अभिनेता संजय मिश्रा ने राष्ट्रीय स्तर पर बिहार का नाम रोशन किया है। 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में संजय मिश्रा को फिल्म ‘भक्षक’ के लिए सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला। गुजरात के एकता नगर में मंगलवार, 22 सितंबर को आयोजित समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें रजत कमल प्रदान कर सम्मानित किया।
संजय मिश्रा के लिए यह सम्मान इसलिए भी खास है, क्योंकि हिंदी सिनेमा में तीन दशक से अधिक लंबे करियर के बाद उन्हें पहली बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला है। फिल्म ‘भक्षक’ में उन्होंने भास्कर सिन्हा का किरदार निभाया है। यह फिल्म मुजफ्फरपुर शेल्टर होम मामले से प्रेरित है, जिसमें उनका किरदार मामले की पड़ताल में पत्रकार वैशाली सिंह का सहयोग करता है।
संजय मिश्रा की जड़ें बिहार के दरभंगा जिले के मनीगाछी प्रखंड स्थित नारायणपुर गांव से जुड़ी हैं। नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा से अभिनय की ट्रेनिंग लेने के बाद उन्होंने हिंदी सिनेमा और टेलीविजन में अपनी पहचान बनाई। ‘ऑफिस ऑफिस’ के शुक्लाजी से लेकर ‘आंखों देखी’, ‘मसान’ और ‘वध’ जैसी फिल्मों में उनके अभिनय को दर्शकों ने सराहा है।
इस बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में बिहार से जुड़े अन्य लोगों को भी सम्मान मिला है। कमलेश कुमार मिश्रा और मीनती मिश्रा को फिल्म ‘काकोरी’ के लिए सम्मानित किया गया, जबकि संजीव श्रीवास्तव को हिंदी में सर्वश्रेष्ठ फिल्म समीक्षक का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला।
इस तरह अभिनय, फिल्म निर्माण और फिल्म समीक्षा के क्षेत्र में बिहार से जुड़े चार नामों ने 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। संजय मिश्रा का पहला राष्ट्रीय पुरस्कार उनके लंबे फिल्मी सफर में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में सामने आया है।

