रांची:झारखंड में वित्तीय वर्ष2026-27के दौरान विकास योजनाओं पर बजट खर्च की धीमी रफ्तार को लेकर वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने चिंता जताई है। वित्तीय वर्ष के छह महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद राज्य में पुनरीक्षित योजना बजट का एक-तिहाई हिस्सा भी खर्च नहीं हो सका है। इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए वित्त मंत्री ने विकास आयुक्त को पत्र लिखकर योजनाओं पर खर्च की रफ्तार तेज करने की जरूरत बताई है।
22अक्टूबर तक29.38प्रतिशत राशि ही खर्च
वित्त मंत्री के मुताबिक,22 अक्टूबर2026तक राज्य के पुनरीक्षित योजना बजट के तहत निर्धारित1लाख6हजार200करोड़94लाख रुपये के मुकाबले महज31हजार196करोड़72लाख रुपये ही खर्च किए जा सके हैं। इस तरह कुल योजना बजट का केवल29.38प्रतिशत हिस्सा ही खर्च हुआ है।
खर्च के इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि वित्तीय वर्ष के शुरुआती छह महीने बीतने के बाद भी विकास योजनाओं के क्रियान्वयन पर अपेक्षित गति नहीं आ सकी है। ऐसे में वित्त विभाग की ओर से निर्धारित खर्च के लक्ष्य को हासिल करना विभागों के लिए चुनौती बन सकता है।
सितंबर तक50प्रतिशत खर्च का था निर्देश
वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने अपने पत्र में वित्त विभाग के वर्ष2015में जारी निर्देश का भी उल्लेख किया है। इस निर्देश के अनुसार,वित्तीय वर्ष की पहली छमाही यानी30सितंबर तक कम से कम50प्रतिशत बजट राशि खर्च कर ली जानी चाहिए।
हालांकि,चालू वित्तीय वर्ष में निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले खर्च काफी कम रहा है। छह महीने की अवधि पूरी होने के बाद भी योजना बजट का आधे से काफी कम हिस्सा खर्च हो पाया। इसी को देखते हुए वित्त मंत्री ने विकास योजनाओं पर खर्च की गति बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया है।
पिछले वित्तीय वर्ष में भी पूरा खर्च नहीं हो पाया था बजट
योजना बजट के कम खर्च का मामला केवल चालू वित्तीय वर्ष तक सीमित नहीं है। वित्त मंत्री ने वित्तीय वर्ष2025-26का भी जिक्र किया है। उनके अनुसार,पिछले वित्तीय वर्ष में कुल योजना बजट का केवल76प्रतिशत हिस्सा ही खर्च हो पाया था।
लगातार दो वित्तीय वर्षों में योजना बजट के खर्च को लेकर सामने आ रहे ये आंकड़े विभागों की खर्च संबंधी प्रगति पर सवाल खड़े करते हैं। अब देखना होगा कि विकास आयुक्त और संबंधित विभाग बजट खर्च में तेजी लाने के लिए क्या कदम उठाते हैं और वित्तीय वर्ष के शेष महीनों में विकास योजनाओं पर खर्च की रफ्तार कितनी बढ़ पाती है।
रांची से करिश्मा सिन्हा की रिपोर्ट

