

सोमवार, 21 सितंबर 2026
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सिमडेगा:जिले के जलडेगा प्रखंड के राजकीयकृत उत्क्रमित मध्य विद्यालय सिहरमुंडा में शिक्षकों की कमी से शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है. इसका सीधा असर बच्चों के पठन-पाठन पर पड़ रहा है. विद्यालय में LKG से लेकर कक्षा आठवीं तक कुल 43 बच्चे नामांकित हैं, जिनकी पढ़ाई की जिम्मेदारी फिलहाल एकमात्र सहायक शिक्षिका कार्मेला खाखा के भरोसे है.अलग-अलग कक्षाओं के बच्चों को पढ़ाने के साथ शिक्षिका को विद्यालय के विभागीय कार्य भी संभालने पड़ते हैं. समय-समय पर बीआरसी, प्रखंड एवं अन्य कार्यालयों में विभागीय कार्यों के लिए जाना पड़ता है. ऐसे में उनके विद्यालय से बाहर रहने पर बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने की स्थिति बन सकती है.LKG से आठवीं तक अलग-अलग स्तर के विद्यार्थियों को एक शिक्षिका द्वारा संभालना बड़ी चुनौती है. विद्यालय में अतिरिक्त शिक्षकों की व्यवस्था होने से बच्चों को नियमित और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सकेगी. स्थानीय स्तर पर शिक्षा विभाग से जल्द शिक्षक उपलब्ध कराने की मांग की गई है.
सिमडेगा: जिले के जलडेगा थाना क्षेत्र के भूंडूपानी में जंगली हाथी के हमले में दो ग्रामीणों की मौत से क्षेत्र में मातम और दहशत का माहौल है. दो दिन पहले भूंडूपानी निवासी नूएल बरला की मौत हुई थी,जबकि लापता खरवागढ़ा, कोनमेरला निवासी अकालू भोक्ता का शव रविवार सुबह जंगल से बरामद किया गया. उनके पिता का नाम देवचन्द भोक्ता बताया गया है.ग्रामीणों ने जब अकालू की तलाश शुरू की तो काफी खोजबीन के बाद उसी क्षेत्र के आस-पास उनका शव मिला,जहां नूएल बरला की मौत हुई थी.घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने रविवार को लाडो चौक पर सड़क जाम कर दिया. विधायक प्रतिनिधि अर्जुन होरो के नेतृत्व में ग्रामीणों ने उपायुक्त को मौके पर बुलाने,वन विभाग की भूमिका की जांच,दोषी पाए जाने पर कार्रवाई और मृतक परिवारों को उचित मुआवजा देने की मांग पर अड़े रहे.ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि हाथी की मौजूदगी की सूचना पहले से वन विभाग को दी गई थी,लेकिन समय पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई. बाद में प्रखंड प्रशासन, पुलिस और जनप्रतिनिधियों के समझाने और उचित पहल के आश्वासन के बाद जाम हटा लिया गया. ग्रामीणों ने हाथी प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की.
सिमडेगा: सिमडेगा जिले से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-143 (NH-143) पर बुधवार को बड़ा हादसा होते-होते टल गया. चलती ट्रक में अचानक भीषण आग लगने से कुछ ही देर में पूरा वाहन धूं-धूं कर जलने लगा. घटना के बाद राजमार्ग पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई.प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार,ट्रक अपने गंतव्य की ओर जा रहा था,तभी अचानक उसमें धुआं उठने लगा. चालक ने तुरंत वाहन को सड़क किनारे रोक दिया और समय रहते बाहर निकलकर अपनी जान बचाई.चालक के बाहर निकलते ही आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और देखते ही देखते पूरा ट्रक आग की लपटों में घिर गया.घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीम मौके पर पहुंची.दमकल कर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया,लेकिन तब तक ट्रक का अधिकांश हिस्सा जलकर खाक हो चुका था.आग लगने की घटना से कुछ समय के लिए NH-143 पर यातायात बाधित रहा. पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था संभालते हुए वाहनों का परिचालन सुचारु कराया. प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण तकनीकी खराबी या शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है,हालांकि वास्तविक कारणों का पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा.गनीमत रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई. चालक की सतर्कता और समय पर वाहन से बाहर निकल जाने के कारण बड़ा हादसा टल गया.
सिमडेगा: जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान का कार्य शत-प्रतिशत पूरा हो गया है। इस उपलब्धि पर उपायुक्त सह जिला निर्वाचन पदाधिकारी कंचन सिंह ने इसे पूरे जिले के लिए गर्व का विषय बताते हुए प्रशासनिक टीम, बीएलओ, पर्यवेक्षकों, वॉलंटियर्स, कर्मियों, मीडिया और जिलेवासियों को बधाई दी।उपायुक्त ने कहा कि यह सफलता जिला प्रशासन और आम नागरिकों के सामूहिक सहयोग, समर्पण और जिम्मेदारी का परिणाम है। सभी ने पूरी निष्ठा से अपने दायित्वों का निर्वहन किया, जिससे अभियान निर्धारित समय सीमा के भीतर सफलतापूर्वक पूरा हो सका।उन्होंने अभियान से जुड़े सभी अधिकारियों एवं कर्मियों के योगदान की सराहना करते हुए जिलेवासियों का आभार जताया। साथ ही मीडिया की भूमिका की प्रशंसा करते हुए कहा कि जन-जागरूकता बढ़ाने और सही जानकारी लोगों तक पहुंचाने में मीडिया ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।उपायुक्त कंचन सिंह ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर अभियान से जुड़े सभी अधिकारियों, कर्मचारियों, मीडिया प्रतिनिधियों और जिलेवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं।
सिमडेगा:जिले के केरसई ब्लॉक के गांवों में बुनियादी सुविधाओं की घोर कमी के कारण एक शख्स की जान चली गई. मुडियाडीह गांव के रहने वाले बिरसासियुश डुंगडुंग की भारी बारिश के दौरान उफनते तेलहा नाला को पार करने की कोशिश में तेज बहाव में बह जाने से मौत हो गई.जानकारी के मुताबिक, बिरसासियुश निजी काम से गतिकछार गया था. लौटते समय उसने बारिश से उफनते नाले को पार कर रहा था लेकिन, तेज बहाव की चपेट नें आने से उसकी जान चली गई.घटना के बाद गांव वालों ने खोजबीन शुरू किया.शुक्रवार को उसका शव बरामद हुआ,जिसके बाद केरसई पुलिस को सूचना दी गई. पुलिस मौके पर पहुंची, जरूरी कानूनी औपचारिकताएं पूरी कीं और शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया. हालांकि, गांव तक जाने के लिए कोई मोटर योग्य सड़क नहीं होने के कारण,एम्बुलेंस घटनास्थल तक नहीं पहुंच सकी. नतीजा ये हुआ कि ग्रामीणों को शव को पारंपरिक खाट (खाट) पर कई किलोमीटर दूर निकटतम सुलभ सड़क तक ले जाने के लिए मजबूर होना पड़ा.इस घटना ने तेलहा नाला पर एक पुलिया और गांव को जोड़ने वाली एक उचित सड़क की लंबे समय से चली आ रही मांगों को फिर से सुलगा दिया है. संबंधित पंचायत के मुखिया अगस्तास्ता डुंगडुंग ने शोक संतप्त परिवार से मुलाकात की और अपनी संवेदना व्यक्त की.उन्होंने कहा कि उनके पदभार संभालने से पहले और बाद में,पुलिया के निर्माण के लिए जिला प्रशासन को बार-बार प्रतिनिधित्व दिया गया था.उन्होंने कहा कि अगर समय पर पुलिया का निर्माण किया गया होता तो युवक की जान बच सकती थी.इस त्रासदी ने पूरे गांव को शोक में डाल दिया है और निवासियों में व्यापक गुस्सा फैल गया है,जिन्होंने प्रशासन से भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए एक पुलिया और एक सभी मौसम सड़क के निर्माण में तेजी लाने का आग्रह किया है.
रांची/सिमडेगा:तोरपा विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक पौलुस सुरीन को खूंटी जिले के कर्रा थाना क्षेत्र के चर्चित दोहरे हत्याकांड मामले में झारखंड उच्च न्यायालय से बड़ी राहत मिली है. उच्च न्यायालय ने मामले की सुनवाई के बाद पौलुस सुरीन को बरी कर दिया है.पौलुस सुरीन तोरपा विधानसभा क्षेत्र से दो बार विधायक रह चुके हैं. वे वर्ष 2009 और 2014 में झारखंड मुक्ति मोर्चा के टिकट पर चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे थे.वहीं, वर्ष 2019 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा.गौरतलब है कि खूंटी जिले के कर्रा में हुए दोहरे हत्याकांड मामले में अदालत ने पूर्व विधायक पौलुस सुरीन और जेठा कच्छप को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई थी. इसके खिलाफ दायर अपील पर सुनवाई करते हुए झारखंड उच्च न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर पौलुस सुरीन को बरी कर दिया.हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद उनके समर्थकों में खुशी का माहौल है. वहीं, यह फैसला क्षेत्र की राजनीतिक चर्चाओं का भी केंद्र बन गया है.वहीं, पौलुस सुरीन की पत्नी अनीता सुरीन ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि सत्य परेशान हो सकता है,लेकिन परास्त नहीं साथ ही उन्होंने इसे शुभचिंतको की जीत कहा है.
सिमडेगा: जिले के बानो प्रखंड अंतर्गत बेडाइरगी पंचायत के बेडा इरगी ग्राम स्थित ससन टोली आज भी बुनियादी सुविधाओं के अभाव से जूझ रहा है. गांव के पास बहने वाले गाढ़ा नाला पर पुलिया नहीं होने के कारण हर वर्ष बारिश के मौसम में ग्रामीणों का जनजीवन प्रभावित हो जाता है. ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार मांग उठाने और जनप्रतिनिधियों को अवगत कराने के बावजूद अब तक समस्या का समाधान नहीं किया गया है.बारिश के दिनों में नाला उफान पर,इसी रास्ते से बच्चे जाते स्कूलग्रामीणों के अनुसार, बारिश के दिनों में नाला उफान पर रहता है,जिससे स्कूली बच्चों को जान जोखिम में डालकर नाला पार करना पड़ता है. गांव के बच्चे स्थानीय विद्यालय के अलावा लगभग 11 किलोमीटर दूर स्थित जितुटोली विद्यालय भी इसी रास्ते से आते-जाते हैं. ऐसे में बारिश के दौरान बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों में हमेशा चिंता बनी रहती है.तेज बहाव के कारण पशुओं के बह जाने का भी खतरा बना रहतासिर्फ शिक्षा ही नहीं, पशुपालन भी इस समस्या से प्रभावित हो रहा है. ग्रामीणों का कहना है कि बैल, बकरियों सहित अन्य मवेशियों को चरगाह तक ले जाने के लिए इसी नाले को पार करना पड़ता है. बारिश के दौरान तेज बहाव के कारण पशुओं के बह जाने का खतरा बना रहता है.पुलिया निर्माण होने से दूरिया होगी कमग्रामीणों ने बताया कि नाले पर पुलिया का निर्माण होने से न केवल ससन टोली का आवागमन सुगम होगा,बल्कि यह मार्ग बाकी पंचायत को भी सीधे जोड़ने का कार्य करेगा.इससे क्षेत्र के लोग तोरपा, खूंटी और रांची जैसे प्रमुख स्थानों तक कम दूरी में पहुंच सकेंगे.जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंपने के बाद भी नहीं हुआ समाधानग्रामीण लॉरेंस कंडुलना ने कशिश को बताया कि इस समस्या को लेकर पूर्व में जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंपा गया था, लेकिन एक वर्ष बीत जाने के बाद भी कोई ठोस पहल नहीं हुई है. ग्रामीणों ने जिला प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों से शीघ्र पुलिया निर्माण कराने की मांग की है, ताकि बारिस के मौसम में होने वाली परेशानियों से स्थायी राहत मिल सके.
सिमडेगा:जिले के निजी स्कूलों में मनमानी फीस वसूली को लेकर उपायुक्त कंचन सिंह सख्त अंदाज में है. उपायुक्त कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में डीसी ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि जिला स्तरीय शुल्क निर्धारण समिति द्वारा तय शुल्क से अधिक राशि वसूलना स्वीकार्य नहीं होगा. जिले के 58 विद्यालयों में अतिरिक्त शुल्क लेने की शिकायत मिली थी. जिसके बाद डीसी के आदेश पर उनमें से 44 विद्यालय राशि वापस कर चुके हैं. शेष विद्यालयों को एक सप्ताह के अंदर अभिभावकों को राशि लौटाने का निर्देश दिया गया है. निर्धारित समय में अनुपालन नहीं होने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है.उपायुक्त ने सख्त निर्देश दिया है कि किसी भी अभिभावक पर किसी विशेष दुकान से ड्रेस, किताब या अन्य शैक्षणिक सामग्री खरीदने का दबाव नहीं बनाया जाएगा. साथ ही री-एडमिशन फीस लेने पर भी रोक रहेगी.बैठक में निजी विद्यालयों के हॉस्टलों की व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की गई. उपायुक्त कंचन सिंह ने कहा कि हॉस्टलों में रहने वाले बच्चों की सुरक्षा, स्वास्थ्य जांच, पौष्टिक भोजन, स्वच्छ पेयजल और बेहतर शैक्षणिक माहौल सुनिश्चित करना विद्यालय प्रबंधन की जिम्मेदारी है. शिक्षा विभाग को सभी हॉस्टलों का नियमित निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है.
सिमडेगा:जिले के महाबुआंग थाना में ड्यूटी के दौरान पुलिस जवान राजू तिर्की को अपने ही रिवॉल्वर से गोली लग गई. गंभीर हालत में उन्हें सिमडेगा सदर अस्पताल लाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. घटना के बाद पुलिस विभाग में शोक की लहर है.पुलिसजवान की मौत की सूचना मिलते ही सिमडेगा एसपी श्रीकांत एस खोटरे, डीएसपी रणवीर सिंह, सार्जेंट मेजर, विधायक सह कांग्रेस जिलाध्यक्ष भूषण बाड़ा सदर अस्पताल पहुंचे.एसपी श्रीकांत एस खोटरे ने कहा कि इस घटना पर टीम द्वारा जांच की जाएगी.वहीं, विधायक भूषण बाड़ा ने कहा कि बेहद दुखद और पीड़ादायक घटना हुई है. पुलिस जवान दिन-रात अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए समाज की सुरक्षा में लगे रहते हैं. विधायक ने कहा कि ऐसे कर्मठ जवान का असमय निधन पूरे क्षेत्र के लिए बड़ी क्षति है. उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति एवं शोक संतप्त परिवार को दुख सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की.मौके पर महिला जिला अध्यक्ष सह जिला परिषद सदस्य पाकरटांड़ जोसिमा खाखा सहित कांग्रेस पार्टी के कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे.
सिमडेगा:सिमडेगा महाविद्यालय में वनस्पति विज्ञान विभाग की छात्रा संतोषी कुमारी ने पूरे जिले का नाम रोशन किया. संतोषी का चयन नारी शक्ति विकसित भारत की आवाज कार्यक्रम के तहत आयोजित वुमेन यूथ पार्लियामेंट और भारत बजट क्वेस्ट 2026-27 में झारखंड के प्रतिनिधि के रूप में हुआ है.जलडेगा क्षेत्र की छात्रा संतोषी कुमारी नेनारी शक्ति वंदन अधिनियम पर प्रभावशाली ढंग से अपने विचार प्रस्तुत किए. देशभर में यह कार्यक्रम 12 और 13 अप्रैल 2026 को आयोजित किये गये हैं. जिसका उद्देश्य युवाओं को बजट, नीति निर्माण और लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जोड़ना है. इस मंच के माध्यम से प्रतिभागियों को देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ वर्चुअल संवाद का भी अवसर मिला,जिसमें संतोषी कुमारी ने सक्रिय भागीदारी निभाई.संतोषी ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम सिर्फ प्रतिनिधित्व का विषय नहीं, बल्कि समावेशी विकास की नई परिभाषा है. आज की महिलाएं सशक्त होने का इंतजार नहीं कर रहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर एक शांत क्रांति का नेतृत्व कर रही हैं. लोकतंत्र की असली पहचान इस बात से होती है कि वह कितनी निष्पक्षता से सभी को शामिल करता है. इस विधेयक के माध्यम से न सिर्फ महिलाओं को सशक्त बनाया जा रहा है, बल्कि देश की आर्थिक, सामाजिक और लोकतांत्रिक नींव को भी मजबूत किया जा रहा है.
सिमडेगा:जलडेगा थाना क्षेत्र में सड़क निर्माण कंपनी के कैम्प पर आगजनी की कोशिश करने के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है.इस मामले में पुलिस ने पीएलएफआई के 9 उग्रवादियों को गिरफ्तार कर लिया है. यह कार्रवाई पुलिस ने आरोपियों के पास से 10 मोबाइल जब्त किए हैं.गठित विशेष टीम ने की कार्रवाईप्राप्त जानकारी के अनुसार, जलडेगा थाना कांड संख्या 05/26 26 जनवरी 2026 के दिन दर्ज किया गया था. मामला लचड़ागढ़ से ओड़गा तक सड़क निर्माण कार्य कर रही कंपनी SRMV DP (JV) से जुड़ा है, जिसका अस्थायी कैम्प कारीमाटी पांगुर में स्थापित है. पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित विशेष टीम द्वारा की गई है.खड़े वाहनों में आग लगाने का किया था प्रयासबता दें कि अज्ञात अपराधियों ने दहशत फैलाने और लेवी वसूलने के उद्देश्य से कैम्प में खड़े वाहनों में आग लगाने का प्रयास किया था. इस घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की.अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में गठित टीम ने छापेमारी कर घटना में शामिल 9 उग्रवादियों को गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तार आरोपियों में जस्टिन तोपनो उर्फ जेम्स तोपनो, हेरमन तोपनो, करन लोहरा, करण लोहरा, सिद्धांत कुमार चीक बड़ाईक, दिनेश बरवा, मंगल तोपनो, आशिष मिंज एवं अमित कुमार शामिल हैं.उग्रवादी गतिविधियों पर पैनी नजरइस कार्रवाई में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, जलडेगा, बोलबा एवं मुफ्फसिल थाना प्रभारी समेत सशस्त्र बल और तकनीकी शाखा के कर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही.पुलिस ने बताया कि क्षेत्र में उग्रवादी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है और ऐसे तत्वों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी.
सिमडेगा: रंगों के पावन पर्व होली को लेकर जिले भर में उत्साह का माहौल है. इसी क्रम में बुधवार को समाहरणालय सभागार में स्वयं सहायता समूह की दीदियों द्वारा तैयार हर्बल गुलाल का विधिवत शुभारंभ किया गया. उपायुक्त कंचन सिंह एवं उप विकास आयुक्त दीपांकर चौधरी ने संयुक्त रूप से हर्बल गुलाल का लोकार्पण कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया.उल्लेखनीय है कि जिले के टी. टांगर, बानो, केरसई एवं जलडेगा प्रखंडों की स्वयं सहायता समूहों की महिलाएँ सामूहिक रूप से प्राकृतिक तरीके से हर्बल गुलाल तैयार की हैं. यह गुलाल फूलों, हल्दी, चुकंदर तथा अन्य वनस्पतियों से पारंपरिक विधि द्वारा रंग तैयार कर उसे सुखाकर एवं छानकर गुलाल तैयार किया गया है. इस प्रक्रिया में किसी भी प्रकार के रासायनिक तत्व का प्रयोग नहीं किया जाता, जिससे यह पूरी तरह त्वचा के लिए सुरक्षित एवं पर्यावरण अनुकूल है.बाजार में उपलब्ध रासायनिक गुलाल से होने वाली एलर्जी,खुजली एवं अन्य दुष्प्रभावों को ध्यान में रखते हुए दीदियों ने प्राकृतिक विकल्प उपलब्ध कराने का संकल्प लिया है. प्रत्येक वर्ष होली के अवसर पर गुलाल की बिक्री से स्वयं सहायता समूहों को अच्छा लाभ प्राप्त होता है,जिससे समूह की आय में वृद्धि होती है और महिलाओं की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होती है. इससे उनके आत्मविश्वास एवं आत्मनिर्भरता में भी बढ़ोतरी होती है.इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित हो रहे हैं और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है.कार्यक्रम के दौरान जिला कार्यक्रम प्रबंधक शांति मार्डी ने हर्बल गुलाल के उत्पादन से संबंधित विस्तृत जानकारी दी साथ ही संबंधित प्रखंडों से आई दीदियों को उपायुक्त महोदया ने गुलाल लगाकर होली की अग्रिम शुभकामनाएँ दीं और उनके प्रयासों की सराहना की.उपायुक्त ने जिलेवासियों से अपील करते हुए कहा कि होली के इस पावन अवसर पर सभी लोग स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित हर्बल गुलाल का उपयोग करें. स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन देने से ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक संबल मिलेगा तथा जिले की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी. उन्होंने कहा कि सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल होली मनाना हम सभी की जिम्मेदारी है.इस अवसर पर समाज कल्याण पदाधिकारी,जेएसएलपीएस के सभी जिला प्रबंधक एवं अन्य कर्मी उपस्थित रहे.जिलेवासियों से आग्रह किया गया है कि इस होली रासायनिक रंगों से दूरी बनाते हुए स्थानीय दीदियों द्वारा निर्मित हर्बल गुलाल को प्राथमिकता दें. इस वर्ष होली का उत्सव न केवल खुशियों के रंग बिखेरेगा, बल्कि महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता का भी संदेश देगा.
सिमडेगा:जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त कंचन सिंह की अध्यक्षता में नगरपालिका आम चुनाव-2026 शांतिपूर्ण संपन्न कराने को लेकर तैयारी जोर शोर से चल रही है. चुनाव के सफल संचालन को लेकर बीएलओ एवं बीएलओ पर्यवेक्षकों की बैठक हुई. बैठक में मतदान से पूर्व और मतदान दिवस पर बीएलओ की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए सभी को अपने दायित्वों का शत-प्रतिशत निर्वाहन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया.उपायुक्त ने प्रत्येक मतदान केंद्र पर पोलिंग पार्टी को हरसंभव सहयोग दिया जाए और न्यूनतम सुविधाएं सुनिश्चित रहे. मतदान केंद्रों पर स्वच्छ पेयजल, छाया, महिला एवं पुरुष शौचालय, दिव्यांगजनों के लिए रैम्प, प्रकाश व्यवस्था, हेल्प डेस्क, सूचना पट्ट एवं प्राथमिक उपचार की व्यवस्था अनिवार्य रूप से उपलब्ध रहेने की बात कही.दिव्यांग मतदाता, गर्भवती महिला, बुजुर्ग एवं वरिष्ठ नागरिकों को प्राथमिकता के आधार पर मतदान कराने का निर्देश दिया गया. किसी समस्या की स्थिति होने पर तत्काल प्रखंड विकास पदाधिकारी को सूचित करने को कहा गया. मतदाता पर्ची का शत-प्रतिशत वितरण संबंधित परिवार को ही करने और थोक वितरण से बचने का भी निर्देश दिया गया. बैठक में उप निर्वाचन पदाधिकारी पवन कुमार महतो सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे.
सिमडेगा: बड़ी खबर सिमडेगा से है जहां कुरडेग थाना क्षेत्र में नाबालिग को शादी का झांसा देकर उसके साथ3सालों तक दुष्कर्म करने वाले युवक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है.मामले में एसपी एम अर्शी ने बताया कि पीड़िता के परिजनों ने कुरडेग थाना में लिखित आवेदन देते हुए बताया कि उनकी17साल की बेटी के साथ एक युवक ने शादी का झांसा देकर3वर्षों तक जबरन शारीरिक संबंध बनाता रहा. जब उनकी बेटी गर्भवती हो गई तो वह युवक उससे शादी करने से इनकार करने लगा. पुलिस ने इस मामले में पोक्सो एक्ट के तहत कुरडेग थाना कांड संख्या25/2025के तहत दुष्कर्म का मामला दर्ज करते हुए नामजद अभियुक्त दिलेश्वर नायक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.सिमडेगा से रविकांत मिश्रा की रिपोर्ट--
सिमडेगा : बड़ी खबर सिमडेगा से है जहां बोलबा थाना क्षेत्र के समसेरा चर्च में हुई डकैती की घटना का पुलिस ने उद्भेदन कर दिया है. पुलिस ने कांड में शामिल 3 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है. वहीं अन्य 05-06 अपराधकर्मियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है.डीएसपी हेड क्वार्टर रणवीर सिंह ने प्रेस वार्ता कर बताया कि पुलिस अधीक्षक सिमडेगा के निर्देशन में गठित एसआईटी टीम ने इस कांड का खुलासा किया है. टीम ने तकनीकी सहायता और प्राप्त सूचना के आधार पर अनुसंधान करते हुए पाया कि इस कांड में अन्तरराज्यीय गिरोह की संलिप्तता है,जिसमें कुछ अपराधकर्मी झारखंड के और कुछ ओड़िशा राज्य के शामिल हैं. गिरफ्तार अभियुक्तों में आदिल केरकेट्टा,रिंकु सोनी उर्फ मूशा और सुभाष नाईक उर्फ रामबोला नाईक शामिल हैं. इनके पास से 21 हजार 500 सौ रुपये,टीवीएस रेडान रजिस्ट्रेशन नंबरOD-15Y-2487,काले रंग का मास्क,दो जोड़ा काले रंग का हैंड ग्लव्स,एक काला रंग का टोपी,एक लोहे की छड़ और एक सब्बल बरामद किया गया है.पुलिस ने बताया कि दोनों राज्यों में चर्च में हुई घटनाओं में पैसा प्राप्त करने के लिए मारपीट और डकैती की गई थी. गिरफ्तार अभियुक्तों से पूछताछ के बाद अन्य अपराधकर्मियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है. इस कांड के उद्भेदन में सिमडेगा पुलिस और ओड़िशा पुलिस की संयुक्त टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. ओड़िशा में हुए संयुक्त प्रेस वार्ता कर अपराधियों को ओड़िशा जेल भेज दिया गया. सिमडेगा पुलिस अपराधियों को जल्द रिमांड पर लाएगी.सिमडेगा से रविकांत मिश्रा की रिपोर्ट--
सिमडेगा: लगातार गिरते भूगर्भीय जलस्तर को बढ़ाने की दिशा में सिमडेगा ने अपना कदम बढ़ाते हुए एक अनोखी शुरुआत की है. जिले में नगाड़ा बचाओ,जल बचाओ अभियान शुरु किया गया है. इसके तहत श्रमदान से जल संरक्षण का नायाब उदाहरण मिल रहा है.लगातार गिरते भूगर्भीय जलस्तर और बढ़ता जलसंकट अब हमसे कहने लगा है कि हम आज नहीं संभलेंगे तो हमारी आनेवाली भविष्य प्यासा रह जाएगा. सिमडेगा के बोलबा प्रखंड से भविष्य के लिए जल संरक्षण करने की अनोखी शुरुआत हुई है. सिमडेगा जिला के कादोपानी पंचायत में एक अनोखा जल संरक्षण अभियान चल रहा है "नगाड़ा बचाओ,जल बचाओ". इस अभियान का उद्देश्य केवल जल संरक्षण नहीं,बल्कि गांव के हर घर,खेत और परिवार को जल की उपलब्धता सुनिश्चित करना और भविष्य को सुरक्षित बनाना है. यह अभियान अब एक जन आंदोलन बन चुका है,जिसमें पंचायत के लोग अपने श्रमदान से जल कुंड और तालाब बना रहे हैं ताकि बारिश का पानी बचाया जा सके और जल संकट पर काबू पाया जा सके. खासकर गाँव की महिलाएँ इस अभियान की प्रेरणास्त्रोत बन रही हैं. इस अभियान की सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा गांव की महिलाएँ निभा रही हैं. वे न सिर्फ जल संरक्षण के लिए काम कर रही हैं,बल्कि मुख्य भूमिका निभा रही हैं. महिलाएँ खुद गड्ढे खोदने,तालाब बनाने और जल बचाने के इस अभियान का हिस्सा बन रही हैं. सुबह से लेकर देर रात तक महिलाएँ धूप में काम कर रही हैं,ताकि बारिश का पानी उनके खेतों में रुके और सूखा न पड़े. यह श्रमदान केवल उनके लिए नहीं,बल्कि पूरा गाँव इसके लाभ से समृद्ध होगा. हर दिन नगाड़ा बजाकर सभी अपने खेतों में पहुंचकर जल संरक्षण के लिए गड्ढे बना रहे हैं.जलछाजन योजना के तहत ग्रामीण आज श्रमदान कर भविष्य की जल जुगाड में गड्ढे बना रहे हैं. ग्रामीणों द्वारा बनाए जा रहे हर जलकुंड में 1000 लीटर पानी संरक्षित किया जा सकता है.इस पंचायत में ग्रामीणों के 108 समूह मिलकर 10 लाख लीटर से अधिक पानी सहेजने की दिशा में काम कर रहे हैं. इसके अलावा जलछाजन के तहत इस पंचायत के 5 गाँवों में बनने वाले तालाबों में लगभग 3 लाख लीटर पानी संरक्षित किया जाएगा. इस तरह कुल मिलाकर 14 लाख लीटर पानी की बचत की जाएगी,जो न केवल खेती में मदद करेगा,बल्कि पीने के पानी की समस्या को भी हल करेगा. श्रमदान की अनोखी पहल यह अभियान सिर्फ सरकारी प्रयास का हिस्सा नहीं,बल्कि समुदाय की सामूहिक जिम्मेदारी और योगदान का आदर्श उदाहरण है. इससे आने वाली पीढ़ियाँ स्वस्थ और समृद्ध जीवन जी सकें.समाज में बदलाव और उम्मीद का नए रास्ते के इस अभियान से गाँव में जल संकट पर काबू पाया जा रहा है. लोग महसूस कर रहे हैं कि अगर पानी को सही तरीके से संरक्षित किया जाए,तो न केवल खेती में सुधार होगा,बल्कि सामाजिक और आर्थिक स्थिति भी बेहतर होगी. सिमडेगा डीसी ने भी कहा कि इस तरह का प्रयास जल संरक्षण की दिशा में काफी सार्थक होगा.सिमडेगा से उठी जल संरक्षण की ये अनोखी पहल आने वाले समय में पूरे राज्य और देश के लिए एक प्रेरणा का स्रोत बनेगा. जब पूरा राज्य एक आगे आकर जल संरक्षण करेगा तो आने वाले समय में ना सिर्फ हमारा राज्य खेती में उन्नत होगा बल्कि कभी जलसंकट से भी नहीं जूझेगा.सिमडेगा से रविकांत मिश्रा के साथ अमन मिश्रा की रिपोर्ट---
SIMDEGA : जहां एक ओर भारत आज़ादी का अमृत महोत्सव मना रहा है, वहीं दूसरी ओर चिरौ बेड़ा गांव में बुनियादी सुविधाओं की कमी के चलते ग्रामीणों का जीवन दुरूह बना हुआ है, यहां के लोग बालू खोदकर पीने का पानी ढूंढने को मजबूर हैं जबकि जल नल योजना महज एक साल ही प्रभावी रही इसके बाद नलों ने सूखने का सिलसिला शुरू कर दिया। सदर प्रखंड के कुलुकेरा बनाबिरा पंचायत के चिरौ बेड़ा गांव में करीब 26 घर हैं, इस गांव तक पहुंचने के लिए न तो पक्की सड़क है और न ही कोई चार पहिया वाहन यहां तक पहुंच सकता है। ग्रामीणों का कहना है कि पानी के संकट से वे बेहद परेशान हैं और बालू में गड्ढा खोदकर मुश्किल से पानी जुटाते हैं, जो गंदा और असुरक्षित होता है।तीन साल पहले राज्य सरकार ने जल नल योजना के तहत गांव में पाइपलाइन डालने का काम किया था, लेकिन योजना सिर्फ एक साल तक ही असरदार रही। बाद में नल सूख गए और योजना ठप हो गई, इसके कारण गांव वालों को अब भी पीने के पानी के लिए कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। गांव में जल संकट के अलावा स्वास्थ्य सुविधाओं का भी अभाव है, यहां न तो कोई स्वास्थ्य केंद्र है और न ही स्कूल ग्रामीणों का कहना है कि आज तक कोई जनप्रतिनिधि या प्रशासनिक अधिकारी गांव में नहीं आया है। हाल ही में आदिवासी कांग्रेस नेता दिलीप तिर्की गांव पहुंचे और ग्रामीणों से मुलाकात की, उन्होंने बताया आज तक किसी ने हमारा हाल नहीं पूछा ना नेता और ना ही सरकार।चिरौ बेड़ा गांव की स्थिति केवल पानी और स्वास्थ्य सेवाओं तक सीमित नहीं है, बरसात के मौसम में यह गांव पूरी तरह से दुनिया से कट जाता है। बीमार या गर्भवती महिला को अस्पताल पहुंचाने के लिए ग्रामीण चारपाई को ही एम्बुलेंस बना लेते हैं और कई किलोमीटर का कच्चा रास्ता तय करके मुख्य सड़क तक पहुंचते हैं।
सिमडेगा : झारखंड के कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की गुरुवार को सिमडेगा समाहरणालय पहुंचीं. इस दौरान उन्होंने विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की. बैठक में विभाग से जुड़ी योजनाओं की प्रगति, किसानों की समस्याएं, पशुपालन व सहकारिता से संबंधित कार्यक्रमों पर विस्तार से चर्चा की गई.सिमडेगा से रविकांत मिश्रा की रिपोर्ट--
NEWS DESK: भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान सलीमा टेटे,संगीता कुमारी,ब्यूटी डुंगडुंग सहित एक दर्जन अंतर्राष्ट्रीय एवं दर्जनों राष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी देने वाले एस्ट्रोटर्फ हॉकी स्टेडियम का सफाई कार्य शुरू हो गया है. हॉकी इंडिया के महासचिव भोलानाथ सिंह के निर्देश पर हॉकी इंडिया ने दिल्ली से सफाई मशीन भेजा है.बता दें कि यह एस्ट्रोटर्फ स्टेडियम2015में बना है.विगत10वर्षो में02=02राष्ट्रीय हॉकी प्रतियोगिता का आयोजन हो चुका है. इस स्टेडियम में, 150 से अधिक खिलाड़ी प्रतिदिन अभ्यास करते हैं.अभी राउरकेला और रांची में हॉकी इंडिया लीग महिला एवं पुरुष का आयोजन चल रहा है. इसमें प्रतिदिन देश व विदेश के हॉकी आयोजक,हॉकी प्रेमी और खिलाड़ियों का आवागमन लगातार रांची से राउरकेला भाया हॉकी की नर्सरी सिमडेगा के रास्ते हो रहा है.इसी क्रम में पिछले27दिसंबर को हॉकी इंडिया के महासचिव भोलानाथ सिंह,कोषाध्यक्ष शेखर जे मनोहरण और उत्तरप्रदेश सरकार के खेल निदेशक सह हॉकी इंडिया के चयन समिति के अध्यक्ष पूर्व ओलंपियन डा. आर पी सिंह जी का आगमन सिमडेगा में हुआ था और सभी सिमडेगा निर्माणधीन अंतर्राष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम और पूर्व से निर्मित एस्ट्रोटर्फ हॉकी स्टेडियम का निरीक्षण कर खेल पदाधिकारी प्रवीण कुमार तथा हॉकी सिमडेगा के अध्यक्ष मनोज कोनबेगी से आवश्यकताओं पर चर्चा की और वे पुराने एस्ट्रोटर्फ स्टेडियम में सफाई की आवश्यकता को देखते हुए हॉकी इंडिया के महासचिव भोलानाथ सिंह ने हॉकी इंडिया के कर्मचारियों को फोन से सिमडेगा में सफाई मशीन भेजने का निर्देश दिया. उनके निर्देश पर कल दिल्ली से सफाई मशीन सिमडेगा पहुंच गया और आज से सफाई का कार्य शुरू हो गया. जिला खेल पदाधिकारी प्रवीण कुमार और हॉकी सिमडेगा के अध्यक्ष मनोज कोनबेगी,कोच तारिणी कुमारी खुद उपस्थित रहकर सफाई का कार्य करवा रहे हैं.