

गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026
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रांची: बंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवात ‘अर्णब’ का असर झारखंड की राजधानी रांची समेत कई जिलों में देखने को मिल रहा है। मौसम में बदलाव के बीच बुधवार से ही गरज-चमक,तेज हवाओं और बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने आज भी राज्य के कई हिस्सों में खराब मौसम की आशंका जताते हुए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। लगातार हो रही बारिश के कारण रांची के अधिकतम तापमान में5.8डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है।रांची में दिनभर बादल, तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावनाचक्रवात के प्रभाव से रांची और आसपास के इलाकों में आसमान में बादल छाए रहने और रुक-रुककर बारिश होने की संभावना है। मौसम के इस बदलाव से जहां तापमान में गिरावट आई है, वहीं आम जनजीवन भी प्रभावित हो रहा है।लगातार बारिश होने पर शहर की सड़कों और निचले इलाकों में जलजमाव की समस्या बढ़ सकती है। इससे यातायात व्यवस्था प्रभावित होने के साथ लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। मौसम विभाग ने राज्य के विभिन्न हिस्सों में बारिश और वज्रपात की आशंका को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।30 अक्टूबर को भी बारिश के आसार, 3 नवंबर से मौसम साफ होने की उम्मीदमौसम पूर्वानुमान के अनुसार, 30 अक्टूबर को भी रांची में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश जारी रहने की संभावना है। इसके बाद मौसम में धीरे-धीरे बदलाव हो सकता है। पूर्वानुमान के मुताबिक, 3 नवंबर से राजधानी में मौसम साफ होने की उम्मीद है। हालांकि, मौसम की स्थिति में बदलाव को देखते हुए लोगों को मौसम विभाग की ओर से जारी ताजा चेतावनियों पर नजर रखने की जरूरत है।अलर्ट के बीच रांची नगर निगम सतर्क, सड़कों के किनारे झुके पेड़ों की कटाईखराब मौसम और तेज हवाओं की आशंका को देखते हुए रांची जिला प्रशासन ने लोगों से जलजमाव वाले क्षेत्रों और कमजोर संरचनाओं के आसपास सावधानी बरतने की अपील की है। लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों में जाने, पेड़ों के नीचे खड़े होने और बिजली के खंभों के पास रहने से बचने की सलाह दी गई है।वहीं, संभावित हादसों को रोकने के लिए रांची नगर निगम भी सतर्क हो गया है। डोरंडा समेत शहर के विभिन्न इलाकों में सड़क किनारे झुके हुए और क्षतिग्रस्त पेड़ों की कटाई की जा रही है। निगम की टीम ऐसे पेड़ों को हटाने में जुटी है, जिनके तेज हवा के दौरान गिरने से सड़क पर दुर्घटना हो सकती है।लोगों से सावधानी बरतने की अपीलचक्रवात के प्रभाव को देखते हुए प्रशासन और नगर निगम की ओर से एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं। लोगों से अपील की गई है कि तेज हवा, गरज-चमक और वज्रपात के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें तथा अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें।फिलहाल, राजधानी रांची समेत राज्य के कई हिस्सों में मौसम की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। आने वाले दिनों में बारिश की तीव्रता और मौसम में सुधार को लेकर मौसम विभाग के पूर्वानुमान अहम होंगे।रांची से संदीप यादव की रिपोर्ट
रांची:झारखंड में चक्रवाती तूफान ‘अर्णब’ के कारण भारी बारिश की आशंका को देखते हुए झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) ने सहायक कारापाल (Assistant Jailor) भर्ती की शारीरिक दक्षता परीक्षा (दौड़) स्थगित कर दी है। यह परीक्षा 28 अक्टूबर 2026 से रांची के डोरंडा स्थित जैप-1 (JAP-1) ग्राउंड में शुरू होने वाली थी।खराब मौसम की चेतावनी को ध्यान में रखते हुए आयोग ने परीक्षा की तारीखों में बदलाव किया है। अब शारीरिक दक्षता परीक्षा नवंबर में आयोजित की जाएगी। हालांकि, परीक्षा के आयोजन स्थल में कोई बदलाव नहीं किया गया है। अभ्यर्थियों को पहले की तरह रांची के डोरंडा स्थित जैप-1 ग्राउंड में ही पहुंचना होगा।नवंबर में इन तारीखों पर होगी दौड़ परीक्षाJSSC की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, सहायक कारापाल भर्ती की शारीरिक दक्षता परीक्षा के लिए संशोधित तारीखें 18, 19, 20 और 21 नवंबर 2026 निर्धारित की गई हैं।आयोग ने मौसम की स्थिति को देखते हुए यह निर्णय लिया है, ताकि परीक्षा के आयोजन के दौरान अभ्यर्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।जैप-1ग्राउंड में पूरी कर ली गई थी तैयारीसहायक कारापाल भर्ती की दौड़ परीक्षा के आयोजन को लेकर जैप-1 ग्राउंड में तैयारियां पूरी कर ली गई थीं। 28 अक्टूबर से परीक्षा शुरू होनी थी, लेकिन चक्रवाती तूफान ‘अर्णब’ के कारण खराब मौसम की आशंका ने कार्यक्रम को प्रभावित कर दिया।अब संशोधित कार्यक्रम के अनुसार परीक्षा आयोजित करने की तैयारी की जाएगी।अभ्यर्थी संशोधित तारीखों पर रखें नजरपरीक्षा स्थगित होने के बाद अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे JSSC की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी सूचना और संशोधित कार्यक्रम की जांच करते रहें। परीक्षा में शामिल होने से पहले अपने प्रवेश पत्र, निर्धारित तिथि और अन्य जरूरी निर्देशों की पुष्टि अवश्य कर लें।परीक्षा का स्थान:जैप-1 ग्राउंड, डोरंडा, रांचीपुरानी तिथि: 28 अक्टूबर 2026 सेसंशोधित तिथियां: 18, 19, 20 और 21 नवंबर 2026परीक्षा:सहायक कारापाल भर्ती की शारीरिक दक्षता परीक्षा (दौड़)रांची से संदीप यादव की रिपोर्ट
रांची:झारखंड में वित्तीय वर्ष2026-27के दौरान विकास योजनाओं पर बजट खर्च की धीमी रफ्तार को लेकर वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने चिंता जताई है। वित्तीय वर्ष के छह महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद राज्य में पुनरीक्षित योजना बजट का एक-तिहाई हिस्सा भी खर्च नहीं हो सका है। इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए वित्त मंत्री ने विकास आयुक्त को पत्र लिखकर योजनाओं पर खर्च की रफ्तार तेज करने की जरूरत बताई है।22अक्टूबर तक29.38प्रतिशत राशि ही खर्चवित्त मंत्री के मुताबिक,22 अक्टूबर2026तक राज्य के पुनरीक्षित योजना बजट के तहत निर्धारित1लाख6हजार200करोड़94लाख रुपये के मुकाबले महज31हजार196करोड़72लाख रुपये ही खर्च किए जा सके हैं। इस तरह कुल योजना बजट का केवल29.38प्रतिशत हिस्सा ही खर्च हुआ है।खर्च के इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि वित्तीय वर्ष के शुरुआती छह महीने बीतने के बाद भी विकास योजनाओं के क्रियान्वयन पर अपेक्षित गति नहीं आ सकी है। ऐसे में वित्त विभाग की ओर से निर्धारित खर्च के लक्ष्य को हासिल करना विभागों के लिए चुनौती बन सकता है।सितंबर तक50प्रतिशत खर्च का था निर्देशवित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने अपने पत्र में वित्त विभाग के वर्ष2015में जारी निर्देश का भी उल्लेख किया है। इस निर्देश के अनुसार,वित्तीय वर्ष की पहली छमाही यानी30सितंबर तक कम से कम50प्रतिशत बजट राशि खर्च कर ली जानी चाहिए।हालांकि,चालू वित्तीय वर्ष में निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले खर्च काफी कम रहा है। छह महीने की अवधि पूरी होने के बाद भी योजना बजट का आधे से काफी कम हिस्सा खर्च हो पाया। इसी को देखते हुए वित्त मंत्री ने विकास योजनाओं पर खर्च की गति बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया है।पिछले वित्तीय वर्ष में भी पूरा खर्च नहीं हो पाया था बजटयोजना बजट के कम खर्च का मामला केवल चालू वित्तीय वर्ष तक सीमित नहीं है। वित्त मंत्री ने वित्तीय वर्ष2025-26का भी जिक्र किया है। उनके अनुसार,पिछले वित्तीय वर्ष में कुल योजना बजट का केवल76प्रतिशत हिस्सा ही खर्च हो पाया था।लगातार दो वित्तीय वर्षों में योजना बजट के खर्च को लेकर सामने आ रहे ये आंकड़े विभागों की खर्च संबंधी प्रगति पर सवाल खड़े करते हैं। अब देखना होगा कि विकास आयुक्त और संबंधित विभाग बजट खर्च में तेजी लाने के लिए क्या कदम उठाते हैं और वित्तीय वर्ष के शेष महीनों में विकास योजनाओं पर खर्च की रफ्तार कितनी बढ़ पाती है।रांची से करिश्मा सिन्हा की रिपोर्ट
रांची:नगर निगम की ओर से नगर निगम क्षेत्र में झारखंड भवन उपविधि, 2016 के प्रावधानों का अनुपालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से अवैध निर्माण, स्वीकृत भवन नक्शे में विचलन तथा आवासीय भवनों के अनधिकृत वाणिज्यिक उपयोग के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में बुधवार को निगम की टीम की ओर से मोराबादी क्षेत्र में रजिस्ट्री ऑफिस से मान्या पैलेस तक विभिन्न भवनों एवं प्रतिष्ठानों का सघन जांच किया गया। इस दौरान स्वीकृत भवन प्लान, भवनों की वास्तविक उपयोगिता तथा अवैध संरचनाओं की जांच की गई। जांच के क्रम में नियमों के उल्लंघन से संबंधित मामलों में कुल 15 भवनों और प्रतिष्ठानों को नोटिस निर्गत किया गया।स्वीकृत भवन प्लान और वैधानिक प्रावधानों का अनुपालन अनिवार्यरांची नगर निगम की ओर से स्पष्ट किया गया है कि बिना स्वीकृत भवन प्लान के निर्माण करना, स्वीकृत नक्शे का विचलन करना अथवा आवश्यक वैधानिक अनुमति के बिना आवासीय भवन का वाणिज्यिक उपयोग करना नियमों के अनुरूप नहीं है। इस संबंध में माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा Civil Appeal No. 14605 of 2024 में दिनांक 17.12.2024 को पारित आदेश की कंडिका-20 में स्वीकृत भवन प्लान के उल्लंघन एवं अनधिकृत निर्माण के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की आवश्यकता पर बल दिया गया है। अतः सभी भवन स्वामियों एवं संबंधित प्रतिष्ठान संचालकों को भवन निर्माण एवं उपयोग से संबंधित नियमों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करना आवश्यक है।तीन दिनों के भीतर दस्तावेज प्रस्तुत करने का निर्देशनोटिस प्राप्त करने वाले भवन स्वामियों एवं प्रतिष्ठान संचालकों को पत्र प्राप्ति की तिथि से तीन दिनों के भीतर स्वीकृत भवन प्लान एवं संबंधित वैधानिक दस्तावेज प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। निर्धारित अवधि में अनुपालन नहीं करने की स्थिति में संबंधित भवनों को सील करने सहित झारखंड नगरपालिका अधिनियम, 2011 एवं झारखंड भवन उपविधि, 2016 के सुसंगत प्रावधानों के तहत विधिसम्मत कार्रवाई प्रारंभ की जाएगी।रांची नगर निगम की ओर से भवन मालिकों एवं प्रतिष्ठान संचालकों से अपील की गई है कि वे भवन निर्माण, स्वीकृत नक्शे तथा भवन के उपयोग से संबंधित सभी वैधानिक प्रावधानों का अनुपालन सुनिश्चित करें। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। जांच अभियान के दौरान सहायक नगर निवेशक, कनीय अभियंता सहित निगम के अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।रांची से राजेश पाठक की रिपोर्ट
रांची:दीपावली, काली पूजा और छठ महापर्व के सुरक्षित एवं शांतिपूर्ण आयोजन को लेकर रांची जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में संबंधित विभागों, पूजा समितियों, जतरा समिति और शांति समिति के सदस्यों के साथ संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक में विधि-व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण, यातायात प्रबंधन, साफ-सफाई और छठ घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने स्पष्ट कहा कि आम नागरिकों एवं श्रद्धालुओं की सुरक्षा जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ समय पर तैयारियां पूरी करने और पर्व-त्योहारों के दौरान आवश्यक व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने का निर्देश दिया।छठ घाटों पर साफ-सफाई, रोशनी और सीसीटीवी से होगी निगरानीबैठक में विभिन्न छठ पूजा समितियों के सदस्यों ने घाटों पर साफ-सफाई, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंधों और श्रद्धालुओं की सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं एवं सुझाव रखे। घाटों तक पहुंचने वाले रास्तों की स्थिति, स्वच्छता और संभावित भीड़ को नियंत्रित करने के उपायों पर भी चर्चा हुई।जिला प्रशासन ने संबंधित विभागों को छठ घाटों पर आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए समन्वय के साथ काम करने को कहा। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के मद्देनजर जरूरत के अनुसार बैरिकेडिंग, सीसीटीवी कैमरों से निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया।14 से16 नवंबर तक छठ घाटों में तैराकी से बचने की अपीलछठ महापर्व के दौरान जलाशयों और घाटों पर सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। प्रशासन ने14, 15 और16 नवंबर को छठ घाटों में तैराकी से परहेज करने का अनुरोध किया है।श्रद्धालुओं से अपनी और अपने परिवार के सदस्यों की सुरक्षा का ध्यान रखने तथा घाटों पर निर्धारित सुरक्षा मानकों एवं प्रशासनिक निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।दुर्गापूजा के सफल आयोजन के लिए प्रशासन की सराहनाबैठक में पूजा समितियों के सदस्यों ने दुर्गापूजा के दौरान जिला प्रशासन और संबंधित विभागों की ओर से किए गए सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और विधि-व्यवस्था संबंधी प्रयासों की सराहना की। सदस्यों ने कहा कि विभागों के बीच बेहतर समन्वय और प्रशासनिक सहयोग से दुर्गापूजा का आयोजन व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने में मदद मिली।आगामी पर्व-त्योहारों में भी इसी तरह सहयोग और सतर्कता बनाए रखने पर जोर दिया गया, ताकि आम नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़े।जतरा के आयोजन को लेकर भी दिए गए निर्देशबैठक में जतरा के सुरक्षित और व्यवस्थित आयोजन पर भी चर्चा हुई। उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने अनुमंडल पदाधिकारी, सदर और अपर जिला दंडाधिकारी, विधि-व्यवस्था को जतरा समिति के सदस्यों के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा करने का निर्देश दिया। उन्होंने आयोजन के दौरान सुरक्षा, विधि-व्यवस्था और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को लेकर समिति के साथ बेहतर समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया।रांची से राजेश पाठक की रिपोर्ट
रांची:राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST)की ओर से रांची के सर्कुलर रोड स्थित परिसदन में आयोजित दो दिवसीय सुनवाई में जमीन विवाद,शिक्षा,विश्वविद्यालय,खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग और सीसीएल से जुड़े कुल70मामलों की सुनवाई की गई। आयोग की सदस्य डॉ. आशा लकड़ा ने बताया कि सुनवाई के दौरान कई मामलों में आयोग के हस्तक्षेप से पीड़ितों को राहत मिली है। जमीन पर कब्जे से लेकर विश्वविद्यालय में पीएचडी वायवा और बकाया राशि के भुगतान जैसे मामलों में कार्रवाई हुई है।जमीन विवाद से लेकर शिक्षा तक के मामलों की हुई सुनवाईडॉ. आशा लकड़ा ने बताया कि रांची जिले से संबंधित करीब30से32मामलों की सुनवाई की गई। इनमें जमीन विवाद,शिक्षा विभाग और विश्वविद्यालय से जुड़े मामले शामिल थे। उन्होंने बताया कि निर्मला नामक महिला की जमीन पर कब्जा कर लिया गया था। आयोग के हस्तक्षेप के बाद उन्हें जमीन का दखल-दिहानी कराया गया। इसी तरह सुनीता सांगा की जमीन का भी दखल-दिहानी हुआ।रांची नगर निगम क्षेत्र में एक रैयती जमीन पर सड़क निर्माण कराया जा रहा था। आयोग के हस्तक्षेप के बाद निर्माण कार्य पर रोक लगाई गई और संबंधित रैयत को उसकी जमीन वापस दिलाई गई। निर्माण स्थल से सड़क बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री भी हटा ली गई।पीएचडी वायवा नहीं होने पर आयोग ने किया हस्तक्षेपरांची विश्वविद्यालय से पीएचडी कर रही शकुंतला उरांव का वायवा लंबे समय से नहीं हो पा रहा था। इस मामले में आयोग के हस्तक्षेप के बाद विश्वविद्यालय की ओर से उनका वायवा घोषित किया गया। डॉ. आशा लकड़ा ने बताया कि एक-दो दिनों में उन्हें डिग्री भी प्रदान की जाएगी।इसके अलावा आयोग के हस्तक्षेप के बाद मांझी को उनकी बकाया राशि का भुगतान किया गया।सरना,मसना और हड़गड़ी की जमीन की बंदोबस्ती निरस्तपलामू जिले के पांकी निवासी सीताराम भगत की सरना,मसना और हड़गड़ी प्रकृति की भूमि पर कब्जा कर लिया गया था। संबंधित जमीन की बंदोबस्ती भी कर दी गई थी। आयोग के हस्तक्षेप के बाद बंदोबस्ती निरस्त कर दी गई।वहीं,कांके में सात लोगों की जमीन पर जमीन दलाल द्वारा कब्जा किए जाने का मामला भी सामने आया। आयोग की पहल के बाद संबंधित लोग अब अपनी-अपनी जमीन पर खेती कर रहे हैं।रामगढ़ में100करमाली परिवारों के लिए शौचालय निर्माण शुरूडॉ. आशा लकड़ा ने बताया कि रामगढ़ जिले में करमाली समुदाय के करीब100परिवारों के पास शौचालय की सुविधा नहीं थी। आयोग के हस्तक्षेप के बाद शौचालय निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उन्होंने बताया कि दिसंबर महीने तक निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।इसके अलावा बोकारो जिले की सात-आठ मुखियाओं ने विकास योजनाओं को लेकर आयोग से गुहार लगाई थी। आयोग के हस्तक्षेप के बाद रुके हुए विकास कार्यों को पूरा कराया गया।गिरिडीह के मामले में एससी-एसटी थाने में प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देशसुनवाई के दौरान गिरिडीह जिले से जुड़े एक अनुसूचित जाति (एससी) मामले में आयोग ने उपस्थित डीएसपी को आवश्यक निर्देश दिए। डॉ. आशा लकड़ा ने संबंधित मामले में एससी-एसटी थाने में प्राथमिकी दर्ज करने,जांच पूरी कर आरोपपत्र दाखिल करने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया।मंटू मुर्मू ने लगाया मारपीट का आरोपसुनवाई के दौरान मंटू मुर्मू ने जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के विरोध से जुड़े एक मामले में अपनी शिकायत रखी। उन्होंने बताया कि वह अपने सहयोगियों के साथ राज्य सरकार का पुतला दहन करने पहुंचे थे। इसी दौरान पार्टी का पट्टा पहने कुछ लोगों ने उनके और उनके सहयोगियों के साथ मारपीट की।मंटू मुर्मू ने आरोप लगाया कि संबंधित लोग मॉब लिंचिंग की घटना को अंजाम देने की तैयारी में थे। उन्होंने यह भी कहा कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए एससी-एसटी थाने जाने पर उनकी शिकायत दर्ज नहीं की गई। इसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के समक्ष अपनी शिकायत दर्ज कराई। इन आरोपों पर संबंधित पक्ष का जवाब सामने आने पर मामले की पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।देशभर के आदिवासियों की शिकायतें सुन रहा आयोग: डॉ. आशा लकड़ाएनसीएसटी की सदस्य डॉ. आशा लकड़ा ने कहा कि आयोग देशभर के आदिवासी समुदाय के लोगों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुन रहा है। झारखंड के करीब19से20जिलों की समीक्षा की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि पहले आयोग के पास लगभग300मामले थे,जबकि अब हजारों मामले पहुंच रहे हैं।रांची के अलावा गढ़वा,पलामू,पश्चिमी सिंहभूम,धनबाद,बोकारो,पूर्वी सिंहभूम और गिरिडीह समेत कई जिलों से लोग अपनी शिकायतें लेकर आयोग के पास आ रहे हैं। इनमें सरकारी सेवाओं,जमीन विवाद और अत्याचार से संबंधित मामले प्रमुख हैं।डॉ. आशा लकड़ा ने कहा कि आयोग का उद्देश्य उन लोगों तक पहुंचना है,जिन्हें अपनी समस्याओं को लेकर न्याय पाने के लिए कोर्ट-कचहरी तक पहुंचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि आयोग के हस्तक्षेप से लोगों को उनके हक और अधिकार दिलाने की दिशा में काम हो रहा है। उन्होंने सुनवाई के माध्यम से जरूरतमंद आदिवासी परिवारों की समस्याओं का समाधान होने पर संतोष जताया।रांची से राजेश पाठक की रिपोर्ट
रांची:राजधानी रांची की स्मार्ट सिटी में अपना आशियाना बनाने का इंतजार कर रहे लोगों के लिए अच्छी खबर है। लगभग एक दशक पहले शुरू हुई स्मार्ट सिटी परियोजना में पहली बार किसी निजी आवासीय सोसायटी के निर्माण के नक्शे को मंजूरी मिली है। नगर विकास विभाग ने आइलिका स्टेट प्राइवेट लिमिटेड को14 एकड़ जमीन पर आवासीय परिसर विकसित करने की स्वीकृति दे दी है। इसके साथ ही स्मार्ट सिटी क्षेत्र में निजी आवासीय निर्माण का रास्ता खुल गया है।14 एकड़ जमीन पर बनेगा आवासीय परिसरस्वीकृत नक्शे के अनुसार, आइलिका स्टेट प्राइवेट लिमिटेड की ओर से14 मंजिला नौ ब्लॉक बनाए जाएंगे। इस आवासीय परियोजना में लोगों के लिए आधुनिक सुविधाओं से युक्त फ्लैट उपलब्ध कराने की योजना है। परियोजना पूरी होने के बाद स्मार्ट सिटी में आवासीय सुविधाओं का विस्तार होगा।स्वीमिंग पूल से लेकर पार्क तक की सुविधाएंप्रस्तावित आवासीय परिसर में केवल फ्लैट ही नहीं, बल्कि कई सामुदायिक सुविधाएं भी उपलब्ध कराने की योजना है। इनमें स्वीमिंग पूल, कम्युनिटी हॉल, बच्चों के खेलने के लिए क्षेत्र और पार्क जैसी सुविधाएं शामिल हैं। इन सुविधाओं के जरिए निवासियों को बेहतर आवासीय वातावरण उपलब्ध कराने का लक्ष्य है।दीपावली के बाद शुरू हो सकती है बुकिंगपरियोजना को मंजूरी मिलने के बाद अब लोगों की नजर फ्लैट की बुकिंग पर टिकी है। उम्मीद जताई जा रही है कि कंपनी दीपावली के बाद फ्लैट की बुकिंग शुरू कर सकती है। हालांकि, बुकिंग की आधिकारिक तारीख अभी घोषित नहीं की गई है।फ्लैट की कीमत और अलग-अलग श्रेणियों के आवासों से जुड़ी जानकारी भी फिलहाल सामने नहीं आई है।स्मार्ट सिटी में निजी आवासीय निर्माण को मिलेगा बढ़ावारांची स्मार्ट सिटी में निजी आवासीय परियोजना को मंजूरी मिलना शहरी विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे स्मार्ट सिटी क्षेत्र में रहने के इच्छुक लोगों को भविष्य में आवास का विकल्प मिल सकता है।रांची से राजेश पाठक की रिपोर्ट
रांची: राजधानी रांची के कडरू स्थित हज हाउस में अल्पसंख्यक समुदाय के छात्रों के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने के उद्देश्य से कोचिंग सेंटर शुरू किया जाएगा। मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक कोचिंग योजना-2024 के तहत इस कोचिंग सेंटर की शुरुआत नवंबर के पहले सप्ताह में प्रस्तावित है। हज हाउस की पांचवीं मंजिल पर इसकी व्यवस्था की गई है।कोचिंग सेंटर शुरू होने से अल्पसंख्यक समुदाय के विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए दूसरे राज्यों में जाने की जरूरत कम होगी। इससे विद्यार्थियों के समय और आर्थिक खर्च में भी बचत होने की उम्मीद है।मुख्यमंत्री के समय के अनुसार होगा उद्घाटनअल्पसंख्यक कल्याण मंत्री हफीजुल हसन ने बताया कि कोचिंग सेंटर के उद्घाटन के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से समय मांगा गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की ओर से1नवंबर से6नवंबर के बीच किसी दिन का समय निर्धारित किए जाने की बात कही गई है।मंत्री के अनुसार,मुख्यमंत्री जिस दिन उद्घाटन के लिए समय देंगे,उसी दिन कोचिंग सेंटर की शुरुआत कर दी जाएगी। इसके बाद हज हाउस में लाइब्रेरी शुरू करने की भी योजना है।अब राज्य से बाहर नहीं जाना पड़ेगा: इरफान अंसारीमंत्री इरफान अंसारी ने कोचिंग सेंटर की शुरुआत को लेकर प्रसन्नता जताई। उन्होंने कहा कि पहले भी इसे शुरू करने के कई प्रयास किए गए थे,लेकिन कुछ कारणों से यह संभव नहीं हो पाया। अब मंत्री हफीजुल हसन के प्रयास से इसकी शुरुआत होने जा रही है,जो बधाई योग्य है।उन्होंने कहा कि इस पहल से अल्पसंख्यक समुदाय के विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए दूसरे राज्यों में नहीं जाना पड़ेगा। इससे उनके परिवारों पर आर्थिक बोझ कम होगा और विद्यार्थियों को अपने राज्य में ही तैयारी करने का अवसर मिलेगा।कोचिंग के बाद लाइब्रेरी शुरू करने की भी योजनाहज हाउस की पांचवीं मंजिल पर कोचिंग सेंटर की शुरुआत के बाद लाइब्रेरी भी शुरू की जाएगी। इससे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को अध्ययन के लिए बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक कोचिंग योजना-2024के तहत प्रस्तावित यह पहल विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए स्थानीय स्तर पर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। फिलहाल उद्घाटन की अंतिम तारीख मुख्यमंत्री की ओर से समय निर्धारित किए जाने के बाद स्पष्ट होगी।रांची से राहुल कुमार की रिपोर्ट
रांची: राजधानी रांची के जगन्नाथपुर थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है। कटहर कोचा स्थित रेलवे साइड पर डंपर की चपेट में आने से एक वृद्ध की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जुट गई।हादसे के बाद मौके पर पहुंची पुलिसघटना की सूचना मिलते ही जगन्नाथपुर थाना की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल मृतक की पहचान नहीं हो पाई है। पुलिस मृतक की पहचान करने के प्रयास में जुटी हुई है।पोस्टमार्टम के लिएRIMSभेजने की तैयारीपुलिस के अनुसार,शव को पोस्टमार्टम के लिए रिम्स (RIMS) भेजने की तैयारी की जा रही है। वहीं,हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और डंपर की चपेट में वृद्ध कैसे आए, इसकी जांच की जा रही है।मृतक की पहचान में जुटी पुलिसफिलहाल इस हादसे में जान गंवाने वाले वृद्ध की पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस घटनास्थल से जानकारी जुटा रही है और दुर्घटना के कारणों का पता लगाने में लगी है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के आधार पर की जाएगी।रांची से नैयर की रिपोर्ट
रांची: झारखंड में खान-खनिज विधेयक औरSIRअभियान को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। हेमंत सोरेन सरकार द्वारा विधानसभा का दो दिवसीय विशेष सत्र बुलाए जाने पर भाजपा ने सरकार पर हमला बोला है। वहीं, कांग्रेस ने भाजपा के आरोपों को खारिज करते हुए राज्य सरकार के फैसले का बचाव किया है।भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा कि हेमंत सरकार का यह फैसला जनहित में नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार खान-खनिज विधेयक के माध्यम से अवैध खनन पर लगाम लगाने की तैयारी कर रही है, लेकिन राज्य सरकार इसका विरोध कर रही है। इसी को लेकर विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया जा रहा है।प्रतुल शाहदेव ने कहा कि केंद्र सरकार किसी भी सूरत में हेमंत सरकार की मंशा को कामयाब नहीं होने देगी। उन्होंनेSIR अभियान को लेकर भी राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग इस अभियान में राज्य सरकार के अधिकारियों का सहयोग ले रहा है, इसके बावजूद हेमंत सरकार अभियान को लेकर संतुष्ट नहीं है। भाजपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार का काम केवल विरोध करना है, विकास के लिए काम करना नहीं।कांग्रेस ने भाजपा के आरोपों को किया खारिजदूसरी ओर, कांग्रेस प्रवक्ता कमल ठाकुर ने भाजपा के आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि झारखंड सरकार राज्य के हितों की रक्षा के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा कि विधानसभा के विशेष सत्र में खान-खनिज विधेयक के खिलाफ प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार को भेजा जाएगा।कमल ठाकुर ने आरोप लगाया कि केंद्र की भाजपा सरकार को झारखंड के हित में राज्य सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदम पसंद नहीं आ रहे हैं। उन्होंनेSIR अभियान की मंशा पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि चुनाव आयोग द्वारा यह अभियान सही मंशा से नहीं चलाया जा रहा है।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन विधानसभा के विशेष सत्र मेंSIR अभियान के मुद्दे पर भी चर्चा करना चाहते हैं।खान-खनिज विधेयक औरSIRपर आमने-सामने भाजपा-कांग्रेसखान-खनिज विधेयक के विरोध औरSIR अभियान को लेकर भाजपा तथा कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। जहां भाजपा राज्य सरकार के फैसले को जनहित के खिलाफ बता रही है, वहीं कांग्रेस इसे झारखंड के हितों से जुड़ा कदम बता रही है। ऐसे में विधानसभा के विशेष सत्र को लेकर राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।रांची से राजीव मोहन की रिपोर्ट
रांची: राजधानी रांची में संगठित अपराध और रंगदारी के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। राहुल सिंह गिरोह के खिलाफ अभियान के दौरान विधानसभा थाना क्षेत्र में पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ हुई। इस दौरान गिरोह से जुड़े कथित शूटर शाहिद अंसारी के पैर में गोली लगी, जबकि पुलिस ने एक अन्य आरोपी शमशाद अंसारी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मौके से दो पिस्तौल, खोखे और एक तेज रफ्तार बाइक बरामद करने की जानकारी दी है।पेट्रोल पंप और कंस्ट्रक्शन कंपनी पर फायरिंग में नामपुलिस के मुताबिक, घायल शाहिद अंसारी कांके के रिंग रोड स्थित पेट्रोल पंप पर फायरिंग और गुमला में शिवालया कंस्ट्रक्शन पर गोलीबारी की घटनाओं में कथित रूप से शामिल था। इन घटनाओं में रंगदारी के लिए दहशत फैलाने की आशंका को लेकर पुलिस गिरोह की गतिविधियों की जांच कर रही है।मुठभेड़ के बाद हथियार और बाइक बरामदपुलिस कार्रवाई के दौरान शाहिद अंसारी घायल हो गया। उसे इलाज के लिए अस्पताल भेजे जाने की जानकारी है। वहीं, शमशाद अंसारी को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है। मौके से बरामद हथियारों और अन्य सामान की जांच की जा रही है, ताकि गोलीबारी की घटनाओं से उनके संबंधों का पता लगाया जा सके।गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश तेजइस कार्रवाई के बाद पुलिस अब राहुल सिंह गिरोह के अन्य सदस्यों की भूमिका की जांच कर रही है। साथ ही हथियार कहां से उपलब्ध कराए गए और रंगदारी के लिए की गई अन्य घटनाओं में गिरोह की क्या भूमिका रही है, इसकी भी पड़ताल की जा रही है।पुलिस की इस कार्रवाई को राजधानी में संगठित अपराध पर अंकुश लगाने के अभियान के तहत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पुलिस अधिकारियों की ओर से अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।रांची से नैयर की रिपोर्ट
रांची:राजधानी रांची में चक्रवात ‘अर्णब’ के संभावित असर और भारी बारिश की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। मौसम विभाग की ओर से28 और29 अक्टूबर को भारी बारिश की चेतावनी के बीच ऑरेंज अलर्ट जारी किए जाने की जानकारी है। विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रांची के सभी सरकारी और निजी स्कूलों को दो दिनों तक बंद रखने का आदेश दिया गया है।भारी बारिश से जलजमाव की आशंकामौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, लगातार बारिश होने से रांची के निचले इलाकों में जलजमाव की समस्या उत्पन्न हो सकती है। सड़कों पर पानी भरने से आवागमन प्रभावित होने और आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। संभावित खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन अलर्ट मोड में है और मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है।स्कूलों को बंद रखने का फैसला विद्यार्थियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए लिया गया है, ताकि खराब मौसम के दौरान बच्चों को आने-जाने में किसी तरह की परेशानी न हो।स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट मोड मेंवहीं, झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने चक्रवात के संभावित प्रभाव को लेकर जानकारी देते हुए कहा कि स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में है। खराब मौसम के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए विभाग की तैयारियों पर जोर दिया जा रहा है।प्रशासन की लोगों से सतर्क रहने की अपीलभारी बारिश की आशंका को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। जलजमाव वाले रास्तों से बचने, खराब मौसम में अनावश्यक यात्रा नहीं करने और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी जाती है।रांची से राहुल कुमार की रिपोर्ट
झारखंड कैबिनेट के62प्रस्तावों पर मुहर, MMDRऔरSIRपर चर्चा के लिए25-26नवंबर को विशेष सत्ररांची: झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार ने कैबिनेट की बैठक में62 प्रस्तावों को मंजूरी दी है। बैठक के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंत्री सुदीव्य सोनू के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। वहीं, MMDR और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा के लिए25 और26 नवंबर को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की जानकारी दी। मुख्यमंत्री नेSIR के तहत मांगे जा रहे दस्तावेजों को लेकर भी सवाल उठाए। इसके साथ ही एक नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली विपक्ष की रैली को लेकर इंडिया अलायंस के बैनर तले विरोध की बात कही।MMDRऔरSIRपर विधानसभा में होगी चर्चाकैबिनेट बैठक के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बताया किMMDR औरSIR जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा करने के लिए विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया है। यह सत्र25 और26 नवंबर को आयोजित होगा। मुख्यमंत्री के अनुसार, इन दोनों मुद्दों का राज्य और यहां के लोगों पर प्रभाव पड़ सकता है, इसलिए सदन में इन पर चर्चा जरूरी है।विशेष सत्र में इन विषयों पर सरकार का पक्ष रखने और संबंधित मुद्दों पर विचार-विमर्श किए जाने की संभावना है। अब सबकी नजर विधानसभा की कार्यसूची और सदन में पेश किए जाने वाले प्रस्तावों पर रहेगी।SIRमें दस्तावेजों की मांग पर मुख्यमंत्री ने उठाए सवालमतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दस्तावेजों की मांग पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा किSIR के तहत जितने दस्तावेज मांगे जा रहे हैं, उतने कागजात कोई भी व्यक्ति उपलब्ध नहीं करा सकता।मुख्यमंत्री के इस बयान से मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रक्रिया को लेकर राज्य में राजनीतिक बहस तेज होने की संभावना है।SIR के तहत मांगे जाने वाले दस्तावेजों और मतदाताओं को होने वाली परेशानियों का मुद्दा भी चर्चा में है।दिल्ली की रैली में इंडिया अलायंस के बैनर तले विरोधएक नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली विपक्ष की रैली को लेकर भी मुख्यमंत्री ने अपनी बात रखी। उन्होंने इंडिया अलायंस के बैनर तले जोरदार विरोध किए जाने की बात कही।हालांकि, रैली में झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) की ओर से कौन-कौन शामिल होगा, इस बारे में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट जानकारी नहीं दी। ऐसे में रैली में पार्टी की भागीदारी को लेकर स्थिति आगे स्पष्ट होने की उम्मीद है।मंत्री सुदीव्य सोनू के निधन पर जताया दुखकैबिनेट बैठक के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंत्री सुदीव्य सोनू के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। इस दौरान उन्होंने उनके निधन को दुखद बताया।रांची से राहुल कुमार की रिपोर्ट
25-26नवंबर को झारखंड विधानसभा का विशेष सत्र,MMDRके खिलाफ सदन में आएगा प्रस्तावरांचीःमुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई झारखंड कैबिनेट की बैठक में विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने समेत कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। राज्य सरकार25 और26 नवंबर को झारखंड विधानसभा का विशेष सत्र बुलाएगी। इस दौरानMMDR के खिलाफ सदन में प्रस्ताव लाया जाएगा। इसके अलावा धरती आबा जनजातीय योजना के लिए राशि की स्वीकृति से संबंधित प्रस्ताव को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी है।25-26नवंबर को विधानसभा का विशेष सत्रझारखंड विधानसभा का विशेष सत्र25 और26 नवंबर को आयोजित किया जाएगा। कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद अब इस सत्र की कार्यवाही पर नजर रहेगी। सरकार की ओर सेMMDR के खिलाफ सदन में प्रस्ताव लाने की तैयारी है। हालांकि, प्रस्ताव के विस्तृत स्वरूप और सदन में इस पर होने वाली कार्यवाही की जानकारी आधिकारिक कार्यक्रम जारी होने के बाद स्पष्ट होगी।MMDRके खिलाफ सदन में प्रस्ताव लाने की तैयारीकैबिनेट के फैसले के अनुसार, विशेष सत्र में MMDR के खिलाफ प्रस्ताव लाया जाएगा। इस कानून के प्रावधानों को लेकर राज्य सरकार सदन में अपना पक्ष रखेगी। प्रस्ताव में किन प्रावधानों पर आपत्ति जताई जाएगी और सरकार की ओर से क्या मांग रखी जाएगी, इसकी विस्तृत जानकारी अभी सामने आनी बाकी है।धरती आबा जनजातीय योजना के लिए राशि मंजूरकैबिनेट की बैठक में धरती आबा जनजातीय योजना के लिए राशि की स्वीकृति से संबंधित प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। इस योजना का उद्देश्य जनजातीय क्षेत्रों में विकास और बुनियादी सुविधाओं को बढ़ावा देना है। हालांकि, स्वीकृत राशि की कुल मात्रा और इसके इस्तेमाल से जुड़ी विस्तृत जानकारी आधिकारिक विवरण सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगी।झारखंड कैबिनेट के इन फैसलों के बाद25 और26 नवंबर को होने वाला विधानसभा का विशेष सत्र महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब देखना होगा किMMDR के खिलाफ प्रस्ताव सदन में किस स्वरूप में पेश किया जाता है और इस पर आगे क्या निर्णय लिया जाता है। वहीं, धरती आबा जनजातीय योजना के तहत स्वीकृत राशि के उपयोग से संबंधित जानकारी भी महत्वपूर्ण होगी।रांची से राहुल कुमार की रिपोर्ट
रांची:मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई झारखंड कैबिनेट की बैठक समाप्त हो गई है। बैठक में राज्य के विकास,शिक्षा,स्वास्थ्य,प्रशासनिक व्यवस्था और ग्रामीण सुविधाओं से जुड़े कुल62प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट के फैसलों में रांची में 5000 बेड का मेडिको सिटी, राजकीय विश्वविद्यालयों में हेल्थ यूनिट स्थापित करने,पुलिस थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाने,दैनिक वेतनभोगी कर्मियों से जुड़े नियमों में संशोधन और ग्रामीण इलाकों में चापाकल लगाने जैसे महत्वपूर्ण प्रस्ताव शामिल हैं।रांची में बनेगा 5000 बेड का मेडिको सिटीझारखंड की राजधानी रांची में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की दिशा में बड़ी पहल की गई है।5000बेड की क्षमता वाली मेडिको सिटी में बड़ी संख्या में मरीजों को इलाज के लिए सुविधाएं उपलब्ध कराने का लक्ष्य होगा। इससे रांची के साथ-साथ झारखंड के अन्य जिलों से आने वाले मरीजों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है। इस मेडिको सिटी को बनाने के लिए284 करोड़17 लाख की स्वीकृति दी गई है।विश्वविद्यालयों में हेल्थ यूनिट अनिवार्यकैबिनेट ने झारखंड राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम के तहत राजकीय विश्वविद्यालयों में हेल्थ यूनिट स्थापित करने से संबंधित प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इन यूनिटों में प्राथमिक चिकित्सा केंद्र और काउंसलिंग की सुविधा उपलब्ध कराने का प्रावधान होगा। इसके लिए विश्वविद्यालयों को अपने कुल बजट का दो प्रतिशत स्वास्थ्य सुविधाओं पर खर्च करना होगा।इस फैसले का उद्देश्य विश्वविद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों और अन्य संबंधित लोगों को प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं तथा परामर्श की सुविधा उपलब्ध कराना है।सभी थानों में लगाए जाएंगेCCTVकैमरेगृह विभाग के अंतर्गत राज्य के सभी थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई है। इसके साथ ही लंबित बजट के तहत करीब सवा करोड़ रुपये की राशि मंजूर किए जाने की जानकारी सामने आई है। इस कदम से थानों की गतिविधियों की निगरानी और पुलिस व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।दैनिक वेतनभोगी कर्मियों से जुड़े नियमों में संशोधनकैबिनेट की बैठक में दैनिक वेतनभोगी कर्मियों को पेंशन देने से संबंधित प्रावधानों के लिए11विभागों के नियमों में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इसके अतिरिक्त राज्यकर्मियों के वेतन में एकरूपता लाने के उद्देश्य से पुरानी व्यवस्था में बदलाव करते हुए नई कमेटी के गठन का फैसला भी लिया गया।विशेषज्ञों की सेवा लेने के लिए बनेगा कानूनी प्रावधानराज्य सरकार के विभिन्न विभागों में विशिष्ट विषयों के अध्ययन और अनुसंधान के लिए विशेषज्ञों की सेवाएं लेने के उद्देश्य से झारखंड विशेषज्ञ अधिनियम को मंजूरी दी गई है। इससे संबंधित विभागों को विशेष क्षेत्रों में विशेषज्ञता का लाभ लेने के लिए व्यवस्था विकसित करने में मदद मिल सकती है।बैठक में अधिकारियों को निजी खर्च पर विदेश यात्रा की अनुमति देने से संबंधित प्रस्ताव का भी उल्लेख किया गया है। इसके अलावा झारखंड आयुष भर्ती सेवा नियमावली के गठन को भी स्वीकृति दी गई।गोड्डा में पशु आहार कारखाने को मंजूरीपशुपालन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए गोड्डा में प्रतिदिन50मीट्रिक टन क्षमता वाले पशु आहार कारखाने की स्थापना के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इससे पशुपालकों को पशु आहार की उपलब्धता में मदद मिलने की उम्मीद है।गांवों में चापाकल लगाने के लिए96करोड़ रुपयेग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल सुविधा बेहतर बनाने के लिए राज्य के अलग-अलग गांवों में चापाकल लगाने की योजना को मंजूरी दी गई है। इसके लिए करीब96करोड़ रुपये खर्च किए जाने का प्रस्ताव है। इस योजना से ग्रामीण इलाकों में पेयजल की उपलब्धता बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।MGMअस्पताल में बनेगा500बेड का अस्पतालMGM अस्पताल में मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अतिरिक्त बेड और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही है।500 बेड के नए अस्पताल के निर्माण से भर्ती मरीजों के लिए अधिक जगह उपलब्ध हो सकेगी। साथ ही इलाज की व्यवस्था को बेहतर बनाने में भी मदद मिल सकती है।लेबर कानून में बदलावश्रमिकों के कामकाज और उनके पारिश्रमिक से जुड़े नियमों को लेकर महत्वपूर्ण बदलाव की गई है। नए प्रावधानों के तहत किसी प्रतिष्ठान में निर्धारित सीमा से अधिक काम कराने पर कर्मचारियों को अतिरिक्त भुगतान करना होगा। इसके अनुसार, एक दिन में10 घंटे और सप्ताह में48 घंटे से अधिक काम करने की स्थिति में अतिरिक्त मेहनताना देने होगा।रांची से राहुल कुमार की रिपोर्ट
रांचीःदिल्ली के रामलीला मैदान में1नवंबर को होने वाली कांग्रेस की ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली को लेकर झारखंड कांग्रेस ने तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी ने दावा किया है कि इस रैली में राज्य से12हजार से अधिक कार्यकर्ता शामिल होंगे। वहीं प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश और कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR)के नाम पर मतदाताओं के नाम काटे जा रहे हैं।राज्यभर में चलाया गया लोकतंत्र बचाओ अभियानप्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने बताया कि2अक्टूबर से8अक्टूबर तक राज्य के विभिन्न जिलों में ‘लोकतंत्र बचाओ अभियान’ चलाया गया। इसके तहत कार्यक्रम आयोजित कर लोकतांत्रिक मूल्यों और मतदाताओं के अधिकारों से जुड़े मुद्दे उठाए गए।मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांगकांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल हैं और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए जवाबदेही तय होनी चाहिए।SIRऔर चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति पर भी सवालकांग्रेस नेताओं ने सवाल किया कि मतदाता सूची में पहले से दर्ज नाम हटाए जाने के बाद संबंधित लोगों को दोबारा फॉर्म-6भरने की जरूरत क्यों पड़ रही है। पार्टी का कहना है कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम अनुचित तरीके से नहीं कटना चाहिए और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए।दिल्ली रैली में झारखंड से बड़ी भागीदारी का लक्ष्यझारखंड कांग्रेस ने रैली को सफल बनाने के लिए संगठनात्मक स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं। पार्टी का लक्ष्य राज्य के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं को दिल्ली पहुंचाना है। कांग्रेस नेताओं के मुताबिक,रैली में मतदाता अधिकार,चुनावी पारदर्शिता और लोकतांत्रिक संस्थाओं की जवाबदेही जैसे मुद्दे प्रमुखता से उठाए जाएंगे।रांची से राहुल कुमार की रिपोर्ट
हजारीबाग वन विभाग विवाद: राज्यपाल और केंद्र के हस्तक्षेप के बाद जांच रिपोर्ट तलब, PCCFको विशेष सचिव का रिमाइंडररांची:हजारीबाग पश्चिमी वन प्रमंडल के वरिष्ठ वन अधिकारियों के खिलाफ लगाए गए गंभीर आरोपों का मामला अब राज्य स्तर पर चर्चा में है। शिकायत पर राज्यपाल सचिवालय और भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के निर्देशों के संदर्भ में झारखंड वन विभाग ने जांच प्रक्रिया तेज करने की पहल की है। विभाग के विशेष सचिव ने प्रधान मुख्य वन संरक्षक (PCCF), झारखंड को रिमाइंडर पत्र भेजकर लंबित जांच रिपोर्ट जल्द उपलब्ध कराने को कहा है।मामले में तत्कालीन क्षेत्रीय मुख्य वन संरक्षक (RCCF) रवींद्र नाथ मिश्रा, वन संरक्षक ममता प्रियदर्शी और हजारीबाग पश्चिमी वन प्रमंडल के डीएफओ मौन प्रकाश के खिलाफ शिकायत की गई है। शिकायतकर्ता सेवानिवृत्त सहायक वन संरक्षक अविनाश कुमार परमार ने अधिकारियों पर जांच रिपोर्ट के निपटारे में अनियमितता और पक्षपात के आरोप लगाए हैं।विशेष सचिव नेPCCFको भेजा रिमाइंडरवन विभाग के विशेष सचिव राजदीप संजय लाल जॉन की ओर से जारी पत्र में संबंधित अधिकारियों के खिलाफ प्राप्त परिवाद की जांच का उल्लेख किया गया है। पत्र के अनुसार, विभाग ने पहले मुख्य वन संरक्षक (निगरानी), झारखंड के माध्यम से जांच कराकर मंतव्य सहित रिपोर्ट मांगी थी, लेकिन जांच प्रतिवेदन विभाग को अब तक प्राप्त नहीं हुआ है।तीन वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ शिकायतशिकायतकर्ता अविनाश कुमार परमार ने तत्कालीनRCCF रवींद्र नाथ मिश्रा, वन संरक्षक ममता प्रियदर्शी और डीएफओ मौन प्रकाश की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, राज्यपाल और भारत सरकार को पत्र लिखकर मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।परमार के आरोपों के अनुसार, हजारीबाग में एक जांच समिति गठित की गई थी, जिसने संबंधित मामले में अंतरिम रिपोर्ट सौंपी थी। उनका दावा है कि वन संरक्षक ममता प्रियदर्शी ने उस रिपोर्ट पर करीब पांच महीने तक कोई कार्रवाई नहीं की।23जुलाई2025के पत्र से बढ़ा विवादशिकायतकर्ता के अनुसार, तत्कालीनRCCF रवींद्र नाथ मिश्रा ने23 जुलाई2025 को एक पत्र जारी किया था। इसमें कथित तौर पर जांच रिपोर्ट पर विभागीय उच्चाधिकारियों की नाराजगी का उल्लेख करते हुए जांच करने वाले दोनों सहायक वन संरक्षकों से स्पष्टीकरण मांगने और कार्रवाई करने की बात कही गई थी।परमार का आरोप है कि बाद मेंPCCF की ओर से वन विभाग के सचिव को भेजे गए पत्र में यह स्पष्ट किया गया कि जांच प्रतिवेदन पर आपत्ति स्वयं आर.एन. मिश्रा ने जताई थी और उन्हीं की ओर से स्पष्टीकरण मांगा गया था।शिकायतकर्ता का कहना है कि इस घटनाक्रम से जांच प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े होते हैं। हालांकि, संबंधित पत्रों की प्रमाणित प्रतियों और विभागीय जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही इस संबंध में अंतिम स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।हाईकोर्ट से राहत का भी किया गया उल्लेखशिकायतकर्ता अविनाश कुमार परमार के संबंध में यह भी बताया गया है कि उन्हें झारखंड हाईकोर्ट से राहत मिल चुकी है। हालांकि, उपलब्ध विवरण में संबंधित न्यायिक आदेश की तारीख, मामला संख्या और राहत की प्रकृति का स्पष्ट उल्लेख नहीं है। इसलिए इस पहलू पर अंतिम निष्कर्ष निकालने से पहले न्यायालय के आदेश का सत्यापन जरूरी है।अब जांच रिपोर्ट पर टिकी निगाहेंवन विभाग के विशेष सचिव की ओर से रिमाइंडर जारी किए जाने के बाद अब मुख्य वन संरक्षक (निगरानी) की जांच रिपोर्ट महत्वपूर्ण हो गई है। रिपोर्ट से शिकायत में लगाए गए आरोपों, जांच प्रक्रिया में अपनाई गई कार्यप्रणाली और संबंधित अधिकारियों की भूमिका पर स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।रांची से राहुल कुमार की रिपोर्ट
रांची:झारखंड में नियुक्ति घोटाले की जांच के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। भारतीय जनता पार्टी (BJP)नेCIDकी जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि सरकार के इशारे पर जांच एजेंसी केवल छोटे आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है,जबकि कथित तौर पर बड़े लोगों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। पार्टी ने जांच का दायरा बढ़ाने और मामले से जुड़े सभी पहलुओं की निष्पक्ष पड़ताल करने की मांग उठाई है।BJPप्रवक्ता प्रकाश सिंह ने उठाए जांच पर सवालBJPप्रवक्ता प्रकाश सिंह ने कहा कि नियुक्ति घोटाले मेंCIDकी कार्रवाई लगातार जारी है और जांच के दौरान नए खुलासे भी हो रहे हैं। इसके बावजूद उनका आरोप है कि जांच एजेंसी उन लोगों तक नहीं पहुंच रही है,जिनकी भूमिका मामले में महत्वपूर्ण हो सकती है।उन्होंने कहा कि केवल छोटे आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने से पूरे मामले की सच्चाई सामने नहीं आएगी। जांच में उन सभी लोगों की भूमिका की पड़ताल होनी चाहिए,जिनके संपर्क या गतिविधियां कथित घोटाले से जुड़ी हो सकती हैं।पूर्वJPSCअध्यक्ष एल खियांग्ते की गिरफ्तारी का किया जिक्रप्रकाश सिंह ने झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC)के पूर्व अध्यक्ष एल खियांग्ते की गिरफ्तारी का जिक्र करते हुए कहा कि जांच एजेंसी को उनके रिश्तेदारों के मोबाइल नंबरों और अन्य संबंधित दस्तावेजों की भी जांच करनी चाहिए।BJPप्रवक्ता के मुताबिक,मोबाइल रिकॉर्ड और दस्तावेजों की पड़ताल से नियुक्ति घोटाले में कथित रूप से शामिल अन्य लोगों के बारे में जानकारी सामने आ सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस दिशा में प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रही है।जांच के दायरे को लेकर उठे सवालनियुक्ति घोटाले को लेकरBJPने मांग की है कि जांच केवल गिरफ्तार आरोपियों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। पार्टी का कहना है कि मामले से जुड़े संपर्कों,दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की गहन जांच होनी चाहिए,ताकि कथित अनियमितताओं में शामिल सभी लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सके।हालांकि, BJPकी ओर से लगाए गए आरोपों और जांच की निष्पक्षता को लेकर उठाए गए सवालों पर सरकार तथाCIDका आधिकारिक पक्ष इस जानकारी में उपलब्ध नहीं है। इसलिए इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।जांच के निष्कर्ष पर टिकी निगाहेंझारखंड में नियुक्ति घोटाले की जांच के बीच अब यह सवाल महत्वपूर्ण हो गया है कि जांच एजेंसी उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे किन लोगों की भूमिका की पड़ताल करती है। मामले में आरोपों की पुष्टि और किसी व्यक्ति की जिम्मेदारी तय करना जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया का विषय है। फिलहाल, BJP ने CID की जांच को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। अब मामले में जांच एजेंसी और राज्य सरकार का पक्ष सामने आने के साथ-साथ आगे की कार्रवाई पर भी निगाहें रहेंगी।रांची से राजीव मोहन की रिपोर्ट
रांची:राजधानी रांची के ऐतिहासिक मोरहाबादी मैदान में29 अक्टूबर से2 नवंबर2026 तक पांच दिवसीय जेसोवा दिवाली मेले का आयोजन किया जाएगा। मेले में देशभर के उद्यमियों, हस्तशिल्पियों और ग्रामीण महिलाओं द्वारा तैयार स्वदेशी उत्पादों की प्रदर्शनी एवं बिक्री के लिए300 से अधिक स्टॉल लगाए जाएंगे। आयोजन को लेकर झारखंड आईएएस ऑफिसर्स वाइव्स एसोसिएशन (जेसोवा) की तैयारियां जारी हैं।मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को सपरिवार आमंत्रणइस सिलसिले में जेसोवा के प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनकी धर्मपत्नी सह विधायक कल्पना सोरेन से शिष्टाचार मुलाकात की।प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को आगामी दिवाली मेले में सपरिवार शामिल होने के लिए आमंत्रित किया। इस दौरान मेले के आयोजन, कार्यक्रमों और इसकी तैयारियों से जुड़ी जानकारी भी साझा की गई।स्वदेशी उत्पादों और हस्तशिल्प को मिलेगा मंचजेसोवा की ओर से आयोजित इस मेले का उद्देश्य कला, संस्कृति, हस्तशिल्प और स्थानीय प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करना है। मेले में पारंपरिक कपड़ों, फैशन एक्सेसरीज, सजावटी वस्तुओं और ग्रामीण महिलाओं द्वारा तैयार स्वदेशी उत्पादों की बिक्री के लिए300 से अधिक स्टॉल लगाए जाएंगे।इस आयोजन से स्थानीय कारीगरों, महिला उद्यमियों और छोटे कारोबारियों को अपने उत्पादों के प्रदर्शन और बिक्री के लिए बड़ा मंच मिलने की उम्मीद है।सामाजिक कल्याण के कार्यों की भी दी जानकारीमुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने जेसोवा की ओर से राज्य में संचालित विभिन्न सामाजिक कल्याण कार्यक्रमों और गतिविधियों की जानकारी भी दी। एसोसिएशन की ओर से सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यों और भविष्य की गतिविधियों पर भी चर्चा की गई।जेसोवा की टीम रही मौजूदइस प्रतिनिधिमंडल में जेसोवा की अध्यक्ष प्रीति कुमारी, उपाध्यक्ष अनीता सिंह, सचिव मनु झा, संयुक्त सचिव श्वेता शुक्ला, कोषाध्यक्ष शिवानी सिंह तथा कार्यकारिणी समिति की सदस्य रंजना कुमार और दिव्या श्री शामिल थीं।पांच दिनों तक गुलजार रहेगा मोरहाबादी मैदान29 अक्टूबर से शुरू होने वाला यह दिवाली मेला 2 नवंबर तक चलेगा। कला, संस्कृति, हस्तशिल्प और स्वदेशी उत्पादों के संगम के रूप में आयोजित इस मेले में लोगों को खरीदारी के साथ विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों से जुड़ने का अवसर मिलेगा।रांची से संदीप यादव की रिपोर्ट