

बुधवार, 16 सितंबर 2026
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चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले में लगातार हो रही बारिश ने एक बार फिर राउरकेला-चक्रधरपुर (एनएच 320-D) पर आवागमन प्रभावित कर दिया है. सोमवार देर रात से हो रही मूसलाधार बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर हैं. इसी के चलते चांदीपोस स्थित झाड़गांव पुलिया के ऊपर से पानी का तेज बहाव शुरू हो गया है.लगातार बारिश से झाड़गांव पुलिया डूबी,स्कूल बस बंदपुलिया पर पानी चढ़ जाने के कारण सुरक्षा के मद्देनजर मंगलवार को राउरकेला से चक्रधरपुर जाने वाली दो स्कूल बसों का परिचालन रद्द कर दिया गया. बस सेवा बंद होने से राउरकेला चक्रधरपुर और रास्ते में पड़ने वाले कई गांवों के छात्र-छात्राएं स्कूल नहीं जा सके. अभिभावकों ने बताया कि बच्चों की पढ़ाई लगातार बाधित हो रही है.वैकल्पिक मार्गों का लेना पड़ रहा सहारानिजी चारपहिया और दो पहिया वाहनों को भी जोखिम भरे रास्ते से न गुजरकर वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना पड़ रहा है,जिससे यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.एप्रोच रोड आज तक तैयार नहींस्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल बरसात में इसी झाड़गांव पुलिया के कारण इस मार्ग पर आवागमन बाधित होता है. समस्या से निपटने के लिए पास में ही करोड़ों रुपये की लागत से एक नया पुल बनाया गया है,लेकिन उसका एप्रोच रोड आज तक तैयार नहीं किया गया. नतीजा यह है कि नया पुल बनकर भी शो-पीस बनकर रह गया है और लोगों को पुरानी पुलिया पर निर्भर रहना पड़ रहा है.नए पुल के दोनों छोर का संपर्क मार्ग जल्द बनाने की मांगग्रामीणों ने प्रशासन और एनएच विभाग से मांग की है कि नए पुल के दोनों छोर का संपर्क मार्ग जल्द बनाया जाए,ताकि बरसात में लोगों को बार-बार इस परेशानी से न गुजरना पड़े.
चाईबासा : इस वक्त की बड़ी खबर झारखंड के चाईबासा से है जहां पश्चिमी सिंहभूम में माओवादियों के खिलाफ चलाए जा रहे लगातार अभियान के बीच राज्य पुलिस को एक बार फिर बड़ी कामयाबी मिली है.प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) के जोनल कमेटी सदस्य और लंबे समय से सक्रिय कुख्यात नक्सली सालुका कायम उर्फ भुवनेश्वर उर्फ मरु उर्फ डांगिल उर्फ विक्रम उर्फ तुबई उर्फ जयराम ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया है. सालुका के साथ दो महिला नक्सलियों पिंकी और एक इनामी कोदोमुनी ने भी सरेंडर किया है. पुलिस मुख्यालय ने तीनों के सरेंडर करने की पुष्टि की है.सरेंडर करने वाले10लाख रुपये के इनामी माओवादी जोनल कमांडर सालुका कायम उर्फ भुवनेश्वर कायम को भाकपा (माओवादी) के शीर्ष नेताओं का भरोसेमंद कैडर माना जाता था. सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार,वह संगठन के वरिष्ठ माओवादी नेता मिसिर बेसरा का बेहद करीबी सहयोगी रहा है और लंबे समय तक उसके निर्देश पर कोल्हान और सारंडा क्षेत्र में संगठन की गतिविधियों का संचालन करता रहा है.सालुका केवल हथियारबंद दस्तों का नेतृत्व ही नहीं करता था,बल्कि नए कैडरों की भर्ती,लेवी वसूली,सुरक्षित ठिकानों की व्यवस्था और संगठन के संदेशों को विभिन्न क्षेत्रों तक पहुंचाने जैसी जिम्मेदारियां भी संभालता था. संगठन के भीतर उसे एक भरोसेमंद और सक्रिय कमांडर के रूप में देखा जाता था.सारंडा और कोल्हान के जंगलों में पुलिस, सीआरपीएफ और अन्य सुरक्षा बलों द्वारा लगातार चलाए जा रहे अभियान ने माओवादी संगठन की गतिविधियों को काफी हद तक सीमित कर दिया है. लगातार घेराबंदी, सुरक्षित ठिकानों की कमी और संगठन के कमजोर पड़ते नेटवर्क के कारण कई सक्रिय माओवादी अब मुख्यधारा में लौटने का रास्ता चुन रहे हैं. इसी कड़ी में सालुका कायम ने भी आत्मसमर्पण का फैसला लिया और दो महिला साथियो के साथ हथियार डाल दिए. पुलिस के अनुसार मिसिर बेसरा की गिरफ्तारी के बाद से ही सालुका बेहद तनाव में था.राजीव कुमार की रिपोर्ट-
चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र अंतर्गत सिंहपोखरिया गांव में दिल दहला देने वाली घटना हुई है.आपसी विवाद के दौरान नशे में धुत एक पिता ने अपने ही इकलौते बेटे की डंडे से पीट-पीटकर हत्या कर दी. सूचना मिलते ही मुफस्सिल थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया.पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल,चाईबासा भेज दिया है. पुलिस के अनुसार किसी बात को लेकर पिता माटी गोप और उसके 25 वर्षीय बेटे माटुल गोप के बीच कहासुनी हुई थी. बताया जा रहा है कि उस समय पिता शराब के नशे में था. देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों के बीच मारपीट शुरू हो गई.इसी दौरान माटी गोप ने डंडे से बेटे के सिर पर जोरदार वार कर दिया. गंभीर चोट लगने से माटुल गोप खून से लथपथ होकर जमीन पर गिर पड़ा। अत्यधिक रक्तस्राव के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई.ग्रामीणों ने इसकी जानकारी गांव के मुंडा को दी. इसके बाद मुंडा ने मुफस्सिल थाना पुलिस को फोन कर घटना की सूचना दी. सूचना मिलते ही पुलिस टीम सिंहपोखरिया गांव पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया.पुलिस ने मौके से आरोपी पिता माटी गोप को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और हत्या के कारणों की विस्तृत पड़ताल की जा रही है।
चाईबासा: सदर अस्पताल में टेंडर प्रक्रिया को लेकर एक बार फिर कथित अनियमितताओं का मामला सामने आया है। आरोप है कि हर बार की तरह इस बार भी चहेती फर्मों को कार्य आवंटित कर दिया गया है. जबकि,अन्य योग्य फर्मों को नजरअंदाज कर दिया गया.इस टेंडर प्रक्रिया में कुल 19 फर्मों ने भाग लिया था. इनमें से 14 फर्म तकनीकी रूप से योग्य घोषित की गईं, लेकिन कार्य केवल दो फर्मों को ही आवंटित कर दिया गया। अन्य 12 योग्य फर्मों को न तो कोई सूचना दी गई और न ही उन्हें कार्य आवंटन प्रक्रिया में शामिल किया गया। चाईबासा के मेसर्स नीरज कुमार और पलामू के मेसर्स राहुल इंटरप्राइजेज को कार्य आवंटित किया गया.आरोप है कि शिकायत दर्ज होने के बाद आनन-फानन में कार्य आवंटन के तीन माह से अधिक समय बीत जाने के बाद 9 जुलाई 2026 की शाम 7:30 बजे झारखंड टेंडर पोर्टल पर जानकारी अपडेट की गई,जबकि ऑनलाइन टेंडर प्रक्रिया में सभी जानकारियां नियमानुसार समय पर अपडेट की जानी चाहिए.बीते जनवरी माह में निविदा संख्या 16/25-26/डब्ल्यूएस के तहत झारखंड टेंडर पोर्टल पर स्प्लिट टेंडर जारी किया गया था. यह कार्य पश्चिमी सिंहभूम जिले के आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की ब्रांडिंग, रंगाई-पुताई, पीट निर्माण तथा अन्य मरम्मत कार्यों से संबंधित था. 021 जनवरी 2026 को तकनीकी बोली खोली गई. लगभग एक माह बाद 24 फरवरी 2026 को योग्य फर्मों की सूची जारी की गई और 26 फरवरी 2026 को वित्तीय बोली खोली गई. इसके बाद प्रक्रिया शांत हो गई.फिर 26 मार्च 2026 को चुपचाप दो फर्मों-मेसर्स नीरज कुमार (चाईबासा) और मेसर्स राहुल इंटरप्राइजेज (पलामू) को कार्य आवंटित कर दिया गया.आरोप है कि टेंडर प्रक्रिया ऑनलाइन थी,लेकिन कार्य आवंटन ऑफलाइन किया गया. इससे अनियमितता की आशंका और गहरा गई. झारखंड टेंडर पोर्टल पर कार्य आवंटन की स्थिति 9 जुलाई-2026 को अपडेट की गई,जबकि यह जानकारी नियमानुसार समय पर उपलब्ध कराई जानी चाहिए थी.जिस दिन नए सिविल सर्जन जुझार मांझी ने पदभार संभाला, उसी दिन कार्य आवंटन हुआ.इस मामले का एक और पहलू सवाल खड़ा करता है. वर्तमान सिविल सर्जन डॉ. जुझारू मांझी ने 26 मार्च 2026 को पदभार ग्रहण किया और उसी दिन दोनों फर्मों को कार्य आवंटित करने का आदेश जारी कर दिया गया.सामान्यत किसी अधिकारी के पदभार ग्रहण करने के दिन प्रशासनिक एवं औपचारिक प्रक्रियाओं में काफी समय लगता है. ऐसे में लगभग दो माह से लंबित टेंडर प्रक्रिया का कार्य आवंटन उसी दिन किए जाने पर सवाल उठ रहे हैं. यह भी संभावना जताई जा रही है कि नए सिविल सर्जन को पूरी प्रक्रिया की जानकारी नहीं रही हो। हालांकि इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी.योग्य घोषित फर्मों में ये सभी शामिलतकनीकी बोली में योग्य घोषित फर्मों में आरुष इंटरप्राइजेज (चाईबासा), अल शीहन प्राइवेट लिमिटेड (चाईबासा), अर्थ इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड (चाईबासा), भारत इंटरप्राइजेज (चाईबासा), इम्पायर (जमशेदपुर), एफएससीई कंसल्टेंट एंड इंजीनियर (रांची), केविलंस कंस्ट्रक्शन वर्क्स प्राइवेट लिमिटेड (रांची), मेसर्स नीरज कुमार (चाईबासा), मेसर्स राहुल इंटरप्राइजेज (पलामू), मेसर्स वी.के. कॉरपोरेशन (धालभूमगढ़), न्यू गैलेक्सी कॉरपोरेशन (रांची), शौर्य एसोसिएट्स (रांची), श्री कॉरपोरेशन (हजारीबाग) तथा विनसेंट टेडकॉन प्राइवेट लिमिटेड (रांची) शामिल हैं. नियमानुसार कार्य आवंटन इन सभी योग्य फर्मों के बीच प्रक्रिया के अनुरूप होना चाहिए था, लेकिन आरोप है कि ऐसा नहीं किया गया।जानिए क्या होता है स्प्लिट टेंडरस्प्लिट टेंडर उन कार्यों के लिए निकाला जाता है जिनमें कई छोटे-छोटे कार्य शामिल होते हैं। ऐसे मामलों में सामान्यतः किसी एक फर्म को संपूर्ण कार्य नहीं दिया जाता.इस प्रक्रिया में पहले सभी कार्यों के लिए न्यूनतम दर तय की जाती है। इसके बाद तकनीकी रूप से योग्य सभी फर्मों को बैठक के लिए बुलाया जाता है और उनकी सहमति के आधार पर अलग-अलग कार्यों का आवंटन किया जाता है. इच्छुक फर्म अपनी क्षमता और सहमति के अनुसार कार्य ले सकती हैं.आरोप है कि इस मामले में ऐसी कोई प्रक्रिया नहीं अपनाई गई। योग्य फर्मों को न तो बैठक के लिए बुलाया गया और न ही उन्हें किसी प्रकार की सूचना दी गई. इसके बजाय केवल दो फर्मों को लाखों रुपये के कार्य आवंटित कर दिए गए.कई स्तरों पर की जा चुकी है शिकायतकार्य आवंटन में कथित अनियमितता को लेकर कई स्तरों पर शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है. आरोप है कि इससे संबंधित अधिकारियों और कर्मियों का मनोबल बढ़ा है.टेंडर में तकनीकी रूप से योग्य घोषित फर्म अल शीहन प्राइवेट लिमिटेड ने मुख्यमंत्री, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अभियान निदेशक, पश्चिमी सिंहभूम के उपायुक्त तथा सिविल सर्जन को लिखित शिकायत भेजी है। शिकायत के साथ कई दस्तावेज और तकनीकी बिंदु भी प्रस्तुत किए गए हैं, जिनके आधार पर कार्य आवंटन प्रक्रिया में अनियमितता का आरोप लगाया गया है.सिविल सर्जन का पक्ष-सिविल सर्जन डॉ.जुझार मांझी से पूछने पर उन्होंने कहा कि मेरे संज्ञान में यह मामला आया है,मैंने इसकी जांच के लिए आदेश दिया है. उन्होंने कहा कि मेरे कार्यकाल के दौरान यह टेंडर नहीं हुआ था. पदभार ग्रहण के दिन ही कार्य आवंटन के सवाल पर उन्होंने कहा कि पुनः वे फाइलों को देखेंगे.
चाईबासा:पश्चिमी सिंहभूम में सरकारी राशि के कथित गबन से जुड़े मामले की जांच अब राष्ट्रीय स्तर के फुटबॉलर तक पहुंच गयी है. एसपी कार्यालय के डीडीओ कोड का कथित दुरुपयोग कर सरकारी खजाने से 26.21 लाख रुपये की निकासी के मामले में जांच एजेंसी सीआईडी ने गोराचांद मरांडी के बैंक खाते में हुए लेन-देन को भी जांच के दायरे में लिया है. गोराचांद मरांडी वो शख्स है जो झारखंड के लिए फुटबॉल खेल चुके हैं. गोराचांदसंतोष ट्रॉफी खेल चुके हैं.सरकारी रिकॉर्ड और कंप्यूटर डाटा में हेर-फेर कररकम ट्रांसफर का खुलासाजांच में सामने आया है कि एसपी कार्यालय की लेखा शाखा में पदस्थापित सिपाही देव नारायण मुर्मू ने कथित तौर पर सरकारी रिकॉर्ड और कंप्यूटर डाटा में हेर-फेर कर कई खातों में रकम ट्रांसफर की. आरोप है कि इस पूरी प्रक्रिया के दौरान कुल 26 लाख 21 हजार 717 रुपये की सरकारी राशि अलग-अलग बैंक खातों में भेजी गयी.गोराचांद मरांडी के बैंक खाते में 1.67 लाख ट्रांसफरसीआईडी की जांच के अनुसार इसी लेन-देन के क्रम में गोराचांद मरांडी के बैंक खाते में 1.67 लाख ट्रांसफर किए गए हैं. इसके बाद जांच एजेंसी ने उनके खाते से जुड़े लेन-देन और इस रकम के स्रोत की जांच शुरू कर दी है.मामले में मरांडी की भूमिका को लेकर अभी जांच जारी है.चार बैंक खातों की जांचजांच एजेंसी ने अब तक कई बैंक खातों को चिन्हित किया है,जिनमें पोटका,रांची,चाईबासा और ओडिशा की बहलदा स्थित एसबीआई शाखाओं के खाते शामिल हैं. इन खातों में अलग-अलग अवधि के दौरान हुए लेन-देन की जांच की जा रही है.जानिए कौन हैंगोराचांद मरांडी?गोराचांद मरांडी ओडिशा के मयूरभंज जिले से ताल्लुक रखते हैं. वह पिछले कई वर्षों से जमशेदपुर की फुटबॉल लीग में सक्रिय हैं और टाटा मोटर्स और टाटा स्टील की टीमों का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं. वह झारखंड की ओर से संतोष ट्रॉफी सहित कई राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी खेल चुके हैं. फिलहाल वह चाईबासा में रहते हैं और जमशेदपुर की फुटबॉल प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेते हैं.
चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम के जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त मनीष कुमार ने मंगलवार को तांतनगर प्रखंड क्षेत्र में मतदाता सूची विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम-2026 के तहत संचालित कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मतदान केंद्र संख्या-1, 2, 3 एवं 20 का भ्रमण कर बूथ लेवल पदाधिकारियों (बीएलओ), सुपरवाइजर एवं संबंधित निर्वाचन कर्मियों द्वारा किए जा रहे गणना प्रपत्रों के वितरण, संग्रहण तथा डिजिटाइजेशन कार्यों की विस्तृत समीक्षा की।निरीक्षण के दौरान जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने प्रत्येक मतदान केंद्र पर उपलब्ध गणना प्रपत्रों की स्थिति, घर-घर संपर्क अभियान की प्रगति, मतदाताओं से प्राप्त प्रपत्रों के संग्रहण, लंबित प्रपत्रों की संख्या तथा डिजिटाइजेशन की अद्यतन प्रगति का क्रमवार अवलोकन किया। उन्होंने संबंधित बीएलओ एवं सुपरवाइजर से कार्यों की दैनिक प्रगति की जानकारी प्राप्त करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।इसके उपरांत जिला निर्वाचन पदाधिकारी तांतनगर प्रखंड कार्यालय परिसर पहुंचे, जहां उन्होंने प्रपत्र डिजिटाइजेशन व्यवस्था का भी निरीक्षण किया। उन्होंने डिजिटाइजेशन कार्य में लगाए गए कर्मियों से प्रपत्रों की ऑनलाइन प्रविष्टि, तकनीकी व्यवस्था, कार्य की गति और गुणवत्ता की जानकारी ली।निरीक्षण के दौरान जिला निर्वाचन पदाधिकारी श्री मनीष कुमार ने कहा कि मतदाता सूची लोकतांत्रिक व्यवस्था की आधारशिला है। विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत प्रत्येक पात्र मतदाता का विवरण अद्यतन करना निर्वाचन प्रक्रिया की विश्वसनीयता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी बीएलओ, सुपरवाइजर एवं संबंधित पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्धारित समय-सीमा से पूर्व सभी मतदाताओं को उपलब्ध कराए गए गणना प्रपत्रों का शत-प्रतिशत संग्रहण एवं डिजिटाइजेशन कार्य पूर्ण करना सुनिश्चित करें।उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि जिन मतदाताओं के प्रपत्र अभी तक प्राप्त नहीं हुए हैं, उनसे पुनः संपर्क स्थापित कर प्रपत्रों का संग्रहण किया जाए। साथ ही डिजिटाइजेशन कार्य में किसी भी प्रकार की त्रुटि अथवा विलंब न हो, इसके लिए प्रतिदिन प्रगति की समीक्षा करते हुए आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई की जाए। जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में सही एवं अद्यतन रूप में दर्ज होना आवश्यक है।
चाईबासा:12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर पश्चिमी सिंहभूम जिला प्रशासन एवं आयुष विभाग के संयुक्त तत्वावधान में बिरसा मुंडा इंडोर स्टेडियम में जिला स्तरीय सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया.कार्यक्रम में जिले के प्रशासनिक एवं पुलिस पदाधिकारियों, विभिन्न विभागों के कर्मियों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों, विद्यार्थियों और बड़ी संख्या में प्रबुद्ध नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए योग के प्रति अपनी प्रतिबद्धता प्रदर्शित की.'योगमन, बुद्धि और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करने का माध्यम'इस अवसर पर उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा कि योग भारत की प्राचीन सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत का अमूल्य उपहार है,जिसे आज पूरी दुनिया ने अपनाया है. उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि मन, बुद्धि और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करने का माध्यम है. वर्तमान समय में बढ़ती भागदौड़, तनावपूर्ण जीवनशैली एवं विभिन्न स्वास्थ्य चुनौतियों के बीच योग स्वस्थ जीवन का सबसे सरल, सुलभ एवं प्रभावी उपाय बनकर उभरा है. डीसी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से आज योग को वैश्विक पहचान मिली है और संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस घोषित किए जाने के बाद इसकी लोकप्रियता निरंतर बढ़ी है. उन्होंने सभी नागरिकों, विशेषकर युवाओं एवं विद्यार्थियों से योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा बनाने की अपील की है. उन्होंने कहा कि स्वस्थ नागरिक ही सशक्त समाज एवं विकसित राष्ट्र की आधारशिला होते हैं.'अनेक समस्याओं का समाधान योग के माध्यम से संभव'जिला परिषद अध्यक्ष लक्ष्मी सुरेन ने अपने संबोधन में कहा कि योग व्यक्ति को शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक रूप से सशक्त बनाता है. उन्होंने कहा कि आधुनिक जीवनशैली के कारण उत्पन्न हो रही अनेक समस्याओं का समाधान योग के माध्यम से संभव है.उन्होंने महिलाओं, किशोरियों एवं ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को नियमित योगाभ्यास के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि योग स्वस्थ परिवार एवं स्वस्थ समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.'योग अनुशासन, संयम एवं सकारात्मक सोच का प्रतीक'उप विकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार ने कहा कि योग अनुशासन, संयम एवं सकारात्मक सोच का प्रतीक है. योग हमें अपने शरीर एवं मन को समझने और जीवन में संतुलन बनाए रखने की प्रेरणा देता है.कार्यक्रम का शुभारंभ जिला उपायुक्त मनीष कुमार, जिला परिषद अध्यक्ष लक्ष्मी सुरेन, उप विकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार, सिविल सर्जन डॉ. जूझार माझी एवं अपर उपायुक्त श्री किस्टो कुमार बेसरा द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन किया गया. इस अवसर पर उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने योग के माध्यम से स्वस्थ एवं निरोग समाज के निर्माण का संकल्प लिया.
चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले के सदर अस्पताल में चिकित्सकों की सतर्कता, त्वरित निर्णय एवं टीम वर्क का एक उत्कृष्ट उदाहरण सामने आया है. एक मरीज के गले में मछली फंस जाने के कारण गंभीर स्थिति में अस्पताल के आपातकालीन विभाग में लाया गया. मछली के गले में फंस जाने से मरीज को सांस लेने एवं निगलने में अत्यधिक कठिनाई हो रही थी. मामले की गंभीरता को देखते हुए आपातकालीन विभाग में तैनात डॉ. प्रदीप कुमार एवं उनकी टीम ने तत्काल मरीज का परीक्षण किया और बिना समय गंवाए आवश्यक चिकित्सीय प्रक्रिया प्रारंभ की. चिकित्सकों की कुशलता एवं सूझबूझ से गले में फंसी पूरी मछली को सफलतापूर्वक बाहर निकाल लिया गया, जिससे मरीज को तुरंत राहत मिली और एक संभावित गंभीर दुर्घटना टल गई.अस्पताल प्रशासन ने बताया कि समय पर चिकित्सा सहायता मिलने और चिकित्सकीय टीम की तत्परता के कारण मरीज की स्थिति अब स्थिर एवं सुरक्षित है. इस सफल उपचार में आपातकालीन विभाग के चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ एवं सहयोगी कर्मियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा.सिविल सर्जन डॉ.जुझार माझी एवं अस्पताल प्रबंधन ने डॉ.प्रदीप कुमार एवं उनकी पूरी टीम को इस सराहनीय कार्य के लिए बधाई देते हुए कहा कि सदर अस्पताल, की चिकित्सा टीम आपातकालीन परिस्थितियों में भी मरीजों को गुणवत्तापूर्ण एवं त्वरित स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए सदैव प्रतिबद्ध है.
चाईबासा :बड़ी खबर झारखंड के चाईबासा से है जहां पश्चिमी सिंहभूम जिले के पोड़ाहाट जंगल स्थित केड़ाबीर इलाके में मंगलवार को पुलिस और नक्सलियों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई है. शुरुआती जानकारी के अनुसार इस मुठभेड़ में एक या दो नक्सलियों के मारे जाने की सूचना है,हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अब तक नहीं हो पाई है. घटना सोनुवा थाना क्षेत्र के केड़ाबीर जंगल में हुई,जहां पिछले कई दिनों से सुरक्षाबलों का सर्च अभियान जारी था.पुलिस सूत्रों के मुताबिक,कोबरा 209 बटालियन और जिला पुलिस की संयुक्त टीम विगत दो दिनों से सोनुवा और गोइलकेरा थाना क्षेत्र के घने जंगलों में नक्सल विरोधी अभियान चला रही थी. कॉम्बिंग ऑपरेशन के दौरान जवानों का आमना-सामना नक्सलियों से हो गया. इसके बाद दोनों ओर से ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू हो गई.करीब कुछ समय तक रुक-रुक कर चली गोलीबारी के बाद नक्सली जंगल का फायदा उठाकर भाग निकले. घटना स्थल से हथियार, दैनिक उपयोग की सामग्री और अन्य सामान बरामद किए जाने की सूचना है. सुरक्षाबल पूरे इलाके में सघन तलाशी अभियान चला रहे हैं.चाईबासा से राजीव मोहन की रिपोर्ट--
चाईबासा:पश्चिम सिंहभूम जिले के टोंटो-गोइलकेरा क्षेत्र के घने जंगलों में बुधवार सुबह से चल रहे नक्सली अभियान में सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी मिली है. कोबरा 209 बटालियन और अन्य सुरक्षाबलों के संयुक्त अभियान में एक माओवादी को मार गिराया गया है. मारा गया नक्सली कमांडर अजय महतो के दस्ते का सदस्य बताया जा रहा है. घटनास्थल से हथियार, गोला-बारूद और कई संदिग्ध सामग्री बरामद की गई है, जिन्हें जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है. फिलहाल पूरे क्षेत्र में हाई अलर्ट जारी है और जंगल क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षाबलों की तैनाती कर दी गई है, ताकि किसी भी संभावित खतरे को रोका जा सके.सूत्रों के अनुसार,रूटुगुटू, बोरोई और तूनबेड़ा के आस-पास के इलाकों में पिछले दो दिनों से लगातार सघन सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा था. यह अभियान विशेष रूप से कुख्यात और एक करोड़ रुपये के इनामी माओवादी नेता मिसिर बेसरा की तलाश में केंद्रित था. बुधवार सुबह लगभग साढ़े चार बजे जब सुरक्षाबल जंगल में सर्च ऑपरेशन चला रहे थे, तभी उनका माओवादियों से आमना-सामना हो गया. इसके बाद दोनों तरफ से भारी गोलीबारी शुरू हो गई. काफी देर तक चली मुठभेड़ के दौरान सुरक्षाबलों ने जवाबी कार्रवाई में एक माओवादी को मार गिराया.पश्चिम सिंहभूम के पुलिस अधीक्षक अमित रेनू ने मुठभेड़ की पुष्टि करते हुए बताया कि अभियान अभी भी जारी है और सुरक्षाबल पूरी तरह सतर्क हैं. उन्होंने कहा कि बरामद हथियारों और सामग्री की जांच से माओवादी नेटवर्क, उनकी गतिविधियों और आगामी योजनाओं को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की संभावना है.गौरतलब है कि हाल ही में गोइलकेरा थाना क्षेत्र में एक पूर्व माओवादी की हत्या की घटना सामने आई थी, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियों को इनपुट मिला था कि माओवादी संगठन सारंडा के जंगलों से निकलकर कोल्हान क्षेत्र और आस-पास के इलाकों में अपनी गतिविधियां बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं. इसके बाद से ही सुरक्षा एजेंसियों ने बड़े पैमाने पर अभियान तेज कर दिया था. यह मुठभेड़ उसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है.
चाईबासा:पश्चिमी सिंहभूम केसारंडा और टोंटो गोइलकेरा के जंगल में बुधवार की सुबह एक बार फिर पुलिस और नक्सलियों में मुठभेड़ हुई है. कोल्हान प्रमंडल के टोन्टो और गोईलकेरा थाना क्षेत्रों के सीमावर्ती इलाके में पुलिस-नक्सलियों के बीच मुठभेड़ जारी है. हालांकि,अभी तक कहीं कोई हताहत होने की सूचना नहीं है. एसपी अमित रेनू ने कहा कि मुठभेड़ जारी है.जानकारी के अनुसार, कोबरा 209 बटालियन के जवान बीते दो दिनों से गोइलकेरा थाना क्षेत्र के बोरोई और तूनबेड़ा के आस-पास के घने जंगलों में लगातार कॉम्बिंग ऑपरेशन चला रहे थे. बुधवार तड़के करीब साढ़े चार बजे अभियान के दौरान जवानों का नक्सलियों से आमना सामना हो गया. इसके बाद दोनों ओर से ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू हो गई.सूत्रों के मुताबिक बुधवार सुबह से रुक-रुक कर मुठभेड़ जारी है. मुठभेड़ के बाद पूरे इलाके में सुरक्षाबलों की सतर्कता बढ़ा दी गई है और सघन तलाशी अभियान जारी है.गौरतलब है कि हाल ही में गोईलकेरा थाना क्षेत्र में एक पूर्व नक्सली की हत्या कर दी गई थी. इस घटना के बाद से इस बात के संकेत मिल रहे थे कि नक्सली सारंडा क्षेत्र से निकलकर कोल्हान और आसपास के इलाकों में अपनी मौजूदगी बढ़ा रहे हैं. पुलिससूत्रों के अनुसार, नक्सली संगठन अब भी इलाके में माओवादी नेता मिसिर बेसरा के नेतृत्व में सक्रिय हैं.सुरक्षा एजेंसियों ने दावा किया था कि जल्द ही नक्सलियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की जाएगी, लेकिन ताजा घटनाक्रम से साफ है कि जंगल क्षेत्रों में फिलहाल पुलिस और नक्सलियों के बीच ‘लुकाछिपी’ का खेल जारी है। फिलहाल, पूरे क्षेत्र में हाई अलर्ट जारी है और सुरक्षाबल किसी भी संभावित गतिविधि पर नजर बनाए हुए हैं।
चाईबासा:पुलिस विभाग के वेतन मद से 26 लाख रुपये के गबन का सनसनीखेज मामला सामने आया है. इस घोटाले का मास्टरमाइंड अकाउंट सेक्शन में तैनात आरक्षी देव नारायण मुर्मू निकला, जिसने सरकारी सिस्टम की खामियों का फायदा उठाकर सिस्टम को ही चूना लगाने का काम किया. आरोपी आरक्षी देवनारायण मुर्मू ने सरकारी राशि का गबन कर फुटबॉल टीम बनाई और बड़े टूर्नामेंट में लाखों रुपए का जुआ खेलता रहा.पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने करीब 26 लाख रुपए की अवैध निकासी की.पुलिस विभाग का सिपाही निकलामास्टरमाइंडजब इस घोटाले की परतें खुली हैं,तो पुलिस महकमे से लेकर प्रशासन तक हड़कंप मच गया. यहां जिला पुलिस विभाग के खातों से लाखों रुपये की अवैध निकासी का मास्टरमाइंड कोई बाहरी अपराधी नहीं, बल्कि पुलिस विभाग का ही सिपाही निकला है.खाकी पर लगाया दागमहालेखाकार, रांची कार्यालय की समीक्षा के दौरान चाईबासा जिला कोषागार से पुलिस मद की राशि निकासी में गड़बड़ी का जब संदेह हुआ, तो उपायुक्त के निर्देश पर जांच कमेटी गठित की गई. जांच रिपोर्ट के आधार पर जिला कोषागार पदाधिकारी सुमित कुमार ने प्राथमिकी दर्ज कराई. जिस खाकी पर सुरक्षा की जिम्मेदारी थी, उसी के एक सिपाही ने भरोसे को तोड़ दिया.2016 सेचलता रहा फर्जीवाड़े का खेलआरोपी आरक्षी देवनारायण मुर्मू, जो 2016 से लेखा कार्य देख रहा था. उसने मृत पुलिसकर्मियों के आश्रितों के नाम बदलकर अपने रिश्तेदारों और दोस्तों के बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर किए. इस दौरान उसने अपने साला, जीजा और एक मित्र के खातों का उपयोग किया. इस पैसे से उसने “किंगफिशर” नाम की फुटबॉल टीम बनाई और महंगे खिलाड़ियों को शामिल कर बड़े टूर्नामेंट में हिस्सा लिया. इन टूर्नामेंटों में लाखों रुपए का दांव (जुआ) लगाया जाता था.
चाईबासा:झारखंड में ट्रेजरी से अवैध निकासी का मामला बढ़ता जा रहा है. हजारीबाग और बोकारो के बाद पश्चिमी सिंहभूम जिले में भी हुई ट्रेजरी घोटाला मामले में प्रशासन की कार्रवाई तेज हो गई है. पुलिस अधीक्षक कार्यालय की लेखा शाखा के खाते से लगभग 26 लाख 21 हजार 717 रुपये की अवैध निकासी का मामला प्रकाश में आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया. जिसके बाद मुफस्सिल थाना पुलिस नेट्रेजरी घोटाला में संलिप्त 4 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.चाईबासा कोषागार पदाधिकारी सुमित कुमार द्वारा 26 अप्रैल को आरक्षी देव नारायण मुर्मू के खिलाफ मुफस्सिल थाना में मामला दर्ज कराया गया था. देव नारायण मुर्मू की निशानदेही पर पुलिस ने गोरा चन्द्र मरांडी, सरकार हेंब्रम और अरुण कुमार मरांडी को भी गिरफ्तार किया. उक्त सभी ने मामले में अपना संलिपता स्वीकार की है.चाईबासा पुलिस अधीक्षक कार्यालय के लेखा शाखा के कंप्यूटर ऑपरेटर जमशेदपुर के कोवाली निवासी देव नारायण मुर्मू, मयूरभंज के तिरिंग निवासी गोरा चन्द्र मरांडी, जमशेदपुर के खडबंध कोवाली निवासी सरकार हेंब्रम और इसी थाना क्षेत्र के अरुण कुमार मार्डी शामिल हैं.उक्त आरोपियों ने चाईबासा, जमशेदपुर, रांची और उड़ीसा बहालदा के एसबीआई में अवैध रूप से पैसे को ट्रांसफर कर निकाला है. इस मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी सिपाही देव नारायण मुर्मू समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है. देव नारायण मुर्मू वर्ष-2011 में आरक्षी पद पर चाईबासा में बहाल हुआ था. वर्ष 2017 में उसे पुलिस अधीक्षक कार्यालय की लेखा शाखा पद स्थापित किया गया. वर्ष 2017 से 2025 तक अपने टेकनिक से सरकारी राशि अपने दोस्त के खाते में ट्रांसफर कर निकलता रहा.कोषागार घोटाला जब अन्य जगहों के सामने आने लगा तो इसकी जांच चाईबासा में भी शुरू कर दी गई. जांच के दौरान आरक्षी देव नारायण मुर्मू को भी अवैध रूप से निकासी करते पकड़ा गया. जब कोई विभागीय कर्मचारियों की मृत्यु होती थी तो उसके परिजनों के खाते को बदल कर अपना और अपने साथियों के नाम से खाता खोल कर उसके पैसे ट्रांसफर कर निकासी कर लिया जाता था.
सरायकेला:झारखंड पर्यटन विभाग ने कोडरमा और पूर्वी सिंहभूम जिलों के प्रतिभागियों का पश्चिम बंगाल के उत्तरी क्षेत्र-दार्जिलिंग, सिलीगुड़ी और अन्य प्रमुख पर्यटन स्थलों पर आयोजित एक्सपोजर विजिट के दूसरे दिन आधुनिक पर्यटन प्रबंधन, होमस्टे संचालन और सतत विकास के व्यावहारिक पहलुओं पर विशेष जानकारी दी गई.कार्यक्रम के तहत दार्जिलिंग के दमे, रंजीतमजुआ गांव में प्रतिभागियों को होमस्टे संचालन की बारीकियों से अवगत कराया गया. होमस्टे संचालक रूपेश तमांग ने बताया कि पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्थानीय प्राकृतिक संसाधनों-विशेषकर पक्षियों और वन्यजीवों के साथ संतुलन बनाना अत्यंत आवश्यक है. इससे पूर्व प्रतिभागियों को दार्जलिंग के बौद्ध मॉनेस्ट्री और बतासिया लूप का भ्रमण किया.इस मौके पर ‘डेस्टिनेशन अनलिमिटेड टूर एंड ट्रेवल्स’ के निदेशक मनोरंजन मंगराज ने कहा कि दार्जिलिंग में होमस्टे क्लस्टर चाय बागानों, मठों और प्राकृतिक स्थलों के आसपास समूह आधारित तरीके से विकसित किए गए हैं. उन्होंने सुझाव दिया कि इस मॉडल को झारखंड के आदिवासी क्षेत्रों में इको-टूरिज्म के रूप में अपनाया जा सकता है,जिससे राज्य के पर्यटन को नई पहचान मिलेगी.उन्होंने यह भी बताया कि अधिकांश होमस्टे महिलाओं द्वारा संचालित किए जा रहे हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़े हैं और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा मिला है. इस प्रकार की पहल झारखंड में महिलाओं के लिए आर्थिक आत्मनिर्भरता का माध्यम बन सकती है.इसके अतिरिक्त प्रतिभागियों को स्थानीय संस्कृति-पारंपरिक भोजन, संगीत और हस्तशिल्प को पर्यटन से जोड़कर आय के विविध स्रोत विकसित करने के उपायों की जानकारी दी गई. पर्यावरण संरक्षण को पर्यटन विकास का अभिन्न हिस्सा बताते हुए इस पर विशेष बल दिया गया.इस यात्रा में डेस्टिनेशन अनलिमिटेड टूर एंड ट्रेवल्स के डिजिटल मार्केटिंग एक्जीक्यूटिव अभिषेक सिंह, ग्रुप कोऑर्डिनेटर सोम्य रंजन मिश्रा, इवेंट कोऑर्डिनेटर संग्राम मोहंती, खाद्य एवं पेय प्रबंधक ब्रह्म पटनायक, वीडियो एडिटर सौम्या, ट्रांसपोर्ट इंचार्ज सत्य प्रकाश एवं प्रभाकर और मीडिया प्रभारी सिद्धार्थ मार्डी सहित अन्य सदस्य शामिल हैं.
चाईबासा: पश्चिम सिंहभूम जिले में सारंडा के घने जंगलों में नक्सल विरोधी अभियान के बीच एक दुखद घटना सामने आई है. इस अभियान में तैनात एक जवान की मलेरिया के कारण मौत हो गई, जिससे सुरक्षाबलों में शोक की लहर है.जानकारी के मुताबिक, मृतक जवान की पहचान के.आनंद सिंह के रूप में हुई है, जो असम के निवासी थे और वर्तमान में सारंडा क्षेत्र में तैनात थे. अभियान के दौरान उन्हें अचानक तेज बुखार हुआ,जिसके बाद प्राथमिक जांच में मलेरिया की पुष्टि हुई.इलाज के दौरान टूटी जिंदगी की डोरहालत बिगड़ने पर जवान को तत्काल एयरलिफ्ट कर रांची लाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. चिकित्सकों के अनुसार मलेरिया के चलते शरीर के कई अंग काम करना बंद कर दिया था,जिससे स्थिति गंभीर हो गई.जंगल में सिर्फ गोलियां नहीं,बीमारियां भी खतरासारंडा जैसे दुर्गम और घने जंगलों में तैनात जवानों के सामने सिर्फ नक्सली खतरा ही नहीं, बल्कि बीमारियां भी बड़ी चुनौती बनकर उभर रही हैं. यह इलाका मलेरिया प्रभावित माना जाता है, जहां मच्छरों का प्रकोप काफी ज्यादा है.बरसात और नमी के कारण जंगलों में बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. लगातार गश्त, खुले इलाकों में डेरा और कठिन परिस्थितियों में ड्यूटी के कारण जवान संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं.अधिकारियों ने जताया शोक,स्वास्थ्य सुरक्षा पर जोरघटना के बाद संबंधित बटालियन और पुलिस विभाग में शोक का माहौल है. वरीय अधिकारियों ने जवान के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है. पार्थिव शरीर को पूरे सम्मान के साथ पैतृक गांव भेजने की प्रक्रिया जारी है.अन्य जवानों की स्वास्थ्य जांच के निर्देशघटना के बाद अन्य जवानों की स्वास्थ्य जांच के निर्देश दिए गए हैं. साथ ही मच्छरदानी, कीटनाशक और जरूरी दवाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है. अधिकारियों का कहना है कि नक्सल विरोधी अभियान के साथ-साथ जवानों की सेहत की सुरक्षा भी सर्वोच्च प्राथमिकता है.दोहरी चुनौती से जूझ रहे जवानसारंडा ऑपरेशन यह दिखाता है कि जंगल में लड़ाई सिर्फ हथियारों से नहीं, बल्कि परिस्थितियों से भी होती है। यहां जवान एक तरफ नक्सलियों का सामना कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ खतरनाक बीमारियों से भी जंग लड़ रहे हैं।
चाईबासा:लोकभवन में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार से कोल्हान के आंदोलन समिति के प्रतिनिधियों ने नो इंट्री मामले को लेकर शिष्टाचार मुलाकात की. इस दौरान समिति के प्रतिनिधियों ने चाईबासा क्षेत्र में नो इंट्री की व्यवस्था को लागू करने की मांग की. मुलाकात के दौरान समिति के प्रतिनिधियों ने क्षेत्र की वर्तमान स्थिति, ग्रामीणों की समस्याओं और नो इंट्री आंदोलन के औचित्य के बारे में विस्तार से अवगत कराया. ग्रामीणों के न्यायपूर्ण अधिकारों की रक्षा के लिए केस वापस करने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की.राज्यपालने समिति की मांगों को गंभीरता से लियाइस दौरान राज्यपाल ने समिति की मांगों को गंभीरता से लिया और सकारात्मक रुख अपनाते हुए मुख्यमंत्री से इस मामले में मुलाकात कर शीघ्र मिलने का आदेश दिया. राज्यपाल ने मामले पर त्वरित कार्रवाई करते हुए जिले के उपायुक्त चंदन कुमार से फोन पर वर्तमान परिस्थिति की जानकारी ली और शीघ्र समाधान करने का निर्देश दिया.ग्रामीणों की मांगों पर बनी सहमतिचाईबासा विधायक सह परिवहन मंत्री दीपक बिरुआ से भी फोन बातचीत करने की कोशिश की. राज्यपाल से मिलने के बाद संयोजक रमेश बालमुचू ने जानकारी दी है कि राज्यपाल की सकारात्मक प्रतिक्रिया से समिति में आशा बंधी है. कोल्हान क्षेत्र के ग्रामीणों के लंबे समय से लंबित न्यायपूर्ण मांगों पर शीघ्र ध्यान दिया जाएगा.मुख्यमंत्री आवास तक होगी पैदल न्याय यात्राआगामी 26 अप्रैल से 1 मई तक चाईबासा से रांची स्थित मुख्यमंत्री आवास तक पैदल न्याय यात्रा होगी. जिसमें सैकड़ों लोग शामिल होंगे. नो इंट्री आंदोलन समिति कोल्हान पूरे कोल्हान क्षेत्र के आदिवासी-ग्रामीणों के हितों की रक्षा के लिए निरंतर प्रयासरत है और न्याय मिलने तक आंदोलन जारी रखने का संकल्प लिया है.जानिए क्या है मामलाकोल्हान के चाईबासा शहर का बाईपास एमडीआर 177 में सड़क दुर्घटना को रोकने के लिए नो एंट्री लगाने की मांग को लेकर 27 सितंबर 2025 को मंत्री दीपक बिरुवा को मांग पत्र दिया जाना था. जिसमें हजारों लोग तम्बो चौक चाईबासा में लोग जुटे थे. जिसके बाद आंदोलनकारी और पुलिस के बीच हिंसक झड़प भी हुई थी. जिसके बाद मंत्री के आवास के पास अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन करने, सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने और पुलिस पर पथराव करने के आरोप में 16 लोगों को जेल भेजा गया था. जबकि, 73 नामजद और 500 से अधिक अज्ञात लोगों के खिलाफ मुफस्सिल थाना में 28 सितंबर को मामला दर्ज किया गया था.
चाईबासा:पश्चिमी सिंहभूम जिले के सारंडा वन क्षेत्र में बुधवार को पुलिस और नक्सलियों में जबरदस्त मुठभेड़ हुई है. एक करोड़ के इनामी माओवादी मिसिर बेसरा दस्ते के साथ पिछले एक घण्टे से मुठभेड़ जारी है. एनकाउंटर में कई नक्सलियों के हताहत होने की भी सूचना है. पूरा इलाका गोलियों की तड़तड़ाहट से गूंज उठा. अभी भी रुक-रुक कर फायरिंग जारी है. दोनों ओर से हुई फायरिंग में कई नक्सलियों के मारे जाने की आशंका जताई जा रही है, हालांकि अब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.जिला पुलिस के जवान बड़ी संख्या में तैनातइलाके में सीआरपीएफ की कोबरा बटालियन, झारखंड जगुआर और जिला पुलिस के जवान बड़ी संख्या में तैनात हैं. सारंडा क्षेत्र में पिछले कई दिनों से नक्सलियों के खिलाफ लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है. इसी क्रम में बुधवार को सुरक्षाबलों की टीम जंगल में सर्चिंग के लिए निकली थी. इस दौरान जंगल के अंदर कैंप बदल रहे नक्सलियों से उनका सामना हो गया. जैसे ही नक्सलियों ने सुरक्षाबलों की टीम को देखा अचानक फायरिंग शुरू कर दी. सुरक्षाबलों ने भी तुरंत मोर्चा संभालते हुए जवाबी कार्रवाई की.आत्मसमर्पण को लेकर हलचल तेजपश्चिमी सिंहभूम के सारंडा जंगल में नक्सल गतिविधियों को लेकर बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है. लंबे समय से सक्रिय रेड कॉरिडोर में अब आत्मसमर्पण को लेकर हलचल तेज हो गई है. सुरक्षाबलों की लगातार घेराबंदी, अभियान और संगठन के भीतर बढ़ते दबाव के कारण नक्सली कैडरों में खलबली मची हुई है. खबर है कि संगठन का बड़ा चेहरा और एक करोड़ का इनामी मिसिर बेसरा भी सरेंडर पर विचार कर रहा है. महज 45-50 नक्सली ही इस इलाके में बचे है.सुरक्षाबलों के बढ़ते दबाव से कमजोर पड़ता संगठनपिछले दो वर्षों से सुरक्षा एजेंसियां सारंडा में लगातार ऑपरेशन चला रही हैं. हाल के महीनों में कई मुठभेड़ों और बड़े पैमाने पर कार्रवाई के बाद नक्सलियों की गतिविधियां लगभग थम गई हैं. तीन महीने से जंगल में उनकी आवाजाही भी कम हो गई है. लगातार दबाव के कारण नक्सली अब रनिंग कैंप के जरिए ठिकाना बदलने को मजबूर हैं.
चाईबासा: कोल्हान विश्वविद्यालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार विश्वविद्यालय के विभिन्न महाविद्यालयों में कार्यरत प्राचार्यों, प्राचार्य-प्रभारी एवं शिक्षकों का व्यापक स्तर पर स्थानांतरण एवं दायित्व पुनर्निर्धारण किया गया है. यह आदेश झारखंड राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम की धारा 10(1) के तहत प्रदत्त शक्तियों के अंतर्गत तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है.जारी सूची के अनुसार, जमशेदपुर को-ऑपरेटिव कॉलेज के प्राचार्य डॉ.अमर सिंह का स्थानांतरण टाटा कॉलेज, चाईबासा में प्राचार्य के रूप में किया गया है. वहीं, टाटा कॉलेज, चाईबासा के डॉ. एस.सी. दास को बहरागोड़ा कॉलेज भेजा गया है. जे.एल.एन. कॉलेज, चक्रधरपुर के डॉ. हरिहर प्रधान एवं डॉ. नजरुल इस्लाम को क्रमशः मानोहरपुर एवं जगन्नाथपुर डिग्री कॉलेज में प्राचार्य-प्रभारी का दायित्व सौंपा गया है.महिला कॉलेज, चाईबासा की डॉ. प्रीति बाला सिन्हा को घाटशिला कॉलेज स्थानांतरित किया गया है, जबकि पी.जी. विभाग, के.यू. की डॉ. अंजना वंदना प्रेमा खलखो को महिला कॉलेज, चाईबासा में प्राचार्य-प्रभारी के रूप में प्रतिनियुक्त किया गया है.इसके अलावा जमशेदपुर एवं सरायकेला क्षेत्र के कई शिक्षकों का भी आपसी स्थानांतरण किया गया है. डॉ.नीता सिन्हा को वर्कर्स कॉलेज, जमशेदपुर और डॉ. सुमन कुमारी को जमशेदपुर को-ऑपरेटिव कॉलेज में स्थानांतरित किया गया है. भौतिकी, रसायन, गणित एवं अन्य विषयों के सहायक एवं सह-प्राध्यापकों को विभिन्न कॉलेजों में पुनः तैनात किया गया है.कुछ शिक्षकों को अतिरिक्त दायित्व भी सौंपे गए हैं. जीएससीडब्ल्यू, जमशेदपुर की डॉ. अरुंधति डे एवं डॉ. बानश्री डे को सप्ताह के निर्धारित दिनों में जमशेदपुर को-ऑपरेटिव कॉलेज में कक्षाएं एवं अन्य गतिविधियां संचालित करने का निर्देश दिया गया है. वहीं, डॉ. एम.ए. खान को वर्कर्स कॉलेज जामशेदपुर में भी साप्ताहिक दायित्व निभाने को कहा गया है. डॉ. प्रकाश सरकार का तबादला काशी साहु सराईकेला से जमशेदपुर को-ऑपरेटिव कॉलेज में किया गया है.इसके अतिरिक्त, डॉ.संजय यादव एवं डॉ. कृष्णा प्यारे को क्रमशः के.एस कॉलेज, सरायकेला एवं जमशेदपुर को-ऑपरेटिव कॉलेज में प्राचार्य-प्रभारी का दायित्व दिया गया है.विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. डॉ अंजिला गुप्ता द्वारा इस आदेश के अनुसार सभी स्थानांतरण तत्काल प्रभाव से लागू होंगे. इस प्रशासनिक फेरबदल को विश्वविद्यालय में शैक्षणिक एवं प्रशासनिक कार्यों को सुचारु एवं प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.
चाईबासा:पश्चिम सिंहभूम जिले के सारंडा जंगल में नक्सलियों के खिलाफ चल रहे अभियान के बीच प्राकृतिक आपदा ने कहर बरपाया है. तेज आंधी तूफान में कोबरा के एक जवान पर एक विशाल पेड़ गिर गया. इस घटना में सीआरपीएफ कोबरा बटालियन के जवान राकेश कुमार शहीद हो गए. सारंडा में नक्सलियों के खिलाफ अभियान में कुदरत के कहर ने सीआरपीएफ जवान को चपेट में ले लिया.सीआरपीएफ कोबरा बटालियन के जवान राकेश कुमार को बुधवार सुबह हेलीकॉप्टर से एयरलिफ्ट कर बेहतर इलाज के लिए रांची लाया गया, लेकिन इलाज के दौरान राकेश कुमार की मौत हो गई. शहीद राकेश कुमार मूल रूप से बिहार के औरंगाबाद जिले के दाउदनगर के धमनी गांव के रहनेवाले थे. राकेश कुमार के शहीद होने की खबर मिलते ही उनके पैतृक गांव में शोक की लहर दौड़ गई है.रांची के सीआरपीएफ कैंप में उनके पार्थिव शरीर को श्रद्धांजलि दी जाएगी. इसके बाद उनके शव को अंतिम संस्कार के लिए पैतृक गांव औरंगाबाद भेजा जाएगा.