बोकारोःप्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर बोकारो जिले की सेवाती घाटी अब पर्यटन के मानचित्र पर नई पहचान बनाने की ओर अग्रसर है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और गांडेय विधायक कल्पना सोरेन मुर्मू के निरीक्षण के बाद जिला प्रशासन ने घाटी को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की पहल तेज कर दी है। कसमार प्रखंड स्थित सेवाती घाटी और यहां के झरने को आकर्षक पर्यटन स्थल बनाने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जा रही है।

बोकारो की सेवाती घाटी बनेगी प्रमुख पर्यटन केंद्र, सौंदर्यीकरण और विकास की तैयारी तेज

पर्यटन सर्किट के रूप में विकसित होगी सेवाती घाटी

उपायुक्त अजय नाथ झा ने अधिकारियों के साथ सेवाती घाटी का भ्रमण कर पर्यटन विकास और सौंदर्यीकरण की संभावनाओं का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को घाटी को पर्यटन सर्किट के रूप में विकसित करने के लिए विस्तृत योजना तैयार करने का निर्देश दिया। प्रशासन का मानना है कि बेहतर सड़क संपर्क और पर्यटकों के लिए आवश्यक सुविधाओं के विकास से यह क्षेत्र प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में उभर सकता है।

सड़क,मॉडल बाजार और ‘सेवाती थाली’ पर रहेगा जोर

पर्यटन विकास की प्रस्तावित योजना के तहत सड़क कनेक्टिविटी बेहतर बनाने,स्थानीय हाट-बाजारों को मॉडल बाजार के रूप में विकसित करने और होटल-रेस्तरां में स्थानीय व्यंजनों से सजी विशेष ‘सेवाती थाली’ उपलब्ध कराने की संभावनाओं पर काम किया जाएगा। इन पहलों से क्षेत्र की स्थानीय संस्कृति और खानपान को पहचान मिलने के साथ पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल सकता है।

पर्यावरण संरक्षण के साथ होगा विकास

सेवाती घाटी प्राकृतिक रूप से संवेदनशील क्षेत्र है। ऐसे में विकास कार्यों के दौरान पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक सौंदर्य को बनाए रखने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। प्रभारी डीएफओ नीतीश कुमार के अनुसार,पर्यटन विकास के लिए दो प्रस्ताव तैयार किए जाएंगे। पहले चरण में कार्य शुरू करने की योजना है,जबकि आगे की कार्ययोजना राज्य सरकार को अनुमोदन के लिए भेजी जाएगी। निर्माण कार्यों में सीमेंट का कम से कम उपयोग करने पर भी विचार किया जा रहा है।

स्थानीय लोगों के लिए खुलेंगे रोजगार के अवसर

सेवाती घाटी के पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित होने से स्थानीय लोगों,महिला स्वयं सहायता समूहों और बांस कारीगरों के लिए रोजगार एवं आय के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है। स्थानीय उत्पादों,पारंपरिक व्यंजनों और हस्तशिल्प को बढ़ावा मिलने से क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल सकती है।

जिला प्रशासन की इस पहल से सेवाती घाटी को नई पहचान मिलने की उम्मीद जगी है। अब सबकी नजरें प्रस्तावित कार्ययोजना के अनुमोदन और विकास कार्यों के धरातल पर उतरने पर टिकी हैं।