
सोमवार, 21 सितंबर 2026
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भागलपुर:जिले के सुलतानगंज थाना क्षेत्र से बड़ी खबर सामने आ रही है.तरैटा बहियार में पोखर में नहाने को दौरान छह बच्चों की डूबने से मौत हो गयी है.सभी बच्चे नगर परिषद क्षेत्र वार्ड संख्या-27 के विष्णु टोला दुधैला के रहने वाले है.मृतको में तीन लड़का और तीन लड़की शामिल है. सभी बच्चे करमा पर्व के मौके पर स्नान करने गये थे. इसी दौरान एक के बाद एक सभी 6 बच्चे डूब गये.घटना की जानकारी मिलते ही काफी संख्या में परिजन और अधिकारी घटनास्थल पर पहुंच कर मामले की छानबीन में जुट गए है.सभी बच्चों को पोखर से निकालने के बाद रेफरल अस्पताल लाया गया. जहां डाक्टरों ने सभी को मृत धोषित कर दिया. परिजनों ने बताया कि करीब एक दर्जन बच्चे पर्व के मौके पर गांव के बाहर बने पोखर में स्नान करने के लिए गए थे. बताया जा रहा है कि सुबह करीब पांच बजे घर से सभी बच्चे निकले थे.डूबने की घटना के काफी देर बाद परिजनों को हादसा होने की जानकारी मिली.इसके बाद परीजन मौके पर पहुंचकर डूबे हुए सभी बच्चों को पानी से बाहर निकाला. इस दौरान घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल हो गया. सभी बच्चों को रेफरल अस्पताल सुल्तानगंज लाया गया. जहां डॉक्टरों ने सभी 6 बच्चों को मृत घोषित कर दिया गया. घटना की जानकारी मिलने के बाद मौके पर को सीओ रमन कुमार,थाना अध्यक्ष धनंजय कुमार सहित कई वरीय पदाधिकारी मौके पर पहुंचकर मामले की छानबीन में जुट गए. अधिकारियों ने कहा कि सभी मृतक के परिजनों को आर्थिक सहायता दी जाएगी.
भागलपुर : बिहार के भागलपुर में महान साहित्यकार शरतचंद्र चट्टोपाध्याय की 150वीं जयंती श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई. उनके ननिहाल गांगुली बाड़ी, माणिक सरकार में आयोजित कार्यक्रम में साहित्य, समाज और उनके जीवन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई. इस दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ शरतचंद्र चट्टोपाध्याय के परिवार के सदस्यों को सम्मानित भी किया गया.भागलपुर के माणिक सरकार स्थित गांगुली बाड़ी में महान साहित्यकार शरतचंद्र चट्टोपाध्याय की 150वीं जयंती के अवसर पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का आयोजन बिहार बंगाली समिति, बरारी शाखा, भाषा-कृष्टि मिलन मेला एवं शरत द्वार निर्माण समिति के संयुक्त तत्वावधान में किया गया. कार्यक्रम का उद्घाटन शिक्षाविद् राजीव कांत मिश्रा, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी अंकित कुमार समेत अन्य अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया.इस दौरान वक्ताओं ने शरच्चंद्र चट्टोपाध्याय के जीवन,व्यक्तित्व और साहित्यिक योगदान पर विस्तार से चर्चा की. वक्ताओं ने कहा कि शरतचंद्र का साहित्य मानवीय संवेदनाओं,सामाजिक यथार्थ और आम जनजीवन से गहराई से जुड़ा रहा है.कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का भी आयोजन हुआ. पैमी अम्बस्ट,श्वेता सुमन,संगीता दास और करण सिंह ने गीत प्रस्तुत कर माहौल को भावपूर्ण बना दिया. इस अवसर पर शरतचंद्र चट्टोपाध्याय के ममेरे भाई के पुत्र शांतनु गांगुली,उज्ज्वल गांगुली,अपर्णा गांगुली,माला गांगुली,समुज्ज्वल गांगुली और उनकी पुत्री रेमी गांगुली को चादर ओढ़ाकर सम्मानित किया गया. शरत द्वार पर श्रद्धांजलि मुख्य कार्यक्रम के बाद सभी सदस्य शरत द्वार पहुंचे,जहां शरतचंद्र चट्टोपाध्याय के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलित कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई. शंखध्वनि के बीच साहित्यकार की स्मृति को नमन किया गया.कार्यक्रम में बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी,सामाजिक कार्यकर्ता और गणमान्य लोग मौजूद रहे. पूरे कार्यक्रम का संचालन तापस घोष ने किया.शरतचंद्र चट्टोपाध्याय की साहित्यिक विरासत और उनके मानवीय सरोकारों को याद करते हुए लोगों ने उन्हें श्रद्धा-सुमन अर्पित किए.भागलपुर से डबलू कुमार की रिपोर्ट-
भागलपुर: बड़ी खबर भागलपुर से है जहां बबरगंज थाना क्षेत्र के कुतुबगंज मोहद्दीनगर निवासी भाजपा मंडल अध्यक्ष पप्पू तांती हत्याकांड में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है. मामले में मुख्य आरोपी शशि मोदी के भांजे कृष्णा मोदी ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया है. वहीं पुलिस ने हत्याकांड में शामिल एक शूटर समेत एक लाइजनर को गिरफ्तार कर लिया है.गिरफ्तार आरोपियों में कुतुबगंज निवासी सुमन कुमार और मुंगेर जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के मिर्जापुर निवासी शूटर नितीश कुमार शामिल है. पुलिस के अनुसार इस हत्याकांड में अब तक आठ आरोपी जेल भेजे जा चुके हैं जबकि दो अन्य आरोपियों की तलाश जारी है.मामले में एसएसपी प्रमोद कुमार यादव ने प्रेस वार्ता में बताया कि पप्पू तांती की हत्या के लिए शशि मोदी ने तीन लाख रुपये की सुपारी दी थी. घटना के दिन शशि मोदी अपने घर पर मौजूद था और वारदात को अंजाम देने वाले लोगों के संपर्क में था. पुलिस का कहना है कि इस कांड में आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिले हैं. मुख्य आरोपी शशि मोदी को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है. वहीं अन्य आरोपियों को भी रिमांड पर लेने की प्रक्रिया जारी है. फरार दो आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है.भागलपुर से डबलू कुमार की रिपोर्ट-
भागलपुर : बिहार के भागलपुर की लाइफलाइन माने जाने वाले विक्रमशिला सेतु को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि एक अक्टूबर से विक्रमशिला सेतु पर बने बेली ब्रिज को हटा दिया जाएगा. इसके बाद आम लोगों के आवागमन पर पाबंदी रहेगी ताकि पुल के स्थायी पुनर्निर्माण और मरम्मत का काम तेजी से पूरा किया जा सके यानी जिस बेली ब्रिज ने पिछले कई महीनों से भागलपुर और नवगछिया समेत उत्तर-दक्षिण बिहार के बीच आवाजाही को संभाल रखा था, अब वही रास्ता बंद होने वाला है.दरअसल 3 मई 2026 की मध्यरात्रि में विक्रमशिला सेतु के पिलर संख्या 133 के आसपास पुल का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त होकर गंगा नदी में गिर गया था. मुख्यमंत्री कार्यालय के मुताबिक घटना की सूचना 3 मई की रात मिली थी. प्रशासन की तत्परता के कारण हादसे में किसी तरह की जनहानि नहीं हुई. घटना के बाद पुल पर आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया और भागलपुर से नवगछिया कोसी तथा सीमांचल की कनेक्टिविटी पर बड़ा असर पड़ा. इसके बाद लोगों की परेशानी को देखते हुए बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन यानी BRO को क्षतिग्रस्त हिस्से पर वैकल्पिक बेली ब्रिज तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई. मई महीने में युद्धस्तर पर इसका निर्माण शुरू हुआ. स्टील के स्ट्रक्चर और गर्डर की लॉन्चिंग का काम तेजी से किया गया. क्षतिग्रस्त हिस्से के साथ-साथ पुल के अन्य कमजोर हिस्सों को ध्यान में रखते हुए भी बेली ब्रिज की व्यवस्था तैयार की गई. करीब एक महीने के भीतर BRO बेली ब्रिज तैयार कर दिया. 7 जून 2026 से छोटे वाहनों के लिए इस वैकल्पिक मार्ग पर आवागमन शुरू हुआ.शुरुआती व्यवस्था में वाहनों के वजन को लेकर भी सीमा निर्धारित की गई थी. इससे लंबे समय से परेशान लोगों को बड़ी राहत मिली और भागलपुर-नवगछिया के बीच संपर्क फिर से बहाल हुआ. लेकिन अब यह अस्थायी व्यवस्था भी समाप्त होने वाली है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के मुताबिक एक अक्टूबर से बेली ब्रिज हटाकर विक्रमशिला सेतु के स्थायी पुनर्स्थापन का काम तेज किया जाएगा. बेली ब्रिज हटने के बाद पुल पर सामान्य आवागमन बंद रहेगा. इस दौरान पुल के क्षतिग्रस्त हिस्सों के पुनर्निर्माण के साथ-साथ जरूरी सुपर स्ट्रक्चर, बेयरिंग और एक्सपेंशन ज्वाइंट से जुड़े काम किए जाने हैं. सबसे बड़ा सवाल अब यही है कि एक अक्टूबर के बाद भागलपुर और नवगछिया के बीच लाखों लोगों की आवाजाही कैसे होगी? बेली ब्रिज बंद होने के साथ ही लोगों को वैकल्पिक मार्ग और जल परिवहन की व्यवस्था पर निर्भर रहना पड़ सकता है. प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती होगी कि त्योहारों और बढ़ते आवागमन के बीच लोगों को सुरक्षित और सुगम वैकल्पिक रास्ता उपलब्ध कराया जाए.भागलपुर से संवाददाता रवि आर्यन की रिपोर्ट--
भागलपुर : बिहार में गंगा, कोसी और गंडक समेत कई नदियों के उफान के बीच बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है. इसी बीच केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भागलपुर के बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लिया. दोनों नेताओं ने हवाई सर्वेक्षण कर बाढ़ और कटाव की स्थिति देखी. इसके बाद राहत शिविरों का निरीक्षण कर प्रभावित लोगों से बातचीत की. इस दौरान बाढ़ को लेकर दोनों नेताओं ने कहा कि बाढ़ आती-जाती रहती है. लेकिन सरकार का प्रयास है कि आपदा के दौरान लोगों को किसी तरह की परेशानी नहीं हो.केंद्रीय मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार बिहार के बाढ़ प्रभावित परिवारों और किसानों के साथ खड़ी है. फसल और मकानों को हुए नुकसान का आकलन कर हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी. राहत शिविर में शिवराज सिंह चौहान ने भोजन, पेयजल, स्वास्थ्य सुविधाओं और बच्चों की पढ़ाई की व्यवस्था का जायजा लिया.भागलपुर से संवाददाता रवि आर्यन की रिपोर्ट-
भागलपुर : बिहार के भागलपुर में केरल पुलिस ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से तीन अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करों को गिरफ्तार कर लिया है. तीनों की गिरफ्तारी जोगसर थाना क्षेत्र स्थित पार्टमेंट से की गई.बताया जा रहा है कि केरल पुलिस की 3 सदस्यीय टीम रविवार से भागलपुर के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में तस्करों की तलाश में छापेमारी कर रही थी. दरअसल केरल के मल्लापुरम थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक तस्कर के पास से करीब 13 किलो सिंथेटिक ड्रग्स बरामद किया था. पूछताछ के दौरान मिली जानकारी और तस्कर की निशानदेही पर केरल पुलिस भागलपुर पहुंची.केरल पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि ड्रग्स तस्करी से जुड़े कुछ आरोपी भागलपुर में आकर छिपे हुए हैं. इसके बाद भागलपुर पुलिस के सहयोग से जोगसर थाना क्षेत्र के एक अपार्टमेंट में छापेमारी की गई. यहां से मोहम्मद हासिस, मोहम्मद सलालुद्दीन और अखिल जॉय को गिरफ्तार किया गया.गिरफ्तारी के बाद केरल पुलिस ने तीनों आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर लिया और अपने साथ केरल ले गई. अब केरल पुलिस तीनों से पूछताछ कर ड्रग्स तस्करी के नेटवर्क और इस मामले में जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटाएगी.भागलपुर से सुशील की रिपोर्ट-
भागलपुर: जिले के नवगछिया अनुमंडल के रंगरा प्रखंड का मदरौनी पंचायत पिछले 15 दिनों से बाढ़ के पानी में डूबा हुआ है. कोसी और गंगा के बढ़ते जलस्तर ने यहां के लोगों की जिंदगी बेहाल हो गई है. ना खाने को खाना नसीब हो पा रहा,ना पीने का पानी मिल रहा.बाढ़ ने कहर बरपाया है.1500 घरों में पानी घुस गया है,छतों पर जिंदगी काटने को मजबूर है. स्थानीय लोगों के मुताबिक कोसी का जलस्तर बढ़ने से मदरौनी में 1500 से ज्यादा घरों में बाढ़ का पानी घुस गया है.जिससे 700 से ज्यादा परिवार सीधे प्रभावित हैं. हजारों एकड़ में लगी धान की फसल पूरी तरह डूब गई है. घरों में 4 से 5 फीट तक पानी भर जाने के बाद लोग अपनी जान बचाने के लिए छतों पर और रेलवे ट्रैक के किनारे ऊंची जगहों पर शरण लिए हुए हैं. आवागमन का एकमात्र साधन नाव बची है जिससे बाजार अस्पताल और स्कूल तक जाना लगभग बंद हो गया है.हर साल मदरौनीडूबता है.11 साल से अब तक बांध नहीं बना है. ग्रामीणों का आरोप है कि यह कोई नई बात नहीं है. 11 साल पहले यहां का रिंग बांध टूट गया था,जिसकी स्थायी मरम्मत आज तक नहीं हुई है. इसी एक बांध के कारण मदरौनी सहोदा बनिया और साधुआ चापर पंचायत के दो लाख से ज्यादा लोग हर साल बाढ़ में फंस जाते हैं. बीते दिनों इस्माईलपुर राघोपुर में गंगा खतरे के निशान से ऊपर बह रही है और ब्रह्मोत्तर सहित कई तटबंधों पर दबाव बढ़ने से 200 घरों में और पानी घुस गया है.
भागलपुर : पूर्णिया सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने शुक्रवार को भागलपुर जिले के खरीक प्रखंड के राघोपुर गांव में बाढ़ की भयावह स्थिति का जायजा लेने पहुंचे. उन्होंने सरकार की राहत व्यवस्था पर सवाल खड़े किए. उन्होंने राघोपुर के वार्ड नंबर 8 और 9 में बाढ़ प्रभावित लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं. इस दौरान सांसद ने अपनी ओर से 100 से अधिक बाढ़ प्रभावित महिलाओं को नगद आर्थिक सहायता दी.पप्पू यादव ने लोदीपुर निवासी बादल मंडल और सिकंदर मंडल के परिजनों से मुलाकात कर 25-25 हजार रुपये की आर्थिक मदद दी. वहीं कोयली खुटाहा में नाव हादसे में जान गंवाने वाले परिवार के सदस्यों से मिलकर भी सहायता प्रदान की. उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताते हुए सरकार से उचित मुआवजे की मांग की. सांसद ने कहा कि राघोपुर समेत आसपास के इलाकों में बाढ़ ने हालात बेहद गंभीर कर दिए हैं. खैरपुर और अतगामा के समीप बांध पर भी संकट बना हुआ है. उन्होंने आरोप लगाया कि बाढ़ पीड़ितों तक सरकारी राहत पर्याप्त रूप से नहीं पहुंच रही है. बिजली,नाव और जरूरी सुविधाओं के अभाव में बच्चे,महिलाएं और बुजुर्ग बेहद कठिन परिस्थितियों में जीवन गुजार रहे हैं.पप्पू यादव ने सिकंदर मंडल की नाव का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने कहा कि करीब 70 लाख रुपये खर्च कर जमीन बेचकर नाव बनवाई गई थी, जो बाढ़ में डूब गई. सांसद ने नाव के नुकसान की भरपाई के लिए भी आर्थिक सहायता देने की मांग की. उन्होंने गोराडीह प्रखंड के कोयली खुटाहा गांव में हुए दर्दनाक हादसे का जिक्र करते हुए बताया कि पांच लोगों की डूबने से मौत हुई है. उन्होंने मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर अपनी ओर से 50 हजार रुपये की सहायता दी और सरकार से मृतक परिवारों को कम से कम पांच-पांच लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की.वहीं करीब 15 दिनों से लापता बादल मंडल के परिजनों से भी सांसद मिले और उन्हें 25 हजार रुपये की तत्काल सहायता दी. उन्होंने कहा कि किसी परिवार का सदस्य इतने दिनों तक लापता रहे और अंतिम विदाई तक न मिल सके, यह बेहद पीड़ादायक स्थिति है. पप्पू यादव ने एंटी-इरोजन और फ्लड फाइटिंग कार्यों में खर्च होने वाली सरकारी राशि पर भी सवाल उठाए. उन्होंने आरोप लगाया कि वर्षों से सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण के नाम पर पैसा खर्च हो रहा है, लेकिन इसका अपेक्षित लाभ जनता को नहीं मिल रहा है.सांसद ने कहा कि वे इस पूरे मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट का रुख करेंगे और पिछले करीब 40 वर्षों में बाढ़ नियंत्रण तथा सिंचाई व्यवस्था से जुड़े ठेकेदारों,माफिया और पदाधिकारियों की संपत्तियों की जांच की मांग करेंगे. उन्होंने कहा कि बाढ़ गरीबों की नियति नहीं,बल्कि व्यवस्था की जिम्मेदारी है और संकट की इस घड़ी में पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा रहना उनका धर्म और कर्तव्य है.भागलपुर से डबलू कुमार की रिपोर्ट-
भागलपुर:बड़ी खबर भागलपुर से है जहां गंगा के बढ़े जलस्तर के बीच बाइपास थाना क्षेत्र के कोयली खुटहा गांव में सड़क पर जमा गहरे पानी में डूबने से एक ही परिवार के 5 लोगों की मौत हो गई. हादसे में एक अन्य व्यक्ति की हालत गंभीर बताई जा रही है. घटना के बाद गांव में मातम का माहौल है.बताया जा रहा है कि परिवार के लोग खेत जाने के लिए निकले थे. इसी दौरान रास्ते में सड़क पर बाढ़ का पानी जमा था. पानी की गहराई का अंदाजा नहीं होने के कारण परिवार के कुछ सदस्य गहरे पानी में चले गए. एक व्यक्ति को डूबते देखकर दूसरे लोग उसे बचाने के लिए आगे बढ़े. इसी दौरान एक-दूसरे को बचाने के प्रयास में कई लोग गहरे पानी में डूब गए.हादसे के बाद वहां मौजूद लोगों ने बचाव का प्रयास शुरु किया . सभी को पानी से बाहर निकालकर अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने 5 लोगों को मृत घोषित कर दिया, जबकि एक की स्थिति गंभीर बनी हुई है. गंभीर रुप से घायल व्यक्ति का इलाज मायागंज अस्पताल में कराया जा रहा है. वहीं 3 लोगों को फैब्रिकेटेड अस्पताल में रखा गया है.
भागलपुर : बाढ़ की भयावह स्थिति के बीच राहत और बचाव कार्यों को लेकर आपदा प्रबंधन मंत्री रत्नेश सदा ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं. भागलपुर पहुंचे मंत्री ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर जमीनी स्थिति का जायजा लिया और सर्किट हाउस में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की.मंत्री रत्नेश सदा ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता हर बाढ़ पीड़ित तक समय पर राहत पहुंचाना है. उन्होंने निर्देश दिया कि जहां लोग कम्युनिटी किचन तक नहीं पहुंच पा रहे हैं वहां सूखा राशन के पैकेट उपलब्ध कराए जाएं. नाथनगर के पश्चिमी इलाके में नया कम्युनिटी किचन शुरू करने का भी निर्देश दिया गया है.मंत्री ने13प्रभावित पंचायतों से मिले आवेदनों को जिलाधिकारी को सौंपते हुए तत्काल सत्यापन कराकर राहत पहुंचाने को कहा. उन्होंने जीआर राशि को लेकर स्पष्ट निर्देश दिया कि सूची पूरी तरह पारदर्शी हो और कोई वास्तविक बाढ़ पीड़ित छूटना नहीं चाहिए. पात्र लाभुकों के बैंक खातों में सहायता राशि जल्द भेजी जाए साथ ही राहत शिविरों में मेडिकल टीम,सर्पदंश रोधी इंजेक्शन,पर्याप्त पशुचारा और शुद्ध पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं. मंत्री ने साफ कहा कि राहत कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही या लालफीताशाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.भागलपुर से डबलू कुमार की रिपोर्ट...
भागलपुर:शहर के हुसैनाबाद स्थित बादशाह फिटनेस जिम के संचालक बादशाह बॉडीबिल्डिंग के क्षेत्र में युवाओं को प्रशिक्षित कर उन्हें प्रतियोगिताओं के लिए तैयार कर रहे हैं. खुद कई बॉडीबिल्डिंग एवं वेटलिफ्टिंग प्रतियोगिताओं में उपलब्धि हासिल कर चुके बादशाह अब अपने अनुभव का लाभ स्थानीय खिलाड़ियों को दे रहे हैं. उनके कार्य और खिलाड़ियों को दी जा रही ट्रेनिंग के लिए उन्हें ट्रॉफी और सर्टिफिकेट से सम्मानित भी किया जा चुका है.हाल में बिहार में आयोजित मिस्टर इंडिया एंड मिस्टर बिहार बॉडीबिल्डिंग प्रतियोगिता में बादशाह की तैयार की गई टीम के करीब10खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया. इनमें नीरज, बिनोद कुमार, सोनू कुमार और अमन कुमार ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ओपन बॉडीबिल्डिंग चैंपियनशिप में जीत दर्ज की. टीम के अन्य खिलाड़ियों ने भी प्रतियोगिता में अच्छा प्रदर्शन किया.टीम के बिनोद कुमार ने40वर्ष से अधिक उम्र में करीब100किलो से अपना वजन घटाकर65किलो किया और इसके बाद प्रतियोगिता में हिस्सा लिया. उनकी मेहनत और फिटनेस को युवाओं के लिए प्रेरणादायक माना जा रहा है.बादशाह के अनुसार, उनका लक्ष्य भागलपुर के युवाओं को सही ट्रेनिंग और मार्गदर्शन उपलब्ध कराकर बॉडीबिल्डिंग को करियर के रूप में चुनने के लिए प्रोत्साहित करना है. बादशाह फिटनेस जिम में बॉडीबिल्डिंग के अलावा वेट लॉस, वेट गेन और सामान्य फिटनेस की ट्रेनिंग भी दी जाती है.
भागलपुर:जिलेमें गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ने से बाढ़ की स्थिति बेहद गंभीर हो गई है. गंगा किनारे बसे दियारा इलाका में पानी पूरी तरह भर जाने के बाद शहरी क्षेत्र मे पानी घुस गया है. बिहार सरकार के आपदा प्रबंधन मंत्री रत्नेश सदा आज भागलपुर दौरे पर रहेंगे. आपदा मंत्री भागलपुर जिले में बाढ़ का जायजा लेंगे. जिसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों के साथ समीक्षा करेंगे. बता दें कि बड़ी संख्या में लोग अपना घर छोड़कर सुरक्षित और ऊंचे स्थानों रह रहे हैं. नाथनगर,सुलतानगंज,सबौर,शाहकुंड,प्रखंड के रतीपुर, बैरिया शंकरपुर, अजमेरीपुर, रसीदपुर और श्रीरामपुर समेत कई गांव बाढ़ की चपेट में हैं. इन इलाकों में बाढ़ पीड़ित सरकारी सहायता की आस में है, लेकिन राहत की तलाश में पहुंचे इन परिवारों के सामने भी मुश्किलें कम नहीं हैं रहने,खाने-पीने,शौचालय और अन्य मूलभूत सुविधाओं को लेकर लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.कई परिवार खुले स्थानों पर अपना अस्थायी आशियाना बनाने में जुटे हैं.बाढ़ पीड़ितों में छोटे-छोटे बच्चे भी शामिल हैं.वहीं, दूसरी ओर पशुओं के लिए चारे का संकट भी गहराने लगा है. बाढ़ के बीच लोग अपने परिवार और मवेशियों को सुरक्षित रखने की जद्दोजहद कर रहे हैं बाढ़ पीड़ितों का कहना है कि पानी ने उनका आशियाना छीन लिया है और अब उनके सामने खाने-पीने,रहने और पशुओं के चारे की बड़ी समस्या खड़ी हो गई है. लोगों का कहना है कि अब तक उन्हें पर्याप्त सरकारी सहायता नहीं मिली है.
भागलपुर : नवगछिया अनुमण्डल के राघोपुर में कटाव के बाद क्षेत्र के विधायक सह पथ निर्माण मंत्री इंजीनियर शैलेंद्र पिछले 4 दिनों से कटाव स्थल पर लगातार मौजूद नजर आ रहे हैं. अपनी मौजूदगी में वो कटाव अवरोधी कार्य करवा रहे हैं. उन्होंने शुक्रवार को एक बार फिर तटबंध का निरीक्षण किया. इसके बाद यहाँ बांध पर लगी भीड़ को खुद से हटवाकर क्रेन को स्टीमर पर चढ़वा कर कटावरोधी कार्य शुरू करवाया है.इंजीनियर शैलेंद्र ने बताया कि अब कटाव रुक गया है. गंगा मैया मान चुकी हैं. स्टीमर से मेगा जियो बैग लगातार बांध किनारे डाला जा रहा है ताकि तटबंध का बचाव हो सके. 24 घण्टे डीएम से लेकर सभी अधिकारी मुस्तैद हैं. अब इस पर सफलता मिल रही है. उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को धन्यवाद कहते हुए बताया कि उनके ही कारण पहली बार फरक्का बराज के सभी फाटक खुल गए. नतीजतन गंगा का दबाव अब कम हो रहा है.भागलपुर से डबलू कुमार की रिपोर्ट
भागलपुर:जिलेके चर्चित ‘धरती पकड़’ नागरमल बाजोरिया का 96 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने को राजधानी पटना में अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से भागलपुर के सामाजिक और राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई।नागरमल बाजोरिया चुनावी राजनीति में अपनी अनूठी पहचान के लिए जाने जाते थे। पंचायत चुनाव से लेकर राष्ट्रपति पद तक उन्होंने करीब 280 चुनावों में अपनी किस्मत आजमाई। चुनाव लड़ना उनके लिए केवल जीत-हार का विषय नहीं था, बल्कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भागीदारी का माध्यम था।उन्होंने कई बड़े नेताओं के खिलाफ भी चुनावी मैदान में ताल ठोकी थी। इनमें पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और राजीव गांधी के खिलाफ चुनाव लड़ना भी शामिल रहा। लगातार चुनाव लड़ने और कभी हार से निराश नहीं होने की वजह से उन्हें ‘धरती पकड़’ के नाम से प्रसिद्धि मिली।नागरमल बाजोरिया का समाजसेवा से भी गहरा जुड़ाव रहा। उम्र के अंतिम पड़ाव में वे वृद्धावस्था संबंधी स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे। पटना में निधन के बाद उनके पार्थिव शरीर को भागलपुर लाया जा रहा है।जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को बरारी स्थित श्मशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। उनके निधन से भागलपुर ने एक ऐसे व्यक्तित्व को खो दिया, जिसने चुनावी राजनीति में अपनी अलग पहचान कायम की।बिहार से वरिष्ठ संवाददाता संजय कुमार की रिपोर्ट
भागलपुर : जिले के नवगछिया के मदरौनी में कोसी के जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है. कोसी अब मदरौनी के मुख्य सड़क पर बहने लगी है. बाढ़ का पानी सड़कों पर पांच फीट से अधिक बह रहा है. लहर में इतना करंट है कि अगर कोई सड़क पर आ जाए तो कोसी उसे बहा कर ले जाएगी.सड़क पर बहने वाली लहर को देख कर यहाँ के लोग दहशत में हैं. सरकारी नाव की व्यवस्था अब तक नहीं हुई है. छोटी डेंगी से भी बाहर निकलना मुश्किल है. क्योंकि लहर उस डेंगी को भी बहा कर ले जाएगी. कोसी के बाढ़ का पानी लोगों के घरों के अंदर से भी बह रही है. यहाँ के लोग अपने अपने घरों के छतों पर शरण लिए हुए हैं. पिछले 14 दिनों से कोसी इस गांव के बीचोबीच बह रही है. पिछले वर्ष भी यहाँ का यही हाल था. बाढ़ पिछले साल भी तबाही मचाई थी. यहाँ के कई लोग सरकारी मदद से भी वंचित रह गए थे. पर इस बार इस पंचायत में एक समाजसेवी मसीहा बन कर सामने आया है और वो है सुजीत कुमार सिंह जो निस्वार्थ यहाँ के लोगों की सेवा कर रहे हैं. ना केवल सड़क की मरमती कर रहे हैं बल्कि पंचायत के लोगों की हर तरह से मदद भी कर रहे हैं. बाढ़ के पानी से कोई बीमारी ना फैले उसके लिए फॉगिन और दवा की व्यवस्था भी कर रहे हैं.भागलपुर से डबलू कुमार की रिपोर्ट...
भागलपुर : बिहार के भागलपुर में गंगा का जलस्तर बढ़ने के साथ अब कटाव ने भी रफ्तार पकड़ ली है. कई इलाकों में गंगा के तेज बहाव से जमीन तेजी से कट रही है और इसकी चपेट में पक्के मकान भी आ गए हैं. हालात ऐसे हैं कि मकानों के आसपास की जमीन लगातार धंस रही है जिससे लोगों में दहशत का माहौल है.कटाव की वजह से ग्रामीण अपने आशियाने को लेकर चिंतित हैं. लोगों का कहना है कि अगर कटाव इसी रफ्तार से जारी रहा तो कई पक्के मकान भी गंगा में समा सकते हैं. स्थानीय लोगों ने प्रशासन से कटावरोधी कार्य में तेजी लाने और प्रभावित परिवारों की सुरक्षा के लिए तत्काल कदम उठाने की मांग की है.गंगा के लगातार बढ़ते दबाव के बीच कटाव प्रभावित इलाकों में खतरा बढ़ता जा रहा है.भागलपुर से डबलू कुमार की रिपोर्ट--
भागलपुर:जिले के सबौर प्रखंड के फरका पंचायत के इंग्लिश गांव कटाव की चपेट में आ गया है.अब तक गंगा के भीषण कटाव चपेट में कई घर समा गया है.लगातार कटाव से दो मंजिला इमारत मकान गंगा मे विलीन हो गये.कटाव को देखकर ग्रामीण दहशत में है. लगातार कटाव बढ़ते देखकर ग्रामीण अपने घरों को खाली करने में जुटे हुए है. लोग घर से सामान निकालकर सुरक्षित जगहों पर रखने में जुटे हुए है. लोगों का आशियाना गंगा में विलीन होने पर इधर-उधर जाने को मजबूर है. उसके बीच चीख पुकार के आलावा कुछ नहीं बचा है.ग्रामीणों ने बताया कि गंगा के जलस्तर बढ़ने के बाद भीषण कटाव शुरू हो गया है. अब तक कई घर गंगा में विलीन हो चुके हैं.जबकि कई घरों पर संकट मंडरा रहा है. एक महिला का घर कटाव में गंगा में समा जाने के बाद रोती हुई अपनी पीड़ा बता रही है. बताया कि कटाव की स्थिति ऐसी रही तो कम समय में ही पूरा गांव गंगा में समा जायेगा.सरकार की ओर से अब तक कटावनिरोधी कार्य नहीं कराया जा रहा है. जिससे ग्रामीणों की परेशानी बढ़ती ही जा रही है. सुबह एक दो मंजिला घर गंगा में विलीन हो गया. रंजीत तांती, छट्टू तांती, दीपक तांती, धनेश्वर तांती के अलावा कई लोगों का घर कटाव के मुहाने पर है.
भागलपुर : इस वक्त की बड़ी खबर बिहार के भागलपुर से है जहां जिले के नवगछिया पुलिस जिला अंतर्गत खरीक प्रखंड के राघोपुर इलाके में गंगा नदी में एक भीषण नाव हादसा सामने आया है. मजदूरों को लेकर जा रही एक नाव बीच धारा में अनियंत्रित होकर पलट गई. हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई. घटना का एक दिल दहला देने वाला वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.जानकारी के अनुसार, नाव पर कुल 18 मजदूर सवार थे, जो मजदूरी करने के लिए नदी पार कर रहे थे. नाव पलटने के तुरंत बाद कई मजदूरों ने तैरकर अपनी जान बचाने की कोशिश की. इनमें से 12 मजदूर सुरक्षित रूप से तैरकर घाट पर पहुंच गए हैं. वहीं 6 लोगों की तलाश जारी है. इस मौके पर SDRF टीम तैनात हैं.वायरल वीडियो के विश्लेषण के अनुसार,नाव पर सवार 18 लोगों में से 12 के सुरक्षित निकल आने के बाद शेष करीब 6 मजदूरों के लापता होने की आशंका है. सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और एसडीआरएफ (SDRF)की टीम मोटरबोट के साथ मौके पर पहुंच गई है. गोताखोरों की मदद से नदी की तेज धारा में डूबे और लापता लोगों की तलाश में सघन रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है. नाव के नीचे दबने की आशंका है.प्रशासन अलर्ट है.घटनास्थल पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार,नाव पलटने के दौरान कुछ मजदूरों के नाव के नीचे दब जाने की आशंका जताई जा रही है.स्थानीय गोताखोर और ग्रामीण भी राहत एवं बचाव कार्य में प्रशासन का सहयोग कर रहे हैं. वरीय प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचकर स्थिति की निगरानी कर रहे हैं.भागलपुर से संवाददाता रवि आर्यन की रिपोर्ट-
भागलपुर : बिहार के भागलपुर स्थित सैंडिस कंपाउंड मैदान में 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह पूरे उत्साह और गरिमापूर्ण माहौल में मनाया गया. बिहार के नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री सह भागलपुर जिले के प्रभारी मंत्री नीतीश मिश्रा ने झंडोत्तोलन किया और तिरंगे को सलामी दी. इस मौके पर भागलपुर की जिलाधिकारी अलंकृता पांडे, आईजी विवेक कुमार, एसएसपी प्रमोद यादव समेत जिले के कई वरीय अधिकारी मौजूद रहे. समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने केंद्र और बिहार सरकार की ओर से संचालित विभिन्न विकास योजनाओं और उपलब्धियों को गिनाया.इस अवसर पर मंत्री नीतीश मिश्रा ने कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भागलपुर की धरती से 211 डिग्री कॉलेज की शुरुआत की जो भागलपुर समेत पूरे बिहार के लिए बड़ी उपलब्धि है. वहीं विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला का जिक्र करते हुए मंत्री ने कहा कि नगर विकास एवं आवास विभाग की ओर से पहली बार शिवभक्तों के ठहरने के लिए टेंट सिटी का निर्माण कराया गया. भागलपुर, बांका और मुंगेर जिले में टेंट सिटी की व्यवस्था की गई जिससे श्रावणी मेला में आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा मिल सके.भागलपुर से संवाददाता रवि आर्यन की रिपोर्ट-