जैनामोड़ फोरलेन चौक के पास संचालित हो रहा था अवैध तेल भंडारण का कारोबार,आग लगने से इलाके में मची अफरा-तफरी;पुलिस-प्रशासन की भूमिका पर भी उठे सवाल
बोकारो: झारखंड के बोकारो जिले में अवैध तेल कारोबार का बड़ा मामला सामने आया है। जरीडीह थाना क्षेत्र के जैनामोड़ फोरलेन चौक के पास अवैध रूप से संचालित एक तेल डिपो में भीषण आग लग गई। आग इतनी भयावह थी कि आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई। इस घटना में एक हजार लीटर से अधिक पेट्रोल, डीजल और एथेनॉल जलकर राख होने की बात कही जा रही है।

घटना की सूचना मिलते ही दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। अग्निशमन कर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। ज्वलनशील पदार्थों के बड़े पैमाने पर भंडारण के कारण आग ने गंभीर खतरे की आशंका पैदा कर दी थी।

पुलिस-प्रशासन की मिलीभगत का आरोप
इस घटना के बाद इलाके में अवैध तेल कारोबार को लेकर सवाल उठने लगे हैं। जैनामोड़ चेंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष संजय सिंह ने आरोप लगाया कि पुलिस र प्रशासन की मिलीभगत से क्षेत्र में आधा दर्जन से अधिक अवैध तेल डिपो संचालित हो रहे हैं।

उन्होंने बताया कि पेट्रोल, डीजल और एथेनॉल से लदे वाहनों से तेल निकालकर इन डिपो में जमा किया जाता है। बाद में इस तेल को कम कीमत पर बेचा जाता है। उनका आरोप है कि यह अवैध कारोबार लंबे समय से चल रहा है।

एक हजार लीटर से अधिक तेल जलने की बात
बताया जा रहा है कि आग की चपेट में आने से एक हजार लीटर से अधिक पेट्रोल, डीजल और एथेनॉल जलकर नष्ट हो गए। हालांकि, नुकसान की वास्तविक मात्रा और आग लगने के कारणों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

भीड़भाड़ वाले इलाके में अवैध डिपो पर कार्रवाई की मांग
जैनामोड़ चेंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष संजय सिंह ने प्रशासन से क्षेत्र में संचालित सभी अवैध तेल डिपो के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि भीड़भाड़ वाले इलाके में पेट्रोल, डीजल और एथेनॉल जैसे अत्यधिक ज्वलनशील पदार्थों का अवैध भंडारण कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकता है।

इस घटना ने जैनामोड़ क्षेत्र में अवैध तेल भंडारण और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि घटना के बाद जिला प्रशासन और संबंधित विभाग अवैध तेल कारोबार के खिलाफ क्या कार्रवाई करते हैं।

बोकारो से संजीव कुमार की रिपोर्ट