कि यह औरैया-फफूंद मार्ग, जो कि दो तीन जगह अधूरा बना है और एक और पुल है जो अधूरा पड़ा हुआ था। बरेली की घटना को देखते हुए निरीक्षण किया गया और वहां पर एक दीवार बनवाकर रास्ते को बंद किया गया। साथ ही संकेत भी लगा दिया गया है कि आगे मार्ग अवरुद्ध है, कृपया किनारे से जाए। पहले यह गूगल पर सीधा-सीधा दिख रहा था लेकिन अब सुधार के साथ मार्क हो गया है। अब किनारे से दीवार दिख रही और दूसरा सुचारू पुल दिखाई दे रहा है।
औरैया (यूपी) :औरैया की रहने वाली युवती की हत्या उसके प्रेमी ने ही की थी। हत्या करने के बाद प्रेमी ने युवती का सिर धड़ से अलग भी कर दिया था। आरोपी ने वारदात को अंजाम देने की बात कबूल कर ली है। उत्तर प्रदेश के औरैया जिले में खेत में मिली युवती की सिर कटी लाश के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है।सोमवार को पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए प्रेमी को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने प्रेमिका की हत्या की बात कबूल कर ली है। जानकारी के अनुसार बिधूना कोतवाली इलाके के दिबियापुर रोड किनारे भिखरा गांव के पास खेत में मिली युवती की सिर कटी लाश के मामले में सोमवार को पुलिस ने खुलासा कर दिया। युवती की हत्या 11 नवंबर को उसके प्रेमी ने गला दबाकर की थी। युवती की जान न बच सके इसलिए छुरी से उसकी गर्दन काटकर धड़ से अलग कर दी थी। वारदात कबूलने के बाद पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश करके जेल भेज दिया।एसपी अभिजीत आर शंकर ने किया खुलासाएसपी अभिजित आर शंकर ने बताया कि कुदरकोट थाना क्षेत्र के गांव छोटा पथरिया निवासी अंजलि (25) की पिछले 10 वर्षों से अपने पड़ोसी अजय यादव के नजदीकी थी। सहेली के प्रस्ताव पर 11 नवंबर को अंजलि अपने प्रेमी अजय यादव के साथ कानपुर में नौकरी के लिए इंटरव्यू देने गई थी। लौटते वक्त दोनों दिबियापुर स्टेशन पर उतरे। ऑटो के जरिये बिधूना के लिए निकले।भिखरा गांव के सामने दोनों ऑटो से उतरे। बाजरे के खेत में पहुंचे, जहां किसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ। दोनों के बीच मारपीट शुरू हो गई। गुस्से में आकर उसने अंजलि का गला दबा दिया। उसके बचने की संभावना को खत्म करने के लिए जेब में रखी छुरी से अंजलि का सिर काट दिया। छुरी और अंजलि का मोबाइल छुपा दिया। इस पूरे खुलासे में क्राइम सीन में अंजलि को नौकरी का प्रस्ताव देने वाली सहेली सोमवार को बाहर होती नजर आई। वहीं, हत्यारोपी पर दो मुकदमे पूर्व के पाए गए हैं। पुलिस के अनुसार हत्यारोपी एक शातिर अपराधी की मानसिकता वाला है।खेत में मिला था सिर कटा शवबता दें कि पांच दिन से लापता युवती का सिर कटा शव शनिवार तड़के गांव भिखरा में बाजरा के खेत में पड़ा मिला था। धड़ से कुछ दूरी पर ही उसका सिर भी मिट्टी से दबा मिला था। सिर पर बाल नहीं थे। वहीं, धड़ के पास ही युवती का बैग, पानी की बोतल समेत सिर के कटे हुए बाल मिले थे। सूचना पाकर पुलिस व फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। परिजनों ने शव की शिनाख्त करते हुए उसकी सहेली पर अपहरण और हत्या का आरोप लगाया था।ट्रेन से कानपुर गई थी युवतीशव की शिनाख्त कुदरकोट थाना क्षेत्र के गांव छोटा पथरिया निवासी अंजलि (25) पुत्री जयवीर सिंह के रूप में हुई थी। परिजनों के मुताबिक अंजलि की सहेली दिबियापुर कस्बा के मोहल्ला ट्रांसपोर्ट गली निवासी दीक्षा पुत्री अरविंद उर्फ कल्लन ने कानपुर के रामा हॉस्पिटल में बेटी को नौकरी लगवाने की सलाह दी थी। इसके लिए 11 नवंबर की सुबह अंजलि ट्रेन से अपनी सहेली दीक्षा के साथ कानपुर गई थी। 12 नवंबर को अंजलि का फोन रिसीव न होने पर परिजनों ने खोजबीन शुरू की।परिवार ने एक अन्य युवती पर लगाया था अपहरण का आरोपपुलिस से संपर्क करते हुए परिजन दिबियापुर में दीक्षा तक पहुंचे। पूछताछ में पहले दीक्षा ने कानपुर तक ही अंजलि से मुलाकात होने की बात कही। बाद में अंजलि के भिखरा समीप मिल जाने की बात कही। इस पर पुलिस 13 नवंबर को भिखरा पहुंची। काफी खोजबीन हुई। यहां तक खेतों में भी तलाश हुई, लेकिन कुछ पता नहीं चला। इसके बाद 15 नवंबर को अंजलि की मां सरिता देवी ने पुलिस को तहरीर दी। आरोप लगाया कि बेटी को नौकरी दिलाने का झांसा देकर दीक्षा ने अपहरण कर लिया। अनहोनी की आशंका भी जताई थी। पुलिस को बताया कि 11 नवंबर की सुबह बेटी ट्रेन से कानपुर सेंट्रल गई थी।(यूपी के औरैया से आकाश की रिपोर्ट)