करगली बाजार स्थित सत्यनारायण दुर्गा मंदिर परिसर शनिवार को आस्था, भक्ति और उल्लास से सराबोर नजर आया. अखिल भारतीय मध्यदेशीय वैश्य परिवार की ओर से श्री श्री 108 बाबा गणीनाथ गोविंद जी की जयंती श्रद्धा और धूमधाम के साथ मनाई गई. जयंती समारोह को लेकर समाज के लोगों में सुबह से ही खासा उत्साह देखने को मिला.पूजा-अर्चना के दौरान मंदिर परिसर बाबा गणीनाथ गोविंद जी के जयकारों से गूंज उठा और माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया.समारोह का शुभारंभ विधिवत पूजा-अर्चना के साथ हुआ.इसके बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन हुआ. कार्यक्रम के दौरान मां दुर्गा की मनमोहक झांकी प्रस्तुत की गई.झांकी ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया.मां दुर्गा के स्वरूप के दर्शन और भक्ति से सराबोर प्रस्तुतियों ने ऐसा माहौल बनाया कि श्रद्धालुओं का रोम-रोम भक्ति से पुलकित हो उठा.
दिनभर मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की आवाजाही लगी रही.कहीं पूजा की आस्था थी तो कहीं बच्चों की उमंग, वहीं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण में उत्सव का रंग भर दिया.ऐसा लगा मानो जयंती केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज की भावनाओं, परंपराओं और आपसी रिश्तों को एक सूत्र में पिरोने वाला अवसर बन गई हो.इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि बाबा गणीनाथ गोविंद जी के विचार समाज को एकजुट रहने, आपसी प्रेम और भाईचारा कायम रखने तथा आने वाली पीढ़ी को अपनी संस्कृति और संस्कारों से जोड़ने की प्रेरणा देते हैं.उनकी जयंती मनाना केवल परंपरा का निर्वहन नहीं, बल्कि उनके बताए मार्ग और आदर्शों को अपने जीवन में उतारने का संकल्प भी है. पूरे कार्यक्रम के दौरान श्रद्धा, उमंग, आत्मीयता और भाईचारे की ऐसी फिजा रही, जिसने हर किसी को भावनात्मक रूप से जोड़ दिया.
