भागलपुर: जिले के नवगछिया अनुमंडल के रंगरा प्रखंड का मदरौनी पंचायत पिछले 15 दिनों से बाढ़ के पानी में डूबा हुआ है. कोसी और गंगा के बढ़ते जलस्तर ने यहां के लोगों की जिंदगी बेहाल हो गई है. ना खाने को खाना नसीब हो पा रहा,ना पीने का पानी मिल रहा.

बाढ़ ने कहर बरपाया है.1500 घरों में पानी घुस गया है,छतों पर जिंदगी काटने को मजबूर है. स्थानीय लोगों के मुताबिक कोसी का जलस्तर बढ़ने से मदरौनी में 1500 से ज्यादा घरों में बाढ़ का पानी घुस गया है.जिससे 700 से ज्यादा परिवार सीधे प्रभावित हैं. हजारों एकड़ में लगी धान की फसल पूरी तरह डूब गई है. घरों में 4 से 5 फीट तक पानी भर जाने के बाद लोग अपनी जान बचाने के लिए छतों पर और रेलवे ट्रैक के किनारे ऊंची जगहों पर शरण लिए हुए हैं. आवागमन का एकमात्र साधन नाव बची है जिससे बाजार अस्पताल और स्कूल तक जाना लगभग बंद हो गया है.

हर साल मदरौनीडूबता है.11 साल से अब तक बांध नहीं बना है. ग्रामीणों का आरोप है कि यह कोई नई बात नहीं है. 11 साल पहले यहां का रिंग बांध टूट गया था,जिसकी स्थायी मरम्मत आज तक नहीं हुई है. इसी एक बांध के कारण मदरौनी सहोदा बनिया और साधुआ चापर पंचायत के दो लाख से ज्यादा लोग हर साल बाढ़ में फंस जाते हैं. बीते दिनों इस्माईलपुर राघोपुर में गंगा खतरे के निशान से ऊपर बह रही है और ब्रह्मोत्तर सहित कई तटबंधों पर दबाव बढ़ने से 200 घरों में और पानी घुस गया है.